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राजनांदगांव

स्वस्थ्य रहने के लिए शरीर को जानना और भोजन को पहचाना जरूरी : डॉ. निरंजन वर्मा

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पंचगव्य डॉक्टर असोसिएशन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय तृतीय पंचगव्य चिकित्सा सम्मेलन इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय, रायपुर के सभागृह में आयोजित किया गया।
उक्ताशय की जानकारी प्रदान करते हुए आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य आनन्दकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य वक्ता गव्यसिद्ध आचार्य एवं गुरू कुलपति पंचगव्य विद्यापीठम् कांचीपुरम् तमिलनाडु डॉ. निरंजन वर्मा द्वारा पंचगव्य चिकित्सा एवं गौ विज्ञान पर विशेष व्याख्यान व मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि गाय की सुरक्षा, सरंचना व संवर्धन के लिए गाय से आर्थिक स्वावलंबी व्यवस्था पर कार्य करने की आवश्यकता है। गाय का महत्व चिकित्सा, कृषि, शिक्षा सहित अन्य सभी क्षेत्रों में है। आज पूरा विश्व विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त है और सभी को चिकित्सा की आवश्यकता है। देश के बजट का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य सुविधाओं में खर्च हो रहा है। गाय को स्वास्थ्य से जोड़ दिया जाए तो देश के नागरिक स्वस्थ्य रहेंगे और गाय का भी संरक्षण व संवर्धन होगा। उन्होंने बताया कि पंचगव्य चिकित्सा हमारी वैदिक शास्त्रों में वर्णित एक पुरानी एवं पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है। देश में आज 10 हजार से ज्यादा गव्यसिद्ध पंचगव्य चिकित्सा पद्धति से कैंसर, सिकल सेल जैसे जटिल से जटिल बीमारियों का ईलाज कर रहे है और इसके अद्भूत एवं सुखद परिणाम भी मिल रहा है। उन्होंने पंचगव्य चिकित्सा से स्वस्थ हुए विभिन्न मरीजों के उदाहरण प्रस्तुत किए।
डॉ. निरंजन वर्मा ने कहा कि स्वस्थ्य रहने के लिए शरीर को जानने और भोजन को पहचानने की आवश्यकता है। दुनिया में सबसे सरल विज्ञान चिकित्सा शास्त्र है। महर्षि वाग्भट्ट ने घर को स्वस्थ्य रखने के लिए तीन सूत्र दिए हैं। जिसमें घर के बाहर गाय, आंगन में तुलसी और घर के एक कोने में दुनिया का सबसे बेहतर चिकित्सालय रसोई तीन सुरक्षा चक्र है। जब तक भारत के घरों में तीनों सुरक्षा चक्र थे, भारत दुनिया का सबसे स्वस्थ देश था, लेकिन आज लगभग पूरा देश बीमार है और आज फिर से तीनों सुरक्षा चक्र को स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित भारत के विभिन्न क्षेत्रों में पायी जाने वाली गऊवंश की विशेषता और उनके महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारतीय गऊवंश के सिंगों पर किए गए शोध के विषय में विस्तार से जानकारी दी। डॉ. वर्मा ने कहा कि गाय और गाय से प्राप्त गव्य चन्द्रमा की तरह सरल, सुंदर और शीतल है तथा सूर्य में मिलने वाले सभी गुण गाय में होते है। उन्होंने गाय में पायी जाने वाली सूर्य केतु नाड़ी के कार्य, महत्व एवं उपयोगिता की विस्तार से जानकारी दी। गाय के गोबर से पानी, घी से पर्यावरण के शुद्धिकरण के प्रयोग के बारे