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रायपुर

रथदूज पर तोमर के बेडे़ में शामिल हुई टोयोटा लैंड क्रूजर !

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रायपुर. सनातनियों के महान पर्व रथदूज के शुभ अवसर पर क्षत्रिय करणी सेना परिवार में एक नए सदस्य का आगमन हुआ है. इसका नाम टोयोटा लैंड क्रूजर है जोकि भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर के बेडे़ यानिकि काफिले में शामिल की गई है.

क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर के मुख्य निवास पर इस वाहन को पूजापाठ कर ट्रेलर से उतारा गया. मुख्य महराज आचार्य पँडित धीरज शास्त्री इस दौरान विशेष रूप से उपस्थित थे.

उनकी मौजुदगी में आचार्य अखिलेश शुक्ला, पँडित सँदीप महराज, जयप्रकाश पाँडेय, शाश्वत ओझा, धर्मेंद्र मिश्रा व पँडित कृष्णा पयासी की टीम ने मँत्रोच्चार के मध्य “नए रथ” की आगवानी सुनिश्चित की. देवी देवताओं सहित गौमाता व माताश्री सुशीला देवी तोमर से भी आशीर्वाद लिया गया.

टोयोटा लैंड क्रूजर वाहन की पूजा अर्धांगिनी श्रीमती शुभ्रा तोमर के साथ वीरेन्द्र सिंह
तोमर, रोहित तोमर, श्रीमती भावना सिंह तोमर ने अपने बच्चों अनुभव सिंह तोमर, विक्रमादित्य सिंह तोमर, अर्ची सिंह तोमर, कृषा सिंह तोमर सँग की.

नए वाहन की पूजा के दौरान
क्षत्रिय करणी सेना से जुडे़ हुए राजसिंह हाडा़, राजसिंह सहित सहयोगी कर्मचारी भाठागाँव स्थित “साँईविला” के बँगला नँबर ए वन में उपस्थित थे. श्री हाडा़ सहित सभी सहयोगियों ने तोमर परिवार को नए वाहन के आगमन पर अपनी बधाई व शुभकामनायें भी दी हैं.

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छत्तीसगढ़

तोमर ने सिंधी समाज को चालीहा महोत्सव की दी बधाई

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने सिंधी भाई – बहनों को चालीहा महोत्सव की बधाई दी है. उन्होंने अपने बधाई सँदेश में कहा है कि चालीसा दिनों तक तप – तपस्या – भक्तिभाव सँग की जाने वाली आराधना शाँति और सुकून प्रदान करेगी.

ज्ञात हो कि चालीहा महोत्सव का शुभारँभ 16 जुलाई, दिन गुरुवार को हुआ है. महोत्सव के प्रारँभ होते ही रायपुर सहित देश विदेश में सिंधी समाज से जुडे़ सभी भाई बहन विशेष पूजापाठ में जुट गए हैं.

क्षत्रिय करणी सेना के राज्य के मुखिया तोमर ने चालीहा महोत्सव के दौरान किए जाने वाले व्रत की बात करते हुए कहा है कि तमाम तरह के व्यसनों से मुक्ति का मार्ग यह पर्व दिखाता है. छोटी बडी़ सभी नदियों के सँरक्षण सहित उन्हें पूजे जाने का भी सँदेश यह त्यौहार देता है.

0 क्या है महोत्सव?

उल्लेखनीय है कि इस महोत्सव के दौरान इसे मानने वाले न तो अपने बालों में कँघी करते हैं और न ही दाढ़ी – बाल कटवाते हैं. जूते चप्पल त्यागने के साथ ही जमीन पर सोते हैं.

चालीहा महोत्सव के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है. इस अवधि में शुरुआत के पहले नौ दिन अथवा महोत्सव के अँतिम नौ दिन व्रत रखने की भी परँपरा है. व्रती दिन में केवल एक समय सात्विक भोजन का प्रसाद ग्रहण करते हैं.

0 क्यों मनाते हैं महोत्सव?

चालीहा महोत्सव से जुडी़ हुई
पौराणिक कथा पर प्रकाश डालते हुए जानकार बताते हैं कि सिंधु प्राँत में आज से करीब एक हजार साल पहले मिरख बादशाह का शासन हुआ करता था. वह बेहद अत्याचारी था.

उसके अत्याचार से पीडित प्रभावित श्रद्धालुओं ने सिंधु नदी के किनारे 40 दिनों तक भगवान वरुण की प्रार्थना की थी. इसके ही फलस्वरूप तब नदी से ही एक विशिष्ट बालक के अवतरित होने की आकाशवाणी हुई थी.

मान्यता है कि वरूण देवता स्वयँ मछली पर सवार होकर अवतरित हुए थे. उन्होंने व्रतियों से कहा था कि ” चिंता न करो मैं बहुत जल्द रतन राय के घर जन्म लूँगा और तुम्हारे दुखों का अंत करूँगा. ”

भविष्यवाणी मुताबिक वर्ष 991 में सिंध प्राँत के नसरपुर नगर में रतन राय के घर चैत्र शुक्ल तृतीया को एक बालक का जन्म हुआ. इसका नामकरण उदय चँद के रूप में हुआ.

आगे चलकर इसी ने
मिरख बादशाह का अँत सिंधी समाज के भाई बहनों की पीडा़ हर ली थी. तब से ही यह पर्व मनाया जाता है.

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रायपुर

फिजिक्स ओलंपियाड : करणी सेना के छग अध्यक्ष तोमर क्यूँ हुए प्रसन्न ?

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व सँभाल रहे सँगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह तोमर ने फिजिक्स ओलंपियाड में मिली स्वर्णिम सफलता पर प्रसन्नता जताई है. उन्होंने इतिहास रचने वाले भारतीय दल को भविष्य के लिए अपनी शुभकामनायें भी प्रेषित की हैं.

