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राजनांदगांव

सभी अधिकारी पारदर्शिता, ईमानदारी एवं समन्वय के साथ करें कार्य : डोमन सिंह

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राजनांदगांव। कलेक्टर डोमन सिंह के कहा कि सभी अधिकारी पारदर्शिता, ईमानदारी एवं समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 के लिए पीपीईएस साफ्टवेयर में राज्य शासन, निगम, मण्डल एवं आयोग में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की डाटा प्रविष्ट किया जाएगा। सभी विभाग प्रमुख सजगता एवं गंभीरतापूर्वक यह कार्य करवाएं। साफ्टवेयर में त्रुटि रहित डेटा प्रविष्टि करना है। 30 अप्रैल तक यह कार्य पूर्ण किया जाना है। इस कार्य के लिए गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं अस्वस्थ्य व्यक्तियों की ड्यूटी नहीं लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान केन्द्र, सहायक मतदान केन्द्र, मतदाता सूची, एपीक कार्ड से संबंधित कार्य समानांतर से चलते रहें। कलेक्टर ने अवैध निर्माण के नियमितिकरण के संबंध में जानकारी ली तथा अवैध प्लाटिंग पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में छत्तीसगढ़ सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण 2023 का कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। शेष सर्वेक्षण कार्य को यथा शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेरोजगारी भत्ता के संबंध में जानकारी ली तथा आवेदनों के सत्यापन के कार्य में गति लाने के लिए कहा। कलेक्टर ने कहा कि रूरल इंडस्टि्रयल पार्क तथा गोधन न्याय योजना शासन की महत्वपूर्ण योजना है। गोबर पेंट से सभी शासकीय भवनों में गोबर पेंट से रंग-रोगन किया जाना है। सभी विभाग गोबर पेंट के लिए 3-4 महीने पहले ही आवश्यकतानुसार आर्डर दें। उन्होंने रीपा अंतर्गत निर्मित किए जा रहे फ्लाई एश ब्रिक्स के लिए निर्माण एजेंसियों को ऑर्डर देने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने उक्त दिशा-निर्देश साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में दिए।
कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत गंभीर कुपोषित बच्चों को जनसहभागिता से दिए जा रहे सुपोषण किट के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सीडीपीओ, सुपरवाईजर, मितानिन, प्रेरक की बैठक आयोजित करने के लिए कहा। गोधन न्याय योजना अंतर्गत निर्मित वर्मी कम्पोस्ट का उठाव करवाने के लिए कहा। कलेक्टर ने बच्चों के लिए 8 से 25 मई तक समर कैम्प लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समर कैम्प में विभिन्न तरह की गतिविधियों में शामिल होने से बच्चों की प्रतिभा सामने आएगी। बच्चों को रोचक एवं खेल-खेल में नया सीखने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत स्कूलों के जीर्णोंद्धार एवं मरम्मत के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को इस कार्य की मानिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना, निक्षय मित्र, चिटफण्ड कंपनी, वनाधिकार पट्टा, राजस्व शिविर, रीपा ट्रेनिंग सेंटर, राजीव युवा मितान क्लब, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार ने कहा कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक शेष वर्मी कम्पोस्ट के उठाव का कार्य शीघ्र करें। गौठान के टांके में वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के लिए गोबर भरने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। विशेषकर नए गौठानों में टांके भरने का कार्य किया जाना है। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को वर्मी कम्पोस्ट निर्माण हेतु प्राथमिकता से कार्य करने के लिए कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम अरूण वर्मा, संयुक्त कलेक्टर अभिषेक गुप्ता एवं खेमलाल वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अन्य अधिकारी वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

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राजनांदगांव

महापौर ने 22 परिवारों को वितरित किए उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महापौर मधुसूदन यादव ने 22 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए।
यह वितरण मोतीपुर स्थित महापौर के निज निवास पर किया गया, जहां उन्होंने पात्र परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन का पूरा सेट प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित इंडेन गैस वितरक प्रतिनिधियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को योजना के तहत गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप तथा दो एलपीजी सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों को दी जा रही है जिनके पास पूर्व में कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
महापौर ने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र जैन, प्रबंधक श्रेयांश जैन सहित हितग्राही एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

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बारिश से पहले शहर की सड़कों का होगा डामरीकरण, महापौर ने ठेकेदारों को दिए निर्देश

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राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर की खस्ताहाल सड़कों को सुधारने और डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा की उपस्थिति में ठेकेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में महापौर ने ठेकेदारों को दो टूक निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर हाल में शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण का काम चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
महापौर ने बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ठेकेदारों से बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान ठेकेदारों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में डामर (बिटुमिन) की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। वैश्विक परिस्थितियों और देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डामर की कमी हो गई है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ मुंबई में ही डामर मिल पा रहा है, जहां उनकी गाड़ियां लगातार डामर लोड करने के लिए कतार में खड़ी हैं। जैसे ही वहां से डामर की खेप पहुंचेगी, शहर में काम तेज कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर मधुसूदन यादव ने उन्हें आश्वस्त करते हुए राज्य सरकार के एक बड़े फैसले की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अब डामर मिलने का रास्ता आसान हो गया है, इसलिए ठेकेदार बिना किसी वित्तीय चिंता के तत्काल डामरीकरण का काम शुरू करें।
महापौर की समझाइश और सरकार की राहत घोषणा के बाद ठेकेदारों ने आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर मुंबई से डामर की गाड़ियां राजनांदगांव पहुंचने की पूरी संभावना है। गाड़ी आते ही युद्धस्तर पर डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि सभी ठेकेदार एक-एक करके सड़कों को हाथ में लें और काम शुरू करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलिटी कंस्ट्रक्शन द्वारा कौरिनभाठा रोड में डामरीकरण का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसी तरह अन्य एजेंसियां भी प्रयास कर काम चालू करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (संविदा) यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा सहित निर्माण एजेंसी एव्ही कंस्ट्रक्शन, मोहन कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अभय कोटडिया और मलिटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि व ठेकेदार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सोसायटियों में खाद-बीज की किल्लत न हो, किसान परेशान हुए तो खैर नहीं : कलेक्टर

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने किसानों को समय पर खाद एवं बीज का वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को खाद-बीज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 68,690 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक 14,972 किसानों को खाद वितरण किया जा चुका है। वहीं समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी उपलब्ध है।
खरीफ सीजन के लिए 13,980 मि्ंटल बीज लक्ष्य के विरुद्ध 6,036 मि्ंटल बीज उपलब्ध है। इसमें से 3,201 मि्ंटल का भंडारण समितियों में किया गया है, जबकि 1,085 मि्ंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल सक्रिय है। अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जप्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जबकि 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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