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छत्तीसगढ़

*महापौर हेमा देशमुख के नेतृत्व में पूर्व भाजपा पार्षद सहित 50 लोगों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समीप किया कांग्रेस प्रवेश*

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हेमा देशमुख के नेतृत्व में मुख्यमंत्री का हुआ ऐतिहासिक स्वागत, पार्षद अमीन हुड्डा के कुशल रणनीति से भजपा में मचा हड़कं

राजनांदगांव (शहर)-शनिवार देर रात मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी का दौर कार्यक्रम जारी हुआ, जिसमें कोसरिया यादव महासभा द्वारा आयोजित कृष्ण जन्माष्टमी एवं शपथ ग्रहण समारोह में माननीय मुख्यमंत्री का राजनांदगांव आगमन की सूचना प्रकाशित थी, सूचना प्राप्त होते ही प्रशासन के साथ सभी कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मुख्यमंत्री जी के स्वागत तैयारी में संलग्न होगये

इसी क्रम में राजनांदगांव महापौर श्रीमती हेमा देशमुख के भी द्वारा पूरे शहर में फ्लेक्स होर्डिंग के साथ कमला कॉलेज चौक में स्वामी विवेकानंद जी के मूर्ति के समीप स्वागत की तैयारी त्वरित प्रभाव से की गई

कम समय में महापौर हेमा देशमुख के नेतृत्व में बड़ी संख्या में उनके समर्थकों की उपस्थिति दिखाई दी,महापौर हेमा देशमुख के द्वारा गाजे बाजे एवं आतिशबाजी के साथ प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी का ऐतिहासिक स्वागत किया गया, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कमला कॉलेज चौक स्थित स्वामी विवेकानंद जी के मूर्ति में पुष्प अर्पित किया गया एवं पूर्व भाजपा पार्षद सहित 50 अन्य लोगों को भूपेश बघेल ने कांग्रेस का गमछा पहना कर कांग्रेस में प्रवेश दिलाया

महापौर हेमा देशमुख के नेतृत्व में एवं कैलाश नगर के वर्तमान पार्षद अमीन हुड्डा के कुशल रणनीति से कैलाश नगर के पूर्व भाजपा पार्षद विट्ठलभाई पटेल एवं राजनांदगांव शहर और ग्रामीण से कुल 50 अन्य लोगों ने कांग्रेस में प्रवेश किया

विट्ठल भाई पटेल कैलाश नगर से 2010 के भाजपा पार्षद थे और 2020 में पुनः भजपा के पार्षद प्रत्याशी थे एवं गुजराती समाज में अच्छी पकड़ रखते है, कुछ समय से वह पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह की छेत्र में अनुपस्थिति और भाजपा के नीतियों से ना खुश चल रहे थे इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी एवं महापौर हेमा देशमुख के सक्रियता और कार्यशैली से प्रभावित होकर कांग्रेस में प्रवेश लेने का फैसला लिया विट्ठल पटेल के साथ महेश पटेल,मनोज पटेल, ,उमेश पटेल, अरविंद यादव, माधुर पटेल, जयेश पटेल, पीयूष पटेल, मोहन खाती एवं अन्य के साथ राजनंदगांव ग्रामीण से मगर लोटा से पंच पुत्र यश राजपूत और उनकी युवा टीम, सुरगी से सतनामी समाज प्रमुख राम कोसले, सिन्हा समाज से सौरभ सिन्हा एवं उनके साथीगण के साथ कुल 50 लोगों ने प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की समीप अधिकृत रूप से कांग्रेस में प्रवेश किया

स्वागत के दौरान शहर कांग्रेस एवं ग्रामीण कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राजनांदगांव से आई आवाज हेमा देशमुख जिंदाबाद एवं छत्तीसगढ़ से आई आवाज भूपेश बघेल जिंदाबाद के जोशीले नारें लगाये
इस दौरान महापौर परिषद के सदस्य, पार्षद, वरिष्ठ कांग्रेसी, महिला कांग्रस अध्य्क्ष, युवा कांग्रेस एनएसयूआई, सेवादल अध्य्क्ष, अल्पसंख्यक कांग्रेस अध्य्क्ष एवं निगम मंडल आयोग के सदस्य एवं अन्य कांग्रेस के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही

