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राजनांदगांव

ग्रामीण स्तर के महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से करें पूर्ण : कलेक्टर

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राजनांदगांव। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में निर्माण एजेंसियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर के कार्य नागरिकों की जरूरत के आधार पर स्वीकृत किए जाते हैं और यह छोटे-छोटे महत्वपूर्ण कार्य होते है। ऐसे कार्यों में ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण स्तर के स्वीकृत कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में प्रगतिरत कार्य शीघ्र गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो जाना चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को सजगतापूर्वक और गंभीरतापूर्वक कार्य करने कहा। उन्होंने स्वीकृत नये विकास कार्यों को शीघ्र शुरू करने के निर्देश निर्माण एजेंसियों को दिए। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि नये विकास कार्यों का प्राक्कलन बनाने के पहले अधिकारी स्वयं स्थल का निरीक्षण जरूर करें, जिससे सही तरीके से एस्टीमेट बनेगा। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसियों के अधिकारी नियमित फिल्ड में जाकर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें, जिससे निर्माणाधीन कार्यों में तेजी आएगी और गुणवत्ता बनी रहेगी। उन्होंने छोटे एवं पुराने विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिससे जनसामान्य को इसका लाभ जल्दी मिल सके। उन्होंने कहा कि जिस कार्य के लिए राशि स्वीकृत हुई है, उसे उसी कार्य में उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य प्रारंभ की तिथि और कार्य पूर्णता की संभावित तिथि की जानकारी जिला कार्यालय को देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने सांसद एवं विधायक निधि के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देशित करते हुए कहा कि सांसद एवं विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य स्वीकृति के बाद उसे शीघ्र शुरू कराना चाहिए। कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने कहा, जिससे निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि पहले के स्वीकृत कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए। यदि पूर्ण नहीं हुए हैं उसे इसी माह पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि स्कूल, आंगनबाड़ी के भवन निर्माण के संबंध में विशेष ध्यान देने कहा। स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवन गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल एवं आंगनबाड़ी में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं। इन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए यह सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में अच्छा स्थान मिल रहा है तो आंगनबाड़ी भवन का निर्माण उसी कैम्पस में करने कहा। जिससे बच्चे की आदत आंगनबाड़ी के बाद स्कूल जाने से ही लग जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन बनाने या अतिरिक्त भवन निर्माण के पहले स्कूल का अच्छे से निरीक्षण करने कहा। इसके लिए संबंधित स्कूल के प्राचार्य से उनकी जरूरतों को भी जानने कहा। जिससे प्राक्कलन सही तरीके से बने, संशोधन की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। नये भवनों का निर्माण एक कतार पर बनाएं जिससे बच्चों को खेलने के लिए अच्छा मैदान मिल सके। उन्होंने नये भवन निर्माण के पहले जर्जर एवं अनुपयोगी स्कूल भवनों का डिसमेंटल कराने कहा। जिससे बच्चों के खेलने के लिए अच्छा ग्राउंड मिल पाएगा।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने स्वीकृत निर्माण कार्यों में प्रगतिरत कार्य, अप्रारंभ कार्य के आधार पर अधिकारियों से चर्चा कर सभी कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायतवार चल रहे विकास कार्यों के लिए डायरी संधारित करने और छोटे-बड़े सभी प्रकार के विकास कार्यों को पूर्ण करने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में जल जीवन मिशन, महिला एवं बाल विकास, लोक निर्माण विभाग, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण, जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि, लोक शिक्षण मद, सांसद आदर्श ग्राम योजना, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के कार्य, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, 15वें वित्त आयोग अंतर्गत निर्माण कार्य, समग्र शिक्षा एवं स्कूल जतन योजना के कार्य, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, सांसद क्षेत्र विकास निधि, विधायक क्षेत्र विकास निधि एवं जिला खनिज संस्थान न्यास के कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, आयुक्त नगर निगम अतुल विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

