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अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ लेवल-1 कोर्स उत्तीर्ण कर छत्तीसगढ़ के प्रथम कोच बने मृणाल चौबे

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक मृणाल चौबे ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ लेवल-1 हॉकी कोचिंग कोर्स सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर प्रदेश को गौरवान्वित कर एक नया इतिहास रच दिया है। वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले छत्तीसगढ़ के प्रथम हॉकी कोच बन गए हैं। इस उपलब्धि से उन्होंने न केवल अपने व्यक्तिगत करियर में नया आयाम जोड़ा है, बल्कि छत्तीसगढ़ हॉकी के विकास को भी नई दिशा प्रदान की है और प्रदेश का मान भी बढ़ाया है।
मृणाल चौबे इससे पूर्व राष्ट्रीय क्रीड़ा संस्थान पटियाला से स्पोर्ट्स कोचिंग में डिप्लोमा प्राप्त कर शीर्ष स्थान हासिल कर चुके हैं। वर्तमान में वे रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में युवा खिलाड़ियों को निःशुल्क हॉकी प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं, जिससे अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं।
मृणाल चौबे द्वारा प्रशिक्षित छत्तीसगढ़ बालिका हॉकी टीम ने अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता राउरकेला में आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कोच के रूप में टीम को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए मृणाल चौबे ने छत्तीसगढ़ की सब-जूनियर बालिका हॉकी टीम को उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर ए डिवीजन में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने तकनीकी दक्षता, खेल रणनीति एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन में उल्लेखनीय प्रगति की है, जो उनकी उत्कृष्ट कोचिंग क्षमता और खिलाड़ियों के प्रति समर्पण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
मृणाल चौबे वर्तमान में महालेखाकार कार्यालय रायपुर में अपनी सेवाएँ देते हुए हॉकी खेल के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान प्रदान कर रहे हैं। वे प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ खेल प्रतिभाओं को निखारने और प्रदेश में हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
मृणाल चौबे ने इस विशेष उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ हॉकी, हॉकी इंडिया, जिला हॉकी संघ राजनांदगांव एवं महालेखाकार कार्यालय रायपुर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी एवं सचिव मनीष श्रीवास्तव द्वारा उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कोच के रूप में अवसर प्रदान किया गया, जिसने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षकों भूषण साव, अनुराज श्रीवास्तव, मनीष गौतम, एनथ्रेन्स मिंज एवं तनवीर अकील के मार्गदर्शन को भी अपनी सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने बताया, एफआईएच कोर्स के दौरान मृणाल चौबे को एफआईएच एजुकेटर एवं भारत के प्रतिष्ठित हॉकी कोच हरेन्दर सिंह, राजदीप सिंह तथा विल मुरे (यूनाइटेड किंगडम) का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उनके अनुभव और विशेषज्ञ मार्गदर्शन ने मृणाल को आधुनिक अंतरराष्ट्रीय कोचिंग तकनीकों एवं प्रशिक्षण पद्धतियों को समझने और आत्मसात करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।
छत्तीसगढ़ हॉकी के सचिव मनीष श्रीवास्तव ने बताया की अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ लेवल-1 कोचिंग कोर्स उत्तीर्ण करने से पूर्व मृणाल चौबे ने हॉकी इंडिया के बेसिक, लेवल-1 एवं लेवल-2 कोचिंग कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए, जिसके पश्चात वे एफआईएच के इस अंतरराष्ट्रीय कोर्स के लिए पात्र हुए। यह उनकी सतत सीखने की प्रतिबद्धता और कोचिंग क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
मृणाल चौबे को छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब सरकार के पटियाला हॉकी अकादमी, राउंडग्लास हॉकी अकादमी, मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी, ओडिशा स्टेट हॉकी टीम तथा नवल टाटा हॉकी अकादमी में गेस्ट कोच के रूप में कार्य करने का अनुभव प्राप्त है, उनके इस व्यापक अनुभव का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को निरंतर मिल रहा है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने कहा, मृणाल चौबे की यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ हॉकी परिवार के लिए गर्व का विषय है। उनकी मेहनत, लगन और कोचिंग क्षमता प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।
वहीं सचिव मनीष श्रीवास्तव ने कहा, मृणाल चौबे ने अपनी प्रतिभा और समर्पण से यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हमें विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में प्रदेश के खिलाड़ी नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे।
मृणाल चौबे ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए प्रेरणादायक है और वे भविष्य में भी लगातार सीखते हुए प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुओं, परिवारजनों एवं राजनांदगांव जिले के वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ियों को दिया।
खेल जगत एवं शुभचिंतकों ने उन्हें इस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ हॉकी आने वाले समय में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई सफलताएं अर्जित करेगा।

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अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस : सीएम विष्णुदेव साय ने संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल के होनहार खिलाड़ियों और कोच को किया सम्मानित

