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राजनांदगांव

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : नारी है शक्ति, देश की प्रगति में अहम योगदान

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राजनांदगांव। हमारे देश में नारी को शक्ति पुंज माना गया है। नारी सभ्यता, संस्कृति, साहस और संवेदना की वाहक हैं। कहीं कोमल तो कभी फौलादी इरादों जैसी मजबूत भी है। महिलाएं समाज का अभिन्न हिस्सा है और देश की आधी आबादी महिलाओं का देश के विकास में विशेष योगदान है। आज की महिलाएं अपने आत्मविश्वास, लगन एवं मेहनत से विभिन्न क्षेत्रों में न केवल कार्य कर रही हंै, बल्कि सफलता के नए आयाम प्राप्त कर रही हैं। घर की चारदिवारी से बाहर निकलकर यह उनके हौसलों की उड़ान है। स्वामी विवेकानंद के विचार प्रासंगिक है कि किसी राष्ट्र की प्रगति को आंकने का सबसे सही पैमाना वहां की महिलाओं की स्थिति है। भारतीय सेना में भी महिलाएं देश की सेवा कर रही हैं। वहीं राजनीति, प्रशासनिक, प्रेस एवं विभिन्न संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रही हैं। महिलाएं अपने घर की जिम्मेदारी निभाते हुए भी समानतापूर्वक अपने कार्यों को सफलतापूर्वक कर पा रही हैं। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन की बयार दिखाई देती है। शासन की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर एक जागृति आयी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण सहित विभिन्न मुद्दों पर उनकी जागरूकता रोचक है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व सहायता समूह, मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिला शक्ति के व्यापक विस्तार को उजागर करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी परिणाम दिखाई देते हैं। शासन की महिला उत्थान से जुड़ी जनहितकारी योजनाएं क्रांतिकारी रही है। शासन की महतारी वंदन योजना से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए से लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में महतारी वंदन योजना में कुल 24 किस्त जारी की गई है। जिले में पात्र महिलाओं को लगभग 578 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई। खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत विशेष तौर पर प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक परिवार में परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला जो 18 वर्ष की आयु से कम न हो राशन कार्ड जारी करने के प्रयोजन के लिए परिवार की मुखिया मानी जाएगी। राशन कार्ड में महिलाओं को प्राथमिकता देना महिला उत्थान के लिए शासन की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। जिला प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं के तहत महिला उन्मुखी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सफल उद्यमी बनकर उभर रही है और आर्थिक रूप से सशक्त बन नहीं है। जिले की 4920 महिला स्वसहायता समूह को 133 करोड़ 39 लाख रूपए बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण प्रदान किया गया है। वहीं जिले की 829 महिलाओं को 10 करोड़ 11 लाख रूपए मुद्रा लोन के तहत दिया गया है। जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही है। जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहा मिशन जल रक्षा अभियान के कारगर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। जनसहभागिता से संचालित इस अभियान में जल संरक्षण के लिए महिलाओं की भूमिका सराहनीय है। पद्मश्री फूलबासन बाई यादव एवं उनकी टीम द्वारा जल संरक्षण के लिए जागरूकता के लिए विशेष तौर पर प्रयास किया जा रहा है। जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षा जल को सीधे वाटर लेबल से जोड़ना, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, इन कार्यों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई। शासन की सुकन्या समृद्धि योजना से बालिकाओं के लिए बचत की प्रवृत्ति बढ़ी है। वहीं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना से पहली बार माता बनने वाली योजनाओं को 5000 रूपए की सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से ग्रामीण क्षेत्रों महिलाओं को गैस चुल्हा मिलने से भोजन बनाने में आसानी हो रही है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत नल के माध्यम से घर में शुद्ध पेयजल मिलने से महिलाओं की समय एवं ऊर्जा की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रतिमाह की 9 एवं 24 तारीख को स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रसव पूर्व जांच की जाती है। इस योजना के तहत विगत 1 वर्ष से कुल 15386 गर्भवती माताओं की जांच कर हाई रिस्क वाली माताओं को चिन्हांकित कर विशेष देखरेख किया गया। वहीं 45 महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी की गई। जिले में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्पेसलिस्ट कैम्प एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से स्पेस्लिस्ट कैम्प आयोजित किए गए। जिले में स्वस्थ्य नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत प्रदेश में सर्वाधिक 227107 हितग्राही लाभान्वित हुए है। श्रम विभाग में संचालित योजना अंतर्गत मिनी माता महतारी जतन योजना अंतर्गत 7232 महिलाओं को 14 करोड़ 46 लाख 40 हजार रूपए की राशि से लाभान्वित किया गया है। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत 24 महिलाओं को 24 लाख रूपए की राशि से मदद दी गई है। शासन की विभिन्न महिलाओं पर के केन्दि्रत योजनाएं महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं।

