Connect with us

रायपुर

जगन्नाथनगर में युवक पर जानलेवा हमले के बाद भी पुलिस ने नहीं लिखी एफआईआर, युवाओं का फूटा गुस्सा

Published

on

रायपुर। राजधानी में सरेराह चाकूबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। महीनेभर में ही शहर के अलग-अलग क्षेत्र में चाकूबाजी की दर्जनभर से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं। इसी बीच रायपुर उत्तर विधानसभा क्षेत्र के जगन्नाथ नगर में चाकूबाजी की ही एक नई घटना हो गई। इन घटनाओं को लेकर उत्तर विधानसभा के बीजेपी प्रत्याशी पुरंदर मिश्रा ने भी चिंता जताई है। वहीं जगन्नाथ नगर के रहवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में सिविल लाइंस थाने का घेराव करने की चेतावनी दी है।
बताते चलें कि, अपराधी तत्वों के हौसले इतने ज्यादा बुलंद हैं कि वारदात को अंजाम देने के बाद वीडियो बनाकर बाकायदा उसे वायरल करने से भी नहीं डर रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज करने में आना-कानी करती है। ताजा घटना में भी जगन्नाथ नगर निवासी युवक राजू सोना को चाकू मारकर उसका विडियो वायरल किया गया है, लेकिन सिविल लाइंस थाना पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की है, जिसे लेकर जगन्नाथ नगर के लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। पुलिस की कार्यशैली पर भड़के लोगों ने पुलिस को अल्टीमेटम भी दिया है। कहा है कि, चाकूबाजी के आरोपियों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में सिविल लाइंस थाने का घेराव किया जाएगा।
बुधवार को उत्तर विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी प्रत्याशी पुरंदर मिश्रा ने घायल युवक राजू सोना से अस्पताल जाकर मुलाकात की। राजू सोना का कुशलक्षेम जाना और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना प्रकट की। इस दौरान पुरंदर मिश्रा ने अपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि, लगभग पांच साल से राजधानी रायपुर अपराध का गढ़ बन गया है। कानून व्यवस्था चौपट है। आए दिन यहां हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, चेन स्नैचिंग, सट्टेबाजी और चाकूबाजी जैसी घटनाएं हो रही हैं। गली-गली में शराब सहित अन्य मादक पदार्थों का अवैध धंधा चल रहा है। महिलाओं का घर से बाहर निकल पाना मुश्किल हो रहा है, इसके बावजूद पुलिस अपराधी तत्वों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, लेकिन शहर की जनता अब ये सब और बर्दाश्त नहीं करेगी। जनता ने उत्तर विधानसभा क्षेत्र में बदलाव का मन बना लिया है। जनता का मूड स्पष्ट है कि-अऊ नहीं सहिबो, बदल के रहिबो।
प्रकाश सोना को चाकू घोपकर उसके हाथ-पैर तोड़ने के बाद भी पुलिस ने मामूली धारा लगाकर हमलावरों को छोड़ दिया। इसके विरोध में भाजपा प्रदेश मंत्री किशोर महामंद और धर्म सेना प्रमुख विक्रम केवलानी समेत जगन्नाथ नगर के समस्त युवाओं में भारी आक्रोश है। उन्होंने पुलिस को अल्टीमेटम दिया है कि बदमाशों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर न्यायसंगत कार्यवाही नहीं की गई तो जगन्नाथ नगर क्षेत्र के लोग थाने का घेराव करेंगे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

बिरसा मुंडा जयंती पर युवाओं को मिला समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश

Published

on

रायपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मंगलवार को ऑल वॉलंटरी एसोसिएशन फाउंडेशन द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं और आदिवासी समाज से भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाकर समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक डॉ. हेमशंकर जेठमल साहू ने की। शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं, युवा एवं विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

डॉ. साहू ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और आत्मविश्वास के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि वह सही दिशा में आगे बढ़े तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज में जागरूकता फैलाने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके नेतृत्व में चला जनआंदोलन आज भी सामाजिक न्याय और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।

इस दौरान संस्था के सदस्यों ने आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार, युवाओं के कौशल विकास और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। संस्था ने भविष्य में भी भगवान बिरसा मुंडा के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान और संगोष्ठियों के आयोजन की घोषणा की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने की शपथ ली। साथ ही उनके विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।

Continue Reading

कोंडागांव

खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ें, सालभर मिलेगी आय : विवेक ठाकुर