में बताया। उन्होंने आकड़ों के माध्यम से बताया कि जहां गाय की संख्या अधिक है, वहां चेतना का विकास होता है और अपराधों की संख्या कम है। पंचमहाभूतों का संतुलन बिगड़ने से बीमारियां होती है और इसका संतुलन पंचगव्य से संभव है। उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए नियमित भस्म के पानी का सेवन करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि पंचगव्य के सेवन से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। साथ ही रसायनिक दवाईयों के दुष्प्रभाव को दूर करने में पंचगव्य कारगर है। हमारे पूर्वजों ने गाय के विज्ञान को समझकर ही गाय को माँ कहा।
इस दौरान उपस्थित श्रोताओं के जिज्ञासाओं का समाधान गुरूजी द्वारा किया गया। बढ़ते कैंसर और हृदयघात से मौतों पर उठे सवाल पर निरंजन वर्मा ने कहा कि कोरोना के लिए बनी वेक्सीन के साइडइफेक्ट हुए हैं, कैंसर और हार्ट फेलियर के साथ ही 70 प्रतिशत महिलाओं में मासिक अनियमितता की शिकायत देखी जा रही है, महिलाओं में बांझपन और पुरुषों में नपुंसकता बढ़ रही है।
पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने को संबोधित में कहा कि पंचगव्य चिकित्सा हमारे पुरातन चिकित्सा पद्धति का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने भारत में पायी जाने वाली गऊवंश की विशेषता के संबंध में जानकारी दी। श्री साहू ने राज्य में बहुतायत की संख्या में पायी जाने वाली कोशली गऊवंश के बारे में विस्तार से बताया। प्रदेश प्रवक्ता भाजपा गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि यह बहुत ही खुशी की बात है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर गुरूजी का आममन और पंचगव्य चिकित्सा सम्मेलन आयोजन किया जा रहा है, जिसका लाभ निश्चित ही राज्य के नागरिकों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारा शरीर पंचतत्व से निर्मित है और हमें पंचगव्य के महत्व को जानने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के संरक्षक राधेश्याम गुप्ता, एसपी साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम स्थल पर निःशुल्क नाड़ी परीक्षण एवं पंचगव्य चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर निर्वासित तिब्बती सांसद वेन. गेशे नगावा गांगरी एवं सुश्री तेनजिन चो, जिन, किसान नेता कृपाराम साहू, श्रीमती अंजू सिंह, सुशांत विश्वास, मुकेश पिल्ले, नरेन्द्र गुप्ता, आनन्दकुमार श्रीवास्तव एवं छत्तीसगढ़ पंचगव्य डॉक्टर एसोसिएशन के गव्यसिद्ध डॉ. प्रमोद कश्यप, गव्यसिद्ध डॉ. मुकेश स्वर्णकार, गव्यसि डॉ. अवधेश कुमार, गव्यसिद्ध डॉ. धीरेन्द्र यादव, गव्यसिद्ध डॉ. कमलेश ढीवर, गव्यसिद्ध डॉ. डिलेश्वर साहू, गव्यसिद्ध डॉ. कामेश्वर प्रसाद, गव्यसिद्ध डॉ. पुरूषोत्तम सिंह राजपूत, गव्यसिद्ध डॉ. कृपा पटेल, गव्यसिद्ध डॉ. कुशवाह, भाविन जी, संजय सिंह, वेदप्रकाश शर्मा बरेली-उत्तर प्रदेश सहित अन्य गव्यसिद्ध डॉक्टर्स तथा विद्यार्थी, गौ पालक, जैविक कृषक एवं राजधानी के अलग-अलग क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित राजनांदगाव से मां पंचगव्य चिकित्सा एवं अनुसंधान केन्द्र के सभी सदस्यगण उपस्थित थे।

