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छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव जिले को 144 करोड़ 95 लाख 45 हजार रूपए के विकास कार्यों की दी सौगात

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राजनांदगांव 19 सितम्बर 2021। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज लोक निर्माण विभाग के 144 करोड़ 95 लाख 45 हजार रूपए के 31 विकास कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य शासन द्वारा सामाजिक क्षेत्र निर्माण के तहत सुविधाओं एवं विकास योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण एवं लॉकडाउन की चुनौतियां सामने आई लेकिन इसके बावजूद विकास कार्य चलते रहे। जून माह में कोरोना का प्रभाव कम होते ही विकास कार्यों में गति आई। प्रदेश में अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए शासन द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगांव विधायक श्री दलेश्वर साहू, खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी साहू, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र मुदलियार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता साहू, महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, कलेक्टर  तारन प्रकाश सिन्हा, केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष  नवाज खान, विधायक प्रतिनिधि श्री लीलाराम भोजवानी, जनप्रतिनिधि  कुलबीर छाबड़ा, अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज लोक निर्माण विभाग के 144 करोड़ 95 लाख 45 हजार रूपए के 31 विकास कार्यों का वर्चुअल भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। जिसमें से 119 करोड़ 82 लाख 13 हजार रूपए की लागत से 26 कार्यों का भूमिपूजन तथा 25 करोड़ 13 लाख 32 हजार रूपए की लागत से 5 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।

