Connect with us

Uncategorized

विद्यार्थियों में निहित प्रतिभा को पहचान कर उसे निखारने एवं कमियों को दूर करने का करें प्रयास : कलेक्टर

Published

on

राजनांदगांव। कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिले के सभी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, समस्त प्राचार्य हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल की बैठक डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बसंतपुर के ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। बैठक में विभाग से संबंधित जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, अपार आईडी, यू-डाईस सुधार, बोर्ड परीक्षाओं जैसी विभिन्न कार्य की तैयारी के संबंध में चर्चा की गई। कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि जिले में शिक्षा व्यवस्था बेहतर हो, यह हम सब की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर जोर देते हुए कहा कि छात्रों के अंदर छिपी हुई प्रतिभा को पहचान कर उनकी प्रतिभा को निखारने एवं कमियों को दूर करने का प्रयास करने कहा। उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के अभिभावक की भूमिका निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी छात्रों में संकोच समाप्त करने के लिए प्रश्न पूछने की क्षमता का विकास करना होगा। साथ ही अपार आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने कहा और स्कूलों में न्यौता भोज को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सभी शिक्षकों को अपने कर्तव्य का निर्वहन पूरी तन्मयता के साथ करने के लिए निर्देशित किया।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल द्वारा सभी शिक्षकों को निर्धारित समयावधि का कड़ाई से पालन हेतु निर्देशित किया गया। बोर्ड परीक्षा परिणामों को बेहतर करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर उसको क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश प्रदान किया गया। साथ ही माह दिसम्बर तक कोर्स पूर्ण करने हेतु कहा गया है। जिन छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक आने की संभावना है ऐसे छात्रों का चिन्हांकन करते हुए उनके पालकों से संपर्क कर राजनांदगांव में आवासीय प्रशिक्षण हेतु अनुमति प्राप्त करने के निर्देश दिये। आवासीय प्रशिक्षण में छात्रों को बोर्ड परीक्षा के अलावा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी। बैठक में बताया गया कि कक्षा पहली से बारहवीं तक अध्ययनरत सभी पात्र छात्रों का जाति-निवास एवं आय प्रमाण पत्र बनाने के कार्य में तेजी लाने हेतु प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर 2-2 केन्द्र स्थापित किये गये हैं। कार्य में अपेक्षानुसार तेजी लाने हेतु निर्देश दिये गये हैं। केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित परख परीक्षा 4 दिसम्बर निर्धारित है जिसमें उच्च कार्यालय द्वारा चिन्हांकित शालाओं में परीक्षा आयोजित किया जाएगा। जिसके लिये मॉक टेस्ट भी आयोजित किया जा रहा है जिसमें सभी स्कूलों को निर्देशों का पालन कर परीक्षा आयोजित करने कहा गया। छात्रों को परीक्षा की तैयारी हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने निर्देशित किया गया है। उच्च कार्यालय द्वारा स्कूलों से मांगी गई जानकारी को समय-सीमा में भेजने के लिए निर्देशित किया गया।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uncategorized

जिले में टीईटी परीक्षा का शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन

Published

on

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। परीक्षा का आयोजन जिले के कुल 45 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में किया गया। प्रथम पाली में कुल 8071 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 7022 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इसी प्रकार द्वितीय पाली में 13179 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 11823 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षक, उड़नदस्ता दल एवं सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। साथ ही परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा अनुचित गतिविधि की सूचना प्राप्त नहीं हुई। परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।

Continue Reading

Uncategorized

रायपुर साहित्य महोत्सव में गूंजता रहा राजनांदगांव जिले का नाम, राजनांदगांव के रचनाकारों ने की रेखांकनीय भागीदारी

