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राजनांदगांव

जोरातराई एडवेंचर पार्क में आयोजित गुड मॉर्निंग राजनांदगांव कार्यक्रम की सुबह रही खास

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राजनांदगांव। जोरातराई एडवेंचर पार्क में आयोजित गुड मॉर्निंग राजनांदगांव कार्यक्रम की सुबह खास रही। बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं एवं हर वर्ग के नागरिक इस आयोजन में शामिल हुए। उमंग एवं उत्साह के माहौल में सभी ने विभिन्न खेल, व्यायाम, कराटे एवं जुम्बा डांस में भाग लिया। जहां लाफ्टर योग में बच्चों के साथ सभी खूब हंसे वही जंपिंग इवेंट में सबने लंबी झलांग लगाई। वहीं जुम्बा डांस में बच्चों के साथ बड़ों ने भी आनंद लिया। उम्दा पिकनिक स्पॉट में आयोजित गुड मॉर्निंग राजनांदगांव कार्यक्रम में पार्क के ट्रायल रन में सभी शामिल हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भुवनेश्वर बघेल, कलेक्टर डोमन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कलेक्टर डोमन सिंह की पहल पर आज जोरातराई एडवेंचर पार्क में गुड मार्निंग राजनांदगांव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भुवनेश्वर बघेल ने कहा कि हमेशा से इच्छा रही एक ऐसा स्थान हो, जो ग्रामीण परिवेश से जुड़ा हुआ हो। जोरातराई एडवेंचर पार्क में सामुदायिक बाड़ी एवं अन्य सुविधाएं पर्यटकों के लिए एक अच्छा स्थान रहेगा। कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि ग्रामीण पर्यटन केन्द्र की एक परिकल्पना की गई थी। जिसे 100 दिनों में जिला पंचायत सीईओ एवं उनकी टीम ने कठिन परिश्रम से पूरा किया है। यहां क्रिकेट नेट लगाया गया है। जहां क्रिकेट खेलने पर चोट नहीं लगेगी। दादा-दादी, बच्चे सभी सपरिवार यहां क्रिकेट खेल सकते हैं। पर्यटन की दृष्टि से यह एक बेहतरीन जगह है। उन्होंने कहा कि खनिज पाठशाला में छत्तीसगढ़ में पाये जाने वाले खनिज डिस्पले किए गए हैं। स्कूल के बच्चे यहां आकर अवलोकन कर सकते है। नागरिक कैंपिंग एरिया में रात्रि विश्राम कर सकते हंै। इस अवसर पर सभी ने जोरातराई एडवेंचर पार्क का अवलोकन किया।
जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार ने कहा कि गुड मार्निंग राजनांदगांव कार्यक्रम का आयोजन आज यहां किया गया है। 100 दिनों में इस पर्यटन स्थल का निर्माण किया गया है। यहां खेल सुविधाओं के साथ ही खनिज पाठशाला, नौटंकी ढाबा एवं रिसोर्ट है। बोटिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी। कैंपिंग एरिया का भी निर्माण किया गया है। जहां नागरिक रात्रि में टेन्ट में रूक सकेंगे। उन्होंने कहा कि यहां सामुदायिक बाड़ी विकसित किया जा रहा है। ताकि यहां से वापस घर जाते समय लोग सब्जी लेते हुए जा सकें। उन्होंने कहा कि जोरातराई एडवेंचर पार्क को गौठान टूरिज्म की ओर ले जाने की अवधारणा है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त अभिषेक गुप्ता, एसडीएम अरूण वर्मा, संयुक्त कलेक्टर खेमलाल वर्मा, अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ दिलीप कुर्रे, ई-जिला प्रबंधक सौरभ मिश्रा, जिला परियोजना अधिकारी साक्षरता भारत मिशन श्रीमती रश्मि सिंह, सहायक खेल अधिकारी श्रीमती उषा चटर्जी, दिग्विजय स्टेडियम प्रबंधक रणविजय सिंह, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम कोच अनुराग श्रीवास्तव, भारतीय खेल प्राधिकरण के राजेश्वर राव, खेल अधिकारी ए एक्का, खेलो इंडिया हॉकी कोच प्रशिक्षक शकिल अहमद सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे। अनिल आजमानी ने जुम्बा डांस कराया तथा हेमंत तिवारी ने लाफ्टर योग में सबको हंसाया।
उल्लेखनीय है कि जोरातराई एडवेंचर पार्क जिले के नये पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। वन चेतना केन्द्र मनगटा के समीप स्थित इस पार्क में एक ही स्थान पर एडवेंचर कैम्पिंग, बोंटिंग, क्रिकेट कोर्ट, वालीबॉल कोर्ट, फूड कोर्ट, प्ले एरिया, रिसोर्ट की सुविधा के साथ ही खनिज पाठशाला विशेष आकर्षण रहेगा। जोरातराई एडवेंचर पार्क जिला प्रशासन की अभिनव पहल है। जिला पंचायत सीईओ अमित कुमार एवं उनकी टीम द्वारा 100 दिन के कठिन परिश्रम के बाद बेहतरीन नवाचार एवं परिकल्पना ने मूर्त रूप लिया है। इस पार्क में खनिज पाठशाला में छत्तीसगढ़ में पाये जाने वाले खनिज जिसमें बाक्साइट, फ्लोराइट, चीनी मिट्टी, गुलाबी क्वार्टट, बलुआ पत्थर, डोलोमाइट, फ्लैगस्टोन, सफेद मिट्टी, क्वार्ट्ज, ग्रेनाइट, क्वार्टजाइट, बैंडेड हेमेटाइट क्वार्टजाइट जैसे खनिज के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई है। शीघ्र ही यहां किड्स जोन, पेंट बॉल, एडवेंचर स्पोर्ट, साईकिल रेसिंग, किचन गार्डन प्रारंभ होगा।

