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राजनांदगांव

टीबी को हराने जिलेभर में हुआ जागरुकता का प्रयास, मेडिकल कॉलेज में हुई स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी स्पर्धा

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राजनांदगांव। टीबी (क्षय) रोग पर नियंत्रण करने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर विश्व क्षय दिवस मनाया गया। इस दौरान मेडिकल कालेज व जिला अस्पताल में कई प्रेरक गतिविधियां आयोजित की गईं। टीबी रोग से बचाव हेतु विभिन्न माध्यमों से संदेश प्रसारित किए गए। अस्पतालों में बैनर व पोस्टर भी लगाए गए, ताकि टीबी बीमारी के लक्षणों को बताकर इससे बचाव के लिए लोगों को जागरुक किया जा सके।
विश्व क्षय दिवस के अवसर पर पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य प्रश्नोत्तरी स्पर्धा आयोजित की गई। कई अस्पतालों में हस्ताक्षर अभियान व चित्रकला स्पर्धा के साथ ही शहर के प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का मंचन कर लोगों को टीबी रोग के लक्षण, खतरों तथा उपचार संबंधी जानकारी देकर जागरुकता का प्रयास किया गया। जिला क्षय अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया ने बतायाः हर साल 24 मार्च को विश्व क्षय दिवस मनाया जाता है। भारत सरकार ने साल 2025 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उससे भी पहले यानि 2023 तक छत्तीसगढ़ को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए क्षय रोगियों को खोजने से लेकर उनका इलाज करने और पोषण हेतु उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। टीबी रोग की रोकथाम की दिशा में उपचार कराकर स्वस्थ हो चुके 20 लोग भी अपनी अहम भागीदारी निभा रहे हैं। ऐसे सेवाभावी लोगों का टीबी मितान नाम दिया गया है।
उन्होंने आगे बताया, क्षय दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को टीबी के प्रति जागरुक करना है। टीबी के लक्षण दिखने पर मरीज को तत्काल इलाज की सुविधा प्रदान कर इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है। टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है, इसलिए इससे घबराने के बजाए सबसे पहले इलाज शुरू कराना चाहिए। डॉट्स पद्धति के जरिए इसका पूरा कोर्स लेने से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बतायाः विश्व क्षय दिवस पर पुराना जिला अस्पताल में कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अस्पताल परिसर में जनजागरुकता के लिए बैनर-पोस्टर लगाए गए तथा जागरुकता रथ के माध्यम से भी टीबी रोग से बचाव संबंधी उपायों का प्रचार-प्रसार किया गया। उन्होंने बताया, टीबी रोग किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति को कभी भी हो सकता है, जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल भी सकता है, लेकिन इसका उपचार भी किया जा सकता है। शासकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में टीबी रोग का निःशुल्क जांच व उपचार किया जाता है। चिकित्सक के निर्देशानुसार निश्चित समयावधि तक दवाइयां लेने से टीबी रोग पूर्ण रूप से ठीक हो सकता है। जिस किसी को भी टीबी के लक्षण नजर आते हैं तो वह जल्द से जल्द सरकारी अस्पताल में जाकर अपना इलाज करवा सकते हैं। अस्पताल में बलगम की जांच बहुत जल्द तथा मुफ्त की जाती है।

बच्चों में भी हो सकते हैं टीबी के लक्षण
बच्चों में टीबी (क्षय) रोग के लक्षण को जान पाना और उसका इलाज कर पाना एक खास तरह का चुनौतीपूर्ण कार्य है। यह बीमारी यदि बच्चों में हो जाए तो यह बड़ों से भी अधिक घातक हो जाती है क्योंकि बच्चों में वयस्कों की तुलना में रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम होती है। इस संबंध में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अल्पना लूनिया ने बतायाः बच्चों को जब कोई परेशानी होती है या जब वह बीमार होते हैं तो अक्सर वह अपनी समस्या सही से बता नहीं पाते हैं। इस कारण बच्चों में क्षय रोग का तुरंत पता भी नहीं चल पाता है। वहीं सामान्य बच्चों की तुलना में कुपोषित बच्चे जल्दी टीबी का शिकार हो जाते हैं। कुपोषित बच्चे जब टीबी से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो वह भी जल्द बीमार हो जाते हैं। ऐसे में यदि बच्चे को दो हफ्ते या उससे ज्यादा समय से लगातार खांसी आती है तो जांच कराना करा लेना चाहिए।

ऐसे करें बच्चों का टीबी से बचाव
० अपने बच्चे को गंभीर खांसी से पीड़ित लोगों से दूर रखें।
० अपने शिशु को जरूरी टीके समय पर लगवाएं, जिसमें टीबी वैक्सीनेशन के लिए बीसीजी टीका शामिल होता है।
० टीबी के लक्षण दिखने पर तुंरत बच्चे को डॉक्टर के पास ले जाएं।
० एंटी टीबी दवाइयों का कोर्स बच्चे को जरूर पूरा करवाएं।

