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राजनांदगांव

डोंगरगांव विधानसभा के वनांचल क्षेत्रों में किसान रथ ने दी दस्तक

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राजनांदगांव। किसान रथ-किसान सम्मान यात्रा अभियान के सहारे जिला किसान कांग्रेस डोंगरगांव विधानसभा में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। शनिवार को यह यात्रा विधानसभा क्षेत्र के नक्सल प्रभावित दर्जनभर गांवों में पहुंची। कई स्थानों पर नेताओं ने सभा की और लोगों से रुबरु होते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी योजनाओं पर बात की। त्रि-स्तरीय पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में संगठन के कार्यकर्ता इस यात्रा में शामिल हुए। गांवों की सभाओं में भीड़ जुटी। बीते सोमवार इस यात्रा के दो सप्ताह पूरे हो गए।
किसान रथ के साथ ही किसान संग गोठबात का सिलसिला भी जारी है। ग्रामीण क्षेत्र के वरिष्ठ और उन्नत तकनीक से खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों के सम्मान का क्रम भी जारी है। शनिवार की सुबह यात्रा ग्राम फत्तेगंज से सभा के साथ शुरु हुई। इसके बाद ग्राम चिरचारी, चारभांठा, मोहनपुर, आलेडन, बागरेकसा, कारूटोला, कोठीटोला, कनेरी, टाटेकसा, खैरबना, बागनदी होते हुए नवाटोला पहुंची, जहां देर शाम यात्रा का समापन हुआ।
ग्रामीणों के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के प्रचार-प्रसार में जुटे जिला किसान कांग्रेस के पदाधिकारियों ने पांपलेट बांटे और लोगों से चर्चा की। किसान रथ के माध्यम से सरकार की योजनाओं की उद्घोषणा की जाती रही। जगह-जगह पर यात्रा का स्वागत भी किया गया। यात्रा का उद्देश्य बताने और ग्रामीणों तक अपनी बात पहुंचाते हुए नेताओं ने सभा को संबोधित भी किया।
सभाओं के दौरान अपने संबोधन में जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मदन साहू ने कहा कि-हमारा लक्ष्य विधानसभा के आखिरी गांव और आखिरी व्यक्ति तक पहुंचना है। किसानों की कर्ज माफी, फसल का बढ़ा हुए दाम के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वायदा किया है कि अगली बार से 28 सौ रुपए क्विंटल की दर पर प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी। यानी दोगुना फायदा। ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है।
उन्होंने कहा कि-भूपेश है तो भरोसा है। यह नारा किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता का है। भूपेश सरकार ने अपने वायदे निभाकर अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध की है। हम इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। किसान रथ यात्रा को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। लोग इस कारवां से जुड़ रहे हैं। प्रदेश सरकार जनहितैषी योजनाओं के बारे में लोग पहले ही काफी कुछ जानते हैं। जब हम उनके बीच पहुंच रहे हैं तो वे अपने सकारात्मक अनुभव हमसे साझा कर रहे हैं। इससे तय है कि, प्रदेश की जनता एक बार फिर कांग्रेस की जीत का पताका लहराएगी।
इस यात्रा के दौरान जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रामछत्री चंद्रवंशी, जनपद सदस्य टोमिन चंद्रवंशी, एलबी नगर ब्लॉक कांग्रेश अध्यक्ष हीरा सोनी, विधानसभा किसान कांग्रेस अध्यक्ष होमदत्त वर्मा, जिला किसान कांग्रेस महामंत्री राजेन्द्र साहू, एलबी नगर ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष देवलाल वर्मा, किसान किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष डोंगरगांव चुम्मन साहू, मिडिया प्रभारी पुरषोत्तम साहू, गौतम वर्मा, मोती वर्मा, बागमती, वरिष्ठ कांग्रेसी बिटटू भाठिया, कांग्रेस के जोन प्रभारी रामदास चंद्रवंशी, सुरेश सहारे, सेक्टर राजेश सिन्हा, उत्तम सिन्हा, ढालचन्द्र, चुम्मन वर्मा, घनश्याम साहू, चंद्रकांत सिन्हा, राम खिलावन, गुरूचरण साहू, दुर्जन, रानेन्द्र साहू (मोहनपुर), दुर्गेश, ज्ञानराम, गोपी, परदेशी, जीवन कंवर, नीलू कंवर, अश्वनी बाई, कौशिल्या बाई शामिल रहे।
इसके अलावा दुर्गेश नांदेश्वर, जनाराम कटेंगी, गोपीराम सोरी, परदेशी राम गवड़े, जीवन लाल कंवर, बीलूराम कंवर, ढालसिंग मेश्राम, महेश चंद्रवंशी, बीराराव, पूर्व सरपंच बरनू नमरे, दयालू राम, चरण लाल, मनीराम, नरोत्तम, डोमेन्द्र कुमार, गणेश रामजी, सुखूराम, गौतरिया निषाद, नकुल राम, खेदुराम, थनवार सिंह, चमर सिंह, मनोज यादव, केजुराम, सुमेदीराम, काशीराम, रामनाथ कुमरे, नवलू ठाठमुर्रा, सदन राम, उदेराम मंडावी, नरेंद्र वरकड़े सहित अन्य संगठन के कार्यकर्ता व ग्रामीण शामिल रहे।

