Connect with us

राजनांदगांव

बचपन की खुशहाली के लिए शुरू हुआ शिशु संरक्षण माह, गांव-गांव में लगाया जाएगा पोषण मेला

Published

on

राजनांदगांव। शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य के लिए पोषक आहार देने के साथ ही निर्धारित आयु के बच्चों को निश्चित अंतराल में विटामिन-ए सिरप और आयरन फॉलिक एसिड (आईएफए) सिरप भी दिया जाना आवश्यक है। ऐसी ही आवश्यक जानकारियां देकर परिजन को जागरुक करने के लिए जिले में शिशु संरक्षण माह की शुरुआत की गई है, जो 8 अप्रैल तक चलाया जाएगा। इस दौरान शिशुओं की सेहत को प्राथमिकता में रखकर सुपोषण के लिए एक महीने तक विविध आयोजन किए जाएंगे। गांव-गांव में पोषण मेला लगाया जाएगा। बच्चों का वजन लिया जाएगा।
शिशु संरक्षण माह की शुरुआत में पहले दिन विभिन्न अस्पतालों में शिविर लगाकर शिशुओं की स्वास्थ्य जांच की गई तथा परिजनों को शिशु के सुपोषण संबंधी परामर्श दिया गया। शिशु संरक्षण माह के अंतर्गत जागरुकता अभियान भी शुरू किया गया है। इस दौरान सभी विकासखंडों के सीएचसी व पीएचसी में प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 4 बजे तक सुपोषण से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिशु संरक्षण माह की शुरुआत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा-लगभग 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए विटामिन ए के अनुपूरक कार्यक्रम के माध्यम से विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए शिशु संरक्षण माह की शुरुआत की जा रही है। यह कार्यक्रम वर्ष में दो बार चलाया जाता है। इस बार भी स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर दस सत्रों में नियमित रूप से विटामिन-ए के अनुपूरक कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को विटामिन-ए और आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) दिया जाएगा। यह खुराक पिलाने के लिए जिले के समस्त शासकीय स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी केंद्रों पर व्यवस्था की गई है। साथ ही समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के वजन तौलने की व्यवस्था भी की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों का आयु के अनुसार शारीरिक विकास देखना है। यदि बच्चा सामान्य वजन से कम हुआ तो उसे निकटतम पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा जाएगा जहां उसकी संपूर्ण देखभाल की जाएगी और सामान्य वजन में लाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने कहा-बच्चों को विटामिन-ए सिरप और आईएफए सिरप माता-पिता की देख-रेख में मितानिन द्वारा दिया जाएगा। एक माह तक संबंधित क्षेत्र की मितानिन की निगरानी में यह सिरप पिलाया जाएगा। इस दौरान 9 माह से 1 वर्ष के बच्चों को विटामिन-ए सिरप 1 एमएलए 1 वर्ष से 5 वर्ष के बच्चों को विटामिन-ए सिरप 2 एमएल तथा 6 माह से 59 माह के बच्चों को सप्ताह में एक बार आईएफए सिरप 1 एमएल पिलाया जाएगा।

…इसलिए जरूरी है विटामिन ए और आईएफए सिरप
विटामिन ए से भरपूर भोजन का नियमित सेवन शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। यह हमारी त्वचा, आंखों और दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन-ए हड्डियों के विकास में सहायक होता है। इससे रोग प्रतिरोधक प्रणाली मजबूत होती है। इसके अलावा यह शिशु को संक्रमण से लड़ने, नेत्रों की रोशनी को स्वस्थ रखने और मजबूत दांत पाने में मदद करता है। वहीं आईएफए शरीर में हिमोग्लोबिन का स्तर सही रखता है। हिमोग्लोबिन के लिए शरीर में आयरन, फॉलिक एसिड, विटामिन सी, प्रोटीन और विटामिन बी 12 की मात्रा ठीक होनी चाहिए। यह शरीर के जरूरी तत्व हैं और इनमें से किसी को भी शरीर खुद नहीं बना सकता। अगर भोजन में इनमें से किसी भी तत्व की कमी हो तो शरीर में हिमोग्लोबिन कम हो जाता है और शरीर में पीलापन आ जाता है। ऐसी कमी को दूर करने के लिए बच्चों को आईएफए दिया जाता है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राजनांदगांव

उद्योगों को कलेक्टर का अल्टीमेटम : एक माह में अपनाएं सोलर ऊर्जा, सीएसआर से गांवों के विकास में दें योगदान

Published

on

राजनांदगांव। जिले में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। उन्होंने सभी उद्योगों को एक माह के भीतर सोलर ऊर्जा अपनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएसआर के तहत स्थानीय समुदायों के हित में अधिक से अधिक कार्य करने की अपील की।

