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राजनांदगांव

ऑनलाइन प्रविष्टि हेतु पोर्टल प्रारंभ करने प्रतिदिन 1000 रूपये जुर्माना वसूल करना अनुचित : फेडरेशन

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के पत्र क्रमांक डी-537/परीक्षा/2024 रायपुर दिनांक 1/10/24 के द्वारा परीक्षा वर्ष 2025 हेतु विद्यार्थियों के ऑनलाइन प्रविष्टि हेतु पुनः पोर्टल प्रारंभ करने के लिये विलंब शुल्क प्रतिदिन 1000 रूपय के दर से जुर्माना वसूल करने के आदेश अव्यवहारिक एवं प्रताड़नापूर्ण बताया है।
फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, प्रांतीय प्रमुख महामंत्री सतीश ब्यौहरे, जिला संरक्षक मुकुल साव, जिला अध्यक्ष पीआर झाड़े, पीएल साहू, जितेंद्र बघेल, बृजभान सिन्हा, वीरेंद्र रंगारी, शीरीष पांडे, हेमंत पांडे, पुष्पेन्द्र साहू, उत्तम डड़सेना, द्रोण साहू, सीमा तरार, यामिनी साहू, रमेश साहू, संजीव मिश्रा, संगीता ब्यौहरे, अभिषिक्त फंदियाल, स्वाति वर्मा, सुधांशु सिंह, सोहन निषाद, अब्दुल कलीम खान, सीएल चंद्रवंशी, राजेन्द्र देवांगन, सीआर वर्मा, हीरालाल गजभि एवं अनिल साहू का कहना है कि यह आदेश को शासकीय स्कूलों के लिए राज्य शासन के कल्याणकारी नीति के विरुद्ध है।
फेडरेशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव, संचालक लोक शिक्षण एवं सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल को ई-मेल भेजकर कड़ा आपत्ति दर्ज किया है।
फेडरेशन के कहना है कि 31 जुलाई तक शाला प्रवेश का अंतिम तिथि होता है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रवेशित विद्यार्थियों का ऑनलाइन प्रविष्टि 31 अगस्त तक बोर्ड द्वारा निर्धारित किया गया है, लेकिन शासकीय विद्यालयों में अधिकांश विद्यार्थी गरीब परिवार से आते हैं। विद्यार्थियों के माता-पिता मेहनत, मजदूरी कर, परिवार का पालन पोषण करते हैं। आर्थिक तंगी के फलस्वरूप स्कूल में प्रवेश के निर्धारित समय में अपने बच्चों का प्रवेश शुल्क एवं बोर्ड परीक्षा शुल्क जमा करने में असमर्थ रहते हैं, लेकिन राज्य शासन के मंशा अनुसार सबको शिक्षा देने के उद्देश्य से स्कूलों के प्राचार्य, विद्यार्थियों को शिक्षा की धारा से जोड़े रखने प्रवेश दे देते हैं। कुछ मामलों में प्राचार्य-शिक्षक-विद्यार्थियों का फीस जमा करते हैं, लेकिन बहुतायत मामलों में यह संभव नहीं हो पाता है। जिसके कारण अनेक मामलों में विद्यार्थियों की ऑनलाइन प्रविष्टि चाहकर भी निर्धारित समय में नहीं हो पाता है। ऐसी परिस्थिति में यदि ऑनलाइन प्रविष्टि में देरी के कारण विद्यालयों से जुर्माना वसूला जाएगा तो भविष्य में यह प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के हित में नहीं होगा।
फेडरेशन का कहना है कि पोर्टल को खोलने के लिए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के द्वारा दिनांक 31.8.24 के पश्चात संबंधित संस्था (स्कूलों) से मंडल को पत्र प्राप्ति तिथि अथवा जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त एकजाई सूची दिनांक 25.9.24 तक प्रति दिवस 1000 रूपये के दर से जुर्माना वसूला जा रहा है अथार्त 25 दिवस का 25000 रूपये जुर्माना! जो कि शासकीय विद्यालयों के लिये अव्यवहारिक एवं प्रताड़नापूर्ण है। उल्लेखनीय है कि अशासकीय विद्यालयों का भी कमोबेश यही स्थिति है।
फेडरेशन का कहना है कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल का विद्या पोर्टल vidia.cgbse.nic.in में शालावार शिक्षक संवर्ग एवं विद्यार्थियों की जानकारी प्रविष्ट करने का कार्य करना होता है। कभी-कभी कंप्यूटर-इंटरनेट में तकनीकी खराबी के कारण कार्य प्रभावित होता है। युडाइस एंट्री, स्कॉलरशिप और बोर्ड कार्य एक ही समय-सीमा में किये जाने के कारण कार्यभार बढ़ जाता है। संस्था में संसाधनों की कमी तथा तकनीकी जानकर कर्मचारी (कम्प्यूटर ऑपरेटर) के अनुपलब्धता के कारण तकनीकी त्रुटि हो जाता है। बोर्ड के प्रशासकीय एवं वित्तीय समिति को मैदानी क्षेत्र के समस्याओं के दृष्टिगत निर्णय लेना चाहिये। शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों से नाम मात्र वार्षिक शुल्क शासन के आदेशानुसार लिया जाता है। विद्यालय के अनेक कार्यप्रयोजन, शासन से प्राप्त आबंटन पर निर्भर रहता है। सेजस स्कूलों में फीस का प्रावधान ही नहीं है। संपूर्ण कार्य शासन से आबंटन पर निर्भर रहता है। ऐसे स्थिति में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा भारी भरकम जुर्माना लगाया जाना अनुचित है। बोर्ड को ऑनलाइन प्रविष्टि हेतु पोर्टल को निशर्त खोलना चाहिये। अन्यथा क्या प्राचार्य-शिक्षक बोर्ड के जुर्माना को अपने जेब से भरेंगे?

