अपराध
नकली पेन-ड्राईव खपाने वाले गिरोहा का पर्दाफाश, गिरोह द्वारा 2-2 की टीम में बटकर देते थे घटना को अंजाम
राजनांदगांव। प्रार्थी शिव कुमार वैष्णव पिता स्व. शेष नारायण वैष्णव, उम्र-72 वर्ष, साकिन-संजय नगर, लखोली, राजनांदगांव दिनांक 07.12.2024 को थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि आज करीबन 10.40 बजे इसके श्रीराम हार्डवेयर दुकान राजीव नगर, लखोली में एक व्यक्ति आया और अपना नाम सतेन्द्र सोलंकी बताकर अपना आधार कार्ड दिखाकर बोला कि मुझे आपके दुकान के सामने एक सप्ताह स्टाल लगाकर कंपनी के तरफ से पैन ड्राईव का डेमो दिखाना है, जिसका किराया 4500 रूपये एवं 5 प्रतिशत आपको प्राफिट दूंगा बोला, और अपने बैग से किंगस्टोन कंपनी लिखा पैन ड्राईव निकालकर दिखाने लगा, उसी समय एक व्यक्ति जो उसी का आदमी था, वह मेरे दुकान में फेवीम्ीक खरीदने आया, जो सतेन्द्र सोलंकी द्वारा दिखा रहे पैन ड्राईव को देखकर मुझे भी अपने दुकान के लिए 10 नग पैन ड्राईव खरीदना कहते हुए पैन ड्राईव का रेट पूछा, तो एक पैन ड्राईव का रेट 1400 रूपये बताया, जिससे वह व्यक्ति सहमत होकर सतेन्द्र सोलंकी को 1000 रूपये एडवांस देकर बाकी राशि एक घंटे में लाकर देता हूं कहकर चला गया, और अपना नाम मनीष पाराशर बताया। सतेन्द्र सोलंकी उसके आने तक मैं नहीं रूक पाउंगा आगे और काम है, मेरा पैन ड्राईव रखकर 11,000 रूपये दे दो, जब वह आयेगा तो प्रति पैन ड्राईव 200 रूपये अपना कमीशन रखकर पैन ड्राईव दे देना बोला तब प्रार्थी शिवकुमार वैष्णव 11,000 रूपये आरोपी सतेन्द्र सोलंकी को दिया और किंगस्टोन कंपनी का 126 जीबी का 10 नग पैन ड्राईव को रख लिया। सतेन्द्र सोलंकी बोला कि यदि वह व्यक्ति नहीं आता है, तो मुझे पैन ड्राईव वापस लौटा देना और आपका 11,000 रूपये वापस ले लेना कहकर चला गया। दोनों के द्वारा अपना अपना मोबाईल नंबर दिया था। काफी देर तक दोनों व्यक्ति नहीं आये और फोन करने पर फोन नहीं उठाये, तब पैनड्राईव को खोलकर देखा तो पैन ड्राईव प्लास्टिक का खाली खोखा था, उसके अंदर चीप नहीं था, तब उसे ठगी होने का एहसास होने पर थाना कोतवाली आकर रिपोर्ट करने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 752/24 धारा 318 (4), 61 (2) भारतीय न्याय संहिता का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
वहीं प्रार्थी रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 06.12.24 के करीबन 11.30 बजे एक व्यक्ति दुकान में आया जिसने अपना नाम मनोज गुप्ता बताया और आपके दुकान के सामने एक सप्ताह के लिए सेमसंग कंपनी का मोबाईल संबंधी सामान बेचने का स्टाल लगाना है, जिसके लिए 7000 रूपये किराया एवं सामान विक्रय का 15 प्रतिशत कमीशन दूंगा बोला और प्रार्थी को 20 नग पेन ड्राईव दिखाकर प्रत्येक का किमत 1500 रूपये है, 20 नग लेने पर 1200 रूपये रूपये पड़ जायेगा बोल रहा था, तभी एक अन्य व्यक्ति वहां आया जो 500 रूपये का चिल्हर मांगा, जिसने पेन ड्राइव देखकर तत्काल 20 नग पेन ड्राइव लेने के लिए तैयार हो गया तथा कोई उसका इंतजार कर रहा है, बोलकर प्रार्थी से 20 नग पेन ड्राइव का पैसा 24000 रूपये लेकर प्रार्थी को 4000 रूपये का मुनाफा होगा कहकर चला गया। दूसरा व्यक्ति लेने के लिए तैयार था, जिसे 1400 रूपये में बिक्री करना था, जो प्रार्थी को 2000 रूपये देकर शेष रकम लाने की बात बोलकर चला गया। दोनों मिलकर 22000 रूपये की ठगी करने की रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 529/2024, धारा 318 (4) 3 (5) बीएनएस अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया।
