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राजनांदगांव

संजीवनी केन्द्र में इस बार नागरिकों के लिए मिलेट के प्रोडेक्ट उपलब्ध

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राजनांदगांव। शासन के वन विभाग परिसर स्थित संजीवनी केन्द्र में इस बार नागरिकों के लिए मिलेट के प्रोडेक्ट विशेषकर रागी का पोहा, रागी की कुकीज, कोदो चावल, मिलेट्स से बना पास्ता, सहित हर्बल उत्पादों, लघु वनोपजों, आयुर्वेदिक दवाईयों सहित विविध प्रोडक्ट उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों के लिए यहां विभिन्न स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद मिल रहे हैं। शासन द्वारा मिलेट के प्रोडक्ट के फायदे को देखते हुए बढ़ावा दिया जा रहा है। केन्द्र में बने महुआ के विभिन्न उत्पाद महुआ के लड्डू स्कवैश, शरबत, महुआ, चिक्की, आचार, जामुन चिप्स उपलब्ध हैं। शासन द्वारा हर्बल उत्पादों एवं लघुवनोपज को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस सिलसिले में संजीवनी केन्द्र में विभिन्न स्वादिष्ट उत्पादों की श्रृंखलाएं हैं। यहां प्रदेश भर में स्थानीय स्तर पर निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पाद यहां है। बस्तर के खट्टी-मीठी इमली कैंडी से लेकर जामुन का शरबत सहित विभिन्न प्रोडक्ट हैं। संजीवनी केन्द्र में आए गिरधारीलाल तिवारी ने कहा कि आंवला जूस, जामुन जूस के उत्पाद काफी अच्छे हैं और शुद्ध तथा गुणवत्तायुक्त हैं। रागी पोहा, रेड साइस अच्छा है। शहद तो यहां का बहुत अच्छा है। बीमारियों के लिए हर्बल प्रोडक्ट उपयोगी है। दशगन टोन्डर ने कहा कि कोदो, दलिया, रागी कुकीज, पास्ता सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। अनमोल ने बताया कि यहां वाजिब कीमतों पर हर्बल उत्पाद एवं लघु वनोपज उपलब्ध रहता है।
उल्लेखनीय है कि संजीवनी केन्द्र में च्यवनप्रश, त्रिफला चूर्ण, बस्तर काजू, इमली ब्रिक्स, अश्वगंधा चूर्ण, हर्बल कॉफी, फेस पैक पाउडर, भृंगराज तेल, मधुकम सैनिटाइजर, मधुमेह नाशक चूर्ण, ग्रीन टी, सफेद मूसली चूर्ण, गिलोय चूर्ण, सितोप्लादी चूर्ण, चिरौंजी दाना, हर्बल सोप, हैण्डमेड ग्रीन टी, इमली चपाती, महुआ बीज तेल, काजू ग्रेड, काजू कनकी, पाइप फूलझाडू, केन फूलझाडू, शहद, एलोवेरा साबुन, हर्बल गुलाल, तिखुर पाउडर, आंवला कैण्डी नमकीन, हर्बल हवन सामग्री, हर्बल धूप बत्ती, आंवला जूस, आंवला मुरब्बा, आंवला अचार, बेल मुरब्बा, आंवला पाचक, जामुन जूस, बेल शरबत, आंवला कैण्डी, दोना-पत्तल, खड़ी उड़द, उड़द दाल, रोसेला पैटल पाउडर, अमचूर पाउडर, हल्दी पाउडर, हर्बल साबुन, पापड़, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, धूप बत्ती, अगरबत्ती, नारियल तेल, नीम एलोवेरा हर्बल साबुन, लेमन हर्बल साबुन, लाल मिर्च पाउडर, टूटी-फूटी कुकीज, नमकीन कुकीज, अमचूर पाउडर, मक्का आटा, चांवल आटा,चांवल पापड़, साबूदाना पापड़, टमाटर साबूदाना पापड़, जीरा साबूदाना पापड़, गुड़, मिक्स आचार, कॉफी, नीम साबुन, लेमन साबुन, मिन्ट साबुन, एलोय साबुन, रोज साबुन, हनी साबुन, सैण्डल वुड साबुन, पोटैटो साबुन, बेबी साबुन अन्य वनों से संग्रहित व आदिवासी महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद उपलब्ध हैं।

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राजनांदगांव

महापौर ने 22 परिवारों को वितरित किए उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महापौर मधुसूदन यादव ने 22 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए।
यह वितरण मोतीपुर स्थित महापौर के निज निवास पर किया गया, जहां उन्होंने पात्र परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन का पूरा सेट प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित इंडेन गैस वितरक प्रतिनिधियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को योजना के तहत गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप तथा दो एलपीजी सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों को दी जा रही है जिनके पास पूर्व में कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
महापौर ने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र जैन, प्रबंधक श्रेयांश जैन सहित हितग्राही एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

बारिश से पहले शहर की सड़कों का होगा डामरीकरण, महापौर ने ठेकेदारों को दिए निर्देश

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राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर की खस्ताहाल सड़कों को सुधारने और डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा की उपस्थिति में ठेकेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में महापौर ने ठेकेदारों को दो टूक निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर हाल में शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण का काम चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
महापौर ने बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ठेकेदारों से बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान ठेकेदारों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में डामर (बिटुमिन) की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। वैश्विक परिस्थितियों और देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डामर की कमी हो गई है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ मुंबई में ही डामर मिल पा रहा है, जहां उनकी गाड़ियां लगातार डामर लोड करने के लिए कतार में खड़ी हैं। जैसे ही वहां से डामर की खेप पहुंचेगी, शहर में काम तेज कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर मधुसूदन यादव ने उन्हें आश्वस्त करते हुए राज्य सरकार के एक बड़े फैसले की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अब डामर मिलने का रास्ता आसान हो गया है, इसलिए ठेकेदार बिना किसी वित्तीय चिंता के तत्काल डामरीकरण का काम शुरू करें।
महापौर की समझाइश और सरकार की राहत घोषणा के बाद ठेकेदारों ने आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर मुंबई से डामर की गाड़ियां राजनांदगांव पहुंचने की पूरी संभावना है। गाड़ी आते ही युद्धस्तर पर डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि सभी ठेकेदार एक-एक करके सड़कों को हाथ में लें और काम शुरू करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलिटी कंस्ट्रक्शन द्वारा कौरिनभाठा रोड में डामरीकरण का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसी तरह अन्य एजेंसियां भी प्रयास कर काम चालू करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (संविदा) यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा सहित निर्माण एजेंसी एव्ही कंस्ट्रक्शन, मोहन कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अभय कोटडिया और मलिटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि व ठेकेदार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सोसायटियों में खाद-बीज की किल्लत न हो, किसान परेशान हुए तो खैर नहीं : कलेक्टर

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने किसानों को समय पर खाद एवं बीज का वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को खाद-बीज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 68,690 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक 14,972 किसानों को खाद वितरण किया जा चुका है। वहीं समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी उपलब्ध है।
खरीफ सीजन के लिए 13,980 मि्ंटल बीज लक्ष्य के विरुद्ध 6,036 मि्ंटल बीज उपलब्ध है। इसमें से 3,201 मि्ंटल का भंडारण समितियों में किया गया है, जबकि 1,085 मि्ंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल सक्रिय है। अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जप्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जबकि 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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