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राजनांदगांव

छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश के भविष्य का निर्धारण दाम के आधार पर नहीं, बल्कि काम के आधार पर करेगी : अमित जोगी

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राजनांदगांव। विधानसभा उपचुनाव में अपनी सीट बचाने तथा अपने प्रत्याशी नरेन्द्र सोनी को भारी बहुमत से जीत दिलाने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने चुनावी कमान संभाल ली है। चुनावी कमान संभालते ही श्री जोगी चुनाव में जीत के लिए धुंआधार प्रचार भी शुरू कर दिये है। श्री जोगी खैरागढ़ विधानसभा के विभिन्न ग्रामों में पहंुचे और नरेन्द्र सोनी को भारी मतों से जिताने की अपील की। वहीं श्री जोगी पत्रकारों से भी चर्चा की।
पत्रकार वार्ता में श्री जोगी ने कहा कि जेसीसीजे तीन मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरी है। पहला, स्वर्गीय देवव्रत सिंह और उनके परिवार की पिछले 8 दशकों के दौरान लगातार खैरागढ़ क्षेत्र की जनता की निःस्वार्थ जनसेवा के प्रति क्षेत्रवासियों की श्रद्धांजलि। दूसरा, पृथक खैरागढ़ जिला के निर्माण की मांग एवं तीसरा एक समाज विशेष की जगह क्षेत्र के सभी समाज सामान्य वर्ग (ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य), साहू ए गोंड आदिवासी, सतनामी और यादव का विकास। तीनों मायने में देवव्रत सिंह की सबसे छोटी बहन राजकुमारी आकाँक्षा देवी के पति नरेंद्र सोनी (मध्यम वर्ग के नरेंद्र भैय्या), जो कि पेशे के अधिवक्ता होने के नाते बाकी दोनों दलों के प्रत्याशियों से सबसे ज्यादा शिक्षित और प्रखर हैं सबसे उपयुक्त प्रत्याशी हैं। इनमें से पहले दो मुद्दों को कांग्रेस ने हमसे सीधे तौर पर चुराने की कोशिश की है, किंतु उनकी ये कोशिश नाकाम सिद्ध होगी, क्योंकि नकल करने भी अक्ल की ज़रूरत होती है और यह सर्वविदित है कि स्वर्गीय अजीत जोगी की 1 प्रतिशत अक्ल भी भूपेश बघेल के पास नहीं है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि दोनों राष्ट्रीय दलों ने स्वर्गीय देवव्रत सिंह और उनके परिवार की पिछले 15 सालों से लगातार उपेक्षा की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता होने के बावजूद उसने उनको 2008, 2013 और 2018 के चुनावों में लगातार टिकट नहीं दिया। केवल स्वर्गीय श्री अजीत जोगी ने उनका सम्मान रखते हुए 2018 में उन्हें जेसीसीजे का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया, उनके आकस्मिक स्वर्गवास के उपरांत भी जेसीसीजे संसदीय मंडल ने उन्हीं के परिवार के सदस्य, उनके बहनोई नरेंद्र सोनी को अपना प्रत्याशी बनाकर इस परिवार को अपनी सच्ची श्रद्धांजलि दी है। कांग्रेस केवल उनकी मूर्ति लगाने की घोषणा करके उनके नाम पर झूठी सहानुभूति बटोरने का काम कर रही है। इस बात को खैरागढ़ के लोग अच्छे से समझ चुके हैं।
श्री जोगी ने कहा कि पिछले साल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मनेंद्रगढ़, सक्ती, सारंगढ़ और मोहला-मानपुर को पृथक जिला बनाने की घोषणा की थी, जबकि अकेले खैरागढ़ जिला जिसमें छुईखदान-खैरागढ़-गंडई और साल्हेबारा क क्षेत्र सम्मिलित है. इन चारों जिलों से क्षेत्रफल में ज्यादा बढ़ा है। खैरागढ़ वासियों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार उन्होंने केवल इसलिए किया क्योंकि यहां के लोगों के स्वर्गीय अजीत जोगी और स्वर्गीय देवव्रत सिंह के प्रति अपनी अटूट आस्था जताई थी।
