राजनांदगांव
देवकी रामधारी फाउंडेशन ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल होकर विश्व कीर्तिमान बनाया
राजनांदगांव। वर्ष 2023 नेत्रदान जागरूकता अभियान में नागरिकों, संस्थाओं के माध्यम से देवकी रामधारी फाउंडेशन ने विश्व में नया कीर्तिमान बनाया और गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल होकर इतिहास रच दिया। ज्ञात हो संस्था ने 2016 से अब तक 5210 नेत्रदान का संकल्प पत्र भरवा कर नए चिकित्सा जगत का आयाम स्थापित किया, जिसके लिए एशिया हेड गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के डॉक्टर मनीष बिश्नोई द्वारा संस्था को गरिमामयी मंच में सर्टिफिकेट प्रदान किया, जो की पूरे नगरवासियों एवं राज्यवासियों के लिए बहुत ही गर्व का विषय है!
देवकी रामधारी फाउंडेशन द्वारा मरणोपरांत देहदान व नेत्रदान करने वाले परिवारजनों का सम्मान समारोह नगर निगम ऑडिटोरियम मे मुख्य अतिथि रायगढ़ रेंज के डीआईजी रामगोपाल गर्ग उप महानिदेशक पुलिस, अति विशिष्ट अतिथियों एशिया हेड गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के डॉक्टर मनीष बिश्नोई, अंचल के सुप्रसिद्ध पंडित रवि भूषण शास्त्री, डॉ. उमेश शर्मा, रीना अग्रवाल छत्तीसगढ़ प्रांतीय मरवाडी युवा मंच संयोजिका नेत्रदान, अंगदान, देवकी रामधारी फाउंडेशन के चेयरमैन दीपक डोरा, डायरेक्टर लता दीपक, डाइरेक्टर आशीष अग्रवाल, रेखा महामिया, नगर के वरिष्ठ एवं सम्मानित नागरिको की गरिमामयी उपस्थिति मे रखा गया, जिसमें मुख्य रूप से देहदान के लिए ममता चक्रवर्ती, श्रीपति प्रधान, ज्योति श्रीवास्तव एवं नेत्रदान के लिए सावित्री देवी, सुरेश धनानीया, दीनदयाल अग्रवाल, निरंजन नहाड़िया के परिवारजनो को सम्मानित किया गया। इसी मंच से 18 दानदाताओं ने देहदान के लिए और चार दानदाताओं ने नेत्र दान के लिए संकल्प लिया।
डीआईजी रामगोपाल गर्ग ने देवकी रामधारी फाउंडेशन द्वारा निःस्वार्थ भाव से नेत्रदान एवं देहदान के क्षेत्र में किये जा रहे कार्य की सराहना करते हुए कहा काम उसने दुनिया का सबसे महान किया, जिसने भी नेत्रदान महादान किया। देवकी रामधारी फाउंडेशन के चेयरमैन दीपक डोरा ने कहा विश्व कीर्तिमान देवकी रामधारी फाउंडेशन का नहीं अपितु रायगढ़ के प्रत्येक आमजनों का है, जिन्होंने प्रयास करके नेत्रदान जागरुकता के इस महाभियान को विश्व कीर्तिमान में स्थान दिलाया है। मृत्यु के बाद भी देख सकती है, ये आंखें जहान बस जीते जी नेत्रहीन के नाम करना होगा नेत्रदान। डायरेक्टर लता दीपक का मानना है मरता है शरीर अमर है आत्मा, नेत्र दान से मिलता है स्वयं परमात्मा। लायंस क्लब रायगढ़ मिडटाउन के सचिव अनुराग मित्तल ने बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड मे शामिल होकर विश्व कीर्तिमान बनाना न सिर्फ देवकी रामधारी फाउंडेशन का ही नहीं संपूर्ण नगरवासियों एवं राज्यवासियों के लिए भी गौरव का विषय है! डायरेक्टर आशीष अग्रवाल ने अंचलवासियो एवं नगर की सभी संस्थाओं को कार्यक्रम को सफ बनाने के लिए आभार प्रकट किया।
राजनांदगांव
कबीर जयंती पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर ने दी शुभकामनाएं
राजनांदगांव। कबीर जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर मधुसूदन यादव ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संत कबीर के विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और युग प्रवर्तक भी थे, जिनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
संयुक्त शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि संत कबीर ने सत्य, अहिंसा, दया, करुणा, परोपकार और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए मानवता और समानता पर आधारित समाज की स्थापना का मार्ग दिखाया। उनके दोहे आज भी लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कबीरधाम से लेकर दामाखेड़ा तक उनके अनुयायी आज भी उनके विचारों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। संत कबीर की रचनाओं में कबीर अमृतवाणी विशेष रूप से लोकप्रिय है और उनके दोहे विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।
इस अवसर पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, महापौर परिषद के सदस्य, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सभापति, अपील समिति के सदस्य तथा पार्षदों ने भी नागरिकों को कबीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि संत कबीर ने कभी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव का समर्थन नहीं किया और उनका जीवन मानवता, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने नागरिकों से संत कबीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
