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राजनांदगांव

कमला कालेज में पीएम-उषा के अंतर्गत वर्कशॉप का आयोजन

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राजनांदगांव। शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव में आईक्यूएसी एवं महिला प्रकोष्ठ के द्वारा आयोजित एवं पीएम-उषा के द्वारा प्रायोजित सॉफ्ट कम्पोनेन्ट के अतर्गत लैंगिक समानता पर सात दिवसीय कार्यशाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन दिनांक 07.01.2025 को मुख्य अतिथि डॉ. राजेश पाण्डेय अतिरिक्त संचालक, दुर्ग संभाग, अध्यक्षता सुश्री मणिभास्कर गुप्ता के द्वारा किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आलोक मिश्रा के मार्गदर्शन में उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया।
दिनांक 08.01.2025 को सुश्री रीना ठाकुर प्रोजेक्ट ऑफिसर (महिला एवं बाल विकास अधिकारी) ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। दिनांक 09.01.2025 को डॉ. (आयुर्वेद) मंजोत कौर गरचा ने भारत की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद की महत्त पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने बताया कि वे मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया में आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का प्रचार-प्रसार कर रही है और बहुत से लोग इससे स्वास्थ्य लाभ ले रहे है।
दिनांक 10.01.2025 को डॉ. साधना तिवारी (होमियो पैथिक) अपने वक्तव्य में स्वस्थ्य एवं महिला शिक्षा पर जोर दिया एवं सलाह दी कि छात्राएं अपने आप को स्वस्थ्य रखने के लिए पौष्टिक आहार एवं व्यायाम अति आवश्यक है। दिनांक 11.01.2025 को पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं साइबर सुरक्षा के बारे में बताया। साथ ही पुलिस विभाग द्वारा अभिव्यक्ति ऐप की जानकारी दी, ताकि किसी भी तरह के मुसीबत में तत्काल पुलिस की सुरक्षा प्राप्त हो सके।
दिनांक 14.01.2025 को श्रीमती सुषमा सिंह अध्यक्ष राजपूत महिला कल्याण समिति, राजनांदगांव ने लैंगिक हिस्सेदारी एवं लैंगिक समानता के अंतर को समझाया। साथ ही बताया कि शिक्षा के द्वारा ही हम पुरूष प्रधान समाज में अपनी एक अलग पहचान बना सकते है।
दिनांक 15.01.2025 को सात दिवसीय कार्यशाला के समापन समारोह के मुख्य वक्ता श्रीमती कुसुम दुबे (अधिवक्ता) ने कानूनी अधिकार और जागरूकता के बारे में छात्राओं को बतलाया एवं साथ ही महिलाओं के अधिकार एवं सुरक्षा के लिए विभिन्न धाराओं की जानकारी दी जैसे महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर होने वाले उत्पीड़न आदि के संबंध में छात्राओं को जागरूक किया। कार्यशाला में कुल 100 छात्राओं ने भाग लिया एवं अंतिम दिवस में मौखिक परीक्षा के माध्यम से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं कों मोमेन्टो देकर एवं बाकि सभा छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
उक्त कार्यक्रम के संचालक डॉ. एचके गरचा, समन्वयक डॉ. निवेदिता ए. लाल, डॉ. बृजबाला उइके, आयोजक सचिव डॉ. नीता एस. नायर एवं सहसचिव श्रीमती नीलम राम धनसाय थी। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नीता एस. नायर द्वारा किया गया एवं डॉ. एचके गरचा द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला गया एवं सभी वक्ताओं का परिचय दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. निवेदिता ए. लाल द्वारा मंचस्थ सभी सम्मानीय अतिथियों, समिति के सभी सदस्यों डॉ. बसंत कुमार सोनबेर, आलोक जोशी एवं सभी प्राध्यापकों तथा कार्यालयीन स्टाफ जावेद सिद्दीकी, रमन साहू, धनेश पटेल एवं सभी छात्राओं का कार्यक्रम में उपस्थित होकर उसे सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

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राजनांदगांव

महापौर ने 22 परिवारों को वितरित किए उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महापौर मधुसूदन यादव ने 22 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए।
यह वितरण मोतीपुर स्थित महापौर के निज निवास पर किया गया, जहां उन्होंने पात्र परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन का पूरा सेट प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित इंडेन गैस वितरक प्रतिनिधियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को योजना के तहत गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप तथा दो एलपीजी सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों को दी जा रही है जिनके पास पूर्व में कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
महापौर ने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र जैन, प्रबंधक श्रेयांश जैन सहित हितग्राही एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

बारिश से पहले शहर की सड़कों का होगा डामरीकरण, महापौर ने ठेकेदारों को दिए निर्देश

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राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर की खस्ताहाल सड़कों को सुधारने और डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा की उपस्थिति में ठेकेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में महापौर ने ठेकेदारों को दो टूक निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर हाल में शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण का काम चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
महापौर ने बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ठेकेदारों से बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान ठेकेदारों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में डामर (बिटुमिन) की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। वैश्विक परिस्थितियों और देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डामर की कमी हो गई है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ मुंबई में ही डामर मिल पा रहा है, जहां उनकी गाड़ियां लगातार डामर लोड करने के लिए कतार में खड़ी हैं। जैसे ही वहां से डामर की खेप पहुंचेगी, शहर में काम तेज कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर मधुसूदन यादव ने उन्हें आश्वस्त करते हुए राज्य सरकार के एक बड़े फैसले की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अब डामर मिलने का रास्ता आसान हो गया है, इसलिए ठेकेदार बिना किसी वित्तीय चिंता के तत्काल डामरीकरण का काम शुरू करें।
महापौर की समझाइश और सरकार की राहत घोषणा के बाद ठेकेदारों ने आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर मुंबई से डामर की गाड़ियां राजनांदगांव पहुंचने की पूरी संभावना है। गाड़ी आते ही युद्धस्तर पर डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि सभी ठेकेदार एक-एक करके सड़कों को हाथ में लें और काम शुरू करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलिटी कंस्ट्रक्शन द्वारा कौरिनभाठा रोड में डामरीकरण का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसी तरह अन्य एजेंसियां भी प्रयास कर काम चालू करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (संविदा) यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा सहित निर्माण एजेंसी एव्ही कंस्ट्रक्शन, मोहन कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अभय कोटडिया और मलिटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि व ठेकेदार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सोसायटियों में खाद-बीज की किल्लत न हो, किसान परेशान हुए तो खैर नहीं : कलेक्टर

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने किसानों को समय पर खाद एवं बीज का वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को खाद-बीज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 68,690 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक 14,972 किसानों को खाद वितरण किया जा चुका है। वहीं समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी उपलब्ध है।
खरीफ सीजन के लिए 13,980 मि्ंटल बीज लक्ष्य के विरुद्ध 6,036 मि्ंटल बीज उपलब्ध है। इसमें से 3,201 मि्ंटल का भंडारण समितियों में किया गया है, जबकि 1,085 मि्ंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल सक्रिय है। अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जप्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जबकि 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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