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ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी बढ़ी, परिवहन विभाग ने जारी की चेतावनी

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राजनांदगांव। ई-चालान के नाम पर हो रही साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए परिवहन विभाग ने वाहन चालकों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधी परिवहन विभाग की वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइटें और लिंक बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।

अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि ठग ट्रैफिक नियम उल्लंघन का डर दिखाकर मोबाइल पर फर्जी संदेश भेजते हैं। इन संदेशों में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही लोगों से बैंक खाते, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अन्य व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है। जानकारी साझा करते ही उनके खातों से रकम निकाली जा सकती है।

उन्होंने बताया कि ठग अक्सर अज्ञात मोबाइल नंबरों से संदेश भेजते हैं और तत्काल चालान जमा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी देते हैं। कई मामलों में मोबाइल एप डाउनलोड कराने की कोशिश भी की जाती है, जिससे साइबर अपराधियों को मोबाइल का एक्सेस मिल जाता है।

केवल अधिकृत वेबसाइट से ही जांचें ई-चालान
परिवहन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि ई-चालान की जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट echallan.parivahan.gov.in का ही उपयोग करें। वेबसाइट पर चालान नंबर और ओटीपी के माध्यम से वास्तविक चालान की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

विभाग ने स्पष्ट किया कि पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा जारी सभी वैध ई-चालान की सूचना अधिकृत प्रणाली के माध्यम से वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाती है।

संदिग्ध लिंक मिलने पर करें शिकायत
परिवहन विभाग ने नागरिकों से किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने, किसी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान नहीं करने तथा बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने से बचने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या लिंक मिलने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर सूचना देने को कहा गया है।

विभाग ने लोगों से सतर्क, जागरूक और सुरक्षित रहकर साइबर ठगी से बचने का आग्रह किया है।

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आधार सेवाओं को प्रभावी बनाने संचालकों का हुआ प्रशिक्षण, शंकाओं का समाधान

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राजनांदगांव। आधार पंजीयन एवं अद्यतन कार्यों को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के आधार संचालकों का वृहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में आधार संचालन से जुड़े विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के प्रतिनिधि श्री शुभान जी ने आधार नामांकन और अद्यतन प्रक्रिया से संबंधित नियमों, दिशा-निर्देशों तथा तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने आधार संचालकों की जिज्ञासाओं एवं कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान करते हुए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान आधार नामांकन एवं अपडेट कार्य में निर्धारित मानकों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।

अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने कहा कि आधार सेवाएं नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए सभी संचालक निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करें तथा सेवा गुणवत्ता बनाए रखें। उन्होंने आधार से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, सहायक प्रबंधक श्री आशीष स्वर्णकार, जिला समन्वयक आधार श्री अंकित सिंह, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में आधार संचालक उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

कर्मचारी हितों पर निगम की परामर्शदात्री समिति की बैठक, वेतन और अनुकंपा नियुक्ति पर हुई चर्चा

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राजनांदगांव। नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने विभिन्न कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में परामर्शदात्री समिति की बैठक लेकर कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में वेतन भुगतान, अनुकंपा नियुक्ति, पदोन्नति, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देयकों तथा प्लेसमेंट कर्मचारियों की समस्याओं सहित कई महत्वपूर्ण विषय उठाए गए।

बैठक में कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों ने नियमित वेतन भुगतान, कर्मचारियों की पदोन्नति एवं क्रमोन्नति, मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अवकाश नगदीकरण और भविष्य निधि की लंबित राशि के भुगतान की मांग रखी। इसके अलावा नवीन अंशदायी पेंशन योजना की राशि जमा नहीं होने, प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन भुगतान, ईपीएफ राशि जमा कराने तथा कर्मचारी आवासों की मरम्मत जैसे मुद्दे भी उठाए गए।

आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने बताया कि निगम की राजस्व वसूली और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर वेतन तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का भुगतान किया जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले एक वर्ष में 23 कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्ति दी जा चुकी है, जबकि तीन आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। इसके अलावा 15 प्रकरण शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं, जिनकी मंजूरी मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की पदोन्नति एवं क्रमोन्नति के लिए नियमानुसार प्रक्रिया जारी है तथा पदोन्नति हेतु वरिष्ठता सूची का प्रकाशन भी किया जा चुका है। कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण के लिए शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

आयुक्त ने आश्वासन दिया कि कर्मचारी संघों के साथ समय-समय पर बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान किया जाएगा तथा शासन स्तर पर लंबित मामलों के निराकरण के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

बैठक में कार्यपालन अभियंता दीपक खांडे, स्थापना प्रभारी राकेश नंदे, अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष गोकुल प्रसाद कंवर, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रवीण झा, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गोलू नायक, प्लेसमेंट ठेका कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय मेश्राम, सेवानिवृत्त पेंशन संघ के अध्यक्ष दुर्गाराम साहू सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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