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राजनांदगांव

दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए छत्तीसगढ़ के सबसे उपयोगी संस्थानों में से एक सीआरसी सेंटर : डॉ. रमन सिंह

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम ठाकुरटोला में स्थित दिव्यांगजन कौशल विकास, पुनर्वास एवं सशक्तिकरण समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं सामग्री का वितरण किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि ग्राम ठाकुरटोला में स्थित सीआरसी प्रदेश स्तरीय एकमात्र केन्द्र है, जो दिव्यांगजन के कौशल विकास, पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। यह छत्तीसगढ़ के सबसे उपयोगी संस्थानों में से एक है, जहां दिव्यांगजनों के लिए प्रशिक्षण, स्पीच थेरेपी, फिजियोथेरेपी एवं अन्य दिव्यांगजनों के लिए अन्य गतिविधियां तथा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि 35 करोड़ रूपए की लागत से तैयार इस संस्थान में दिव्यांगजनों के लिए छात्रावास की सुविधा भी है। संस्थान में दिव्यांगजनों के लिए डिप्लोमा, डिग्री, वोकेशनल कोर्स सहित अन्य कोर्स का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित करने का दिन है। उन्होंने विभिन्न संस्थानों के दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा की और सभी समूह दलों को स्वेच्छा अनुदान मद से 11-11 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संस्थान में दिव्यांगजनों के लिए सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर दिव्यांग बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने, दिव्यांग बच्चों को सामान्य बच्चों के साथ रखने एवं सम्मान देने के लिए विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया है, जिसमें अस्थिबधिर बच्चों के लिए ट्रायसाईकिल दौड़, बैसाखी दौड़ व खुर्सी दौड़, श्रवण बधिर बच्चों के लिए लंबी कूद, गोला फेक, 100 मीटर दौड़ एवं खुर्सी दौड़, दृष्टि बधिर बच्चों के लिए 25 मीटर दौड़ सहित अन्य प्रतियोगिता में लगभग 380 दिव्यांग बच्चे शामिल होंगे।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा संचालित सीआरसी प्रदेश का एक उत्कृष्ट संस्थान है। इस संस्थान के माध्यम से दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया जा रहा है। संस्थान में शिक्षण, प्रशिक्षण, उपकरण सहित अन्य सुविधाओं का लाभ दिव्यांगजन ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में लगभग 1579 दिव्यांग बच्चे अध्ययनरत हैं। केन्द्र व राज्य सरकार प्रयासों से दिव्यांग बच्चों की बेहतर सुविधा के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल सहित अन्य गतिविधियों में शामिल हो रहें हैं। कार्यक्रम में दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों, कर्मचारियों, बीआरपी को सम्मानित किया गया।
राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम ठाकुरटोला में स्थित सीआरसी में अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिले के विभिन्न संस्थाओं के दिव्यांग छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पारंपरिक लोकनृत्यों का सराहनीय प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर आस्था संस्था के छात्र-छात्राओं ने पौराणिक कथा पर आधारित रक्तबीज संहार की आकर्षक प्रस्तुति दी, वही अभिलाषा के छात्र-छात्राओं द्वारा छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक लोककला गीत पर आधारित सुआ नृत्य, पंथी नृत्य, बस्तरीया नृत्य कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। इसके अलावा सीआरसी एवं समग्र शिक्षा समेकित केन्द्र के विद्यार्थियों तथा अन्य छात्र-छात्राओं ने आकर्षक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इन संस्थानों के छात्रों द्वारा दी गई आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों की आकर्षक एवं सुंदर प्रस्तुति बड़े-बड़े सामान्य विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा भी प्रस्तुत नहीं की जाती। उन्होंने इन छात्रों का उत्साहवर्धन भी किया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं अन्य अतिथियों की उपस्थिति में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं सामग्री का वितरण किया गया। इस अवसर पर 1 लाख 80 हजार रूपए की लागत से 4 दिव्यांगजनों को मोटराईज्ड ट्रायसाइकिल, 90 हजार रूपए की लागत से 8 श्रवण बाधितों को श्रवण यंत्र, 16 हजार रूपए की लागत से 2 दिव्यांगजनों को व्हील चेयर, 3500 रूपए की लागत से 7 दिव्यांगजनों को लिफ्ट बेल्ट, 699 रूपए की लागत से 1 दिव्यांग को वाकर, 11 हजार 330 रूपए की लागत से 15 दिव्यांगजनों को नी ब्रेस, 6 हजार 144 रूपए की लागत से 8 दिव्यांजनों को ट्रिपाड, 500 रूपए की लागत से 2 दिव्यांगजनों को सर्विकल प्रदान किया गया। शिक्षा प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 4 दिव्यांग विद्यार्थियों को 6-6 हजार रूपए के चेक वितरण किया गया। इस अवसर पर खूबचंद पारख, रमेश पटेल, अध्यक्ष जनपद पंचायत प्रतिक्षा भण्डारी, भरत वर्मा, संतोष अग्रवाल, राजेश श्यामकर, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, एसडीएम खेमलाल वर्मा सहित सीआरसी सेंटर के दिव्यांग बच्चे, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