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कबीर जयंती पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर ने दी शुभकामनाएं

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राजनांदगांव। कबीर जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर मधुसूदन यादव ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संत कबीर के विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और युग प्रवर्तक भी थे, जिनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

संयुक्त शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि संत कबीर ने सत्य, अहिंसा, दया, करुणा, परोपकार और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए मानवता और समानता पर आधारित समाज की स्थापना का मार्ग दिखाया। उनके दोहे आज भी लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कबीरधाम से लेकर दामाखेड़ा तक उनके अनुयायी आज भी उनके विचारों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। संत कबीर की रचनाओं में कबीर अमृतवाणी विशेष रूप से लोकप्रिय है और उनके दोहे विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

इस अवसर पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, महापौर परिषद के सदस्य, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सभापति, अपील समिति के सदस्य तथा पार्षदों ने भी नागरिकों को कबीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि संत कबीर ने कभी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव का समर्थन नहीं किया और उनका जीवन मानवता, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने नागरिकों से संत कबीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।

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365 दिन बिना छुट्टी कर रहे पशुधन विभाग के मैदानी कर्मचारी, साप्ताहिक अवकाश की मांग संघ ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार 365 दिन सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की शारीरिक एवं मानसिक थकान तथा सेवा गुणवत्ता पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को देखते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति पशुचिकित्सा अधिकारी संघ ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग के मैदानी अमले को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की है। एवं शासकीय अवकाश के दिनों में भी पशु चिकित्सालय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के लिए खोले जाएं, जिससे गंभीर बीमार पशुओं को तत्काल उपचार मिल सके।

संघ का पक्ष:
ज्ञापन सौंपते हुए संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके ने कहा, “मैदानी स्तर पर हमारे अधिकारी-कर्मचारी बस्तर के घने जंगलों से लेकर सरगुजा की दुर्गम पहाड़ियों तक टीकाकरण, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान एवं आपातकालीन उपचार का कार्य करते हैं। वर्षभर बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार कार्य करने से स्टाफ में अत्यधिक शारीरिक एवं मानसिक थकान व्याप्त है। इसका सीधा असर फील्ड में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।”

संवैधानिक एवं समानता का तर्क:
डॉ. रामटेके ने बताया कि साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान भारतीय संविधान में भी उल्लेखित है। राज्य के लगभग सभी विभागों में कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश की सुविधा प्राप्त है। यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग जैसे आपातकालीन सेवा वाले विभाग में भी साप्ताहिक अवकाश एवं रोस्टर प्रणाली लागू है। पशुधन विकास विभाग के कर्मचारी भी उसी तर्ज पर मानव संसाधन नीति के तहत अवकाश के हकदार हैं।

अन्य प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में संघ ने विभाग में लंबे समय से रिक्त सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के बैकलॉग पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आग्रह किया गया, ताकि विभाग को योग्य मानव संसाधन मिल सके और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं मिलें।

ज्ञापन प्राप्त कर मुख्यमंत्री ने इस पर शीघ्र निर्णय लेते हुए विभाग को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित:
प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके, प्रांतीय सचिव डॉ. तरुण रामटेके सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।

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राजनांदगांव

स्कूलों में गायत्री मंत्र-हनुमान चालीसा, सरकार का फैसला सराहनीय : दीपक सोनी

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रिमंडल द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों को गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा का पाठ कराने संबंधी लिए गए निर्णय का विश्व हिंदू रक्षा संगठन ने जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल बताया है।
विश्व हिंदू रक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी ने जारी अपने वक्तव्य में कहा कि यह निर्णय नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की आधारशिला भी होते हैं। ऐसे में गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा जैसे प्रेरणादायी स्त्रोतों का अध्ययन विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोचए राष्ट्रभक्ति एवं नैतिक चेतना का विकास करने में सहायक सिद्ध होगा।
आगे उन्होंने कहा कि, भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
श्री सोनी ने इस निर्णय के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं विशेष रूप से शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा संगठन छत्तीसगढ़ शासन के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है तथा आशा व्यक्त करता है कि इससे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं सनातन जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल शिक्षा के साथ.साथ संस्कारयुक्त समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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