राजनांदगांव
माईक्रो फायनेंस कंपनियों द्वारा फर्जी ऋण बनाकर की जा रही ग्रामीणों से वसूली, विधायक छन्नी साहू ने की शिकायत
राजनांदगांव। खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में महिला समूहों को ऋण देने की निजी फायनेंस कंपनियों की योजना में बड़ा घालमेल उजागर हुआ है। खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू ने मामले को सामने लाते हुए इस संबंध में मुख्यमंत्री, गृहमंत्री को पत्र लिखकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण महिलाओं ने विधायक से मिलकर इस पूरे प्रकरण की जानकारी उन्हें दी थी। ऐसे ही प्रकरण में एक आदिवासी परिवार के उजड़ जाने का मामला भी सामने आया है।
बीते कुछ दिनों में ग्रामीण महिलाओं ने खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू से मुलाकात कर उन्हें निजी फायनेंस कंपनियों द्वारा समूहों को दिए जाने वाले ऋण में हेराफेरी और प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी। छुरिया विकासखंड के ग्राम लालूटोला से आईं महिलाओं ने उन्हें बताया कि डोंगरगांव ब्रांच की कई ऐसी कंपनियों ने समूह के लिए ऋण स्वीकृत किए थे, लेकिन यह राशि उन्हें मिली ही नहीं। यह सारा कुछ एक एजेंट के माध्यम से किया गया था। अब बैंक उन पर हजारों-लाखों की लेनदारी की वसूली का दबाव बना रहे है।
महिलाओं के मुताबिक वर्षों पूर्व से निजी फायनेंस कंपनी सेव माईक्रो, सूर्योदय, उत्कर्ष, अन्नपूर्णा, ग्रामीण कोटा, एलएनटी, सत्या, फ्यूजन, कमल फाईनेंस सहित अन्य की ब्रांच डोंगरगांव में संचालित है। इन निजी फायनेंस कंपनियों को ग्रामीण क्षेत्र में बोलचाल की भाषा में कंगाल बैंक के नाम से जाना जाता है। इन कंपनियों ने लालूटोला निवासी लालसाय गोड़ के माध्यम से गांवों में महिला समूह तैयार करवाए और उन्हें ऋण दिया। यह ऋण समूहों के खाते में तो आाया, लेकिन किन्हीं तरह के बहाने से यह राशि एजेंट ने वापस ले ली और महिलाओं के हाथ में कुछ नहीं आया।
एजेंट के पास यह राशि कहां गई इसकी कोई जानकारी नहीं हैं। जानकारी के मुताबिक अब तक सामने आए महिला समूह के अनुसार यह ऋण लगभग 8 से 10 लाख का है। बीते कुछ महिनों में एजेंट पर फायनेंस कंपनियों का दबाव बढ़ने लगा तो उसने मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद अब निजी कंपनियां ग्रामीण महिलाओं पर पैसे लौटाने का दबाव बना रहीं हैं।
ऋण स्वीकृत होने के बाद महिलाओं तक कभी कंपनी के कर्मचारी-अधिकारी नहीं पहुंचे। इसके चलते महिलाओं को कभी ये जानकारी नहीं हासिल हो सकी कि उनके नाम पर लाखों के ऋण का आहरण किया गया है। अचानक अब उन पर पैसे लौटने का दबाव बनाया जा रहा है जिसे चलते महिलाओं और उनके परिवार मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
आत्महत्या करने वाले एजेंट लालसाय गोड़ की पत्नी श्रीमती लीलाबाई ने भी इस विषय पर लिखित आवेदन देते हुए विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू से निजी कंपनियों से प्रताड़ना से मुक्ति दिलाने का निवेदन किया है। उन्होंने बताया कि, पति की मौत के बाद उस पर दो छोटे बच्चों के लालन-पोषण की जिम्मेदारी है और उसका भविष्य अंधकारमय है। उसने ऋण माफी की अपील की है। इधर, ग्रामीण महिलाएं भी इसे लेकर परेशान हैं।
मिलीभगत का संदेह
विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू ने इस मामले की गंभीरता समझते हुए तत्काल इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ऋण माफी और निजी फायनेंस कंपनियों के अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका को संदेह के दायरे में माना है। उन्होंने कहा कि-यह संभव नहीं दिखता कि बगैर मिलीभगत के वर्षों तक इस तरह की घपलेबाजी चलती रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री सहित तमाम जिम्मेदार एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर इस गड़बड़ी पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
जागरुकता अभियान चलाया जाएगा
