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राजनांदगांव

स्कूल शिक्षा विभाग राज्य स्तर के पदों पर पदोन्नति करने में तत्पर नहीं दिख रहा है : फेडरेशन

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के कार्यालय, मंत्रालय में प्रमुख सचिव शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला एवं संचालनालय में संचालक सुनील जैन से मुलाकात कर राज्य स्तर के पदों पर त्वरित पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने एवं अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कर ज्ञापन दिया है।
फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रांतीय प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, जिला महामंत्री पीआर झाड़े, बृजभान सिन्हा, पीएल साहू, जितेन्द्र बघेल, वीरेन्द्र रंगारी, सीएल चंद्रवंशी, राजेन्द्र देवांगन, रंजीत कुंजाम, सोहन निषाद, उत्तम डड़सेना, देवचंद बंजारे, अब्दुल कलीम खान, जनक तिवारी, हेमंत पांडे, लीलाधर सेन, पुष्पेंद्र साहू ने बताया कि प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने ज्ञापन में भर्ती पदोन्नति नियम छत्तीसगढ़ राजपत्र 5 मार्च 2019 के अनुसूची-एक, अनुसूची-दो एवं अनुसूची-तीन के उल्लेखित राज्य स्तर के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करने तथ्यात्मक पक्ष प्रस्तुत किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य स्तर के पद क्रमशः संचालक (विभागीय) (लेवल-16 ग्रेड पे 8900), अपर संचालक (लेवल-15, ग्रेड पे 8700), संयुक्त संचालक (लेवल-14, ग्रेड पे 7600), उप-संचालक (लेवल-13 ग्रेड पे 6600), सहायक संचालक (लेवल-12 ग्रेड पे 5400), प्राचार्य-विकासखंड शिक्षा अधिकारी-सहायक संचालक (प्रशासन) (लेवल-12 ग्रेड पे 5400), व्याख्याता (लेवल-9 ग्रेड पे 4300) जैसे पदोन्नति के पदों पर नियुक्ति प्राधिकारी स्कूल शिक्षा विभाग एवं संचालक हैं।
उन्होंने बताया कि नियुक्ति प्राधिकारी संयुक्त संचालक एवं जिला शिक्षा अधिकारी को संभाग एवं जिला स्तर पर पदोन्नति प्रक्रिया पूर्ण करवाने विभाग मुस्तैद है, लेकिन राज्य स्तर के पदों पर पदोन्नति करने के मामले में प्रक्रिया में मुस्तैद नहीं है। विगत कई वर्षों से अधिकांश इन पदों पर इनके फीडर पदों अथवा निचले पदों (लेवल-ग्रेड पे) में कार्यरत को ही प्रभारी बनाकर काम लिया जा रहा है। जो कि भर्ती पदोन्नति नियम का उल्लंघन है, जिसके कारण विभागीय कार्यों में अनेक प्रशासकीय अव्यवस्था व्याप्त हो रहा है। अनेक पात्रताधारी जो सेवाकाल में वरिष्ठ हैं, पदोन्नति का इंतजार करते सेवानिवृत्त हो गये हैं अथवा होने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार संचालनालय में सहायक संचालक के पदों पर डिप्टी कलेक्टर की नियुक्ति करने के विचाराधीन मामले को न्यायोचित नहीं होने का उल्लेख ज्ञापन में किया है।
उन्होंने बताया कि प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी के साथ प्रतिनिधि मंडल में प्रांतीय महामंत्री द्वय राकेश साहू एवं बिहारीलाल शर्मा तथा रायपुर जिला महामंत्री अजेन्द्र देवांगन ने प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला से सहायक शिक्षक पद पर प्रथम नियुक्त हुए शिक्षकों को क्रमशः अन्य समस्त विभागों के शासकीय सेवकों के समान त्रि-स्तरीय समयमान वेतनमान स्वीकृति के मामले में पुनः चर्चा किया है। वित्त विभाग के असहमति के कारणों के संबंध में प्रांताध्यक्ष के पक्ष को सुनने के पश्चात प्रमुख सचिव ने तथ्यात्मक पक्ष को पुनः वित्त विभाग को भेजने पर सहमति जताई है। तकनीकी शिक्षा विभाग के भर्ती पदोन्नति नियम एवं सेटअप में विसंगति एवं परस्पर विरोधाभास के मुद्दे पर चर्चा में प्रमुख सचिव ने इसके निराकरण के प्रस्ताव को विभागीय मंत्री को भेजे जाने की जानकारी दिया है। अन्य अनेक मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा के दौरान प्रमुख सचिव विभागीय अधिकारियों के कार्यप्रणाली में खासे नाराज दिखे। उन्होंने राज्य स्तर पर पदोन्नति के मामले को गंभीरता से लेते हुए संचालक को दूरभाष पर तत्काल निर्देश दिया है।

