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राजनांदगांव

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 20.01 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज आदर्श कृषि उपज मंडी प्रांगण राजनांदगांव में 20 करोड़ 1 लाख 67 हजार रूपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इस अवसर पर कृषि विकास एवं किसान कल्याण, आदिम जाति विकास, जैव प्रौद्योगिकी, मछली पालन एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम तथा सांसद संतोष पाण्डेय विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में आदर्श कृषि उपज मंडी समिति राजनांदगांव की मंडी निधि से 2 करोड़ 39 लाख 17 हजार रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। वहीं राजनांदगांव विकासखंड की ग्राम पंचायतों में विभिन्न मदों से स्वीकृत 16 करोड़ 32 लाख 98 हजार रूपए की लागत के 181 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 9 ग्राम पंचायतों में 1 करोड़ 29 लाख 52 हजार रूपए की लागत से निर्मित 18 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं मंत्री रामविचार नेताम ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से 13 क्लस्टर की 51 ग्राम पंचायतों के सरपंचों से संवाद कर विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम में धान की जगह अन्य फसल लेने वाले किसानों को अरहर और सोयाबीन बीज वितरण किया गया। अंत्योदय स्वरोजगार योजना अंतर्गत मिनीमाता महिला स्वसहायता समूह पेण्ड्री को व्यवसाय संचालित करने के लिए 1 लाख 10 हजार रूपए का चेक वितरण किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मंडी निधि का उपयोग ग्रामीण अधोसंरचना के विकास में अधिक से अधिक किया जाना चाहिए, ताकि गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और ग्रामीणों को इसका सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आदर्श कृषि उपज मंडी राजनांदगांव प्रदेश की प्रमुख मंडियों में से एक है, जहां किसानों और व्यापारियों की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। यहां मॉल, सिनेमा, विश्राम गृह, बैंक, पोस्ट ऑफिस, धर्मकांटा, अनाज एवं सब्जी मंडी जैसी अनेक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हैं। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव के किसान फसल विविधीकरण की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। धान के साथ-साथ मक्का एवं सोयाबीन जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने से किसानों की आय बढ़ेगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन, सीसी रोड, सार्वजनिक भवन, खेल मैदान, बाउंड्री वॉल सहित अन्य निर्माण कार्य ग्रामीणों की सुविधा के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य टिकाऊ एवं मानक अनुरूप होने चाहिए ताकि नागरिकों को लंबे समय तक उनका लाभ मिल सके।
कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लगभग 20 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन जिले के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान खेती-किसानी और समृद्ध लोक संस्कृति से है, इसलिए इसे संरक्षित और अधिक समृद्ध बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने कहा। धान के साथ-साथ कम पानी और कम लागत वाली फसलों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। अत्यधिक धान उत्पादन के कारण भू-जल स्तर में गिरावट, जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव तथा रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता और पर्यावरण प्रभावित हो रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार धान के स्थान पर अन्य फसलें लेने वाले किसानों को 15 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता प्रदान कर रही है, ताकि किसान फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित हों।
मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसानों को खेती के साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन एवं उद्यानिकी जैसी कृषि आधारित गतिविधियों को भी अपनाना चाहिए, जिससे उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्रों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में विकसित करने कहा। यहां आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खेती, डेयरी, मत्स्य पालन, उद्यानिकी तथा अन्य कृषि आधारित गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाए, ताकि किसान नई तकनीकों को देखकर उन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि किसानों की सहभागिता और शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में कृषि और अधिक समृद्ध होगी तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी।
सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार लोकार्पण, भूमि पूजन व शिलान्यास कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा विकसित भारत-जीरामजी (वीबी-जीरामजी) योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों का काम मिलेगा और ग्रामीण श्रमिकों को 300 रूपए की दर से भुगतान किया जाएगा। इस योजना के तहत ग्रामों में पौधरोपण, जल संरक्षण सहित अन्य कार्य किया जा सकता है। वीबी-जीरामजी योजना के तहत ग्राम के सरपंच, पंच, पटेल एवं ग्रामीण मिलकर गांव के विकास के लिए निर्णय ले सकेंगे। उन्होंने किसानों को ग्रीष्म काल में धान की खेती नहीं करने कहा। उन्होंने जल संरक्षण को बढ़ावा देने कहा। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने किसानों से देश के राजस्व को अन्य देशों में जाने से रोकने तथा देश को कृषि उत्पादन क्षेत्र में स्वावलंबी बनाने के लिए धान के साथ दलहन, तिलहन सहित अन्य फसल लेने कहा।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि राज्य सरकार के नेतृत्व में राजनांदगांव जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और जनसामान्य को इसका सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि गांवों में सड़क, भवन एवं अन्य अधोसंरचनात्मक सुविधाओं के विकास के साथ-साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। किसान, महिलाएं एवं ग्रामीण परिवार विभिन्न योजनाओं से सशक्त हो रहे हैं और ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों का समग्र विकास ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की मजबूत नींव है।
सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नीलू शर्मा, जिला सहकारी केन्द्र बैंक मार्यादित के अध्यक्ष सचिन बघेल, जनपद पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, खूबचंद पारख, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, रमेश पटेल, सौरभ कोठारी, राजेश श्यामकर, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, किसान उपस्थित थे। पूर्व सांसद अभिषेक सिंह ग्राम पंचायत कोपेडीह से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

