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निगम आयुक्त विश्वकर्मा पहुंचे वार्डो में सफाई व्यवस्था देखने

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राजनांदगांव। नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा सफाई कार्य का निरीक्षण करने वार्डो में पहॅुचे और बल्देवबाग, नया बस स्टैंड, सिविल लाईन, तुलसीपुर, ममता नगर में साफ सफाई का औचक निरीक्षण कर सफाई में सुधार के निर्देश दिये।
आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बल्देवबाग में सफाई देख कचरा पाये जाने पर नाराजगी व्यक्त कर सफाई ठेकेदार को सफाई में सुधार के निर्देश दिये। उन्होंने नाली-नालों की नियमित सफाई करने कहा। हाजरी रजिस्टर की जांचकर अनुपस्थित कर्मचारी के संबंध में जानकारी ली और कहा कि कोई भी कर्मचारी बिना कारण अनुपस्थित नहीं रहेंगे तथा निर्धारित समय तक सफाई करना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने नये बस स्टैंड में प्रतिदिन परिसर की सफाई कराने स्वास्थ्य अधिकारी राजेश मिश्रा को निर्देशित किये। हाईटेक शौचालय का निरीक्षण कर नियमित सफाई करने तथा आउट लेट पाईप मरम्मत करने कहा, ताकि यात्रियों को गंदगी का सामना न करना पड़े।
आयुक्त ने बस स्टैंड के आसपास के दुकानदारों, होटल व फल विक्रेताओं को साफ सफाई रखने, डस्टबिन का उपयोग करने, झिल्ली पन्नी यूज नहीं करने समझाईश दिये। उन्होंने कहा कि रोड में व नाली के क्तपर ठेला खोमचा नहीड्ड लगाना है, जिनके द्वारा लगाया गया है वे हटा लेवे, अन्यथा कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने तुलसीपुर ममता नगर में साफ सफाई देख नियमित रूप से सफाई कर कचरा उठाने निर्देशित किये। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाली दीदीयों से चर्चा कर कचरा संग्रहण की जानकारी लेकर घर में ही अलग-अलग गीला-सुखा कचरा देने तथा हर माह यूजर चार्ज देने समझाने कहा।
आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने मिलचाल एसएलआरएम सेंटर का निरीक्षण कर प्रभारी से कचरा संग्रहण व पृथककरण की जानकारी ली और कहा कि सोर्स सेग्रीगेसन करे और खाद बनावे। सेंटर में साफ सफाई रखे स्वच्छता दीदीया निर्धारित समय में कचरा संग्रहण करने जावे। उन्होंने शौचालय का निरीक्षण कर साफ सफाई रखने तथा आवश्यक मरम्मत के निर्देश दिये।
आयुक्त के द्वारा सिविल लाईन उद्यान का निरीक्षण कर उद्यान में घुमने व खेलने वालो से रूबरू हो चर्चा किये। नागरिकों ने घास कटाई, साफ सफाई, लाईट मरम्मत तथा काउकेचर लगाने की मांग की, जिससे गाय अंदर न आ सके। आयुक्त ने कटिली झाडिया काट साफ सफाई कराने स्वास्थ्य अधिकारी से कहा, उन्होंने उद्यान में आवश्यक मरम्मत कर पोताई, स्लाईडर मरम्मत, जीम समान रिपेंरिंग करने के निर्देश तकनीकि अधिकारी को दिये। इसके अलावा सांसद कार्यालय के पास गड्ढा फिलिंग करने, वार्ड नं. 17 तुलसीपुर में पाईप लाईन मरम्मत एवं अनावश्यक बहते सार्वजनिक नल बंद करने, बल्देवबाग में बोरिंग मरम्मत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिनके द्वारा नाली के ऊपर अतिक्रमण किया गया है, उन्हें हटाने नोटिस जारी करें, नहीं हटाने पर तोड़ने की कार्यवाही करें। निरीक्षण के दौरान मिशन क्लीन सिटी सह प्रभारी पवन कुर्रे, उद्यान सह प्रभारी दिलीप गिरी सहित सफाई दरोगा, वार्ड चपरासी उपस्थित थे।