शंकरपुर चाकूबाजी कांड का फरार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

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राजनांदगांव। शंकरपुर क्षेत्र में अप्रैल माह में हुए चाकूबाजी प्रकरण के फरार आरोपी को चिखली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्टील का चाकू भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार 14 अप्रैल 2026 को प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दोस्त के साथ चिखली से शंकरपुर जा रहा था। इसी दौरान बजरंग चौक झरना के पास पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी अमन डोंगरे, एक विधि से संघर्षरत बालक और अंकित वासनिक ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। आरोपियों ने लकड़ी के डंडे और चाकू से मारपीट की, जिसमें प्रार्थी का दोस्त घायल हो गया था।

मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच के दौरान आरोपी अमन डोंगरे और विधि से संघर्षरत बालक को पहले ही गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा चुकी थी, जबकि तीसरा आरोपी अंकित वासनिक घटना के बाद से फरार चल रहा था।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। इसी दौरान 22 जून को आरोपी के शांतिनगर क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना पर चौकी चिखली पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी अंकित वासनिक (20) निवासी अंबेडकर चौक, शांतिनगर को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त एक स्टील का चाकू बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई, उप निरीक्षक सत्तुलाल कंवर, आरक्षक सुनील बैरागी, चंद्रकपूर आयाम, गोपाल पैकरा, आदित्य सोलंकी एवं चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राजनांदगांव

कोतवाली पुलिस की संवेदनशील पहल, सरगुजा से भटके युवक को परिजनों से मिलाया

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राजनांदगांव। सिटी कोतवाली पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरगुजा से भटककर राजनांदगांव पहुंचे एक युवक को उसके परिजनों से मिलाकर सुरक्षित सुपुर्द किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

पुलिस के अनुसार 22 जून को सूचना मिली कि एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन के आसपास भटक रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की। युवक ने अपना नाम दयाशंकर और जिला सरगुजा का निवासी होना बताया, लेकिन वह अपने गांव और अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था। इसके बाद पुलिस उसे सुरक्षित थाना लेकर आई और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने युवक के परिजनों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद युवक के भाई आर्यन सिंह का पता लगाया गया, जो भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

सूचना मिलने पर आर्यन सिंह थाना पहुंचा और उसने भटके हुए युवक की पहचान अपने चचेरे भाई दयाशंकर (27) निवासी ग्राम करेपा, थाना दरिमा, जिला सरगुजा के रूप में की। परिजनों ने बताया कि दयाशंकर मानसिक रूप से अस्वस्थ है और इसी कारण भटकते हुए राजनांदगांव पहुंच गया था।

पहचान की पुष्टि के बाद कोतवाली पुलिस ने दयाशंकर को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने भाई को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राजनांदगांव पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस की इस पहल को मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

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अपराध

शांति व्यवस्था भंग करने वाले आदतन बदमाश पर कार्रवाई, कोतवाली पुलिस ने भेजा जेल

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राजनांदगांव। शहर की शांति व्यवस्था भंग करने वाले आदतन बदमाश के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी द्वारा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में लोगों से विवाद करने तथा समझाइश के बाद भी आक्रामक व्यवहार करने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दीनदयाल आवास चिखली निवासी 29 वर्षीय शेरा कश्यप के रेलवे स्टेशन के पास आम लोगों से विवाद करने की सूचना डायल-112 को मिली थी। सूचना पर पुलिस उसे थाना लेकर आई। अगले दिन उसकी बहन को थाना बुलाकर समझाइश दी गई, लेकिन आरोपी आक्रोशित होकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने लगा तथा जोर-जोर से चिल्लाने लगा, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति निर्मित हो गई।

स्थिति को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई करते हुए धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया। बाद में उसे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी शेरा कश्यप आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में मारपीट, चोरी, आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट तथा धमकी जैसे विभिन्न मामलों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा उसके विरुद्ध कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र कुमार शाह, प्रधान आरक्षक जी. सिरिल कुमार एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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