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राजनांदगांव

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए छुरिया विकासखंड में समर कैंप का आयोजन

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राजनांदगांव। कलेक्टर डोमन सिंह एव मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अमित कुमार के मार्गदर्शन व जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार सिंह के निर्देशन में जिले के स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समर कैम्प प्रातः 7 बजे से 9.30 बजे तक शुरू किया गया है। समर कैंप पूरी तरह से स्वैच्छिक है, इसमें किसी तरह की बाध्यता शिक्षकों व बच्चों के लिए नहीं है। समर कैम्प मे बच्चे विभिन्न खेल गतिविधियां एवं रचनात्मक विधा जैसे-फुगड़ी, जुम्बा डांस क्लास, योग, चिड़िया उड़, क्राफ्ट कटिंग, क्ले आर्ट, पेटिंग, मिट्टी के खिलौने, पजल गेम, शानदार पुस्तक वाचन, कहानी-कविता सुनाना, मेंहदी कला आदि विधाओ पर प्राथमिक माध्यामिक शालाओं में किया जा रहा है। समर कैंप का उद्देश्य बच्चों की छुपी प्रतिभा को उभारने बच्चों के लिए 8 मई से 25 मई तक 18 दिवसीय समर कैंप के उद्घाटन अवसर पर छुरिया विकासखंड के प्राथमिक शाला डुमरडीह, प्राथमिक शाला मोरकुटुंब, प्राथमिक शाला जैतगुंडरा, प्राथमिक शाला भर्रीटोला में डीएमसी सतीश ब्यौहरे ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य एक तरफ जहां बच्चों का सर्वपक्षीय विकास करना है, वहीं उन के भीतर छुपी प्रतिभा को उभारना भी है। शिक्षा के क्षेत्र में मुकाबले बाजी का दौर शुरू होने के साथ स्कूलों द्वारा ज्यादातर शिक्षा पर ही ध्यान दिया जाता है, जिससे उन का शैक्षणिक विकास तो हो जाता है, ऐसे में उन का सर्वपक्षीय विकास करने तथा उन के भीतर छुपी प्रतिभा को निखारने के लिए समर कैंप ही एक मात्र ऐसा विकल्प है। 18 दिन तक चलने वाले इस समर कैंप में विकासखंड के 50 स्कूलों के करीब 2 हजार बच्चे हिस्सा ले रहे हैं।
सहायक परियोजना समन्वयक मो. रफीक अंसारी ने उपस्थित ग्रामवासी और पालकों को संबोधित करते हुए कहा कि कलेक्टर के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग द्वारा गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में छिपी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने एवं उन्हें पहचानने का प्रयास किया जाना है। जिससे बच्चों के अंदर शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास भी हो सके।
एपीसी पीआर झाड़े ने बताया कि समर कैम्प में समुदाय की मदद से बच्चो के साथ विभिन्न गतिविधियां स्वैच्छिक रूप से स्वर्स्फूत शिक्षकों के द्वारा समर कैम्प में बच्चों के लिए गीत-संगीत, नृत्य एवं मिट्टी से मूर्ति और पेंटिंग बनाना, बालिकाओं को मेहंदी लगाना, छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करना सिखाया जाएगा। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी छुरिया प्रशांत चिर्वतकर, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक पीडी साहू, संकुल समन्वयक, उत्तम गौतम टंडन, कमल देवांगन, रामप्रसाद लाडे, भर्रीटोला के सरपंच रेवाराम लाडेकर, डुमरडीह के सरपंच कामता प्रसाद साहू, जैतगुंडरा के सरपंच श्रीमती रेखा कुंजाम, शिक्षकगण, अंगना म शिक्षा के सक्रिय माताएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

महापौर ने 22 परिवारों को वितरित किए उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत जिले में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में महापौर मधुसूदन यादव ने 22 हितग्राहियों को गैस कनेक्शन वितरित किए।
यह वितरण मोतीपुर स्थित महापौर के निज निवास पर किया गया, जहां उन्होंने पात्र परिवारों को एलपीजी गैस कनेक्शन का पूरा सेट प्रदान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित इंडेन गैस वितरक प्रतिनिधियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को योजना के तहत गैस चूल्हा, रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप तथा दो एलपीजी सिलेंडर निःशुल्क दिए जा रहे हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं परिवारों को दी जा रही है जिनके पास पूर्व में कोई गैस कनेक्शन नहीं है।
महापौर ने कहा कि उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी गरीब परिवारों को धुएं से मुक्ति दिलाना और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
महापौर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह योजना देशभर में महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है। इससे हजारों परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।
कार्यक्रम में गैस एजेंसी के संचालक नरेंद्र जैन, प्रबंधक श्रेयांश जैन सहित हितग्राही एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

