राजनांदगांव
संघर्ष के दिनों को याद किया, ग्रामीणों के बीच पहुंची विधायक ने कहा-अपने परिवार के बीच आई हूं
राजनांदगांव। खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू अपने निर्वाचन क्षेत्र में लोगों के बीच पहुंचकर अपनी सरकार के काम और उपलब्धियां साझा कर रहीं हैं। यहीं नहीं क्षेत्र वे इस मेल-जोल को अपने परिवार की जिम्मेदारी बताते हुए ग्रामीणों से उनकी जरुरतों और मांगों पर भी खुलकर चर्चा कर रही हैं। अलग-अलग गांवों में आधी रात तक जनचौपाल लग रही है। विधायक खुद ही इन इलाकों में ही ग्रामीणों के घर में रात ठहर कर दूसरे दिन दोबारा लोगों के बीच पहुंच रही हैं।
मंगलवार को भी पूरे दिन के व्यस्त कार्यक्रम के बाद विधायक छन्नी साहू देर शाम को ग्राम केसोखैरी, कुहीकला और कुहीखुर्द पहुंचीं। इस दौरान केसोखैरी और कुहीकला में उन्होंने चौपाल लगाई। अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। एक स्थान पर जुटे गांववासियों से उन्होंने कहा कि वे अपने परिवार के बीच आई हैं। वरिष्ठ नागरिकों से भेंट कर विधायक ने उनसे आशीर्वाद लिया। जन चौपाल का माहौल यूं रहा मानों परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर बातें कर रहे हों। उन्होंने बरसों से जुड़े गांव के अपने साथियों को सराहा और उनका आभार भी जताया।
ग्रामीणों के बीच मौजूद विधायक श्रीमती साहू ने किसानों के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि-पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में अपने अधिकार और वास्तविक मांगों के लिए सभी ने मिलकर संघर्ष किया। डॉ. रमन सिंह की सरकार ने क्रूरता दिखाई। किसानों को जेल भेजा गया। उन्हें प्रदर्शन से हटाने के लिए पुलिस बल का उपयोग किया जाता रहा। किसान नेताओं को घर से उठा लिया जाता था। एक वह दौर था और एक ये दौर है जब संघर्ष का परिणाम निकलकर सामने आया है। कांग्रेस की किसान हितैषी सरकार ने पूरा दृश्य ही बदल कर रख दिया। तानाशाहों से लंबी लड़ाई के बाद हमें माटी के मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध सरकार मिली है।
कांग्रेस सरकार के कामकाज और ग्रामीणों की जिज्ञासा पर विधायक श्रीमती साहू ने कहा कि-कांग्रेस सरकार की नीति बेहद स्पष्ट और सरल रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का उत्थान पहला कदम रहा। इसे लेकर लागू की गई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से उत्थान के रास्ते खुले। कई राष्ट्रीय सर्वे में यह बात निकलकर आई कि छत्तीगसढ़ राज्य हर क्षेत्र में बेहतर कर रहा है। प्रदेश के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार तो हुआ ही है, बल्कि इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर अवॉर्ड भी मिले हैं।
खुज्जी विधानसभा के विकास को लेकर उन्होंने कहा कि-मेरा निर्वाचन क्षेत्र मेरा परिवार है। अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए मेरे हृदय में स्नेह है। मेरा आपसे ऐसा ही नाता है जैसा एक बहन, बेटी और बहू का होता है। आप सभी के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना मेरा दायित्व है। हमने क्षेत्र में विकास के लिए हर संभव प्रयास किया है और उसमें सफलता भी मिली है। विधायक निधि से कई बड़े काम हुए हैं। सरकार ने हमारी मांग और अनुशंसा पर कई बड़ी सौगातें दी हैं। योजनाओं के क्रियान्यन में किसी तरह की कमी न रह जाए ये सुनिश्चित करने के लिए मैं खुद गांवों का दौरा करती रहीं हूं। शिकायतों पर कार्रवाई भी हुई है।
आधी रात तक चली चौपाल के बाद विधायक श्रीमती साहू कुहीखुर्द गांव की महिला किसान नेमबती साहू के घर रात ठहरीं। इस जनचौपाल के दौरान ब्लॉक कांग्रेस छुरिया अध्यक्ष रितेश जैन, खुज्जी विधानसभा किसान कांग्रेस अध्यक्ष जयपाल यादव, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश शर्मा, सेक्टर प्रभारी भीखम देवांगन व कार्यकर्ता राजू राजपूत, युवा नेता गौचरन साहू, ग्राम सरपंच तुलेश साहू, ललित साहू, राजीव युवा मितान क्लब अध्यक्ष गोपाल साहू, गोपाल साहू, तेजराम भारद्वाज, जानकु, सुदर्शन, रेखा बाई, रितु बाई, किरन बाई, मीना बाई, दुलार मंडावी, दुलचनद साहू, महत राम, गैंद लाल मंडावी, समरत सिन्हा, तुलु राम सेन, चमरु नेटी, बुधराम कुंजाम, किसन मंडावी, चंद्रवंशी चितेश्वरी और बड़ी संख्या में महिलाओं सहित ग्रामीणजन उपस्थित थे।
राजनांदगांव
कबीर जयंती पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर ने दी शुभकामनाएं
राजनांदगांव। कबीर जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर मधुसूदन यादव ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संत कबीर के विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और युग प्रवर्तक भी थे, जिनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
संयुक्त शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि संत कबीर ने सत्य, अहिंसा, दया, करुणा, परोपकार और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए मानवता और समानता पर आधारित समाज की स्थापना का मार्ग दिखाया। उनके दोहे आज भी लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कबीरधाम से लेकर दामाखेड़ा तक उनके अनुयायी आज भी उनके विचारों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। संत कबीर की रचनाओं में कबीर अमृतवाणी विशेष रूप से लोकप्रिय है और उनके दोहे विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।