राजनांदगांव
365 दिन बिना छुट्टी कर रहे पशुधन विभाग के मैदानी कर्मचारी, साप्ताहिक अवकाश की मांग संघ ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार 365 दिन सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की शारीरिक एवं मानसिक थकान तथा सेवा गुणवत्ता पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को देखते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति पशुचिकित्सा अधिकारी संघ ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग के मैदानी अमले को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की है। एवं शासकीय अवकाश के दिनों में भी पशु चिकित्सालय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के लिए खोले जाएं, जिससे गंभीर बीमार पशुओं को तत्काल उपचार मिल सके।
संघ का पक्ष:
ज्ञापन सौंपते हुए संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके ने कहा, “मैदानी स्तर पर हमारे अधिकारी-कर्मचारी बस्तर के घने जंगलों से लेकर सरगुजा की दुर्गम पहाड़ियों तक टीकाकरण, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान एवं आपातकालीन उपचार का कार्य करते हैं। वर्षभर बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार कार्य करने से स्टाफ में अत्यधिक शारीरिक एवं मानसिक थकान व्याप्त है। इसका सीधा असर फील्ड में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।”
संवैधानिक एवं समानता का तर्क:
डॉ. रामटेके ने बताया कि साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान भारतीय संविधान में भी उल्लेखित है। राज्य के लगभग सभी विभागों में कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश की सुविधा प्राप्त है। यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग जैसे आपातकालीन सेवा वाले विभाग में भी साप्ताहिक अवकाश एवं रोस्टर प्रणाली लागू है। पशुधन विकास विभाग के कर्मचारी भी उसी तर्ज पर मानव संसाधन नीति के तहत अवकाश के हकदार हैं।
अन्य प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में संघ ने विभाग में लंबे समय से रिक्त सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के बैकलॉग पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आग्रह किया गया, ताकि विभाग को योग्य मानव संसाधन मिल सके और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं मिलें।
ज्ञापन प्राप्त कर मुख्यमंत्री ने इस पर शीघ्र निर्णय लेते हुए विभाग को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित:
प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके, प्रांतीय सचिव डॉ. तरुण रामटेके सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।
राजनांदगांव
स्कूलों में गायत्री मंत्र-हनुमान चालीसा, सरकार का फैसला सराहनीय : दीपक सोनी
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रिमंडल द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों को गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा का पाठ कराने संबंधी लिए गए निर्णय का विश्व हिंदू रक्षा संगठन ने जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल बताया है।
विश्व हिंदू रक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी ने जारी अपने वक्तव्य में कहा कि यह निर्णय नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की आधारशिला भी होते हैं। ऐसे में गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा जैसे प्रेरणादायी स्त्रोतों का अध्ययन विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोचए राष्ट्रभक्ति एवं नैतिक चेतना का विकास करने में सहायक सिद्ध होगा।
आगे उन्होंने कहा कि, भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
श्री सोनी ने इस निर्णय के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं विशेष रूप से शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा संगठन छत्तीसगढ़ शासन के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है तथा आशा व्यक्त करता है कि इससे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं सनातन जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल शिक्षा के साथ.साथ संस्कारयुक्त समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
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