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राजनांदगांव

विधायक छन्नी साहू ने किया 24 लाख के विकास कार्यों का भूमिपूजन, श्रीराम स्मृति उपवन के स्थापना एवं लोकार्पण में हुईं शामिल

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राजनांदगांव। खुज्जी विधानसभा क्षेत्र में विकासोन्मुखी घोषणाओं और स्वीकृतियों के तहत निर्माण कार्यों के भूमिपूजन का क्रम निरंतर जारी है। विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू की कार्य कुशलता में खुज्जी विधानसभा विकास के नित नए आयाम गढ़ रहा है। लोगों के सुविधाओं में इजाफा हो रहा है और प्रदेश कांग्रेस सरकार की योजनाओं से आम जनता को लाभान्वित करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। रविवार को खुज्जी विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू के आतिथ्य में ग्राम तुमडीकसा मे 15 लाख लागत से निर्मित होने वाले पुल निर्माण एवं 5 लाख की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन व चार लाख चौदह हजार की लागत से निर्मित होने वाले मुक्तिधाम शेड के विकास कार्यों की आधारशीला रखी गई। उक्त कार्यों के भूमिपूजन से क्षेत्र वासियों में उल्लास का माहौल है।
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान श्रीमती साहू ने कहा कि-पुल निर्माण, सामुदायिक भवन निर्माण व अन्य ईमारतों का निर्माण लोगों की सुविधाओं के लिए किया जा रहा है। इस पंचवर्षीय कार्यकाल में क्षेत्रवासियों को सहूलियतें दिलाने के भरपूर प्रयास किए गए हैं। विधायक निधि और राज्य सरकार से अलग-अलग मदों से निर्माण कार्य की स्वीकृतियां दिलवाकर विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास ही हमारी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार प्रशासकीय स्वीकृतियां लेकर नित नए विकास कार्यों की आधारशिला रखी जा रही है, जिससे आम जनता के रहन सहन व सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की जा सके। सामुदायिक भवन की आधारशीला रखते हुए उन्होंने कहा कि-सामुदायिक भवन गांवों में काफी महत्वपूर्ण होते हैं। विभिन्न आयोजनों-प्रयोजनों के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है। आश्वस्त हूं कि जल्द ही भवन का निर्माण पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को इसका पूरा लाभ मिलेगा।
अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चांदो में वेदमाता गायत्री रचनात्मक सेवा संस्थान एवं ग्रामवासियों द्वारा आयोजित श्रीराम स्मृति उपवन के स्थापना एवं लोकार्पण समारोह के पुण्य आयोजन में भी विधायक छन्नी चंदू साहू ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान किये गए गंगा आरती में भी उन्होंने हिस्सा लिया और कहा कि इस तरह के आयोजन से ना सिर्फ तन की बल्कि अंतर्मन की शुद्धता भी प्राप्त की जा सकती है। छन्नी चंदू साहू ने कहा कि गायत्री परिवार द्वारा किये जा रहे ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति को संजोने का काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने हमर भांचा राम के नाम को चुनावी मुद्दा नहीं बनाया, बल्कि राम वन पथ गमन निर्माण के माध्यम से आम जनता को अलौकिक शक्तियों से सीधे तौर पे जोड़ने का प्रयास किया है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कांति भंडारी, छुरिया जनपद सदस्य देव पन्द्रो, कुमरदा कांग्रेस कमेटी ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल खान, विधायक प्रतिनिधि मिथलेश ठाकुर, ग्राम प्रमुख प्रभूनाथ बेलसरिया, पूरण पिस्दा, रामकुमार साहू, अश्वनी साहू, भीषम राणा, रामसाय उइके, गौतम चुरेन्द्र, भवभूति साहू, जगदीश बघेल, महेन्द्र साहू, चंद्रभान साहू, देवप्रसाद, सरपंच चुरामन नायक, शोभितराम, सरोज बाई, कुमारी बाई, ओमप्रकाश भुआर्य, राजेन्द्र कुमार, सेवती साहू, लक्ष्मी ठाकुर, निजाम सिंह, सुमित्रा बाई, शशिकला, सरपंच गोपी आंधिया, ग्राम पटेल कृष्णा साहू एवं समस्त ग्रामवासी ग्राम उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