दो जगहों पर इस प्रकार की ठगी की घटना को देखते हुये पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक पर्यवेक्षण में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय बरेठ, थाना बंसतपुर प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र देवांगन एवं प्रभारी सायबर सेल निरीक्षक विनय पम्मार के नेतृत्व में तत्काल टीम गठित कर आरोपियों की पतासाजी हेतु टीम रवाना किया गया। मुखबीर के सूचना पर चारों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपी सतेन्द्र सोलंकी, मनीष पाराशर के पास से नगदी रकम 11,000 रूपये, 107 नग पैन ड्राईव, दो नग मोबाईल एवं मोटर सायकल पल्सर व्हीपी 85-सीएफ 6480 जप्त कर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में माननीय न्यायालय पेश किया गया। जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव में दाखिल किया गया तथा आरोपी अजय पाराशर से नकली पेन ड्राइव 850 नग ट्राली सुटकेश सहित व ठगी की नगदी रकम 22000 रूपये, 1 नग मोबाईल एवं संजय पाराशर से मोटर सायकिल अपाचे 160, उप्र 85-सीके 6984 तथा 1 नग मोबाईल फोन को जप्त कर कब्जा पुलिस लिया गया। आरोपियों के द्वारा अपराध धारा सदर का घटित करना पाया जाने से दिनांक 08.12.24 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में माननीय न्यायालय पेश किया गया। जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल, राजनांदगांव में दाखिल किया गया।
उपरोक्त कार्यवाही में प्रभारी सायबर सेल निरीक्षक विनय पम्मार एवं सायबर सेल का स्टाफ, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक संजय बरेठ एवं थाना स्टाफ तथा थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक सत्यनारायण देवांगन एवं थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
अपराध
अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़: 20.59 लाख का 41 किलो गांजा और पिकअप जब्त
राजनांदगांव। जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के संयुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल राजनांदगांव और पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए टाटा योद्धा पिकअप से 41.195 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 20 लाख 59 हजार 750 रुपए आंकी गई है।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। एनसीबी रायपुर से पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ को सूचना मिली थी कि ओडिशा के मलकानगिरी/कोरापुट क्षेत्र से भारी मात्रा में गांजा पिकअप वाहन (क्रमांक सीजी 04 एनएस 8967) में छिपाकर राजनांदगांव-तुमड़ीबोड़ मार्ग से आगरा (उत्तर प्रदेश) ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही एनसीबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नेशनल हाईवे स्थित गुरुद्वारा चौक के पास घेराबंदी की।
पुलिस को देख 300 मीटर पहले रोका वाहन, अंधेरे में भागे आरोपी
घेराबंदी के दौरान पुलिस को आता देख संदिग्ध पिकअप चालक ने वाहन को गुरुद्वारा चौक से करीब 300 मीटर पहले ही रोक दिया। इसके बाद वाहन में सवार दो तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया और आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तस्कर भागने में सफल रहे।
“मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है, जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।”
— पुलिस प्रशासन, राजनांदगांव
सीट के नीचे छिपे मिले 36 पैकेट, 28.65 लाख का मशरूका जब्त
जब पुलिस ने लावारिस हालत में छोड़े गए पिकअप वाहन की नियमानुसार तलाशी ली, तो सीट के पीछे और नीचे विशेष रूप से बनाए गए गुप्त स्थान से 36 पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर इनमें 41.195 किलोग्राम गांजा पाया गया। इसके अलावा वाहन से एक ओप्पो कंपनी का स्मार्टफोन भी जब्त किया गया है।
पुलिस ने गांजा, टाटा योद्धा पिकअप और मोबाइल सहित कुल 28 लाख 65 हजार 750 रुपए का मशरूका जब्त किया है। तुमड़ीबोड़ चौकी में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 319/26 धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए एनसीबी रायपुर और राजनांदगांव पुलिस की संयुक्त टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