बारिश से पहले शहर की सड़कों का होगा डामरीकरण, महापौर ने ठेकेदारों को दिए निर्देश

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राजनांदगांव। मानसून की आमद से पहले शहर की खस्ताहाल सड़कों को सुधारने और डामरीकरण कार्य में तेजी लाने के लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। महापौर मधुसूदन यादव ने आज अपने कक्ष में निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा और लोककर्म विभाग के प्रभारी सदस्य सावन वर्मा की उपस्थिति में ठेकेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में महापौर ने ठेकेदारों को दो टूक निर्देश दिए कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले हर हाल में शहर की प्रमुख सड़कों पर डामरीकरण का काम चालू किया जाए, ताकि नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
महापौर ने बैठक में निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर ठेकेदारों से बिंदुवार चर्चा की। इस दौरान ठेकेदारों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं साझा करते हुए बताया कि वर्तमान में डामर (बिटुमिन) की सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। वैश्विक परिस्थितियों और देश भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुई बेतहाशा वृद्धि के कारण डामर की कमी हो गई है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ मुंबई में ही डामर मिल पा रहा है, जहां उनकी गाड़ियां लगातार डामर लोड करने के लिए कतार में खड़ी हैं। जैसे ही वहां से डामर की खेप पहुंचेगी, शहर में काम तेज कर दिया जाएगा।
ठेकेदारों की समस्याओं को सुनने के बाद महापौर मधुसूदन यादव ने उन्हें आश्वस्त करते हुए राज्य सरकार के एक बड़े फैसले की जानकारी दी। महापौर ने बताया कि मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में बिटुमिन की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को गंभीरता से लिया गया है। राज्य के विकास और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सरकार ने 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद अब डामर मिलने का रास्ता आसान हो गया है, इसलिए ठेकेदार बिना किसी वित्तीय चिंता के तत्काल डामरीकरण का काम शुरू करें।
महापौर की समझाइश और सरकार की राहत घोषणा के बाद ठेकेदारों ने आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अगले 10 दिनों के भीतर मुंबई से डामर की गाड़ियां राजनांदगांव पहुंचने की पूरी संभावना है। गाड़ी आते ही युद्धस्तर पर डामरीकरण शुरू कर दिया जाएगा। महापौर ने कहा कि सभी ठेकेदार एक-एक करके सड़कों को हाथ में लें और काम शुरू करें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मलिटी कंस्ट्रक्शन द्वारा कौरिनभाठा रोड में डामरीकरण का काम शुरू भी कर दिया गया है। इसी तरह अन्य एजेंसियां भी प्रयास कर काम चालू करें।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में नगर निगम के कार्यपालन अभियंता (संविदा) यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता श्रीमती गरिमा वर्मा सहित निर्माण एजेंसी एव्ही कंस्ट्रक्शन, मोहन कंस्ट्रक्शन, मेसर्स अभय कोटडिया और मलिटी कंस्ट्रक्शन के प्रतिनिधि व ठेकेदार मुख्य रूप से उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सोसायटियों में खाद-बीज की किल्लत न हो, किसान परेशान हुए तो खैर नहीं : कलेक्टर

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राजनांदगांव। खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने किसानों को समय पर खाद एवं बीज का वितरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को खाद-बीज के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पूरी व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए।
कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि धान सहित दलहन-तिलहन फसलों में परम्परागत खाद के साथ वैकल्पिक खाद, नैनो यूरिया एवं डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे खेती की लागत घटे और उत्पादन बढ़े।
जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष 68,690 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 41,509 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि अब तक 14,972 किसानों को खाद वितरण किया जा चुका है। वहीं समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण भी उपलब्ध है।
खरीफ सीजन के लिए 13,980 मि्ंटल बीज लक्ष्य के विरुद्ध 6,036 मि्ंटल बीज उपलब्ध है। इसमें से 3,201 मि्ंटल का भंडारण समितियों में किया गया है, जबकि 1,085 मि्ंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है।
जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल सक्रिय है। अब तक 28 विक्रय केंद्रों को नोटिस जारी किया गया है, 7 केंद्रों में भंडारित उर्वरक जप्त कर सीलिंग की कार्रवाई की गई है, जबकि 5 निजी विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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