कबीर जयंती पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर ने दी शुभकामनाएं

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राजनांदगांव। कबीर जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर मधुसूदन यादव ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संत कबीर के विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और युग प्रवर्तक भी थे, जिनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

संयुक्त शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि संत कबीर ने सत्य, अहिंसा, दया, करुणा, परोपकार और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए मानवता और समानता पर आधारित समाज की स्थापना का मार्ग दिखाया। उनके दोहे आज भी लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कबीरधाम से लेकर दामाखेड़ा तक उनके अनुयायी आज भी उनके विचारों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। संत कबीर की रचनाओं में कबीर अमृतवाणी विशेष रूप से लोकप्रिय है और उनके दोहे विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

इस अवसर पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, महापौर परिषद के सदस्य, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सभापति, अपील समिति के सदस्य तथा पार्षदों ने भी नागरिकों को कबीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि संत कबीर ने कभी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव का समर्थन नहीं किया और उनका जीवन मानवता, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने नागरिकों से संत कबीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।

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365 दिन बिना छुट्टी कर रहे पशुधन विभाग के मैदानी कर्मचारी, साप्ताहिक अवकाश की मांग संघ ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार 365 दिन सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की शारीरिक एवं मानसिक थकान तथा सेवा गुणवत्ता पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को देखते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति पशुचिकित्सा अधिकारी संघ ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग के मैदानी अमले को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की है। एवं शासकीय अवकाश के दिनों में भी पशु चिकित्सालय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के लिए खोले जाएं, जिससे गंभीर बीमार पशुओं को तत्काल उपचार मिल सके।

संघ का पक्ष:
ज्ञापन सौंपते हुए संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके ने कहा, “मैदानी स्तर पर हमारे अधिकारी-कर्मचारी बस्तर के घने जंगलों से लेकर सरगुजा की दुर्गम पहाड़ियों तक टीकाकरण, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान एवं आपातकालीन उपचार का कार्य करते हैं। वर्षभर बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार कार्य करने से स्टाफ में अत्यधिक शारीरिक एवं मानसिक थकान व्याप्त है। इसका सीधा असर फील्ड में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।”

संवैधानिक एवं समानता का तर्क:
डॉ. रामटेके ने बताया कि साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान भारतीय संविधान में भी उल्लेखित है। राज्य के लगभग सभी विभागों में कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश की सुविधा प्राप्त है। यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग जैसे आपातकालीन सेवा वाले विभाग में भी साप्ताहिक अवकाश एवं रोस्टर प्रणाली लागू है। पशुधन विकास विभाग के कर्मचारी भी उसी तर्ज पर मानव संसाधन नीति के तहत अवकाश के हकदार हैं।

अन्य प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में संघ ने विभाग में लंबे समय से रिक्त सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के बैकलॉग पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आग्रह किया गया, ताकि विभाग को योग्य मानव संसाधन मिल सके और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं मिलें।

ज्ञापन प्राप्त कर मुख्यमंत्री ने इस पर शीघ्र निर्णय लेते हुए विभाग को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित:
प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके, प्रांतीय सचिव डॉ. तरुण रामटेके सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।

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राजनांदगांव

स्कूलों में गायत्री मंत्र-हनुमान चालीसा, सरकार का फैसला सराहनीय : दीपक सोनी

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रिमंडल द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों को गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा का पाठ कराने संबंधी लिए गए निर्णय का विश्व हिंदू रक्षा संगठन ने जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल बताया है।
विश्व हिंदू रक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी ने जारी अपने वक्तव्य में कहा कि यह निर्णय नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की आधारशिला भी होते हैं। ऐसे में गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा जैसे प्रेरणादायी स्त्रोतों का अध्ययन विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोचए राष्ट्रभक्ति एवं नैतिक चेतना का विकास करने में सहायक सिद्ध होगा।
आगे उन्होंने कहा कि, भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
श्री सोनी ने इस निर्णय के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं विशेष रूप से शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा संगठन छत्तीसगढ़ शासन के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है तथा आशा व्यक्त करता है कि इससे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं सनातन जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल शिक्षा के साथ.साथ संस्कारयुक्त समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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