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जिले में टीईटी परीक्षा का शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। परीक्षा का आयोजन जिले के कुल 45 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में किया गया। प्रथम पाली में कुल 8071 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 7022 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इसी प्रकार द्वितीय पाली में 13179 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 11823 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षक, उड़नदस्ता दल एवं सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। साथ ही परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा अनुचित गतिविधि की सूचना प्राप्त नहीं हुई। परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।

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रायपुर साहित्य महोत्सव में गूंजता रहा राजनांदगांव जिले का नाम, राजनांदगांव के रचनाकारों ने की रेखांकनीय भागीदारी

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राजनांदगांव। राजधानी रायपुर में जनसंपर्क विभाग एवं साहित्य अकादमी-रायपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव के बहुरंगी विमर्शमयी वातावरण में राजनांदगांव जिले ने भी रेखांकनीय भागीदारी निभाकर यहां कि सृजनधर्मी परम्पराओं का सफल निर्वाहन किया। 23 से 25 जनवरी 2026 तक अटल नगर नया रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित इस साहित्योत्सव में एक ओर विशाल पंडालों में अलग अलग विषयों पर ख्यातिनाम लेखकों, साहित्यकारों, कवियों और संस्कृतिकर्मियों द्वारा विमर्श होते रहे, तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ लोकसंस्कृति, पुस्तक प्रदर्शनी, ओपन माइक, पारम्परिक व्यंजन के स्टॉल जनमानस के आकर्षण का केन्द्र रहे। संस्कारधानी राजनांदगांव के रचनाकारों ने इसमें शिरकत कर उत्सव का न केवल आनंद उठाया बल्कि संस्कारधानी का प्रतिनिधित्व भी किया।
राजनांदगांव की साहित्यिक विरासत के प्रकाश स्तंभ त्रिवेणी परिसर स्थित मुक्तिबोध स्मारक व संग्रहालय पर केंद्रित विशाल झांकी पूरे उत्सव में आकर्षण का केंद्र रही। जनसम्पर्क विभाग द्वारा बनाई गई यह कृति प्रवेश द्वार पर राजनांदगांव के साहित्य वैभव के साथ स्वागत-बिंदु थी। एक विशाल किताब के आकार में बनी इस झांकी के एक भाग में चित्रित मुक्तिबोध संग्रहालय और उसके दूसरे भाग में लिखे विवरण ने हजारों आने वाले को प्रेरित किया।
साहित्य उत्सव के प्रथम दिन राजनांदगांव के प्रख्यात इतिहासकार व साहित्यकार डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा को छत्तीसगढ़ के साहित्यिक अवदान पर केन्दि्रत एक महत्वपूर्ण सत्र में अभिभाषण हेतु आमंत्रित किया गया था। डॉ. शर्मा ने हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र विषय पर श्याम लाल चतुर्वेदी पंडाल में अपना वक्तव्य दिया। इस सत्र में उन्होंने सूत्रधार की महती भूमिका भी निभाई। सत्र में कहानीकार डॉ. सरला शर्मा, कवि माणिक विश्वकर्मा, आलोचक डॉ. मनिकेतन प्रधान व छंद विशेषज्ञ अरूण कुमार निगम ने सहभागिता की। संस्कारधानी के डॉ. चंद्र शेखर शर्मा ने अपने वक्तव्य में राजनांदगांव के साहित्यिक योगदान के अलावा यहां के साहित्य सेवियों पर चर्चा कर पूरे पंडाल के समक्ष राजनांदगांव की मजबूत नींव का रहस्य बताया। अपने प्रवर्तन विषय हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी भाषाओं के प्रति उदार रही है। छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ हिंदी भाषा और साहित्य में छतीसगढ़ और उसमें भी राजनांदगांव का योगदान उल्लेखनीय है। राजनांदगांव साहित्य की तीन अलग-अलग धाराओं के संगम के कारण हिंदी साहित्य