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छत्तीसगढ़

खेल में जीत और हार अपनी जगह है, खेल में भाग लेना सबसे बड़ी बात : डॉ. रमन सिंह

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी विजेता और उप विजेता खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता राजनांदगांव में शामिल होने आए देश के 33 प्रदेश के खिलाड़ियों, कोच, मैनेजर एवं प्रतिनिधियों का स्वागत और अभिनंदन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि यह सौभाग्य है कि पूरा देश राजनांदगांव में 18 नवम्बर से 22 नवम्बर तक खेल के माध्यम से उपस्थिति दिया है। उन्होंने कहा कि खेल में जीत और हार अपनी जगह है, खेल में भाग लेना सबसे बड़ी बात है। आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करने कहा। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि आज स्कूल की इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अलग-अलग राज्यों से आए है। कल जब देश की टीम बनेगी तो यही से राष्ट्रीय स्तर पर खेलेंगे और देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि तैयारी ऐसी हो जिससे राष्ट्रीय स्तर पर चयन हो और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा के दौरान स्कूल में जो खेलते हैं एवं सीखते हैं वह कल की तैयार के लिए आधार बनता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विजेता एवं उप विजेता खिलाड़ियों को विजेता कप देकर पुरस्कृत किया। उन्होंने 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता की आसमान में गुब्बारे छोड़कर विधिवत समापन की घोषणा की।
डोंगरगढ़ विधायक श्रीमती हर्षिता बघेल ने कहा कि खेल में बड़ी मेहनत के बाद हमको हार-जीत से आगे बढ़ने का मौका मिलता है। सफलता और असफलता हमारे मेहनत पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि हमको जो मैदान मिला है उस मैदान में निरंतर मेहनत करें और आगे बढ़े। यह सोच रखकर खेल खेलेंगे तो निश्चित रूप में सफलता मिलेगी। उन्होंने 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने असफल खिलाड़ियों से कहा कि वे और अधिक मेहनत करेंगे तो आने वाले समय में सफलता जरूर मिलेगी और आगे बढ़ेंगे।
कलेक्टर एवं अध्यक्ष आयोजन समिति संजय अग्रवाल ने कहा कि राजनांदगांव साहित्य एवं क्रीड़ा की यह नगरी संस्कारधानी के रूप में पूरे देश में जानी जाती है। राजनांदगांव शहर हमेशा ही सभी खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने वाला रहा है। यहां की भूमि में खेल मनमानस में रचाबसा है। इसके अलावा यह शहर साहित्य विभूतियों, सांस्कृतिक व कला के क्षेत्र में जाना जाता है। इस शहर में ख्याति प्राप्त महंत राजा सर्वेश्वरदास अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता के साथ रानी सूर्यमूखी देवी अखिल भारतीय क्रिकेट प्रतियोगिता निरंतर आयोजन होता है। जिसमें नये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी हमेशा हिस्सा लेते रहे हैं। इसके साथ ही यह शहर हॉकी और गणेश उत्सव के झांकी के नाम से पूरे देश में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि यह गौरव की बात है कि स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन को 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता आयोजित करने की जिम्मेदारी सौपी है। इस शहर में खेल आयोजन कराने का दायित्व शिक्षा जिले को मिला है। यह प्रतियोगिता 18 नवम्बर से प्रारंभ होकर 22 नवम्बर को समापन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में बास्केटबॉल के 14 वर्ष के बालक एवं बालिका वर्ग और 17 वर्ष के बालक वर्ग शामिल हुए हैं। इसमें देश के 33 राज्यों एवं संस्थाओं की टीमों के 700 बालक और 340 बालिका कुल 1040 प्रतिभागियों के साथ ही अधिकारी, कोच, मैनेजर प्रतियोगिता में कुल 1213 ने हिस्सा लिया है। अतिथि भाव से सभी का स्वागत किया गया। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से आभार व्यक्त किया।
प्रतियोगिता के समापन समारोह में खिलाड़ियों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट किया गया। इस अवसर पर गायत्री विद्यापीठ, विद्या भारती स्कूल और नीरज पब्लिक स्कूल के स्कूली बच्चों ने छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति एवं खेल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मोहक प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतीक्षा भंडारी, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सचिन बघेल, रमेश पटेल, पूर्व विधायक रामजी भारती, कोमल सिंह राजपूत, शिव वर्मा, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ, 63 हजार से अधिक लोगों की होगी घर-घर जांच