Published

on

राजनांदगांव। राजधानी रायपुर में जनसंपर्क विभाग एवं साहित्य अकादमी-रायपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव के बहुरंगी विमर्शमयी वातावरण में राजनांदगांव जिले ने भी रेखांकनीय भागीदारी निभाकर यहां कि सृजनधर्मी परम्पराओं का सफल निर्वाहन किया। 23 से 25 जनवरी 2026 तक अटल नगर नया रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित इस साहित्योत्सव में एक ओर विशाल पंडालों में अलग अलग विषयों पर ख्यातिनाम लेखकों, साहित्यकारों, कवियों और संस्कृतिकर्मियों द्वारा विमर्श होते रहे, तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ लोकसंस्कृति, पुस्तक प्रदर्शनी, ओपन माइक, पारम्परिक व्यंजन के स्टॉल जनमानस के आकर्षण का केन्द्र रहे। संस्कारधानी राजनांदगांव के रचनाकारों ने इसमें शिरकत कर उत्सव का न केवल आनंद उठाया बल्कि संस्कारधानी का प्रतिनिधित्व भी किया।
राजनांदगांव की साहित्यिक विरासत के प्रकाश स्तंभ त्रिवेणी परिसर स्थित मुक्तिबोध स्मारक व संग्रहालय पर केंद्रित विशाल झांकी पूरे उत्सव में आकर्षण का केंद्र रही। जनसम्पर्क विभाग द्वारा बनाई गई यह कृति प्रवेश द्वार पर राजनांदगांव के साहित्य वैभव के साथ स्वागत-बिंदु थी। एक विशाल किताब के आकार में बनी इस झांकी के एक भाग में चित्रित मुक्तिबोध संग्रहालय और उसके दूसरे भाग में लिखे विवरण ने हजारों आने वाले को प्रेरित किया।
साहित्य उत्सव के प्रथम दिन राजनांदगांव के प्रख्यात इतिहासकार व साहित्यकार डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा को छत्तीसगढ़ के साहित्यिक अवदान पर केन्दि्रत एक महत्वपूर्ण सत्र में अभिभाषण हेतु आमंत्रित किया गया था। डॉ. शर्मा ने हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र विषय पर श्याम लाल चतुर्वेदी पंडाल में अपना वक्तव्य दिया। इस सत्र में उन्होंने सूत्रधार की महती भूमिका भी निभाई। सत्र में कहानीकार डॉ. सरला शर्मा, कवि माणिक विश्वकर्मा, आलोचक डॉ. मनिकेतन प्रधान व छंद विशेषज्ञ अरूण कुमार निगम ने सहभागिता की। संस्कारधानी के डॉ. चंद्र शेखर शर्मा ने अपने वक्तव्य में राजनांदगांव के साहित्यिक योगदान के अलावा यहां के साहित्य सेवियों पर चर्चा कर पूरे पंडाल के समक्ष राजनांदगांव की मजबूत नींव का रहस्य बताया। अपने प्रवर्तन विषय हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी भाषाओं के प्रति उदार रही है। छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ हिंदी भाषा और साहित्य में छतीसगढ़ और उसमें भी राजनांदगांव का योगदान उल्लेखनीय है। राजनांदगांव साहित्य की तीन अलग-अलग धाराओं के संगम के कारण हिंदी साहित्य की त्रिवेणी है। यह डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, गजानन माधव मुक्तिबोध एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की प्रिय कर्मस्थली रही। गजानन माधव मुक्तिबोध ने अपने जीवन का स्वर्णिम सृजन राजनांदगांव में ही कर पाए, क्योंकि यहां उनको उनके अनुकूल परिस्थितियां मिलीं। इसी प्रकार बिलासपुर में लोचन प्रसाद पाण्डेय ने छायावाद का प्रवर्तन किया। वे छायावाद के प्रवर्तक हैं। इसी श्रृंखला में हिंदी की पहली कहानी लिखने की प्रेरणा भी इसी धरती से माधवराव सप्रे को मिली। छतीसगढ़ का योगदान हिंदी साहित्य में विशेष उल्लेखनीय है।
दूसरे दिन राजनांदगांव जिले के आमंत्रित कवियों ने सुरजीत नवदीप मंडप के मंच पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के कवियों हेतु सरस काव्य पाठ कर प्रशंसा बटोरी। इस कवि सम्मेलन का संयोजन डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने किया था। संस्कारधानी राजनांदगांव के साहित्यकारों की सक्रिय भागीदारी रही। डॉ. चंद्रशेखर शर्मा के मंच संचालन में राजनांदगांव के दर्जनभर कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मुग्ध किया। काव्य पाठ करने वालो में डॉ. शंकर मुनि राय, अब्दुस्सलाम कौसर, प्रभात तिवारी, शत्रुघ्न सिंह राजपूत, नीलम तिवारी, डा. चंद्रशेखर शर्मा, डॉ. नीलम तिवारी, वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, अनुराग सक्सेना, ओमप्रकाश साहू अंकुर, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, राज कुमार चौधरी रौना, डॉ. इकबाल खान, डी.आर.सिन्हा, फक¸ीर साहू शामिल थे। इस महती आयोजन में राजनांदगांव से अखिलेश तिवारी, डॉ. प्रवीण साव, सचिन निषाद, जितेंद्र कुमार पटेल, फकीर प्रसाद साहू फक्कड़, हेमलाल सहारे, लखन लाल कलामे, जसवंत मंडावी, चंचल साहू, लीलाधर सिन्हा सम्मिलित हुए।
सम्मेलन के तीसरे दिन भी नगर के रचनाकारों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दिन आत्माराम कोसा, अखिलेश मिश्रा, मैन सिंह मौलिक, प्रभास गुप्ता आदि ने उपस्थिति दर्ज कराई। राजनांदगांव जिले की भागीदारी पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त कर आयोजन को सफल करने हेतु सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

Continue Reading

Uncategorized

शादी का झांसा देकर महिला का दैहिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार

Published

on

राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

आरोपी गोपी श्रीवास (27 वर्ष), पिता परशुराम श्रीवास, निवासी हनुमान मंदिर के पास, तुमड़ीबोड़, थाना लालबाग, जिला राजनांदगांव है।

दिनांक 23 जनवरी 2026 को महिला ने थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि जून 2025 में उसकी तबियत खराब थी, तब उसने गोपी श्रीवास के बारे में सुना था। गोपी एक झाड़-फूंक बैगा और सेलून नाई का काम करता था। महिला ने बताया कि गोपी ने उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे यह पता चला कि गोपी शादीशुदा है, जिसके बाद वह उसे नजरअंदाज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा।

रिपोर्ट पर पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर, और नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेण्डर किरों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी गोपी श्रीवास को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया और आज उसे न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। आरोपी को जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया है।

इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, प्र0आर0 शम्भूनाथ द्विवेदी, आरक्षक प्रयंश सिंह, और लिलेन्द्र पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Continue Reading

Trending