की त्रिवेणी है। यह डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, गजानन माधव मुक्तिबोध एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की प्रिय कर्मस्थली रही। गजानन माधव मुक्तिबोध ने अपने जीवन का स्वर्णिम सृजन राजनांदगांव में ही कर पाए, क्योंकि यहां उनको उनके अनुकूल परिस्थितियां मिलीं। इसी प्रकार बिलासपुर में लोचन प्रसाद पाण्डेय ने छायावाद का प्रवर्तन किया। वे छायावाद के प्रवर्तक हैं। इसी श्रृंखला में हिंदी की पहली कहानी लिखने की प्रेरणा भी इसी धरती से माधवराव सप्रे को मिली। छतीसगढ़ का योगदान हिंदी साहित्य में विशेष उल्लेखनीय है।
दूसरे दिन राजनांदगांव जिले के आमंत्रित कवियों ने सुरजीत नवदीप मंडप के मंच पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के कवियों हेतु सरस काव्य पाठ कर प्रशंसा बटोरी। इस कवि सम्मेलन का संयोजन डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने किया था। संस्कारधानी राजनांदगांव के साहित्यकारों की सक्रिय भागीदारी रही। डॉ. चंद्रशेखर शर्मा के मंच संचालन में राजनांदगांव के दर्जनभर कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मुग्ध किया। काव्य पाठ करने वालो में डॉ. शंकर मुनि राय, अब्दुस्सलाम कौसर, प्रभात तिवारी, शत्रुघ्न सिंह राजपूत, नीलम तिवारी, डा. चंद्रशेखर शर्मा, डॉ. नीलम तिवारी, वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, अनुराग सक्सेना, ओमप्रकाश साहू अंकुर, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, राज कुमार चौधरी रौना, डॉ. इकबाल खान, डी.आर.सिन्हा, फक¸ीर साहू शामिल थे। इस महती आयोजन में राजनांदगांव से अखिलेश तिवारी, डॉ. प्रवीण साव, सचिन निषाद, जितेंद्र कुमार पटेल, फकीर प्रसाद साहू फक्कड़, हेमलाल सहारे, लखन लाल कलामे, जसवंत मंडावी, चंचल साहू, लीलाधर सिन्हा सम्मिलित हुए।
सम्मेलन के तीसरे दिन भी नगर के रचनाकारों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दिन आत्माराम कोसा, अखिलेश मिश्रा, मैन सिंह मौलिक, प्रभास गुप्ता आदि ने उपस्थिति दर्ज कराई। राजनांदगांव जिले की भागीदारी पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त कर आयोजन को सफल करने हेतु सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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शादी का झांसा देकर महिला का दैहिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

आरोपी गोपी श्रीवास (27 वर्ष), पिता परशुराम श्रीवास, निवासी हनुमान मंदिर के पास, तुमड़ीबोड़, थाना लालबाग, जिला राजनांदगांव है।

दिनांक 23 जनवरी 2026 को महिला ने थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि जून 2025 में उसकी तबियत खराब थी, तब उसने गोपी श्रीवास के बारे में सुना था। गोपी एक झाड़-फूंक बैगा और सेलून नाई का काम करता था। महिला ने बताया कि गोपी ने उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में उसे यह पता चला कि गोपी शादीशुदा है, जिसके बाद वह उसे नजरअंदाज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा।

रिपोर्ट पर पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर, और नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेण्डर किरों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी गोपी श्रीवास को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया और आज उसे न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। आरोपी को जिला जेल राजनांदगांव भेज दिया गया है।

इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, प्र0आर0 शम्भूनाथ द्विवेदी, आरक्षक प्रयंश सिंह, और लिलेन्द्र पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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