Published

on

रायपुर/कोंडागांव। कृषि क्षेत्र में किसानों की आय को दोगुना करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलना होगा। किसानों को आधुनिक तकनीक, बहुफसली खेती और बाजार आधारित उत्पादन प्रणाली को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। यह बात राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम के प्रतिनिधि विवेक ठाकुर ने किसानों से किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और किसान उत्पादक कंपनियों से जुड़कर सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान करते हुए कही।

श्री ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा छोटे और सीमांत किसानों का है। अकेले खेती करने के कारण इन किसानों को उन्नत बीज, खाद, उर्वरक, सिंचाई के साधन और सबसे बढ़कर उपज का उचित मूल्य (विपणन) पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यदि यही किसान एफपीओ या किसान उत्पादक कंपनी के रूप में संगठित होकर काम करें, तो उन्हें सरकारी योजनाओं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और बड़े बाजारों तक पहुंच आसानी से मिल सकती है। इससे न सिर्फ खेती की लागत घटेगी, बल्कि उत्पादन और मुनाफे में भी बड़ी वृद्धि होगी।

सांसद प्रतिनिधि ने फसल विविधीकरण पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को केवल एक ही फसल (धान) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, सब्जी, फल, मक्का और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मिलेट्स जैसे कोदो-कुटकी व अन्य नकदी फसलों की खेती की जानी चाहिए। बहुफसली खेती से जहां एक ओर भूमि की उर्वरा शक्ति सुरक्षित रहती है, वहीं दूसरी ओर किसानों को साल के बार Belonging महीने आय के स्रोत मिलते रहते हैं। उन्होंने प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने की भी वकालत की।

विवेक ठाकुर ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ FPO के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि किसान उत्पादक कंपनियां किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने, उनके उत्पादों की ब्रांडिंग करने और बिचौलियों से मुक्त कर बेहतर मूल्य दिलाने में सेतु का काम कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित उद्योग, प्रसंस्करण इकाइयां (प्रोसेसिंग यूनिट) और वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) गतिविधियों को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होगा। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं को भी कृषि आधारित स्टार्टअप और उद्यमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

श्री ठाकुर ने अंत में अपील की कि यदि छत्तीसगढ़ के किसान संगठित होकर आधुनिक कृषि मॉडल को अपनाते हैं, तो आने वाले समय में हमारा प्रदेश कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश के भीतर एक नई और अनूठी पहचान स्थापित करेगा।

Continue Reading

रायपुर

मदर्स डे पर सौगात : रायपुर महिला जेल में वीडियो कॉलिंग सिस्टम का शुभारंभ

Published

on

रायपुर। आज मदर्स डे के ममतामयी अवसर पर रायपुर की महिला जेल में बंदिनियों के लिए खुशियों की एक नई किरण जगी है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप, जेल प्रशासन ने महिला बंदिनियों को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का बहुप्रतीक्षित तोहफा दिया है।

अपनों से दूरी होगी कम

वीडियो कॉलिंग की सुविधा से जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए अनुबंध के तहत इस सिस्टम को स्थापित किया गया है। अब महिला बंदी अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से सीधे वीडियो कॉल के जरिए संवाद कर सकेंगी, जिससे उनके मानसिक संबल और कानूनी विमर्श में मदद मिलेगी।

हुनर को मिला सम्मान

निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल विकास का प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 38 महिला बंदिनियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह उनके पुनर्वास और भविष्य में स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा कदम है।

जेल में अपनी माताओं के साथ रह रहे 14 मासूम बच्चों को विभाग की ओर से विशेष उपहार वितरित किए गए, जिससे बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान खिल गया और जेल परिसर का माहौल उत्सवमय हो गया। इस संवेनदनशील पहल के शुभारंभ अवसर पर जेल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से श्री हिमांशु गुप्ता (डीजी, जेल), श्री योगेश सिंह क्षत्री (जेल अधीक्षक), श्री विजय छबलानी (प्रतिनिधि, ठैछस्), सुश्री गरिमा पांडेय (प्रभारी, महिला जेल) एवं समस्त जेल स्टाफ, संबंधित महिला बंदिनी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बंदिनियों को उनके मानवाधिकारों और परिवार से जोड़ने का माध्यम बनेगी, बल्कि जेल सुधार की दिशा में तकनीकी समावेश का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगी।

Continue Reading

Trending