श्री जोगी ने कहा कि ठीक खैरागढ़ उप-चुनाव की घोषणा होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 24 घंटे में खैरागढ़ जिला बनाने की घोषणा कर डाली है, जबकि एक साल से अधिक बीत जाने के बाद भी वे मनेंद्रगढ़-सक्ती, सारंगढ़ और मोहला-मानपुर को पृथक जिला बनाने के लिए आज तक एक भी ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं। ऐसे में उनकी 24 घंटे में खैरागढ़ जिला निर्माण की घोषणा, इन 4 जिलों के निर्माण, गरीबों को 1500 मासिक पेंशन, 2500 बेरोजगारी भत्ता, बिजली बिल हाफ, पूर्ण शराबबंदी जैसी सैंकड़ों चुनावी घोषणाओं की तरह मात्र एक चुनावी जुमला के अलावा कुछ भी नहीं है। इस बात को खैरागढ़ की जागरूक जनता अच्छे से समझ चुकी है।
श्री जोगी ने कहा कि भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके सुपुत्र सांसद अभिषेक सिंह ने 2015 में डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा रेल्वे लाइन का भूमि पूजन किया था, किंतु आज तक इस रेल्वे की एक इंच पटरी भी नहीं बिछी है, जबकि 2019 से 2024 के दशक में यहां के लोगों ने भाजपा के सांसद को अपना प्रतिनिधि चुना। कांग्रेस की पृथ्रक खैरागढ़ जिला और भाजपा की डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा रेल्वे लाइन की दोनों घोषणाएं प्रमाणित करती है कि न तो कांग्रेस और न ही भाजपा इस क्षेत्र के विकास को लेकर संवेदनशील है। अगर कोई वास्तव में यहां के लोगों की लड़ाई निःस्वार्थ भावना से लड़ सकता है, तो वे केवल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नरेंद्र भैया हैं जो बिना किसी पद के, पृथक खैरागढ़ जिला निर्माण के लिए पिछले 6 महीनों से लगातार धरने पर बैठे रहे। खैरागढ़ की जनता को 2008-13 में भाजपा के कोमल जंघेल, 2013-18 में कांग्रेस के गिरवर जंघेल और 2018-21 में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के देवव्रत सिंह के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की तुलना ही करनी है, जिस से उन्हें स्पष्ट रूप से समझ आ जाएगा कि उन्हें किस पार्टी को वोट देना है।
श्री जोगी ने कहा कि यह उप चुनाव है जिसे अंग्रेज़ी में बाई इलेक्शन कहते हैं। कांग्रेस और भाजपा ने इसे बाई इलेक्शन बना दिया है। बाई का मतलब उप और बाई का मतलब खरीदना होता है। मतलब स्पष्ट है कि दोनों राष्ट्रीय दल इस उप चुनाव को पैसे के दम पर खरीदना चाहते हैं। नामांकन के 24 घंटों के भीतर कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों ने खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के जेसीसीजे के सभी प्रथम पंक्ति के पदाधिकारियों के साथ सौदेबाजी करने का काम किया है, इसके बावजूद हमने पिछले 7 दिनों के भीतर हर बूथ में स्वर्गीय अजीत जोगी की छतीसगढ़िया सबले बढ़िया और स्वर्गीय देवव्रत सिंह के परिवार के प्रति सैद्धांतिक रूप से समर्पित, द्वितीय पंक्ति के नए ए युवा और ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को प्रचार अभियान में सीधे तौर पर जोड़ लिया है और उनको उनके बूथों की कमान सौंप दी है।
श्री जोगी ने कहा कि पिछले 7 दिनों में प्रदेश भर के समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं ने चंदा करके मध्यम वर्गीय जेसीसीजे प्रत्याशी अधिवक्ता नरेन्द्र सोनी के सहयोग हेतु 1000 लोगों के 1000 रूपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से 10 लाख रूपये एकत्रित किए हैं, जिसमें प्रचार का समस्त व्यय सम्मिलित है, जबकि कांग्रेस इस उप चुनाव में 18 करोड़ रूपये से अधिक, जो कि हमारे बजट से 180 गुना अधिक है और भाजपा 8 करोड़ रूपये व्यय कर रही है, जो कि हमारे बजट से 80 गुना अधिक है, लुटा रही है। हमारे कार्यकर्ताओं ने इस नंगी खरीद-फरोख्त के पुख्ता प्रमाण एकत्रित कर लिए है और इस आधार पर दोनों दलों को अपात्र घोषित करने के लिए हम चुनाव आयोग से शिकायत और उच्च न्यायालय में चुनाव याचिका दायर करेंगे।
खैरागढ़ उप चुनाव के माध्यम से यहां की जनता छत्तीसगढ़ के भविष्य की दशा और दिशा दोनों तय करेगी, मुझे पूरा विश्वास है कि छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश के भविष्य का निर्धारण दाम के आधार पर नहीं बल्कि काम के आधार पर करेगी।

