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राजनांदगांव

दो वर्ष पूर्व रमेश जनबंधु अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, उधारी का पैसा बना आपसी रंजिश व हत्या का कारण

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राजनांदगांव। मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी श्रीनिवास जनबंधु निवासी डोंगरगढ़ द्वारा थाना डोंगरगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराया कि इनका छोटा भाई रमेश जनबंधु 24.06.2021 को अपने मोटर सायकल से बिल्डिंग मटेरियल सामान का पैसा वसूलने ग्राम बछेराभाठा जा रहा हूं, कहकर निकला था, जो घर वापस नहीं आया है कि रिपोर्ट दर्ज कर खोजबीन किया गया। दौरान 28.06.2021 को ग्राम राउरकसा डेम (थाना बोरतलाव) के ऊपर सड़ी-गली अवस्था में एक लाश मिली, जिसका रमेश जनबंधु के रूप में शिनाख्ती हुई जो प्रथम दृष्ट्या हत्या होना परिलक्षित होने से थाना बोरतलाव में अपराध क्रमांक 52/2021 थारा 302 भादंवि का अपराध पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपी का पता तलाश किया जा रहा था।
विवेचना के दौरान मृतक के परिजनों एवं ग्रामीणों से पूछताछ कथन के आधार पर संदेही आरोपी महेश सोनी, राहूल सोनी, अजय शर्मा उर्फ बहु एवं सूरज वर्मा से पूछताछ किया गया, जो घटना कारित करने से साफ इंकार किये। आरोपी महेश सोनी व सुरज वर्मा का ब्रेन मेपिंग टेस्ट कराया गया। परीक्षण रिपोर्ट में घटना के संबंध में अहम तथ्य प्रकाश में आये।
विवेचना के दौरान वरिष्ठ अधिकारी पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन में व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहूल देव शर्मा वं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी, डोंगरगढ़ आशीष कुंजाम के मार्गदर्शन पर ब्रेन मेपिंग टेस्ट के आधार पर संदेही आरोपी महेश सोनी, राहुल सोनी, अजय शर्मा उर्फ दहु सुरज वर्मा को हिरासत में लेकर पुनः कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपीगण द्वारा घटना कारित करना स्वीकार किये। आरोपी महेश सोनी द्वारा बताया कि गांव में घर बनाने के लिए रमेश जनबंधु जो हार्डवेयर का दुकान चलाता था, जिससे विल्डिंग मटेरियल का सामान उधारी लिया था, जिसका कुछ पैसा बांकी रहने से रमेश जनबंधु का आरोपी के घर में आकर बार-बार तगादा करता था, जिससे महेश सोनी काफी परेशान था। दिनांक 24.06.2021 को सुबह रमेश जनबंधु आरोपी महेश सोनी के घर ग्राम बछेराभाठा वसुली के लिये आया था और उधारी रकम लेन-देन की बात को लेकर दोनों में वाद-विवाद हुआ था। आरोपी उसे सबक सिखाने अपने बेटे राहुल सोनी व उसके दोस्त सुरज वर्मा, अजय उर्फ दद्दू के साथ रमेश जनबंधु को मारने की योजना बनाये, और उसी शाम को योजना के अनुरूप आरोपी महेश सोनी द्वारा रमेश जनबंधु को उसके उधारी का पैसा दूंगा कहकर मुक्तिधाम में बुलाया और उसे बहला-फुसलाकर राउरकसा डेम के तरफ ले गया। योजना के अनुसार उसे मारने के लिये पहले से राहुल सोनी, सुरज वर्मा और अजय शर्मा उर्फ दहू जंगल में छुपे थे, जैसे ही महेश सोनी व रमेश जनबंधु राउरकसा डेम के पास पंहचे तो चारों आरोपी मिलकर रमेश जनबंधु को कुल्हाड़ी और डंडा से मारपीट कर हत्या कर दिये एवं घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को राउरकसा डेम के पास के जंगल में फेंक दिये एवं मृतक के मोटर सायकल को बछेराभाठा के बुनकर तलाब में डुबा देना बताया। विवेचना दौरान घटना में प्रयुक्त डण्डा, कुल्हाड़ी, 2 नग मोटर सायकल को आरोपी की निशादेही पर जप्त किया गया है। आरोपीगण कृत्य धारा-302, 201, 120-बी, 193, 34 भादंवि का पाये जाने से आरोपीगण को विधिवत गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल दाखिल किया गया है।
महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले पुलिस अधिकारी निरीक्षक संतोष ठाकुर, सउनि ताज खान, प्रधान आरक्षक रोहित पड़ोती, आरक्षक परिवेश वर्मा, गुलशन कंवर एवं थलेश देशमुख थाना बोरतलाव शामिल है।