भूमिपूजन

डोंगरगांव विधानसभा अंतर्गत 12 करोड़ 63 लाख 16 हजार रूपए की लागत से बागद्वार – बेलरगोंदी – पण्डरीपथरा – सीताकसा मार्ग लंबाई 8.10 किलोमीटर का निर्माण कार्य पुल-पुलिया सहित, खुज्जी विधानसभा अंतर्गत 4 करोड़ 57 लाख 23 हजार रूपए की लागत से भोलापुर से घुपसाल मार्ग लंबाई 4 किलोमीटर का निर्माण कार्य पुल-पुलिया सहित, राजनांदगांव विधानसभा अंतर्गत 1 करोड़ 98 लाख 3 हजार रूपए की लागत से सुन्दरा भाठापारा मार्ग से अचानकपुर पहुंच मार्ग लंबाई 1.70 किलोमीटर पुल-पुलिया सहित, मोहला मानपुर विधानसभा अंतर्गत 2 करोड़ 12 लाख रूपए की लागत से पाउरखेड़ा से रेंगाकठेरा मार्ग लंबाई 2 किलोमीटर पुल-पुलिया सहित, 5 करोड़ 64 लाख 85 हजार रूपए की लागत से अड़मागोंदी से कोड़ेकसा मार्ग लंबाई 3 किलोमीटर पुल-पुलिया सहित, 2 करोड़ 72 लाख 81 हजार रूपए की लागत से मानपुर में कन्या छात्रावास भवन का निर्माण, 2 करोड़ 72 लाख 81 हजार रूपए की लागत से मानपुर में बालक छात्रावास भवन का निर्माण, खैरागढ़-डोंगरगढ़ विधानसभा अंतर्गत 6 करोड़ 13 लाख 47 हजार रूपए की लागत से खैरागढ़ लांजी मार्ग (राज्य मार्ग क्र. 22) के किमी. 1, 2, 3, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 33/10 से 37/4 = 13.40 किलोमीटर का उन्नयन एवं नवीनीकरण, खैरागढ़ विधानसभा अंतर्गत 3 करोड़ 52 लाख 97 हजार रूपए की लागत से सिंघोरी से घोटवानी शरहद तक मार्ग लंबाई 3.70 किलोमीटर, 2 करोड़ 84 लाख 99 हजार रूपए की लागत से सर्राकांपा से खौड़ा ढाबा तालाब तक सड़क निर्माण कार्य पुल पुलिया सहित लंबाई 2 किलोमीटर, डोंगरगांव विधानसभा अंतर्गत 2 करोड़ 96 लाख 22 हजार रूपए की लागत से बिच्छीटोंला से धनडोंगरी भौथली मार्ग लंबाई 3.80 किलोमीटर पुल पुलिया सहित, 1 करोड़ 96 लाख 68 हजार रूपए की लागत से दिवानटोला से नवागांव पहुंच मार्ग लंबाई 1.75 किलोमीटर पुल पुलिया सहित, 3 करोड़ 14 लाख 46 हजार रूपए की लागत से पटपर से झंडातलाव मार्ग लंबाई 3.60 किलोमीटर का निर्माण पुल पुलिया सहित, 3 करोड़ 2 लाख 44 हजार रूपए की लागत से पिनकापार से खैरवार मार्ग लंबाई 3.40 किलोमीटर का निर्माण पुल पुलिया सहित, 1 करोड़ 81 लाख 39 हजार रूपए की लागत से कसारी से चण्डी मार्ग लंबाई 2 किलोमीटर का निर्माण पुल पुलिया सहित, 2 करोड़ 20 लाख 57 हजार रूपए की लागत से अन्यानवागांव से पेन्ड्री मार्ग लंबाई 3.03 किलोमीटर का निर्माण पुल पुलिया सहित, 11 करोड़ 13 लाख 59 हजार रूपए की लागत से लामानीन भाठा से जामरी, हरणसिंघी, राका मार्ग लम्बाई 10.60 किलोमीटर का निर्माण पुल पुलिया सहित तथा 7 करोड़ 78 लाख 88 हजार रूपए की लागत से चिरचारी पीटेपानी पीपरखार बुढ़ानछापर मार्ग कुल लंबाई 13.60 किलोमीटर का उन्नयन एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही खैरागढ़ विधानसभा अंतर्गत 1 करोड़ 5 लाख 80 हजार रूपए की लागत से शासकीय वीरांगना अवन्ती बाई महाविद्यालय छुईखदान में 08 अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, 53 लाख 71 हजार रूपए की लागत से शासकीय पालीटेक्निक खैरागढ़ संस्था भवन में 06 नग अतिरिक्त क्लासरूम का निर्माण तथा 3 करोड़ 44 लाख 59 हजार रूपए की लागत से शासकीय आईटीआई खैरागढ़ संस्था भवन का निर्माण, मोहला-मानपुर विधानसभा अंतर्गत 11 करोड़ 84 लाख 45 हजार रूपए की लागत से दोड़के – विचारपुर मार्ग में शिवनाथ नदी पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण, खुज्जी विधानसभा अंतर्गत 8 करोड़ 45 लाख 7 हजार रूपए की लागत से धनगांव में डुमरघुचा पहुंच मार्ग में शिवनाथ नदी पर उच्चस्तरीय पुल का निर्माण, डोंगरगढ़ विधानसभा अंतर्गत 6 करोड़ 2 लाख 82 हजार रूपए की लागत से मोतीपुर – डोंगरगढ़ मार्ग के किलोमीटर 26/6 पर धुसेरा नाला में उच्चस्तरीय पुल का निर्माण, खुज्जी विधानसभा अंतर्गत 5 करोड़ 73 लाख 98 हजार रूपए की लागत से रानीपुर – खडख़ड़ी से आंको पहुंच मार्ग पर खडख़ड़ी नाला में उच्चस्तरीय पुल का निर्माण, डोंगरगढ़ विधानसभा अंतर्गत 3 करोड़ 74 लाख 96 हजार रूपए की लागत से चारभांठा से बिरेझर मार्ग लंबाई 3.40 किलोमीटर का मजबूतीकरण कार्य किया जाएगा।

लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजनांदगांव विधानसभा अंतर्गत 1 करोड़ 33 लाख 95 हजार रूपए की लागत से अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के अंतर्गत राजनांदगांव में फायर स्टेशन व गैरेज का निर्माण (कार्य वर्ष 2018-19), खुज्जी विधानसभा अंतर्गत 1 करोड़ 78 लाख 88 हजार रूपए की लागत से छुरिया में 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन का निर्माण, खैरागढ़ विधानसभा अंतर्गत 1 करोड़ 71 लाख 42 हजार रूपए की लागत से डुण्डेरा में विश्राम गृह सह 02 नग आई-टाईप आवास गृह का निर्माण तथा 11 करोड़ 84 लाख रूपए की लागत से छुईखदान – कुम्हरवाड़ा – बकरकट्टा मार्ग के किलोमीटर 18/2, 19/2, 19/4-6, 21/8 पर 05 नग उच्चस्तरीय पुल का निर्माण, मोहला-मानपुर विधानसभा अंतर्गत 8 करोड़ 45 लाख 7 हजार रूपए की लागत से दनगढ़ नाले पर पुल निर्माण कार्य सही नाम- बिहरीकला से दनगढ़ नाला पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण का लोकार्पण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री लोकेश चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रज्ञा मेश्राम, एसडीएम श्री मुकेश रावटे, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री डीके नेताम एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