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कातलवाही में बिना लाइसेंस खाद बनाने वाली फैक्ट्री पर छापा : कृषि विभाग ने जब्त की 2485 बोरी उर्वरक सामग्री

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राजनांदगांव। जिले में नकली, अमानक और बिना लाइसेंस के खाद व जैविक उर्वरकों के निर्माण और अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर कृषि विभाग के उड़नदस्ता दल ने डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम कातलवाही स्थित ‘किसान मित्र स्वस्तिक ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड’ फैक्ट्री पर आकस्मिक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक उर्वरक निर्माण और भंडारण से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए मौके से कुल 2,485 बोरी अवैध उर्वरक व कच्ची सामग्री जब्त कर ली है।

परिसर में मिलीं अलग-अलग ब्रांड की बोरियां, पंचनामा तैयार
कृषि विभाग की टीम जब कातलवाही स्थित फैक्ट्री पहुंची, तो वहां बड़े पैमाने पर खाद का निर्माण और पैकिंग की जा रही थी। अधिकारियों द्वारा वैधानिक अभिलेख मांगे जाने पर प्रबंधन टालमटोल करने लगा। उड़नदस्ता दल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परिसर को खंगाला और कुल 2485 बोरियों का पंचनामा तैयार कर उन्हें जब्त किया।

जब्त सामग्रियों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:

प्रोम (स्वस्तिक ऑर्गेनिक): 1512 बोरी

कुबेर बायो प्रोम: 340 बोरी

प्रिज्म चैंपियन: 375 बोरी

बायोचार व कंपोस्ट पाउडर: क्रमशः 62 और 40 बोरी

रॉक फॉस्फेट व व्हाइट क्ले: 40-40 बोरी

ह्यूमिक एसिड व अन्य: सुपर ग्रेड-1 सहित अन्य केमिकल की बोरियां।

सैंपल सुरक्षित, रिपोर्ट आते ही होगी कानूनी कार्रवाई
जिला स्तरीय उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक संचालक कृषि डॉ. बिरेंद्र अनंत ने बताया कि फैक्ट्री से जब्त की गई विभिन्न सामग्रियों के नमूने (सैंपल) नियमानुसार परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही फैक्ट्री के उत्पादन और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। प्रयोगशाला से जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत संचालक के विरुद्ध सख्त विधिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अफसरों की मुस्तैदी से हुई कार्रवाई, किसानों से अपील
इस बड़ी छापामार कार्रवाई में जिला स्तरीय टीम के साथ डोंगरगढ़ विकासखंड के उर्वरक निरीक्षक जीवन्तलाल चंद्रवंशी, सुनील शर्मा सहित उड़नदस्ता दल के अन्य सदस्य शामिल थे। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि अमानक और बिना लाइसेंस के खाद बेचने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और लायसेंसधारी विक्रेताओं से ही खाद खरीदें। किसी भी स्थान पर संदिग्ध या अवैध खाद निर्माण की जानकारी मिलने पर तुरंत कृषि विभाग को सूचित करें।