विधायक श्रीमती छन्नी साहू ने कहा कि-आज के दौर में आसानी से ऋण उपलब्ध हो रहा है, लेकिन इसके झांसे में आने से लोगों को बचना चाहिए। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि-भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन देकर फंसाया जा रहा है। ऋण पर ब्याज और दूसरी प्रक्रियाओं की जानकारी उन्हें नहीं दी जाती है। निजी फायनेंस कंपनियों दर्जनों पेज के एग्रीमेंट में दस्तखत करवाकर, अंगूठा लगवाकर इसका फायदा उठाती हैं। इनके एजेंट अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं और नागरिक बेवजह कर्ज के जाल में फंस जाते हैं। उन्हें जागरुक होने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि-हम विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव तक पहुंचकर इसके खिलाफ जन-जागरुकता अभियान चलाएंगे, ताकि कोई इस कर्ज के जाल में बेवजह न फंसे। जिन्हें भी इस तरह की समस्या हो वे हमें अवगत करा सकते हैं।
सरकार कम ब्याज दर पर ऋण दे रही
विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू ने कहा कि-छत्तीसगढ़ सरकार महिला समूहों को कम ब्याज दर पर बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध करवा रही है। इसकी सीमा पहले 4 लाख थी जिसे बढ़ाकर 6 लाख किया गया है। इस योजना का लाभ महिलाएं उठा सकती हैं। उन्हें निजी फायनेंस कंपनियों के चक्कर में फंसने की जरुरत नहीं है।
अपराध
महाराष्ट्र निर्मित अवैध शराब का परिवहन कर रहा बुजुर्ग गिरफ्तार, मोटरसाइकिल और 40 पौवा शराब जप्त
गैंदाटोला। राजनांदगांव जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों की बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत गैंदाटोला पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने महाराष्ट्र निर्मित अवैध शराब का परिवहन कर रहे एक 65 वर्षीय बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से शराब और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जप्त कर आबकारी एक्ट के तहत जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन एवं सीएसपी श्रीमती मंजूलता बाज के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी गैंदाटोला राजेश साहू के नेतृत्व में असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार 13 जुलाई को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल पर अवैध शराब लेकर ग्राम फाफामार से गैंदाटोला की ओर आ रहा है।
नाकाबंदी कर बैग से बरामद की शराब
मुखबिर की सूचना पर मुस्तैद हुई पुलिस टीम ने फाफामार और गैंदाटोला के बीच रास्ते पर घेराबंदी कर नाकाबंदी की। इस दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर चालक से पूछताछ की गई। चालक ने अपना नाम अशोक रामटेके (65 वर्ष), निवासी ग्राम भंडारीभरदा (थाना डोंगरगांव) बताया। पुलिस ने जब उसके पास रखे काले रंग के बैग की तलाशी ली, तो उसके भीतर से महाराष्ट्र निर्मित ‘प्रीमियम डीलक्ष सुपर संतरा’ देशी शराब के 40 पौवे बरामद हुए।
दस्तावेज नहीं पेश करने पर हुई गिरफ्तारी
शराब रखने और उसके परिवहन के संबंध में जब पुलिस ने आरोपी को नोटिस देकर वैध दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। आरोपी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दंडनीय होने के कारण पुलिस ने मौके पर गवाहों के समक्ष 7.200 लीटर शराब (कीमत ₹3,200) और प्रयुक्त पैशन प्रो मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 08 जेड 5987 (कीमत ₹15,000) समेत कुल ₹18,200 का मसरूका जप्त किया।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में गैंदाटोला थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार साहू, सहायक उपनिरीक्षक मेघनाथ सिन्हा, आरक्षक नरेश प्रधान और आरक्षक राकेश साहू का विशेष योगदान रहा।
अपराध
बलेनो कार से अवैध शराब का परिवहन करते दो कोचिए गिरफ्तार
डोंगरगांव। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा द्वारा अवैध शराब की तस्करी और अवैध क्रय-विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘जीरो टॉलरेंस’ अभियान के तहत डोंगरगांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने तिगाला पेट्रोल पंप (कुमर्दा) के पास घेराबंदी कर बलेनो कार से अवैध शराब का परिवहन कर रहे दो कोचियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार 12 जुलाई को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डोंगरगांव निवासी दो युवक कार से अवैध रूप से शराब का परिवहन कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर ने तत्काल एक विशेष टीम गठित कर तस्दीक के लिए रवाना किया।
पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर पकड़ा
मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कुमर्दा स्थित तिगाला पेट्रोल पंप के पास मोर्चा संभाला। इस दौरान संदिग्ध बलेनो कार (क्रमांक सीजी 08 ए डब्ल्यू 5072) के वहां पहुंचते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोक लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से छत्तीसगढ़ निर्मित 100 पौवा देशी सुपर 36 प्लेन शराब (लगभग दो पेटी) बरामद हुई। वाहन में सवार युवकों से शराब परिवहन के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई भी कागजात पेश नहीं कर सके।
जप्त सामान और गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹8,000 मूल्य की अवैध शराब और परिवहन में प्रयुक्त बलेनो कार (कीमत करीब 3 लाख रुपए) समेत कुल ₹3,08,000 का मसरूका जप्त किया है। पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
लीला शंकर यादव (32 वर्ष), पिता चंद्रशेखर यादव, निवासी वार्ड नंबर 06, डोंगरगांव।
अंकेश पटेल (25 वर्ष), पिता स्व. दुर्योधन पटेल, निवासी वार्ड नंबर 12, मटिया डोंगरगांव।
आरोपियों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत दंडनीय होने के कारण पुलिस ने गवाहों के समक्ष शराब और वाहन को विधिवत जप्त कर अपराध क्रमांक 252/2026 पंजीबद्ध किया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी आशीर्वाद राहटगांवकर, सहायक उप निरीक्षक अनिल यादव, पीएसआई सागर सिंह राजपूत, आरक्षक चंद्रकांत सोनी और मोहन साहू की भूमिका सराहनीय रही।
राजनांदगांव
राजनांदगांव रेंज के नए आईजी अजय यादव ने संभाला पदभार
राजनांदगांव। राजनांदगांव रेंज के नव-पदस्थ पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अजय यादव (भापुसे) ने सोमवार को विधिवत अपना पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की और संवाद कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।
इस अवसर पर राजनांदगांव पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी के एसएसपी वाई.पी. सिंह, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के एसपी लक्ष्य शर्मा, एएसपी कीर्तन राठौर, सीएसपी श्रीमती वैशाली जैन, सीएसपी एलेक्जेंडर किरो, एसडीओपी श्रीमती मंजूलता बाज, एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक, डीएसपी (मुख्यालय) के.पी. मरकाम, डीएसपी नक्सल एम्ब्रोज कुजूर, सहायक एआईजी श्रीमती गीता वाधवानी और रक्षित निरीक्षक लोकेश कसेर सहित आईजी कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
आम जनता की सुरक्षा और विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान आईजी अजय यादव ने रेंज के जिलों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधियों, महिला व बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और लंबित मामलों के अनुसंधान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने दो टूक कहा कि आम जनता की सुरक्षा और पुलिस पर उनका विश्वास ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। थाना स्तर पर पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए और आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित व संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित हो।
अवैध कारोबार और साइबर क्राइम पर कसेंगे शिकंजा
नए आईजी ने अपराध अनुसंधान में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए हैं:
गंभीर अपराधों का शीघ्र निराकरण किया जाए और फरार व वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी तेज हो।
अवैध शराब, सट्टा, जुआ और अन्य असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी व कड़ी कार्रवाई की जाए।
साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिसिंग मजबूत करने के साथ ही जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखते हुए आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें, ताकि पुलिस की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी नजर आए। उन्होंने टीम भावना के साथ काम करते हुए रेंज में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की बात कही।
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