विधानसभा के पूर्व, राजनांदगांव महापौर हेमा देशमुख ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष अपनी प्रबल दावेदारी इस कार्यक्रम के साथ प्रस्तुत की है, स्वागत के दौरान सत्ता और संगठन के साथ कांग्रेस पार्टी में श्रीमती हेमा देशमूख के पक्ष में एकजुटता दिखाई दी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा कोसरिया यादव समाज के कायर्क्रम में भी अप्रत्यक्ष रूप से हेमा देशमूख को अधिक तवज्जु दी गयी, कोसरिया यादव समाज में मुख्यमंत्री के आगमन से हर्ष उल्लास का माहौल बना रहा

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छत्तीसगढ़

‘आदि अमितान’ अभियान : पीएम जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान के तहत घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं

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खैरागढ़। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में छुईखदान विकासखंड नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल एवं बीपीएम बृजेश ताम्रकार के नेतृत्व में जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीव्हीटीजी) बैगा समुदाय के लिए संचालित आदि अमितान पीएम जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
विकासखंड छुईखदान के 38 ग्रामों में निवासरत 4,819 बैगा जनजाति के प्रत्येक परिवार तक आदि अमितान एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। अभियान का उद्देश्य बैगा समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति की समय पर स्वास्थ्य जांच कर गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करना है।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक हितग्राही का व्यक्तिगत स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सिकल सेल रोग, एनीमिया, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर, मोतियाबिंद, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग सहित अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। आवश्यकता अनुसार मरीजों को तत्काल उपचार एवं उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं के लिए रेफर किया जा रहा है।
आदि अमितान द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी 0 से 2 वर्ष का बच्चा अथवा गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं एवं टीकाकरण से वंचित न रहे। एवं प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग के दौरान छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण तथा गर्भवती महिलाओं की जांच भी की जा रही है।
गंभीर स्वास्थ्य समस्या वाले हितग्राहियों को जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क आदि आरोग्य रथ के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अब तक अभियान के अंतर्गत 1,109 बैगा हितग्राहियों की स्वास्थ्य जांच कर उनका व्यक्तिगत स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किया जा चुका है। इनमें से 27 मरीजों को उच्च उपचार हेतु रेफर किया गया, जिनमें 18 उच्च रक्तचाप के मरीज, 1 पीएफ मलेरिया का मरीज तथा 8 एनीमिक गर्भवती महिलाएं शामिल हैंए जिन्हें समय पर भर्ती कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
आदि अमितान पहल के माध्यम से दूरस्थ बैगा बस्तियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ रही है तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को उनके घर के निकट ही समयबद्ध जांच, परामर्श, उपचार एवं रेफरल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

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छत्तीसगढ़

पीसीसी चीफ की दौड़ में गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद का नाम उभरा, सादगी और संगठनात्मक अनुभव बन सकता है प्लस पॉइंट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रही सियासी कवायद के बीच अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में आया है। गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक और वरिष्ठ नेता कुंवर सिंह निषाद को संगठन के मुखिया पद के लिए एक मजबूत, अनुभवी और जमीनी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि ओबीसी (OBC) वर्ग में मजबूत पकड़ और निर्विवाद छवि के कारण निषाद के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।

जिम्मेदारी मिली तो बूथ स्तर तक करेंगे काम: निषाद
नई जिम्मेदारी की चर्चाओं के बीच विधायक कुंवर सिंह निषाद ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस हाईकमान और शीर्ष नेतृत्व उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपता है, तो वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे। उनका मुख्य फोकस संगठन को बूथ स्तर पर और अधिक सक्रिय व मजबूत करना होगा। निषाद ने जोर देकर कहा कि वे कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान व अवसर देंगे और कांग्रेस की मूल विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास करेंगे।

तीन दशक का सफर: युवा कांग्रेस से की थी शुरुआत
कुंवर सिंह निषाद का राजनीतिक सफर काफी लंबा और जमीनी रहा है। वे वर्ष 1995 से कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

शुरुआती सफर: उन्होंने जिला युवा कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी।

संगठनात्मक अनुभव: वे प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, आधिकारिक प्रवक्ता और विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सदस्य जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभाल चुके हैं।