‘आदि अमितान’ अभियान : पीएम जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान के तहत घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं

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खैरागढ़। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा के मार्गदर्शन में छुईखदान विकासखंड नोडल अधिकारी डॉ. मनीष बघेल एवं बीपीएम बृजेश ताम्रकार के नेतृत्व में जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में विशेष पिछड़ी जनजाति (पीव्हीटीजी) बैगा समुदाय के लिए संचालित आदि अमितान पीएम जनमन यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है।
विकासखंड छुईखदान के 38 ग्रामों में निवासरत 4,819 बैगा जनजाति के प्रत्येक परिवार तक आदि अमितान एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही है। अभियान का उद्देश्य बैगा समुदाय के प्रत्येक व्यक्ति की समय पर स्वास्थ्य जांच कर गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करना है।
अभियान के अंतर्गत प्रत्येक हितग्राही का व्यक्तिगत स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप, सिकल सेल रोग, एनीमिया, स्तन एवं सर्वाइकल कैंसर, मोतियाबिंद, टीबी, मलेरिया, कुष्ठ रोग सहित अन्य बीमारियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। आवश्यकता अनुसार मरीजों को तत्काल उपचार एवं उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं के लिए रेफर किया जा रहा है।
आदि अमितान द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी 0 से 2 वर्ष का बच्चा अथवा गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं एवं टीकाकरण से वंचित न रहे। एवं प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच स्क्रीनिंग की जा रही है। स्क्रीनिंग के दौरान छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण तथा गर्भवती महिलाओं की जांच भी की जा रही है।
गंभीर स्वास्थ्य समस्या वाले हितग्राहियों को जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क आदि आरोग्य रथ के माध्यम से उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अब तक अभियान के अंतर्गत 1,109 बैगा हितग्राहियों की स्वास्थ्य जांच कर उनका व्यक्तिगत स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किया जा चुका है। इनमें से 27 मरीजों को उच्च उपचार हेतु रेफर किया गया, जिनमें 18 उच्च रक्तचाप के मरीज, 1 पीएफ मलेरिया का मरीज तथा 8 एनीमिक गर्भवती महिलाएं शामिल हैंए जिन्हें समय पर भर्ती कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
आदि अमितान पहल के माध्यम से दूरस्थ बैगा बस्तियों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ रही है तथा विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों को उनके घर के निकट ही समयबद्ध जांच, परामर्श, उपचार एवं रेफरल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

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छत्तीसगढ़

पीसीसी चीफ की दौड़ में गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद का नाम उभरा, सादगी और संगठनात्मक अनुभव बन सकता है प्लस पॉइंट

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रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रही सियासी कवायद के बीच अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में आया है। गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक और वरिष्ठ नेता कुंवर सिंह निषाद को संगठन के मुखिया पद के लिए एक मजबूत, अनुभवी और जमीनी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि ओबीसी (OBC) वर्ग में मजबूत पकड़ और निर्विवाद छवि के कारण निषाद के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा सकता है।

जिम्मेदारी मिली तो बूथ स्तर तक करेंगे काम: निषाद
नई जिम्मेदारी की चर्चाओं के बीच विधायक कुंवर सिंह निषाद ने भी अपनी मंशा साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस हाईकमान और शीर्ष नेतृत्व उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपता है, तो वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे। उनका मुख्य फोकस संगठन को बूथ स्तर पर और अधिक सक्रिय व मजबूत करना होगा। निषाद ने जोर देकर कहा कि वे कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान व अवसर देंगे और कांग्रेस की मूल विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास करेंगे।

तीन दशक का सफर: युवा कांग्रेस से की थी शुरुआत
कुंवर सिंह निषाद का राजनीतिक सफर काफी लंबा और जमीनी रहा है। वे वर्ष 1995 से कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

शुरुआती सफर: उन्होंने जिला युवा कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी।