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राजनांदगांव। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के गरिमामयी अवसर पर आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश और राज्य का नाम रोशन करने वाले नेशनल खिलाड़ियों और कोचों को सम्मानित किया। इस भव्य कार्यक्रम में राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ विद्यालय की खेल विधा को नई ऊंचाइयां देने वाली कोच को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल की कोच सुश्री विद्या सिंह को खेल के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और उत्कृष्ट मार्गदर्शन के लिए मुख्यमंत्री के हाथों विशेष पुरस्कार से नवाजा गया। इसके साथ ही विद्यालय की होनहार छात्रा कुमारी वंदिता रावटे कक्षा 11वीं और छात्र सौरभ पोंडी कक्षा 10वीं को खेल में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र और स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई।
इस उच्च स्तरीय सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप और ओलंपिक संघ के डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया विशेष रूप से मंच पर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कोच सुश्री विद्या सिंह के मार्गदर्शन और खिलाड़ियों के हुनर की खुलकर सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
इस ऐतिहासिक दोहरी सफलता पर संस्था के प्रबंधकगण अतुल देशलहरा, आदित्य अग्रवाल ने हर्ष व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों और कोच को अपनी शुभकामनाएं दीं।
प्राचार्या श्रीमती रेखा तिवारी ने बधाई देते हुए कहा, विद्यालय के इन होनहारों और हमारी कोच ने राज्य स्तर पर स्कूल का मान बढ़ाया है। खेल भावना और निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है, और हमारे बच्चों ने इसे साबित कर दिखाया है।
खिलाड़ियों और कोच की इस बड़ी उपलब्धि पर विद्यालय के समस्त शिक्षकों और स्टाफ ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूरे खेल दल को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

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दो बार की ओलंपियन टेस्स मेडगेन राजनांदगांव में देंगी बास्केटबॉल का विशेष प्रशिक्षण

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राजनांदगांव। बास्केटबॉल खिलाड़ियों के लिए राजनांदगांव में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल अकादमी द्वारा दिल्ली पब्लिक स्कूल खेलो इंडिया अकादमी एवं युगांतर खेलो इंडिया अकादमी के सहयोग से 28 और 29 जून को दिग्विजय स्टेडियम तथा रेवाडीह स्थित सर्वज्ञ राव बास्केटबॉल अकादमी में विशेष प्रशिक्षण शिविर सह ट्रायल का आयोजन किया जाएगा।
शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ऑस्ट्रेलिया की दो बार की ओलंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता टीम की पूर्व कप्तान टेस्स मेडगेन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगी। उनके साथ एडिलेड लाइटनिंग टीम की जनरल मैनेजर के रूप में भी वे मौजूद रहेंगी। इसके अलावा विनोद नायर, शरणी र, इन्न, लिना जहे एन तथा एडिलेड लाइटनिंग के ओनर मोहन पेंग कू भी शिविर में शामिल होंगे।
आयोजकों के अनुसार शिविर में राजनांदगांव के पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ देशभर के चुनिंदा बास्केटबॉल खिलाड़ी भाग लेंगे। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित महिला नेशनल लीग टीम एडिलेड लाइटनिंग के लिए प्रतिभाशाली महिला खिलाड़ियों तथा डेवलपमेंट टीम के खिलाड़ियों के चयन का भी प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों ने बताया कि राजनांदगांव की दोनों खेलो इंडिया अकादमियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और यहां के खिलाड़ियों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता को देखते हुए यह शिविर शहर में आयोजित किया जा रहा है। ओलंपिक स्तर की खिलाड़ी के आगमन से स्थानीय खिलाड़ियों में खासा उत्साह है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा।
बास्केटबॉल से जुड़े खेल प्रेमियों का मानना है कि राजनांदगांव में इस तरह का शिविर जिले के खिलाड़ियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की प्रेरणा देगा।

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छत्तीसगढ़ हॉकी ने उत्साहपूर्वक मनाया ओलंपिक दिवस, प्रदर्शन मैच में खेलो इंडिया सेंटर जीता

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राजनांदगांव। हॉकी इंडिया नई दिल्ली के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ हॉकी द्वारा मंगलवार को ओलंपिक दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस ऐतिहासिक दिन के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रदर्शन हॉकी मैच का आयोजन किया गया, जो खेलो इंडिया सेंटर बनाम भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के मध्य खेला गया। रोमांचक मुकाबले में खेलो इंडिया सेंटर ने साई को 2-0 गोल से पराजित कर जीत दर्ज की। खेलो इंडिया सेंटर की ओर से धनंजय यादव और प्राण साहू ने शानदार खेल दिखाते हुए 1-1 गोल किए।
मैच की शुरुआत में जिला हॉकी संघ के सचिव शिवनारायण धकेता, नीलमचंद जैन, भूषण साव, खेलो इंडिया हॉकी कोच शकील अहमद, अनुराज श्रीवास्तव और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे ने मैदान के मध्य जाकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए ओलंपिक दिवस के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक ओलंपिक खेलों का पुनर्जन्म फ्रांस के बैरन पियरे डी कुबर्तिन के प्रयासों से हुआ था, जिनके चलते वर्ष 1894 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की स्थापना हुई। पहला आधुनिक ओलंपिक 1896 में एथेंस (ग्रीस) में आयोजित किया गया था। भारत ने पहली बार 1900 के पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लिया था। अंसारी ने गर्व के साथ याद दिलाया कि भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 8 स्वर्ण पदक जीतकर विश्व में अपनी एक विशेष और अटूट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 23 जून को ओलंपिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को खेल, स्वास्थ्य, फिटनेस और ओलंपिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।
समारोह के दौरान मैच की विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ हॉकी के सौजन्य से अतिथियों द्वारा पुरस्कृत व सम्मानित किया गया।
इस समापन एवं पुरस्कार वितरण अवसर पर प्रमुख रूप से साई हॉकी कोच परमजीत सिंह, हॉकी कोच शकील अहमद, वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी शेख महबूब शरीफ, आशीष सिन्हा, अभिनव मिश्रा, राजेश निर्मलकर, साई हॉकी कोच स्मृति सिंह एवं कृष्णा यादव सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे।

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