सामाजिक नेतृत्व: निषाद वर्तमान में विधायक होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ निषाद केवट समाज के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, जिससे उनकी सामाजिक स्वीकार्यता काफी व्यापक है।

क्यों मजबूत माना जा रहा है दावा?
राजनैतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि कुंवर सिंह निषाद की सबसे बड़ी खूबी उनकी सादगी, सहजता और सबको साथ लेकर चलने वाली कार्यशैली है। संगठन और समाज, दोनों ही मोर्चों पर उनका बेहतरीन समन्वय है। ऐसे समय में जब कांग्रेस को एक ऐसे चेहरे की तलाश है जो गुटबाजी से दूर रहकर कार्यकर्ताओं में जोश भर सके, निषाद का नाम एक मजबूत और उपयुक्त विकल्प के रूप में उभरा है। अब अंतिम फैसला आलाकमान के पाले में है।

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छत्तीसगढ़

तोमर ने सिंधी समाज को चालीहा महोत्सव की दी बधाई

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने सिंधी भाई – बहनों को चालीहा महोत्सव की बधाई दी है. उन्होंने अपने बधाई सँदेश में कहा है कि चालीसा दिनों तक तप – तपस्या – भक्तिभाव सँग की जाने वाली आराधना शाँति और सुकून प्रदान करेगी.

ज्ञात हो कि चालीहा महोत्सव का शुभारँभ 16 जुलाई, दिन गुरुवार को हुआ है. महोत्सव के प्रारँभ होते ही रायपुर सहित देश विदेश में सिंधी समाज से जुडे़ सभी भाई बहन विशेष पूजापाठ में जुट गए हैं.

क्षत्रिय करणी सेना के राज्य के मुखिया तोमर ने चालीहा महोत्सव के दौरान किए जाने वाले व्रत की बात करते हुए कहा है कि तमाम तरह के व्यसनों से मुक्ति का मार्ग यह पर्व दिखाता है. छोटी बडी़ सभी नदियों के सँरक्षण सहित उन्हें पूजे जाने का भी सँदेश यह त्यौहार देता है.

0 क्या है महोत्सव?

उल्लेखनीय है कि इस महोत्सव के दौरान इसे मानने वाले न तो अपने बालों में कँघी करते हैं और न ही दाढ़ी – बाल कटवाते हैं. जूते चप्पल त्यागने के साथ ही जमीन पर सोते हैं.

चालीहा महोत्सव के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है. इस अवधि में शुरुआत के पहले नौ दिन अथवा महोत्सव के अँतिम नौ दिन व्रत रखने की भी परँपरा है. व्रती दिन में केवल एक समय सात्विक भोजन का प्रसाद ग्रहण करते हैं.

0 क्यों मनाते हैं महोत्सव?

चालीहा महोत्सव से जुडी़ हुई
पौराणिक कथा पर प्रकाश डालते हुए जानकार बताते हैं कि सिंधु प्राँत में आज से करीब एक हजार साल पहले मिरख बादशाह का शासन हुआ करता था. वह बेहद अत्याचारी था.

उसके अत्याचार से पीडित प्रभावित श्रद्धालुओं ने सिंधु नदी के किनारे 40 दिनों तक भगवान वरुण की प्रार्थना की थी. इसके ही फलस्वरूप तब नदी से ही एक विशिष्ट बालक के अवतरित होने की आकाशवाणी हुई थी.

मान्यता है कि वरूण देवता स्वयँ मछली पर सवार होकर अवतरित हुए थे. उन्होंने व्रतियों से कहा था कि ” चिंता न करो मैं बहुत जल्द रतन राय के घर जन्म लूँगा और तुम्हारे दुखों का अंत करूँगा. ”

भविष्यवाणी मुताबिक वर्ष 991 में सिंध प्राँत के नसरपुर नगर में रतन राय के घर चैत्र शुक्ल तृतीया को एक बालक का जन्म हुआ. इसका नामकरण उदय चँद के रूप में हुआ.

आगे चलकर इसी ने
मिरख बादशाह का अँत सिंधी समाज के भाई बहनों की पीडा़ हर ली थी. तब से ही यह पर्व मनाया जाता है.

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