संगठनात्मक अनुभव: वे प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि, आधिकारिक प्रवक्ता और विधानसभा की प्राक्कलन समिति के सदस्य जैसी विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभाल चुके हैं।

सामाजिक नेतृत्व: निषाद वर्तमान में विधायक होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ निषाद केवट समाज के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, जिससे उनकी सामाजिक स्वीकार्यता काफी व्यापक है।

क्यों मजबूत माना जा रहा है दावा?
राजनैतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि कुंवर सिंह निषाद की सबसे बड़ी खूबी उनकी सादगी, सहजता और सबको साथ लेकर चलने वाली कार्यशैली है। संगठन और समाज, दोनों ही मोर्चों पर उनका बेहतरीन समन्वय है। ऐसे समय में जब कांग्रेस को एक ऐसे चेहरे की तलाश है जो गुटबाजी से दूर रहकर कार्यकर्ताओं में जोश भर सके, निषाद का नाम एक मजबूत और उपयुक्त विकल्प के रूप में उभरा है। अब अंतिम फैसला आलाकमान के पाले में है।

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छत्तीसगढ़

तोमर ने सिंधी समाज को चालीहा महोत्सव की दी बधाई

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रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने सिंधी भाई – बहनों को चालीहा महोत्सव की बधाई दी है. उन्होंने अपने बधाई सँदेश में कहा है कि चालीसा दिनों तक तप – तपस्या – भक्तिभाव सँग की जाने वाली आराधना शाँति और सुकून प्रदान करेगी.

ज्ञात हो कि चालीहा महोत्सव का शुभारँभ 16 जुलाई, दिन गुरुवार को हुआ है. महोत्सव के प्रारँभ होते ही रायपुर सहित देश विदेश में सिंधी समाज से जुडे़ सभी भाई बहन विशेष पूजापाठ में जुट गए हैं.

क्षत्रिय करणी सेना के राज्य के मुखिया तोमर ने चालीहा महोत्सव के दौरान किए जाने वाले व्रत की बात करते हुए कहा है कि तमाम तरह के व्यसनों से मुक्ति का मार्ग यह पर्व दिखाता है. छोटी बडी़ सभी नदियों के सँरक्षण सहित उन्हें पूजे जाने का भी सँदेश यह त्यौहार देता है.

0 क्या है महोत्सव?

उल्लेखनीय है कि इस महोत्सव के दौरान इसे मानने वाले न तो अपने बालों में कँघी करते हैं और न ही दाढ़ी – बाल कटवाते हैं. जूते चप्पल त्यागने के साथ ही जमीन पर सोते हैं.

चालीहा महोत्सव के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है. इस अवधि में शुरुआत के पहले नौ दिन अथवा महोत्सव के अँतिम नौ दिन व्रत रखने की भी परँपरा है. व्रती दिन में केवल एक समय सात्विक भोजन का प्रसाद ग्रहण करते हैं.

0 क्यों मनाते हैं महोत्सव?

चालीहा महोत्सव से जुडी़ हुई
पौराणिक कथा पर प्रकाश डालते हुए जानकार बताते हैं कि सिंधु प्राँत में आज से करीब एक हजार साल पहले मिरख बादशाह का शासन हुआ करता था. वह बेहद अत्याचारी था.

उसके अत्याचार से पीडित प्रभावित श्रद्धालुओं ने सिंधु नदी के किनारे 40 दिनों तक भगवान वरुण की प्रार्थना की थी. इसके ही फलस्वरूप तब नदी से ही एक विशिष्ट बालक के अवतरित होने की आकाशवाणी हुई थी.

मान्यता है कि वरूण देवता स्वयँ मछली पर सवार होकर अवतरित हुए थे. उन्होंने व्रतियों से कहा था कि ” चिंता न करो मैं बहुत जल्द रतन राय के घर जन्म लूँगा और तुम्हारे दुखों का अंत करूँगा. ”

भविष्यवाणी मुताबिक वर्ष 991 में सिंध प्राँत के नसरपुर नगर में रतन राय के घर चैत्र शुक्ल तृतीया को एक बालक का जन्म हुआ. इसका नामकरण उदय चँद के रूप में हुआ.

आगे चलकर इसी ने
मिरख बादशाह का अँत सिंधी समाज के भाई बहनों की पीडा़ हर ली थी. तब से ही यह पर्व मनाया जाता है.

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