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राजनांदगांव

कलेक्टर ने उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्राचार्यों एवं शिक्षकों को किया सम्मानित

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय के प्राचार्यों एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में युवाओं के चयन के लिए नियमित रूप से ऑनलाइन मार्गदर्शन प्रदान करने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय डोंगरगांव एवं हायर सेकेंडरी स्कूल पारागांवखुर्द के प्राचार्यों तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में युवाओं के चयन में विशेष प्रयास भूमिका निभाने वाले शिक्षक थंगेश्वर साहू एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट सर्वेश्वर दास नगर पालिक निगम विद्यालय राजनांदगांव के व्याख्याता लेखा साहू को सम्मानित किया। शिक्षक थंगेश्वर साहू के विशेष प्रयासों से 3 युवाओं का अग्निवीर तथा व्याख्याता लेखा साहू के विशेष प्रयासों से 3 बच्चों का नीट में चयन हुआ है। इसके साथ ही ऑनलाईन कक्षाओं में अपनी सेवाएं देने वाले व्याख्याता सोहन निषाद को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

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बुलडोजर चलाकर शासकीय घास भूमि से हटाया गया अवैध अतिक्रमण

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राजनांदगांव। जिले में शासकीय जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन का हंटर लगातार चल रहा है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के कड़े निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आज डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम रीवागहन में बड़ी कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग की टीम ने शासकीय घास भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम रीवागहन निवासी संजय वर्मा द्वारा गांव की शासकीय घास भूमि पर बिना किसी अनुमति के टीन शेड का निर्माण कर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया था। इसकी शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम आज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए बुलडोजर (जेसीबी) की मदद से अवैध निर्माण को ढहा दिया और कीमती शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी जमीनों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए जिला प्रशासन की यह कार्रवाई आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगी।
प्रशासन द्वारा अचानक की गई इस कार्रवाई से क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी जमीनों पर नियम-विरुद्ध निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राजस्व विभाग की टीमें जिले के अन्य क्षेत्रों में भी चिन्हित की गई शासकीय भूमियों की जांच कर रही हैं और जल्द ही अन्य स्थानों पर भी बेदखली की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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राजनांदगांव

कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों तथा शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076, जन शिकायतों, सुशासन तिहार, पीजीएन, पीजी पोर्टल एवं जनदर्शन के लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि प्राप्त आवेदनों का जिम्मेदारीपूर्वक और संतोषजनक निराकरण किया जाना अनिवार्य है तथा इसकी नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाए। कलेक्टर ने सभी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के आधार सत्यापन का कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने तथा शासकीय भूमि का उपयोग जनहित एवं शासकीय कार्यों के लिए सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग द्वारा पिछले एक सप्ताह में 700 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है। कलेक्टर ने गिरदावरी कार्य पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता एवं शुद्धतापूर्वक संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी 31 जुलाई 2026 को श्रम विभाग के पंजीकृत हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि वितरण एवं सम्मान कार्यक्रम की तैयारी की जानकारी ली। कलेक्टर ने कार्यक्रम की सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य विभाग को समितियों के खाता मिलान का कार्य शुद्धतापूर्वक करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को बजट में प्रस्तावित जिले के निर्माण कार्यों का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले में खाद-बीज की उपलब्धता, वितरण एवं भंडारण की समीक्षा करते हुए किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रगति की जानकारी लेते हुए शेष किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण कराने कहा। जिले में अब तक 1 लाख 48 हजार से अधिक किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों को विशिष्ट किसान आईडी प्राप्त होती है, जिससे विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों का परीक्षण शीघ्र पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापना का कार्य तेज गति से कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों के बिजली व्यय में कमी लाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। जिले में अब तक 4 हजार 367 हितग्राहियों के यहां सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं तथा योजना से लाभान्वित होकर 1300 से अधिक घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क स्क्रीनिंग, समय पर सोनोग्राफी, उपचार, आवश्यक दवाइयों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की नियमित मोबाइल आधारित मॉनिटरिंग करने कहा। श्रम विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के माध्यम से मजदूर गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर उन्हें लाभान्वित करने के निर्देश दिए, ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 4 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग में चल रही भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए अभिभावकों एवं किशोरी बालिकाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका अत्यंत प्रभावी है। जिले में अब तक 6 हजार 576 किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने स्कूलवार रोस्टर बनाकर अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले के सभी आश्रमों एवं छात्रावासों में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने कहा।

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