शंकरपुर चाकूबाजी कांड का फरार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

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राजनांदगांव। शंकरपुर क्षेत्र में अप्रैल माह में हुए चाकूबाजी प्रकरण के फरार आरोपी को चिखली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्टील का चाकू भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार 14 अप्रैल 2026 को प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दोस्त के साथ चिखली से शंकरपुर जा रहा था। इसी दौरान बजरंग चौक झरना के पास पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी अमन डोंगरे, एक विधि से संघर्षरत बालक और अंकित वासनिक ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। आरोपियों ने लकड़ी के डंडे और चाकू से मारपीट की, जिसमें प्रार्थी का दोस्त घायल हो गया था।

मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच के दौरान आरोपी अमन डोंगरे और विधि से संघर्षरत बालक को पहले ही गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा चुकी थी, जबकि तीसरा आरोपी अंकित वासनिक घटना के बाद से फरार चल रहा था।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। इसी दौरान 22 जून को आरोपी के शांतिनगर क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना पर चौकी चिखली पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी अंकित वासनिक (20) निवासी अंबेडकर चौक, शांतिनगर को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त एक स्टील का चाकू बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई, उप निरीक्षक सत्तुलाल कंवर, आरक्षक सुनील बैरागी, चंद्रकपूर आयाम, गोपाल पैकरा, आदित्य सोलंकी एवं चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राजनांदगांव

कोतवाली पुलिस की संवेदनशील पहल, सरगुजा से भटके युवक को परिजनों से मिलाया

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राजनांदगांव। सिटी कोतवाली पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरगुजा से भटककर राजनांदगांव पहुंचे एक युवक को उसके परिजनों से मिलाकर सुरक्षित सुपुर्द किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

पुलिस के अनुसार 22 जून को सूचना मिली कि एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन के आसपास भटक रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की। युवक ने अपना नाम दयाशंकर और जिला सरगुजा का निवासी होना बताया, लेकिन वह अपने गांव और अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था। इसके बाद पुलिस उसे सुरक्षित थाना लेकर आई और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने युवक के परिजनों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद युवक के भाई आर्यन सिंह का पता लगाया गया, जो भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

सूचना मिलने पर आर्यन सिंह थाना पहुंचा और उसने भटके हुए युवक की पहचान अपने चचेरे भाई दयाशंकर (27) निवासी ग्राम करेपा, थाना दरिमा, जिला सरगुजा के रूप में की। परिजनों ने बताया कि दयाशंकर मानसिक रूप से अस्वस्थ है और इसी कारण भटकते हुए राजनांदगांव पहुंच गया था।

पहचान की पुष्टि के बाद कोतवाली पुलिस ने दयाशंकर को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने भाई को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राजनांदगांव पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस की इस पहल को मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

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अपराध

शांति व्यवस्था भंग करने वाले आदतन बदमाश पर कार्रवाई, कोतवाली पुलिस ने भेजा जेल

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राजनांदगांव। शहर की शांति व्यवस्था भंग करने वाले आदतन बदमाश के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी द्वारा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में लोगों से विवाद करने तथा समझाइश के बाद भी आक्रामक व्यवहार करने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दीनदयाल आवास चिखली निवासी 29 वर्षीय शेरा कश्यप के रेलवे स्टेशन के पास आम लोगों से विवाद करने की सूचना डायल-112 को मिली थी। सूचना पर पुलिस उसे थाना लेकर आई। अगले दिन उसकी बहन को थाना बुलाकर समझाइश दी गई, लेकिन आरोपी आक्रोशित होकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने लगा तथा जोर-जोर से चिल्लाने लगा, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति निर्मित हो गई।

स्थिति को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई करते हुए धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया। बाद में उसे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी शेरा कश्यप आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में मारपीट, चोरी, आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट तथा धमकी जैसे विभिन्न मामलों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा उसके विरुद्ध कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र कुमार शाह, प्रधान आरक्षक जी. सिरिल कुमार एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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