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उद्योगों को कलेक्टर का अल्टीमेटम : एक माह में अपनाएं सोलर ऊर्जा, सीएसआर से गांवों के विकास में दें योगदान

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राजनांदगांव। जिले में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। उन्होंने सभी उद्योगों को एक माह के भीतर सोलर ऊर्जा अपनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएसआर के तहत स्थानीय समुदायों के हित में अधिक से अधिक कार्य करने की अपील की।

बैठक में कलेक्टर ने उद्योग प्रतिनिधियों से उनकी बिजली खपत और ऊर्जा जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए उद्योगों को स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन बढ़ाना चाहिए। इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और संचालन लागत में भी कमी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोलर संयंत्र लगाने में तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी आने पर जिला प्रशासन हरसंभव सहयोग करेगा।

कलेक्टर ने कहा कि उद्योग अपने परिसरों, कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्रों और अन्य भवनों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाएं तथा वर्चुअल नेट मीटरिंग जैसी सुविधाओं का भी लाभ लें। जिन उद्योगों में पहले से सोलर संयंत्र स्थापित हैं, वे अन्य उद्योगों को भी हरित ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करें।

बैठक में सीएसआर गतिविधियों पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि उद्योगों के सबसे बड़े हितधारक आसपास के ग्रामीण और स्थानीय नागरिक हैं। इसलिए सीएसआर के तहत ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका सीधा लाभ स्थानीय समुदाय को मिले और उद्योगों व समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो।

उद्योग प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने संस्थानों में संचालित सोलर परियोजनाओं, ऊर्जा उत्पादन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। कई उद्योगों ने सोलर क्षमता विस्तार और रूफटॉप सोलर परियोजनाओं पर कार्य शुरू करने की बात कही, जबकि कुछ ने सर्वेक्षण पूरा होने के बाद जल्द काम शुरू करने की जानकारी दी।

बैठक में अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा, सहायक श्रमायुक्त समीर मिश्रा सहित जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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स्कूलों में यातायात जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की दी जानकारी

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राजनांदगांव। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात के नियमों की जानकारी देने के साथ उनका पालन करने का संकल्प भी दिलाया गया।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में यातायात शाखा की टीम ने रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल, गुरु नानक स्कूल, पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्कूल, वेसलियन स्कूल, वाइडनियर स्कूल तथा जेएमजे स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

यातायात अधिकारी सहायक उप निरीक्षक कुंज लाल साहू, शरद मसीह, प्रधान आरक्षक खम्हन सिन्हा तथा आरक्षक सोमेश सिंह, रविकांत देवांगन और संदीप कुर्रे ने विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी दी। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन नहीं चलाने की समझाइश दी।

इसके अलावा विद्यार्थियों को सड़क पार करते समय ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करने, यातायात संकेतों और सिग्नलों का पालन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में यातायात पुलिस ने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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आयुक्त ने ली संकुल समन्वयकों की बैठक : शिक्षकों को मिलेगा ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ का लाभ

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राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत आम नागरिकों को ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जादाता बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम आयुक्त श्री जी.आर. मरकाम ने टाउन हॉल में संकुल शैक्षिक समन्वयकों की विशेष बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत शिक्षकों को इस महत्वाकांक्षी योजना से जोड़ना और उन्हें अपने घरों पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रेरित करना रहा।

शिक्षा विभाग के माध्यम से घर-घर तक पहुंचेगा संदेश
बैठक को संबोधित करते हुए आयुक्त श्री मरकाम ने कहा कि शिक्षा विभाग प्रदेश का सबसे बड़ा विभाग है और निकाय क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिक्षक निवास करते हैं। संकुल समन्वयक नियमित रूप से शिक्षकों के संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनके माध्यम से इस योजना का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

आयुक्त ने बताया कि योजना को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है:

कलेक्टर द्वारा समीक्षा: अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जनप्रतिनिधियों की पहल: महापौर स्वयं वार्डों और सोसायटियों में बैठकें ले रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष का संवाद: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी जिले के ऐसे 400 लाभार्थियों से चर्चा की है, जिनका बिजली बिल शून्य हो चुका है।

1167 उपभोक्ताओं का बिजली बिल हुआ ‘जीरो’
बैठक में बिजली विभाग के सहायक अभियंता श्री रोहित मंडावी ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 4 हजार लोग सोलर पैनल लगवा चुके हैं, जिनमें से 1167 उपभोक्ताओं का बिजली बिल पूरी तरह शून्य आ रहा है। उन्होंने सोलर यूनिट उत्पादन, खपत और ऑनलाइन आवेदन की बिंदुवार प्रक्रिया की जानकारी दी।

सब्सिडी और लोन प्रक्रिया की दी गई जानकारी
लीड बैंक मैनेजर श्री मोनिस शर्मा ने केंद्र व राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी और बैंक ऋण प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस तरह न्यूनतम कागजी कार्रवाई और आसान किश्तों के माध्यम से शिक्षक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

बैठक में कार्यपालन अभियंता श्री दीपक खांडे, श्री यू.के. रामटेके, बीईओ श्री राजूराम साहू, बीआरसी श्री भगत सिंह सहित बिजली विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में संकुल शैक्षिक समन्वयक मौजूद रहे।

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