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रायपुर

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारियों के आंदोलन को मध्यप्रदेश के जनसंपर्क अधिकारी संघ ने दिया समर्थन

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रायपुर,। मध्यप्रदेश जनसंपर्क अधिकारी संघ ने छत्तीसगढ़ में जनसंपर्क विभाग में संचालक पद एवं छत्तीसगढ़ संवाद में प्रतिनियुक्ति के पदों पर राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापनाओं के संबंध में राज्य शासन से की गई मांगों को उचित बताते हुए छत्तीसगढ़ जन संपर्क अधिकारी संघ के आह्वान पर जारी आंदोलन का समर्थन किया है। इससे पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने भी जनसंपर्क अधिकारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कालीपट्टी के साथ काम करते हुए 12 अक्टूबर को प्रदर्शन किया है।
छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने अपनी मांगों के लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरु किया है।

संगठन ने 06 अक्टूबर को शासन को ज्ञापन सौंपकर जनसंपर्क विभाग तथा छत्तीसगढ़ संवाद में नियमविरुद्ध की जा रही पदस्थापनाओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था, साथ ही इन पदस्थापनाओं को रद्द करते हुए नियमानुसार पदस्थापनाएं करने की मांग की थी। संगठन की मांग है कि संचालक जनसंपर्क के पद पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की पदस्थापना को रद्द कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी अथवा विभाग के ही किसी वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति की जाए। इसी तरह छत्तीसगढ़ संवाद में भी जनसंपर्क विभाग के प्रतिनियुक्ति के पदों पर राज्य प्रशासनिक सेवा तथा अन्य संवर्ग के अधिकारियों की नियम विरुद्ध पदस्थापनाओं को रद्द कर विभागीय अधिकारियों को पदस्थ किया जाए। संगठन ने ज्ञापन में दी गई चेतावनी के अनुरूप 11 अक्टूबर को कालीपट्टी लगाकर काम किया किया। इसके बाद 12 अक्टूबर को पूरे राज्य में कलमबंद आंदोलन करते हुए एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल किया। इस दौरान पूरे राज्य में सभी जिलों के जनसंपर्क कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। आज 13 अक्टूबर से सभी जनसंपर्क अधिकारियों ने कालीपट्टी लगाकर काम शुरु किया है तथा चेतावनी दी है कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की जाती हैं तो आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने आंदोलन को समर्थन दिए जाने पर मध्यप्रदेश जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष  अरुण राठौर एवं उपाध्यक्ष  पंकज मित्तल तथा वहां के सभी जनसंपर्क अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। इसी तरह जनसंपर्क अधिकारी संघ द्वारा आयोजित कलमबंद हड़ताल को कालीपट्टी लगाकर समर्थन देकर जनसंपर्क अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष  कमल वर्मा तथा संगठन के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के प्रति भी आभार व्यक्त किया है।

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छत्तीसगढ़

शेखावत – तोमर सँग क्या फिर कोरिया पहुँचेंगे करणी सैनिक ?

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रायपुर. 19 जुलाई के नजदीक आते ही एक बार फिर से तिहरा हत्याकाँड़, क्षत्रिय करणी सेना. डा. राजसिंह शेखावत, वीरेन्द्र सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ का कोरिया जिला जैसे नाम मीडिया में तैरने लगे हैं. अपनी बची – खुची आबरू बचाने राज्य शासन कोरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) व नगर निरीक्षक (टीआई) पर कार्रवाई का भले ही दँभ भर ले लेकिन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) के मामले में उसका मौन बहुत कुछ उजागर किए जा रहा है.

उल्लेखनीय है, कि इस हत्याकाँड़ के बाद से सवर्ण समाज, क्षत्रिय समाज सहित 36 कौम में जबरदस्त आक्रोश है. 29 जून को मृतकों के तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान यह आक्रोश परिलक्षित हुआ था.

0 शेखावत – तोमर ने भरी थी हुँकार

क्षत्रिय करणी सेना सहित सवर्णों ने इस हत्याकाँड़ को अपने पर हमला माना है. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजसिंह शेखावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर मामले में कोरिया न्याय यात्रा के दौरान हुँकार भर चुके हैं.