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अपराध

गैंदाटोला क्षेत्र का शराब कोचिया गिरफ्तार, बाइक और 37 पौवा देसी शराब जब्त

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डोंगरगांव। राजनांदगांव जिले में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में डोंगरगांव थाना पुलिस ने करियाटोला से डोंगरगांव की ओर बाइक पर अवैध रूप से शराब परिवहन कर रहे गैंदाटोला क्षेत्र के एक शातिर कोचिए को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में देसी शराब और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार 28 जून को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल पर क्षमता से अधिक शराब लेकर करियाटोला से डोंगरगांव की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के मंशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर बताए गए मार्ग पर घेराबंदी की और मुखबिर के हुलिए के आधार पर संदेही को रोक लिया।

गुमराह करने की कोशिश, तलाशी में खुली पोल
पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम तोरण लाल धनकर (35 वर्ष), निवासी ग्राम घुपसाल, थाना गैंदाटोला बताया। जब पुलिस टीम ने उसकी और वाहन की तलाशी ली, तो उसके पास से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस द्वारा शराब परिवहन और बिक्री के संबंध में वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपी लगातार टीम को गुमराह करने का प्रयास करता रहा। कोई भी वैध कागजात पेश नहीं करने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

कुल 52,960 रुपये का माल बरामद
थाना प्रभारी ने बताया कि:
“आरोपी तोरण लाल धनकर के पास से 37 पौवा देसी शराब (शोले ब्रांड, कुल 6.660 बल्क लीटर) कीमती 2960/- रुपये और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही टीवीएस मोटरसाइकिल (क्रमांक सीजी 08 एजी 1253) कीमती 50,000/- रुपये, इस प्रकार कुल 52,960 रुपये का मशरूका जब्त किया गया है। आरोपी के खिलाफ थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमांक 218/2026, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।”

कार्रवाई में इनकी रही मुख्य भूमिका
अवैध शराब के खिलाफ की गई इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, प्रधान आरक्षक डेमन चन्द्राकर, आरक्षक चन्द्रकांत सोनी और आरक्षक ओंकार कुर्रे की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब बेचने और परिवहन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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अपराध

पुरानी रंजिश में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला, एक घंटे में आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। बसंतपुर थाना पुलिस ने युवक पर प्राणघातक हमला करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज एक घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त धारदार चाकू भी जब्त कर लिया है।

पुलिस के अनुसार 28 जून को ग्राम मोहड़ में दीपक चंद्राकर पर धारदार चाकू से हमला किए जाने की सूचना मिली थी। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल दीपक चंद्राकर ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। त्रिलोक ठेला के पास आरोपी घनश्याम निषाद उर्फ घन्सू उर्फ गुनगुन (20) ने रास्ता रोक लिया। पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए “गांव में हीरोपंथी करता है और बहुत बातें करता है” कहकर गाली-गलौज की और हत्या की नीयत से उसके पेट एवं दाहिने हाथ पर चाकू से हमला कर दिया।

प्रकरण में थाना बसंतपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में गठित टीम ने थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू बरामद कर जब्त किया गया।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, उप निरीक्षक नरेश सार्वा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक राजीव चंद्रा, आरक्षक राजेश बंदेश्वर, रूपेंद्र वर्मा, कुश बघेल, ललित रावटे, डिलेश्वर गोंड सहित बसंतपुर थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राजनांदगांव

राजनांदगांव में कोचिंग सेंटरों पर पुलिस का छापा, फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की सघन पड़ताल

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राजनांदगांव। दिल्ली के कोचिंग सेंटर हादसे से सबक लेते हुए राजनांदगांव पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस अधीक्षक श्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के नेतृत्व में सोमवार को शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया।

तीन थाना क्षेत्रों के 12 संस्थानों में दबिश
विशेष अभियान के तहत पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख शैक्षणिक हब कहे जाने वाले थाना कोतवाली, बसंतपुर एवं चिखली क्षेत्र के लगभग 12 कोचिंग संस्थानों का सघन निरीक्षण किया। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र शाह, बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू सहित पुलिस लाइन के करीब 25 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

इन सुरक्षा मानकों की हुई बारीकी से जांच
पुलिस टीम ने कोचिंग सेंटरों के भीतर जाकर निम्नलिखित सुरक्षा बिंदुओं का सूक्ष्मता से परीक्षण किया:

अग्निशमन उपकरण: संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) चालू हालत में हैं या नहीं।

निकास मार्ग: आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और आपातकालीन खिड़कियों की उपलब्धता।

इलेक्ट्रिक ऑडिट: विद्युत वायरिंग की स्थिति, शॉर्ट सर्किट से बचाव के उपकरण और ओवरलोडिंग की जांच।

रास्ते और सीढ़ियां: आपात स्थिति में भगदड़ से बचने के लिए सीढ़ियों और निकासी मार्गों की चौड़ाई एवं सुगमता।

लापरवाही मिलने पर सील होंगे संस्थान, दी कड़ी चेतावनी
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी कोचिंग संचालकों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि वे अपने संस्थानों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।

अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि:
“संस्थानों में पर्याप्त संख्या में कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर, स्पष्ट निकास मार्ग और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संस्थानों को सील भी किया जा सकता है।”

सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रतिबद्ध
मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं की जिंदगी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। राजनांदगांव पुलिस विद्यार्थियों एवं आमजन की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और विशेष अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

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