राजनांदगांव
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को आगे बढ़ने का दिया गया संदेश
राजनांदगांव। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गांधी सभागृह राजनांदगांव में महतारी सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद अभिषेक सिंह उपस्थित थे। इस दौरान पूर्व उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति खूबचंद पारख, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सु सुरूचि सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पूर्व सांसद श्री सिंह ने कहा कि महिलाएं अब केवल पुरूषों के बराबर ही नहीं, बल्कि उनसे भी आगे बढ़ने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वभाव से बहुत धैर्यवान होती हैं और परिवार को संभालते हुए सभी को साथ लेकर चलने की अद्भुत क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि समाज और परिवार की मजबूती में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार और विभिन्न क्षेत्रों में लगातार आगे बढ़ रही हैं और अपनी प्रतिभा से नई पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने योजना की राशि प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पूर्व उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति खूबचंद पारख ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की मुख्य थीम त्रद्ब1द्ग ह्लश त्रड्डद्बठ्ठ है। उन्होंने यदि हम अपने कौशल, ज्ञान और समय को साझा कर महिलाओं को सहयोग दें, तो इससे पूरे समाज और मानवता को लाभ होता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की प्रतिभा को निखारने, उन्हें आगे बढ़ने और देश-प्रदेश के नेतृत्व के लिए प्रेरित करना भी ज्ञान के दान का एक रूप है। उन्होंने कहा कि पहले भारत को पुरूष प्रधान समाज के रूप में देखा जाता था, जहां महिलाओं को कई बार उपेक्षित माना जाता था। लेकिन वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महिलाएं केवल घर और रसोई तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि विभिन्न कार्यालयों और नेतृत्व के पदों पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ही परिवार के पोषण और बच्चों के स्वास्थ्य में भी सुधार हो रहा है। शासन द्वारा कुपोषण को समाप्त करने और बच्चों को सुपोषित बनाने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। छात्राओं को साइकिल उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे शिक्षा प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने महिला सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण अभियान शुरू किए थे और वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है और भू्रण हत्या जैसी कुप्रथा में कमी आई है।
सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत कितनी राशि मिलती है, तो उपस्थित महिलाओं ने उत्साहपूर्वक बताया कि उन्हें हर महीने एक हजार रूपए प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के पास तीन चीजें नहीं होनी चाहिए अशिक्षा, अस्वच्छता और कुपोषित बच्चा। उन्होंने कहा कि सबसे पहले शिक्षा का महत्व समझना जरूरी है। महिलाओं को स्वयं जितना भी पढ़ा-लिखा हो, उसका अभ्यास करते रहना चाहिए और अपने बेटा-बेटी दोनों को समान रूप से शिक्षा दिलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल कई क्षेत्रों में लड़कियां टॉपर बन रही हैं, इसलिए उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर देना जरूरी है। उन्होंने स्वच्छता पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि शौचालय और साफ-सफाई महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। आंगनबाड़ी, पालक चौपाल और समूह बैठकों के माध्यम से महिलाओं को स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार में कुपोषित बच्चा नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि माताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दें। इसके लिए तिरंगा भोजन की अवधारणा को अपनाने की सलाह दी गई, जिसमें थाली में तीन रंगों के पोषक आहार शामिल किए जाते हैं, ताकि बच्चों को संतुलित पोषण मिल सके। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली एक हजार रूपए की राशि का उपयोग महिलाओं को सोच-समझकर करना चाहिए। यह राशि केवल खर्च करने के लिए नहीं, बल्कि परिवार के विकास के लिए एक छोटी पूंजी है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे इस राशि का उपयोग शिक्षा, स्वच्छता और पोषण जैसी आवश्यकताओं में करें, जिससे परिवार, गांव और पूरे समाज का विकास सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम को अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देव कुमार साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शीला सिन्हा, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती अनिता सिन्हा, पार्षद शिव वर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव सचिन बघेल, जनपद पंचायत सदस्य सांकेत साहू, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर सहित बड़ी संख्या में विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाएं उपस्थित थी।
राजनांदगांव
प्रयास आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों ने लगाया फूड स्टॉल, व्यवहारिक शिक्षा व कौशल का दिया परिचय