शेखावत व तोमर के साथ सैकड़ों की सँख्या में कोरिया न्याय यात्रा के बैनर तले पहुँचे करणी सैनिक अब 19 जुलाई को श्रद्धाँजलि सभा का आयोजन करने की तैयारी में लगे हुए हैं. वह तारीख सिर पर आ गई है.

इसकी घोषणा पीडित परिवार व उसके मुखिया श्री राजेंद्र सिंह की सहमति पर हुई थी. शनिवार को अपने अधिकृत फेसबुक पेज पर लाइव हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने इसका उल्लेख करते हुए सैनिकों, समाज के लोगों सहित 36 कौम से पुनः अनुमति माँगी थी.

उधर, कोरिया एसपी रहे रविकुमार कुर्रे बदल दिए गए हैं. वह 13 दिसँबर 2024 से कोरिया में पदस्थ थे इस कारण इसे उन पर कार्रवाई मानना गलत होगा.

आईपीएस कुर्रे के स्थान पर राजधानी रायपुर से आईपीएस हरीश राठौर कोरिया एसपी के रूप में स्थानाँतरित किए गए हैं. वह फिलहाल सीएम सिक्योरिटी में एसपी के पद पर थे.

कुर्रे व राठौर का नाम 10 जुलाई को जारी हुई आईपीएस ट्राँसफर लिस्ट में था जोकि 24 अफसरों के तबादले से जुडी है. इसमें 12 जिलों के कप्तान बदले जाने की सूचना थी.

इसी तरह सोनहत के थाना प्रभारी रहे विनोद पासवान का भी स्थानांतरण हो गया है. उनका नाम उस 64 निरीक्षकों की सूची में शामिल है जोकि 8 जुलाई को जारी हुई थी. वह नारायणपुर भेजे गए हैं.

शासन – प्रशासन इसे कार्रवाई बताता फिरे लेकिन इस मामले में उसके हाथ पैर फूलते नज़र आ रहे हैं. दरअसल, 13 जुलाई यानिकि सोमवार से विधानसभा का मानसून सत्र प्रारँभ हो गया है.

विपक्ष से इतनी तो उम्मीद की ही जा सकती है कि वह पूरे मुद्दे को गँभीरता के साथ उठाएगा. तीन व्यक्तियों को इस तरह दर्दनाक तरीके से जिंदा जला दिए जाने के बाद सरकार के पास बोलने – बताने के अवसर ही नहीं रहे हैं.

ऊपर से क्षत्रिय करणी सेना के तेवर को देखते हुए उसकी रहस्यमयी चुप्पी शासन – प्रशासन को बैचैन किए जा रही है. उसे इस बात की कोई जानकारी ही नहीं मिल पा रही है कि इस तिहरे हत्याकाँड़ को लेकर सेना की क्या तैयारी है.

बहरहाल, माना जा रहा है कि सबकुछ पीडित परिजनों की मँशा पर ही निर्भर है. यदि उसने लडा़ई जारी रखने का निर्णय लिया तो फिर 19 जुलाई को हरहाल में श्रद्धाँजलि सभा का आयोजन होगा.

… और यदि ऐसा होता है तो फिर एक बार कोरिया नेशनल मीडिया में सुर्खियाँ बटोरेगा. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजसिंह शेखावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर अपने सैनिकों के साथ पुनः कोरिया में गरजते नज़र आएँगे.

0 भौगोलिक परिस्थिति और घटनाचक्र :

01. छत्तीसगढ़ के उत्तर – पश्चिमी भाग में कोरिया जिला स्थित है.

02. कोरिया जिला सरगुजा सँभाग अँतर्गत आता है.

03. बैकुंठपुर में जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है.

04. बैकुंठपुर से उत्तर – पश्चिम दिशा में सोनहत थाना स्थित है.

05. देश में चर्चित तिहरा हत्या काँड़ इसी सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई (कटगोड़ी) गाँव में हुआ था.

06. जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से उत्तर – पश्चिम दिशा की ओर घटनास्थल पड़ता है.

07. घटनास्थल की दूरी बैकुंठपुर से तकरीबन 30 किमी है.

08. 16 जून 2026 की रात को जनपद पँचायत सोनहत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत उर्फ़ लल्ला सिंह गहरवार जिंदा जला दिए गए थे.

09. उनके साथ ही नागेंद्र सिंह और वीरेंद्र सिंह भी जिंदा जल मरे थे.