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खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। प्रदेशव्यापी मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में आज 15 जून को अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रेम कुमार पटेल ने स्वास्थ्य विभाग के सर्वे दलों को मलेरिया जांच किट प्रदान कर अभियान की शुरुआत की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि 15 जून से 14 जुलाई तक संचालित होने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले के 116 ग्रामों में स्थित 12,739 परिवारों के लगभग 63,747 व्यक्तियों का घर-घर जाकर मलेरिया सर्वेक्षण एवं जांच की जाएगी। अभियान के दौरान बुखार अथवा मलेरिया के लक्षण वाले व्यक्तियों की तत्काल जांच की जाएगी तथा संदिग्ध व्यक्तियों के रक्त नमूने लेकर परीक्षण किया जाएगा।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन ने बताया कि जांच में मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने वाले सभी मरीजों को तत्काल निःशुल्क दवा उपलब्ध कराकर उपचार प्रारंभ किया जाएगा। मरीज की स्थिति एवं रोग की गंभीरता के अनुसार आवश्यक होने पर उसे निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सालय में भर्ती कर समुचित उपचार भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय पर जांच एवं उपचार से मलेरिया के गंभीर दुष्प्रभावों को रोका जा सकता है तथा संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य मलेरिया रोगियों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार एवं संक्रमण के प्रसार को रोकना है। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरजनित रोगों से बचाव, मच्छरदानी के नियमित उपयोग, स्वच्छता एवं जलभराव रोकने के उपायों के संबंध में जागरूक किया जाएगा।

कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिलेवासियों से अभियान में सहयोग करने तथा सर्वे दलों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को मलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मलेरिया कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

तंबाकू नियंत्रण, पल्स पोलियो एवं मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की कलेक्टर ने की समीक्षा

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खैरागढ़। कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी), राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (पल्स पोलियो अभियान) तथा मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तीनों महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की तैयारियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में संचालित जनजागरूकता, प्रवर्तन एवं तंबाकू मुक्त वातावरण निर्माण संबंधी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन एवं प्रचार पर प्रतिबंध तथा 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नियमित निरीक्षण एवं चालानी कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने चयनित ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, शिक्षकों, युवाओं तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सहभागिता से तंबाकू मुक्त वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम स्तर पर शपथ कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान, चेतावनी बोर्ड स्थापना तथा तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई, ताकि चयनित ग्राम पंचायतों को आदर्श तंबाकू मुक्त ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14 वें चरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन ने बताया कि अभियान जिले के 116 ग्रामों में संचालित किया जाएगा, जिसमें लगभग 64 हजार आबादी को शामिल किया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए 216 सर्वे दल एवं 12 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक दल में आरएचओ (महिला/पुरुष) अथवा सीएचओ के साथ एक मितानिन को शामिल किया गया है।
अभियान के दौरान घर-घर पहुंचकर आरडी किट के माध्यम से मलेरिया की जांच की जाएगी। मलेरिया पॉजिटिव मरीजों का तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के साथ उपचार पूर्ण होने के बाद फॉलोअप स्लाइड भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा सोर्स नियंत्रण गतिविधियां, मच्छरदानी के उपयोग के प्रति जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान भी चलाए जाएंगे। सभी चयनित ग्रामों में मितानिनों द्वारा रैलियां निकाली जाएंगी तथा प्रतिदिन शाम 7 बजे सीटी एवं घंटी बजाकर मच्छरदानी उपयोग के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। दीवार लेखन, पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (पल्स पोलियो अभियान) की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। यह अभियान 28 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के प्रथम दिन 28 जून को निर्धारित बूथों पर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य दल घर-घर पहुंचकर बच्चों को दवा पिलाएंगे। कलेक्टर ने अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सूक्ष्म कार्ययोजना, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं आवश्यक संसाधनों की समीक्षा करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रेमकुमार पटेल, अपर कलेक्टर सुरेन्द्र ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल धु्रव, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बोधन परते, वीबीडी सुपरवाइजर विवेक मेश्राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

बिरसा मुंडा जयंती पर युवाओं को मिला समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश

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रायपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मंगलवार को ऑल वॉलंटरी एसोसिएशन फाउंडेशन द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं और आदिवासी समाज से भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाकर समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक डॉ. हेमशंकर जेठमल साहू ने की। शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं, युवा एवं विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

डॉ. साहू ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और आत्मविश्वास के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि वह सही दिशा में आगे बढ़े तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज में जागरूकता फैलाने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके नेतृत्व में चला जनआंदोलन आज भी सामाजिक न्याय और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।

इस दौरान संस्था के सदस्यों ने आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार, युवाओं के कौशल विकास और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। संस्था ने भविष्य में भी भगवान बिरसा मुंडा के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान और संगोष्ठियों के आयोजन की घोषणा की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने की शपथ ली। साथ ही उनके विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।

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