राजनांदगांव। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष फूड स्टॉल का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए, बल्कि सामग्री प्रबंधन से लेकर ग्राहकों के साथ संवाद तक की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाली।
छात्रों ने तैयार किए कई लजीज व्यंजन
फूड स्टॉल में विद्यार्थियों द्वारा अपनी पाक कला का प्रदर्शन करते हुए नींबू पानी, फिंगर चिप्स, स्वीट डिश, स्वीट कॉर्न, सूप, भेल, आलू गोलगप्पा और करोंदा चाट सहित कई प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए थे। स्टॉल के संचालन के दौरान सामग्री का प्रबंधन, लागत का हिसाब-किताब और आए हुए अतिथियों से संवाद स्थापित करने का पूरा प्रबंधन विद्यार्थियों ने स्वयं किया।
व्यवहारिक ज्ञान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाना उद्देश्य
विद्यालय प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों में जीवनोपयोगी कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, आत्मविश्वास, बेहतर संचार कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए समय-समय पर इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
अधिकारियों व अभिभावकों ने बढ़ाया उत्साह
आयोजित फूड स्टॉल में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर व्यंजनों का स्वाद चखा और विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
अपराध
गिरवी रखी जमीन छल से अपने नाम कराने वाले दो सहोदर भाई गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर वसूल रहे थे 6% ब्याज
राजनांदगांव। गिरवी रखी जमीन को सुनियोजित तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम ब्याज वसूलने और धोखाधड़ी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों (कोठारी बंधुओं) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पैसों की जरूरत पर रखी थी जमीन गिरवी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू (46 वर्ष) ने 26 जुलाई को थाने में आवेदन सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 25 नवंबर 2021 को उनके पिता आनंद राम साहू को पैसों की आवश्यकता थी, जिस पर उन्होंने अपनी 40 डिसमिल जमीन (खसरा नंबर 138/6) को कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी के पास गिरवी रखा था।
निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 5,11,000 रुपये दिए थे। सिक्योरिटी के तौर पर पीड़ित, उसके पिता और भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए थे।
छल-कपट से अपने नाम कराई रजिस्ट्री, फिर वसूला 6% ब्याज
शिकायत के मुताबिक, निर्मल कोठारी ने छलपूर्वक गिरवी रखी जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद पीड़ित परिवार को जान से मारने और मरवाने की धमकी देकर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों का दुरुपयोग कर अपने भाई नलिन कोठारी के जरिए फर्जी किरायानामा तैयार कराया और सिक्योरिटी चेक बाउंस कराकर अदालत में झूठा केस दर्ज करा दिया।
पैसे लौटाने के बाद भी नहीं लौटाई पूरी जमीन
पीड़ित ने बताया कि मूल रकम चुकाने के बावजूद जमीन वापस करने के नाम पर आरोपियों ने बैंक से 20 लाख रुपये का फाइनेंस करवाकर रकम ऐंठ ली। इसके बाद भी केवल 12 डिसमिल जमीन वापस की गई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन अपने पास रख ली और उसे लौटाने के एवज में और रुपयों की मांग की जाने लगी।
पुलिस ने दर्ज की धाराएं और की गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी निर्मलचंद कोठारी (58 वर्ष) एवं नलिन कोठारी (54 वर्ष) के खिलाफ अपराध क्रमांक 398/26, धारा 386, 420, 34 भादवि तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म स्वीकार करने पर पुलिस ने 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, उप निरीक्षक रतन सिंह नेताम, सुमेंद्र कुमार खरे, आरक्षक प्रियांश, लीलेंद्र और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
राजनांदगांव
शांति भंग करने की आशंका पर दो असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
राजनांदगांव। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिटी कोतवाली पुलिस ने दो असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों पर सार्वजनिक स्थान पर विवाद कर शांति भंग करने की आशंका के चलते बीएनएसएस की धाराओं के तहत कार्रवाई कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार 26 जुलाई को सूचना मिली थी कि शंकरपुर उड़िया मोहल्ला निवासी किशन सोनी (40) गंज चौक में तथा राहुल नगर लखोली निवासी भीमा मंडावी (28) आम लोगों से विवाद और झगड़ा कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उत्तेजित होकर विवाद करने लगे और समझाइश के बावजूद नहीं माने।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पर दोनों को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके विरुद्ध धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। किशन सोनी के विरुद्ध चिखली पुलिस चौकी में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी का मामला दर्ज है, जबकि भीमा मंडावी के खिलाफ बसंतपुर थाना में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार शाह के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में उपनिरीक्षक रतन सिंह नेताम एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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