10. गँभीर रुप से घायल योगेंद्रसिंह चौहान (65), मयंँक सिंह इस हत्याकाँड़ में किसी तरह बचे थे.

11. मामले की पुलिस रपट सोनहत थाना में 17 जून 2026 को दर्ज की गई थी.

12. रपट अनुसार 25 – 30 आरोपियों ने इस हत्याकाँड़ को अँजाम दिया था.

13. अक्षय त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी नामक आरोपियों को सोनहत पुलिस ने 17 जून को गिरफ्तार किया था.

14. 20 जून 2026 को मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, निशान त्रिपाठी नामक आरोपियों ने मनेंद्रगढ़ कोतवाली में आत्मसमर्पण किया था.

15. 23 जून को पुलिस ने मनीष त्रिपाठी, जितेंद्र त्रिपाठी, अनिल तिवारी को गिरफ्तार किया था.

16. मामले में पुलिस पर ढीली कार्रवाई करने सहित शासन – प्रशासन पर गँभीर आरोप लगते रहे हैं.

17. कोरिया की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुश्री सुरेखा चौबे पर किसी तरह का एक्शन नहीं लिया जाना चर्चा का विषय है.

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छत्तीसगढ़

बिरसा मुंडा जयंती पर युवाओं को मिला समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश

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रायपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मंगलवार को ऑल वॉलंटरी एसोसिएशन फाउंडेशन द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं और आदिवासी समाज से भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाकर समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक डॉ. हेमशंकर जेठमल साहू ने की। शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं, युवा एवं विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

डॉ. साहू ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और आत्मविश्वास के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि वह सही दिशा में आगे बढ़े तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज में जागरूकता फैलाने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके नेतृत्व में चला जनआंदोलन आज भी सामाजिक न्याय और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।

इस दौरान संस्था के सदस्यों ने आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार, युवाओं के कौशल विकास और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। संस्था ने भविष्य में भी भगवान बिरसा मुंडा के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान और संगोष्ठियों के आयोजन की घोषणा की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने की शपथ ली। साथ ही उनके विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।

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कोंडागांव

खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ें, सालभर मिलेगी आय : विवेक ठाकुर

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रायपुर/कोंडागांव। कृषि क्षेत्र में किसानों की आय को दोगुना करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलना होगा। किसानों को आधुनिक तकनीक, बहुफसली खेती और बाजार आधारित उत्पादन प्रणाली को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यह बात राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम के प्रतिनिधि विवेक ठाकुर ने किसानों से किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और किसान उत्पादक कंपनियों से जुड़कर सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान करते हुए कही।

श्री ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा छोटे और सीमांत किसानों का है। अकेले खेती करने के कारण इन किसानों को उन्नत बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई के साधन और सबसे बढ़कर उपज का उचित मूल्य (विपणन) पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यदि यही किसान एफपीओ या किसान उत्पादक कंपनी के रूप में संगठित होकर काम करें, तो उन्हें सरकारी योजनाओं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बड़े बाजारों तक पहुंच आसानी से मिल सकती है। इससे न सिर्फ खेती की लागत घटेगी, बल्कि उत्पादन और मुनाफे में भी बड़ी वृद्धि होगी।

सांसद प्रतिनिधि ने फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को केवल एक ही फसल (धान) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, सब्जी, फल, मक्का और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मिलेट्स जैसे कोदो-कुटकी व अन्य नकदी फसलों की खेती की जानी चाहिए। बहुफसली खेती से जहां एक ओर भूमि की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रहती है, वहीं दूसरी ओर किसानों को साल के बार Belonging महीने आय के स्रोत मिलते रहते हैं। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने की भी वकालत की।

विवेक ठाकुर ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ FPO के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि किसान उत्पादक कंपनियां किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने, उनके उत्पादों की ब्रांडिंग करने और बिचौलियों से मुक्त कर बेहतर मूल्य दिलाने में सेतु का काम कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, प्रसंस्करण इकाइयां (प्रोसेसिंग यूनिट) और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियों को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होगा। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को भी कृषि आधारित स्टार्टअप और उद्यमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

श्री ठाकुर ने अंत में अपील की कि यदि छत्तीसगढ़ के किसान संगठित होकर आधुनिक कृषि मॉडल को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में हमारा प्रदेश कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश के भीतर एक नई और अनूठी पहचान स्थापित करेगा।

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