बैठक में कलेक्टर ने उद्योग प्रतिनिधियों से उनकी बिजली खपत और ऊर्जा जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए उद्योगों को स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन बढ़ाना चाहिए। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और संचालन लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोलर संयंत्र लगाने में तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी आने पर जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।

कलेक्टर ने कहा कि उद्योग अपने परिसरों, कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्रों और अन्य भवनों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाएं तथा वर्चुअल नेट मीटरिंग जैसी सुविधाओं का भी लाभ लें। जिन उद्योगों में पहले से सोलर संयंत्र स्थापित हैं, वे अन्य उद्योगों को भी हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करें।

बैठक में सीएसआर गतिविधियों पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों के सबसे बड़े हितधारक आसपास के ग्रामीण और स्थानीय नागरिक हैं। इसलिए सीएसआर के तहत ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका सीधा लाभ स्थानीय समुदाय को मिले और उद्योगों व समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।

उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने संस्थानों में संचालित सोलर परियोजनाओं, ऊर्जा उत्पादन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कई उद्योगों ने सोलर क्षमता विस्तार और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं पर कार्य शुरू करने की बात कही, जबकि कुछ ने सर्वेक्षण पूरा होने के बाद जल्द काम शुरू करने की जानकारी दी।

बैठक में अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, सहायक श्रमायुक्त समीर मिश्रा सहित जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Continue Reading

राजनांदगांव

स्कूलों में यातायात जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की दी जानकारी

Published

on

राजनांदगांव। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात के नियमों की जानकारी देने के साथ उनका पालन करने का संकल्प भी दिलाया गया।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में यातायात शाखा की टीम ने रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, गुरु नानक स्कूल, पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्कूल, वेसलियन स्कूल, वाइडनियर स्कूल तथा जेएमजे स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

यातायात अधिकारी सहायक उप निरीक्षक कुंज लाल साहू, शरद मसीह, प्रधान आरक्षक खम्हन सिन्हा तथा आरक्षक सोमेश सिंह, रविकांत देवांगन और संदीप कुर्रे ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी।

इसके अलावा विद्यार्थियों को सड़क पार करते समय ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने, यातायात संकेतों और सिग्नलों का पालन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

Continue Reading

राजनांदगांव

आयुक्त ने ली संकुल समन्वयकों की बैठक : शिक्षकों को मिलेगा ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ का लाभ

Published

on

राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत आम नागरिकों को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जादाता बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम आयुक्त श्री जी.आर. मरकाम ने टाउन हॉल में संकुल शैक्षिक समन्वयकों की विशेष बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत शिक्षकों को इस महत्वाकांक्षी योजना से जोड़ना और उन्हें अपने घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करना रहा।

शिक्षा विभाग के माध्यम से घर-घर तक पहुंचेगा संदेश
बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त श्री मरकाम ने कहा कि शिक्षा विभाग प्रदेश का सबसे बड़ा विभाग है और निकाय क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिक्षक निवास करते हैं। संकुल समन्वयक नियमित रूप से शिक्षकों के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनके माध्यम से इस योजना का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

आयुक्त ने बताया कि योजना को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है:

कलेक्टर द्वारा समीक्षा: अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जनप्रतिनिधियों की पहल: महापौर स्वयं वार्डों और सोसायटियों में बैठकें ले रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष का संवाद: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी जिले के ऐसे 400 लाभार्थियों से चर्चा की है, जिनका बिजली बिल शून्य हो चुका है।

1167 उपभोक्ताओं का बिजली बिल हुआ ‘जीरो’
बैठक में बिजली विभाग के सहायक अभियंता श्री रोहित मंडावी ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 4 हजार लोग सोलर पैनल लगवा चुके हैं, जिनमें से 1167 उपभोक्ताओं का बिजली बिल पूरी तरह शून्य आ रहा है। उन्होंने सोलर यूनिट उत्पादन, खपत और ऑनलाइन आवेदन की बिंदुवार प्रक्रिया की जानकारी दी।

सब्सिडी और लोन प्रक्रिया की दी गई जानकारी
लीड बैंक मैनेजर श्री मोनिस शर्मा ने केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी और बैंक ऋण प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह न्यूनतम कागजी कार्रवाई और आसान किश्तों के माध्यम से शिक्षक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

बैठक में कार्यपालन अभियंता श्री दीपक खांडे, श्री यू.के. रामटेके, बीईओ श्री राजूराम साहू, बीआरसी श्री भगत सिंह सहित बिजली विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में संकुल शैक्षिक समन्वयक मौजूद रहे।

Continue Reading

Trending