इस अवसर पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, महापौर परिषद के सदस्य, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सभापति, अपील समिति के सदस्य तथा पार्षदों ने भी नागरिकों को कबीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि संत कबीर ने कभी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव का समर्थन नहीं किया और उनका जीवन मानवता, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने नागरिकों से संत कबीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।
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365 दिन बिना छुट्टी कर रहे पशुधन विभाग के मैदानी कर्मचारी, साप्ताहिक अवकाश की मांग संघ ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार 365 दिन सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की शारीरिक एवं मानसिक थकान तथा सेवा गुणवत्ता पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को देखते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति पशुचिकित्सा अधिकारी संघ ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग के मैदानी अमले को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की है। एवं शासकीय अवकाश के दिनों में भी पशु चिकित्सालय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के लिए खोले जाएं, जिससे गंभीर बीमार पशुओं को तत्काल उपचार मिल सके।
संघ का पक्ष:
ज्ञापन सौंपते हुए संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके ने कहा, “मैदानी स्तर पर हमारे अधिकारी-कर्मचारी बस्तर के घने जंगलों से लेकर सरगुजा की दुर्गम पहाड़ियों तक टीकाकरण, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान एवं आपातकालीन उपचार का कार्य करते हैं। वर्षभर बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार कार्य करने से स्टाफ में अत्यधिक शारीरिक एवं मानसिक थकान व्याप्त है। इसका सीधा असर फील्ड में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।”
संवैधानिक एवं समानता का तर्क:
डॉ. रामटेके ने बताया कि साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान भारतीय संविधान में भी उल्लेखित है। राज्य के लगभग सभी विभागों में कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश की सुविधा प्राप्त है। यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग जैसे आपातकालीन सेवा वाले विभाग में भी साप्ताहिक अवकाश एवं रोस्टर प्रणाली लागू है। पशुधन विकास विभाग के कर्मचारी भी उसी तर्ज पर मानव संसाधन नीति के तहत अवकाश के हकदार हैं।
अन्य प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में संघ ने विभाग में लंबे समय से रिक्त सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के बैकलॉग पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आग्रह किया गया, ताकि विभाग को योग्य मानव संसाधन मिल सके और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं मिलें।
ज्ञापन प्राप्त कर मुख्यमंत्री ने इस पर शीघ्र निर्णय लेते हुए विभाग को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित:
प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके, प्रांतीय सचिव डॉ. तरुण रामटेके सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।
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स्कूलों में गायत्री मंत्र-हनुमान चालीसा, सरकार का फैसला सराहनीय : दीपक सोनी
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रिमंडल द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों को गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा का पाठ कराने संबंधी लिए गए निर्णय का विश्व हिंदू रक्षा संगठन ने जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल बताया है।
विश्व हिंदू रक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी ने जारी अपने वक्तव्य में कहा कि यह निर्णय नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की आधारशिला भी होते हैं। ऐसे में गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा जैसे प्रेरणादायी स्त्रोतों का अध्ययन विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोचए राष्ट्रभक्ति एवं नैतिक चेतना का विकास करने में सहायक सिद्ध होगा।
आगे उन्होंने कहा कि, भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
श्री सोनी ने इस निर्णय के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं विशेष रूप से शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा संगठन छत्तीसगढ़ शासन के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है तथा आशा व्यक्त करता है कि इससे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं सनातन जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल शिक्षा के साथ.साथ संस्कारयुक्त समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
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