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अपराध

गैंदाटोला क्षेत्र का शराब कोचिया गिरफ्तार, बाइक और 37 पौवा देसी शराब जब्त

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डोंगरगांव। राजनांदगांव जिले में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में डोंगरगांव थाना पुलिस ने करियाटोला से डोंगरगांव की ओर बाइक पर अवैध रूप से शराब परिवहन कर रहे गैंदाटोला क्षेत्र के एक शातिर कोचिए को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में देसी शराब और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार 28 जून को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल पर क्षमता से अधिक शराब लेकर करियाटोला से डोंगरगांव की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के मंशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर बताए गए मार्ग पर घेराबंदी की और मुखबिर के हुलिए के आधार पर संदेही को रोक लिया।

गुमराह करने की कोशिश, तलाशी में खुली पोल
पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम तोरण लाल धनकर (35 वर्ष), निवासी ग्राम घुपसाल, थाना गैंदाटोला बताया। जब पुलिस टीम ने उसकी और वाहन की तलाशी ली, तो उसके पास से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस द्वारा शराब परिवहन और बिक्री के संबंध में वैध दस्तावेज मांगने पर आरोपी लगातार टीम को गुमराह करने का प्रयास करता रहा। कोई भी वैध कागजात पेश नहीं करने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

कुल 52,960 रुपये का माल बरामद
थाना प्रभारी ने बताया कि:
“आरोपी तोरण लाल धनकर के पास से 37 पौवा देसी शराब (शोले ब्रांड, कुल 6.660 बल्क लीटर) कीमती 2960/- रुपये और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही टीवीएस मोटरसाइकिल (क्रमांक सीजी 08 एजी 1253) कीमती 50,000/- रुपये, इस प्रकार कुल 52,960 रुपये का मशरूका जब्त किया गया है। आरोपी के खिलाफ थाना डोंगरगांव में अपराध क्रमांक 218/2026, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।”

कार्रवाई में इनकी रही मुख्य भूमिका
अवैध शराब के खिलाफ की गई इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में डोंगरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, प्रधान आरक्षक डेमन चन्द्राकर, आरक्षक चन्द्रकांत सोनी और आरक्षक ओंकार कुर्रे की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब बेचने और परिवहन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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अपराध

पुरानी रंजिश में युवक पर चाकू से जानलेवा हमला, एक घंटे में आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। बसंतपुर थाना पुलिस ने युवक पर प्राणघातक हमला करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज एक घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त धारदार चाकू भी जब्त कर लिया है।

पुलिस के अनुसार 28 जून को ग्राम मोहड़ में दीपक चंद्राकर पर धारदार चाकू से हमला किए जाने की सूचना मिली थी। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल दीपक चंद्राकर ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथियों के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। त्रिलोक ठेला के पास आरोपी घनश्याम निषाद उर्फ घन्सू उर्फ गुनगुन (20) ने रास्ता रोक लिया। पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए “गांव में हीरोपंथी करता है और बहुत बातें करता है” कहकर गाली-गलौज की और हत्या की नीयत से उसके पेट एवं दाहिने हाथ पर चाकू से हमला कर दिया।

प्रकरण में थाना बसंतपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में गठित टीम ने थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त धारदार चाकू बरामद कर जब्त किया गया।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, उप निरीक्षक नरेश सार्वा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक राजीव चंद्रा, आरक्षक राजेश बंदेश्वर, रूपेंद्र वर्मा, कुश बघेल, ललित रावटे, डिलेश्वर गोंड सहित बसंतपुर थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राजनांदगांव

राजनांदगांव में कोचिंग सेंटरों पर पुलिस का छापा, फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की सघन पड़ताल

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राजनांदगांव। दिल्ली के कोचिंग सेंटर हादसे से सबक लेते हुए राजनांदगांव पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस अधीक्षक श्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के नेतृत्व में सोमवार को शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में फायर सेफ्टी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर एक विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया।

तीन थाना क्षेत्रों के 12 संस्थानों में दबिश
विशेष अभियान के तहत पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख शैक्षणिक हब कहे जाने वाले थाना कोतवाली, बसंतपुर एवं चिखली क्षेत्र के लगभग 12 कोचिंग संस्थानों का सघन निरीक्षण किया। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र शाह, बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू सहित पुलिस लाइन के करीब 25 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।

इन सुरक्षा मानकों की हुई बारीकी से जांच
पुलिस टीम ने कोचिंग सेंटरों के भीतर जाकर निम्नलिखित सुरक्षा बिंदुओं का सूक्ष्मता से परीक्षण किया:

अग्निशमन उपकरण: संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) चालू हालत में हैं या नहीं।

निकास मार्ग: आपातकालीन निकास (Emergency Exit) और आपातकालीन खिड़कियों की उपलब्धता।

इलेक्ट्रिक ऑडिट: विद्युत वायरिंग की स्थिति, शॉर्ट सर्किट से बचाव के उपकरण और ओवरलोडिंग की जांच।

रास्ते और सीढ़ियां: आपात स्थिति में भगदड़ से बचने के लिए सीढ़ियों और निकासी मार्गों की चौड़ाई एवं सुगमता।

लापरवाही मिलने पर सील होंगे संस्थान, दी कड़ी चेतावनी
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी कोचिंग संचालकों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि वे अपने संस्थानों में निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें।

अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा कि:
“संस्थानों में पर्याप्त संख्या में कार्यशील फायर एक्सटिंग्विशर, स्पष्ट निकास मार्ग और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संस्थानों को सील भी किया जा सकता है।”

सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रतिबद्ध
मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं की जिंदगी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। राजनांदगांव पुलिस विद्यार्थियों एवं आमजन की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और विशेष अभियान निरंतर जारी रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।

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