उल्लेखनीय है कि 56 वें इंटरनेशनल फिजिक्स ओलंपियाड (IPhO) 2026 का आयोजन बुकारामांगा (कोलंबिया) में 4 से 12 जुलाई के मध्य हुआ था.

* विश्व की पहली पायदान हासिल की

इस आयोजन में शामिल हुए भारतीय लड़कों की स्वर्णिम सफलता ने दोहरा काम किया है. एक तो उसने पदक प्राप्त किए ही दूसरी ओर हिंदुस्तान को पहली पायदान भी दिला दी. तोमर इसी बात से बेहद प्रसन्न हैं.

इस आयोजन में विश्व के कुलजमा 87 देशों के प्रतिभागी शामिल हुए थे. भारत के सभी पाँच प्रतिभागी विद्यार्थियों ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए हैं.

ताइवान, दक्षिण कोरिया, रूस, कजाकिस्तान और चीन के साथ मिलकर भारत के दल को पहली रैंक मिलने का क्षत्रिय करणी सेना ने स्वागत किया है.

इसके छग अध्यक्ष तोमर ने 381 प्रतिभागी विद्यार्थियों में शामिल भारतीय दल के कनिष्क जैन (पुणे, महाराष्ट्र), रिद्धेश अनंत बेंडले (इँदौर, मध्य प्रदेश), ऋषित गर्ग (द्वारका, नई दिल्ली), श्रेष्ठ सुरैया (मुँबई, महाराष्ट्र), स्वरित जोशी (अहमदाबाद, गुजरात) को स्वर्णिम बताया है.

इन्हीं पाँचों प्रतिभागी विद्यार्थियों ने वर्ष 2018 के बाद भारत को मुस्कुराने का मौका इस साल आयोजन के दौरान दिया. तब भी पाँच स्वर्ण पदक जीतकर भारत पहली पायदान पर आया था.

ज्ञात हो कि, तब लिस्बन (पुर्तगाल) में अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड के 49वें सँस्करण का आयोजन हुआ था. तब कोलकाता के सिद्धार्थ तिवारी, जयपुर के पवन गोयल, राजकोट के निशांत अभांगी,कोटा के लय जैन, मुँबई के भास्कर गुप्ता ने सोना अर्जित किया था.

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खेल

नीरू ढांडा की जीत कन्या भ्रूण हत्या पर निशाना : करणी सेना

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना परिवार ने 26 वर्षीय सुश्री नीरू ढांडा की स्वर्णिम जीत पर प्रसन्नता जताई है. सँगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. राजसिंह शेखावत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने इस जीत को कन्या भ्रूण हत्या पर निशाना बताया है.

उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (आईएसएसएफ) द्वारा इटली के लोनाटो शहर में शॉटगन वर्ल्ड कप टूर्नामेंट का आयोजन हाल में हुआ था. स्पर्धा में शामिल रहीं सुश्री नीरू ढांडा ने इतिहास रचने वाली जीत दर्ज की थी.

* भारत की पहली शूटर जो जीत लाईं स्वर्ण पदक

श्री शेखावत व श्री तोमर ने सुश्री ढांडा की जीत पर बधाई देते हुए कहा है कि वह भारत की पहली शूटर हैं जिन्हें इस इवेंट में स्वर्णिम सफलता मिली है. इस जीत को महिलाओं को नई दिशा देने वाला बताया जा रहा है.

दोनों महानुभावों ने सुश्री ढांडा की जीत पर बोलते हुए कहा है कि उन्होंने हिंदुस्तान
के साथ ही अपनी जन्मभूमि हरियाणा, कर्मभूमि मध्यप्रदेश का भी मान सम्मान बढा़या है.

ज्ञात हो कि उनका जन्म हरियाणा के जींद जिले के संगतपुरा गाँव में वर्ष 2000 के आसपास हुआ था. फिलहाल वह अपने परिवार सहित मध्यप्रदेश के शिवपुरी में शिफ्ट हो चुकी हैं.

यहाँ वह सेना की आर्मी मार्क्समैनशिप यूनिट महू (इंदौर) में प्रशिक्षण लेती हैं. वह भारतीय सेना के ‘कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस’ से बतौर नायब सूबेदार जुडी़ हुई हैं. शीघ्र ही वह सूबेदार के पद पर पदोन्नत हो जाएँगी.

करणी सेना के द्वारा सुश्री ढांडा के सम्मान की इच्छा जताई गई है. श्री शेखावत व श्री तोमर ने इसकी अनुमति के लिए उनके परिजनों सहित उस मिलिट्री यूनिट से सँपर्क साधने की तैयारी प्रारँभ कर दी है जहाँ वह पदस्थ हैं.

दोनों ने हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात का भी उल्लेख किया है. कन्या भ्रूण हत्या के मामलों की ओर सँकेत करते हुए कहा कि इसका व्यापक सामाजिक प्रभाव हरियाणा में देखा जा सकता है.

हरियाणा वह राज्य है जहाँ प्रति हजार लड़कों के पीछे महज 895 लड़कियाँ ही जिंदा रह पाती हैं. ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के कारण सुधार तो आया है, लेकिन आँकडे़ पूरी तरह सँतुलित नहीं हो पाए हैं.

क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय व प्रदेश अध्यक्षद्वय श्री शेखाबत – श्री तोमर कहते हैं कि सुश्री ढांडा की स्वर्णिम सफलता कन्या भ्रूण हत्या के मुँह पर एक करारा तमाचा है. साथ ही उनकी सफलता ने माँ करणी, माँ भगवती, माँ दुर्गा जैसी देवियों जैसी कन्याओं को देश की असली ताकत बताया है.

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