अपराध
गिरवी रखी जमीन छल से अपने नाम कराने वाले दो सहोदर भाई गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर वसूल रहे थे 6% ब्याज
राजनांदगांव। गिरवी रखी जमीन को सुनियोजित तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम ब्याज वसूलने और धोखाधड़ी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों (कोठारी बंधुओं) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पैसों की जरूरत पर रखी थी जमीन गिरवी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू (46 वर्ष) ने 26 जुलाई को थाने में आवेदन सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 25 नवंबर 2021 को उनके पिता आनंद राम साहू को पैसों की आवश्यकता थी, जिस पर उन्होंने अपनी 40 डिसमिल जमीन (खसरा नंबर 138/6) को कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी के पास गिरवी रखा था।
निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 5,11,000 रुपये दिए थे। सिक्योरिटी के तौर पर पीड़ित, उसके पिता और भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए थे।
छल-कपट से अपने नाम कराई रजिस्ट्री, फिर वसूला 6% ब्याज
शिकायत के मुताबिक, निर्मल कोठारी ने छलपूर्वक गिरवी रखी जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद पीड़ित परिवार को जान से मारने और मरवाने की धमकी देकर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों का दुरुपयोग कर अपने भाई नलिन कोठारी के जरिए फर्जी किरायानामा तैयार कराया और सिक्योरिटी चेक बाउंस कराकर अदालत में झूठा केस दर्ज करा दिया।
पैसे लौटाने के बाद भी नहीं लौटाई पूरी जमीन
पीड़ित ने बताया कि मूल रकम चुकाने के बावजूद जमीन वापस करने के नाम पर आरोपियों ने बैंक से 20 लाख रुपये का फाइनेंस करवाकर रकम ऐंठ ली। इसके बाद भी केवल 12 डिसमिल जमीन वापस की गई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन अपने पास रख ली और उसे लौटाने के एवज में और रुपयों की मांग की जाने लगी।
पुलिस ने दर्ज की धाराएं और की गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी निर्मलचंद कोठारी (58 वर्ष) एवं नलिन कोठारी (54 वर्ष) के खिलाफ अपराध क्रमांक 398/26, धारा 386, 420, 34 भादवि तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म स्वीकार करने पर पुलिस ने 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, उप निरीक्षक रतन सिंह नेताम, सुमेंद्र कुमार खरे, आरक्षक प्रियांश, लीलेंद्र और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
अपराध
7 माह की गर्भावस्था से खुला दुष्कर्म का मामला, दिव्यांग युवती से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव। डोंगरगांव थाना पुलिस ने दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी कमल नारायण साहू (24) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब युवती के पेट में सूजन आने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और जांच में उसके सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत पर 24 जुलाई को थाना डोंगरगांव में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(के) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में तत्काल जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि पीड़िता बोलने में असमर्थ है। ऐसे में उसका बयान सीआरसी सेंटर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ (दुभाषिया) की मदद से दर्ज कराया गया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी कमल नारायण साहू, निवासी ग्राम तुमडीलेवा, थाना डोंगरगांव की पहचान कर उसे उसके घर से हिरासत में लिया।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उपनिरीक्षक देवकुमार रावटे और प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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