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राजनांदगांव

महापौर ने 22 परिवारों को वितरित किए उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महापौर मधुसूदन यादव ने 22 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए।
यह वितरण मोतीपुर स्थित महापौर के निज निवास पर किया गया, जहां उन्होंने पात्र परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन का पूरा सेट प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित इंडेन गैस वितरक प्रतिनिधियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को योजना के तहत गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप तथा दो एलपीजी सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों को दी जा रही है जिनके पास पूर्व में कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
महापौर ने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र जैन, प्रबंधक श्रेयांश जैन सहित हितग्राही एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

बारिश से पहले शहर की सड़कों का होगा डामरीकरण, महापौर ने ठेकेदारों को दिए निर्देश

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राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर की खस्ताहाल सड़कों को सुधारने और डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा की उपस्थिति में ठेकेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में महापौर ने ठेकेदारों को दो टूक निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर हाल में शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण का काम चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
महापौर ने बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ठेकेदारों से बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान ठेकेदारों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में डामर (बिटुमिन) की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। वैश्विक परिस्थितियों और देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डामर की कमी हो गई है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ मुंबई में ही डामर मिल पा रहा है, जहां उनकी गाड़ियां लगातार डामर लोड करने के लिए कतार में खड़ी हैं। जैसे ही वहां से डामर की खेप पहुंचेगी, शहर में काम तेज कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर मधुसूदन यादव ने उन्हें आश्वस्त करते हुए राज्य सरकार के एक बड़े फैसले की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अब डामर मिलने का रास्ता आसान हो गया है, इसलिए ठेकेदार बिना किसी वित्तीय चिंता के तत्काल डामरीकरण का काम शुरू करें।
महापौर की समझाइश और सरकार की राहत घोषणा के बाद ठेकेदारों ने आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर मुंबई से डामर की गाड़ियां राजनांदगांव पहुंचने की पूरी संभावना है। गाड़ी आते ही युद्धस्तर पर डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि सभी ठेकेदार एक-एक करके सड़कों को हाथ में लें और काम शुरू करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलिटी कंस्ट्रक्शन द्वारा कौरिनभाठा रोड में डामरीकरण का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसी तरह अन्य एजेंसियां भी प्रयास कर काम चालू करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (संविदा) यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा सहित निर्माण एजेंसी एव्ही कंस्ट्रक्शन, मोहन कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अभय कोटडिया और मलिटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि व ठेकेदार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सोसायटियों में खाद-बीज की किल्लत न हो, किसान परेशान हुए तो खैर नहीं : कलेक्टर

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने किसानों को समय पर खाद एवं बीज का वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को खाद-बीज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 68,690 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक 14,972 किसानों को खाद वितरण किया जा चुका है। वहीं समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी उपलब्ध है।
खरीफ सीजन के लिए 13,980 मि्ंटल बीज लक्ष्य के विरुद्ध 6,036 मि्ंटल बीज उपलब्ध है। इसमें से 3,201 मि्ंटल का भंडारण समितियों में किया गया है, जबकि 1,085 मि्ंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल सक्रिय है। अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जप्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जबकि 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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