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राजनांदगांव

महापौर ने 22 परिवारों को वितरित किए उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महापौर मधुसूदन यादव ने 22 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए।
यह वितरण मोतीपुर स्थित महापौर के निज निवास पर किया गया, जहां उन्होंने पात्र परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन का पूरा सेट प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित इंडेन गैस वितरक प्रतिनिधियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को योजना के तहत गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप तथा दो एलपीजी सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों को दी जा रही है जिनके पास पूर्व में कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
महापौर ने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र जैन, प्रबंधक श्रेयांश जैन सहित हितग्राही एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

बारिश से पहले शहर की सड़कों का होगा डामरीकरण, महापौर ने ठेकेदारों को दिए निर्देश

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राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर की खस्ताहाल सड़कों को सुधारने और डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा की उपस्थिति में ठेकेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में महापौर ने ठेकेदारों को दो टूक निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर हाल में शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण का काम चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
महापौर ने बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ठेकेदारों से बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान ठेकेदारों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में डामर (बिटुमिन) की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। वैश्विक परिस्थितियों और देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डामर की कमी हो गई है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ मुंबई में ही डामर मिल पा रहा है, जहां उनकी गाड़ियां लगातार डामर लोड करने के लिए कतार में खड़ी हैं। जैसे ही वहां से डामर की खेप पहुंचेगी, शहर में काम तेज कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर मधुसूदन यादव ने उन्हें आश्वस्त करते हुए राज्य सरकार के एक बड़े फैसले की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अब डामर मिलने का रास्ता आसान हो गया है, इसलिए ठेकेदार बिना किसी वित्तीय चिंता के तत्काल डामरीकरण का काम शुरू करें।
महापौर की समझाइश और सरकार की राहत घोषणा के बाद ठेकेदारों ने आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर मुंबई से डामर की गाड़ियां राजनांदगांव पहुंचने की पूरी संभावना है। गाड़ी आते ही युद्धस्तर पर डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि सभी ठेकेदार एक-एक करके सड़कों को हाथ में लें और काम शुरू करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलिटी कंस्ट्रक्शन द्वारा कौरिनभाठा रोड में डामरीकरण का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसी तरह अन्य एजेंसियां भी प्रयास कर काम चालू करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (संविदा) यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा सहित निर्माण एजेंसी एव्ही कंस्ट्रक्शन, मोहन कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अभय कोटडिया और मलिटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि व ठेकेदार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सोसायटियों में खाद-बीज की किल्लत न हो, किसान परेशान हुए तो खैर नहीं : कलेक्टर

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने किसानों को समय पर खाद एवं बीज का वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को खाद-बीज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 68,690 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक 14,972 किसानों को खाद वितरण किया जा चुका है। वहीं समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी उपलब्ध है।
खरीफ सीजन के लिए 13,980 मि्ंटल बीज लक्ष्य के विरुद्ध 6,036 मि्ंटल बीज उपलब्ध है। इसमें से 3,201 मि्ंटल का भंडारण समितियों में किया गया है, जबकि 1,085 मि्ंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल सक्रिय है। अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जप्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जबकि 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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