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राजनांदगांव

उद्योगों को कलेक्टर का अल्टीमेटम : एक माह में अपनाएं सोलर ऊर्जा, सीएसआर से गांवों के विकास में दें योगदान

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राजनांदगांव। जिले में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। उन्होंने सभी उद्योगों को एक माह के भीतर सोलर ऊर्जा अपनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएसआर के तहत स्थानीय समुदायों के हित में अधिक से अधिक कार्य करने की अपील की।

बैठक में कलेक्टर ने उद्योग प्रतिनिधियों से उनकी बिजली खपत और ऊर्जा जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए उद्योगों को स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन बढ़ाना चाहिए। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और संचालन लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोलर संयंत्र लगाने में तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी आने पर जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।

कलेक्टर ने कहा कि उद्योग अपने परिसरों, कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्रों और अन्य भवनों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाएं तथा वर्चुअल नेट मीटरिंग जैसी सुविधाओं का भी लाभ लें। जिन उद्योगों में पहले से सोलर संयंत्र स्थापित हैं, वे अन्य उद्योगों को भी हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करें।

बैठक में सीएसआर गतिविधियों पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों के सबसे बड़े हितधारक आसपास के ग्रामीण और स्थानीय नागरिक हैं। इसलिए सीएसआर के तहत ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका सीधा लाभ स्थानीय समुदाय को मिले और उद्योगों व समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।

उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने संस्थानों में संचालित सोलर परियोजनाओं, ऊर्जा उत्पादन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कई उद्योगों ने सोलर क्षमता विस्तार और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं पर कार्य शुरू करने की बात कही, जबकि कुछ ने सर्वेक्षण पूरा होने के बाद जल्द काम शुरू करने की जानकारी दी।

बैठक में अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, सहायक श्रमायुक्त समीर मिश्रा सहित जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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स्कूलों में यातायात जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की दी जानकारी

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राजनांदगांव। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात के नियमों की जानकारी देने के साथ उनका पालन करने का संकल्प भी दिलाया गया।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में यातायात शाखा की टीम ने रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, गुरु नानक स्कूल, पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्कूल, वेसलियन स्कूल, वाइडनियर स्कूल तथा जेएमजे स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

यातायात अधिकारी सहायक उप निरीक्षक कुंज लाल साहू, शरद मसीह, प्रधान आरक्षक खम्हन सिन्हा तथा आरक्षक सोमेश सिंह, रविकांत देवांगन और संदीप कुर्रे ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी।

इसके अलावा विद्यार्थियों को सड़क पार करते समय ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने, यातायात संकेतों और सिग्नलों का पालन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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आयुक्त ने ली संकुल समन्वयकों की बैठक : शिक्षकों को मिलेगा ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ का लाभ

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राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत आम नागरिकों को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जादाता बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम आयुक्त श्री जी.आर. मरकाम ने टाउन हॉल में संकुल शैक्षिक समन्वयकों की विशेष बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत शिक्षकों को इस महत्वाकांक्षी योजना से जोड़ना और उन्हें अपने घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करना रहा।

शिक्षा विभाग के माध्यम से घर-घर तक पहुंचेगा संदेश
बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त श्री मरकाम ने कहा कि शिक्षा विभाग प्रदेश का सबसे बड़ा विभाग है और निकाय क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिक्षक निवास करते हैं। संकुल समन्वयक नियमित रूप से शिक्षकों के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनके माध्यम से इस योजना का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

आयुक्त ने बताया कि योजना को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है:

कलेक्टर द्वारा समीक्षा: अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जनप्रतिनिधियों की पहल: महापौर स्वयं वार्डों और सोसायटियों में बैठकें ले रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष का संवाद: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी जिले के ऐसे 400 लाभार्थियों से चर्चा की है, जिनका बिजली बिल शून्य हो चुका है।

1167 उपभोक्ताओं का बिजली बिल हुआ ‘जीरो’
बैठक में बिजली विभाग के सहायक अभियंता श्री रोहित मंडावी ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 4 हजार लोग सोलर पैनल लगवा चुके हैं, जिनमें से 1167 उपभोक्ताओं का बिजली बिल पूरी तरह शून्य आ रहा है। उन्होंने सोलर यूनिट उत्पादन, खपत और ऑनलाइन आवेदन की बिंदुवार प्रक्रिया की जानकारी दी।

सब्सिडी और लोन प्रक्रिया की दी गई जानकारी
लीड बैंक मैनेजर श्री मोनिस शर्मा ने केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी और बैंक ऋण प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह न्यूनतम कागजी कार्रवाई और आसान किश्तों के माध्यम से शिक्षक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

बैठक में कार्यपालन अभियंता श्री दीपक खांडे, श्री यू.के. रामटेके, बीईओ श्री राजूराम साहू, बीआरसी श्री भगत सिंह सहित बिजली विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में संकुल शैक्षिक समन्वयक मौजूद रहे।

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