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सीजीपीएससी उप निरीक्षक प्रारंभिक परीक्षा : राजनांदगांव के 7 केंद्रों में परीक्षा संपन्न, कलेक्टर ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) द्वारा आयोजित सूबेदार, उप निरीक्षक (एसआई) संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर (प्रारंभिक) परीक्षा 2024 रविवार को जिले के 7 परीक्षा केंद्रों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित इस परीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

कलेक्टर ने बारीकी से परखीं बुनियादी सुविधाएं
औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया, पहचान सत्यापन (वेरिफिकेशन), बैठक व्यवस्था, पेयजल, बिजली की उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने परीक्षा केंद्रों में तैनात केन्द्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों से चर्चा कर आयोग के नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा।

लापरवाही और अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा की गोपनीयता हर हाल में बरकरार रहनी चाहिए। परीक्षा कक्षों में प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेश को रोकने के लिए प्रभावी चेकिंग की जाए। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधितों के खिलाफ तत्काल नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता और निष्पक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने की हिदायत दी।

प्रशासन की मुस्तैदी से सुचारू रूप से संपन्न हुई परीक्षा
उल्लेखनीय है कि सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर के पदों के लिए आयोजित इस प्रारंभिक परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखा गया। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के सफल और सुचारू संचालन के लिए सभी केंद्रों पर पहले से ही व्यापक तैयारियां मुकम्मल कर ली गई थीं, जिसके चलते जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय स्थिति की खबर नहीं है और परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

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30 जरूरतमंदों और संस्थाओं को 13.05 लाख की सहायता, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बांटे चेक

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रविवार को राजनांदगांव प्रवास के दौरान स्पीकर हाउस में 30 जरूरतमंद व्यक्तियों एवं सामाजिक संस्थाओं को कुल 13 लाख 5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए। इस दौरान शिक्षा, गंभीर बीमारियों के इलाज, दुर्घटना पीड़ितों, सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों तथा विभिन्न जनहित कार्यों के लिए सहायता प्रदान की गई।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जरूरतमंदों की सहायता करना समाज और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवारों को समय पर सहायता मिलने से उन्हें राहत मिलती है और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य भी यही है।

सहायता प्राप्त करने वालों में चंचल निर्मलकर को उच्च शिक्षा के लिए 25 हजार रुपए, मोहम्मद शमिम बदगुजर को मुस्लिम सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए एक लाख रुपए, गोविंद चिन्दा को बुढ़ादेव मूर्ति स्थापना के लिए एक लाख रुपए तथा अजू राम साहू को ब्रेन हेमरेज के उपचार के लिए एक लाख रुपए की सहायता दी गई।

इसके अलावा आकाशीय बिजली से आश्रितों की मृत्यु होने पर सरोज निषाद, ईश्वर दास और पन्नालाल को 50-50 हजार रुपए, गंभीर बीमारियों एवं दुर्घटना में उपचार के लिए सागर सोनी, चुरामन मंडावी, मनसुख दास साहू, जितेश्वर प्रसाद, डॉली साहू, शोभा देवांगन, टीकम प्रजापति, खेमलाल, तीरख कुमार सहित कई हितग्राहियों को 20 हजार से 50 हजार रुपए तक की सहायता राशि प्रदान की गई।

सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों के लिए भी सहायता दी गई। जम्मन देवांगन को हनुमान जन्मोत्सव आयोजन के लिए 50 हजार रुपए, नव स्टार फैन नवयुवक मंडल धामनसरा को बर्तन खरीदने के लिए 40 हजार रुपए तथा श्री सेवा समिति, सहदेव नगर को वाद्ययंत्र के लिए 30 हजार रुपए का चेक सौंपा गया। वहीं क्रिकेट प्रतियोगिता, बच्चों की शिक्षा, आगजनी से प्रभावित परिवारों और अन्य जरूरतमंदों को भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।

चेक वितरण के दौरान सहायता प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा।

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