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राजनांदगांव

मां बम्लेश्वरी मंदिर पहुंचने वाले दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं के लिए होनी चाहिए सुविधाजनक व्यवस्था : जितेन्द्र यादव

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में 19 मार्च 2026 से प्रारंभ हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में आयोजित मेले में श्रद्धालुओं एवं पदयात्रियों की सुविधा एवं कानून व्यवस्था के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विधायक डोंगरगढ़ श्रीमती हर्षिता बघेल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकित शर्मा उपस्थित थे। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में दूर-दराज से लाखों की संख्या में दर्शनार्थी श्रद्धा एवं आस्था के साथ पहुंचते है। चैत्र नवरात्रि मेले में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक व्यवस्था होनी चाहिए। सभी को माँ बम्लेश्वरी की सेवा करने का अवसर मिला है। सेवा भावना के साथ कार्य करने पर थकान नहीं होगी। उन्होंने कहा कि माँ बम्लेश्वरी की ख्याति एवं शक्ति को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारियों को समन्वित तरीके से कार्य करने कहा। पेयजल एवं विद्युत की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान निर्बाध रूप से विद्युत प्रवाह चालू रहे। उन्होंने कहा कि माँ बम्लेश्वरी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्वयं सेवी संस्थाएं सेवा पंडाल लगाएंगे। जहां श्रद्धालुओं एवं पदयात्रियों की सुविधा, विश्राम, चाय-नाश्ता, भोजन की सुगम व्यवस्था करने के लिए कहा। उन्होंने मेला स्थल एवं मंदिर परिसर एवं सीढ़ियों पर साफ-सफाई करने के निर्देश दिए। अंजोरा से अछोली तक सेवा पंडाल लगाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त मात्रा में ओआरएस घोल एवं आवश्यक दवाई रखने के निर्देश चिकित्सा विभाग को दिए। उन्होंने कहा कि पदयात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के पैरों में छाले पड़ने की संभावना को देखते हुए मरहम पट्टी रखने के लिए कहा।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि डोंगरगढ़ के ऊपर एवं नीचे मंदिर में डॉक्टर एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ आवश्यक दवाईयों के साथ तैनात रहेंगे। मेले की संपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। उन्होंने रोपवे के फिटनेस सर्टिफिकेट एवं मेले की व्यवस्था के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने डोंगरगढ़ मेला स्थल के आस-पास साफ सफाई कराने के लिए कहा। उन्होंने एसडीएम एवं एसडीओपी को समन्वित तरीके से कार्य करने के लिए कहा। डोंगरगढ़ को प्लास्टिक मुक्त करने तथा मंदिर परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला स्थल पर पार्किंग, यातायात, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सेवा पंडालों में पदयात्रियों के लिए दवाई, मरहम-पट्टी, ओआरएस घोल एवं अन्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंनें खाद्य एवं सुरक्षा विभाग को मिष्ठान एवं अन्य खाद्य पदार्थों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा ने कहा कि माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। मंदिर परिसर, मेला तथा अन्य स्थानों पर पुलिस बलों की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से मंदिर एवं मेला स्थल की सतत निगरानी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पदयात्रियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रौशनी की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने ट्रस्ट के सदस्यों से रोपवे के फिटनेस तथा मेंटेनेंस के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मंदिर की सीढ़ियों पर पुलिस बल की ड्यूटी रहेगी। पेड़ों में रिफलेक्टर लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि क्विक रिस्पांस टीम के माध्यम से मेला स्थल की सतत निगरानी की जाएगी। उन्होंने पदयात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था एवं ट्रैफिक व्यवस्था के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। दुर्घटना जन्य क्षेत्रों में आवश्यक रेडियम, संकेतक, अस्थायी गति अवरोधक लगाने के लिए कहा। असामाजिक तत्वों की पहचान कर उन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आवागमन एवं यातायात तथा अन्य सुविधाओं के दृष्टिगत जनप्रतिनधियों, अधिकारियों, ट्रस्ट के पदाधिकारियों व सदस्यों, सेवा पंडाल संचालकों, सभी ने चैत्र नवरात्रि मेले के सुचारू संचालन के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, एसडीएम डोंगरगढ़ एम भार्गव, एसडीएम राजनांदगांव गौतम पाटिल, एसडीओपी डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक, मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के उपाध्यक्ष अनील गट्टानी, ट्रस्टी महेन्द्र भाई पटेल, योगश अग्रवाल, गौतम चोपड़ा, सुनील मुंदड़ा, नगर पालिक परिषद डोंगरगढ़ के अध्यक्ष रमन डोंगरे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ट्रस्ट के पदाधिकारी व सदस्य, सेवा पंडाल संचालक उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

सर्वजनहित समिति ने उठाए जनहित के मुद्दे, निगम आयुक्त ने दिया समाधान का आश्वासन

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राजनांदगांव। सर्वजनहित समिति के अध्यक्ष अशोक फड़नवीस ने राजनांदगांव शहर के अंबेडकर चौक (स्टेडियम चौक) से प्यारेलाल स्कूल चौक तक लगभग 30 वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा निर्मित पत्थर की नाली की जर्जर एवं अव्यवस्थित स्थिति तथा नेशनल हाईवे द्वारा स्थापित अधिकांश हाईमास्ट लाइटों के लंबे समय से बंद रहने का मुद्दा नगर निगम आयुक्त मरकाम के समक्ष प्रमुखता से उठाया।
उल्लेखनीय है कि वर्षों पुरानी इस नाली में मलबा जमा होने, ढाल (स्लोप) व्यवस्थित नहीं रहने तथा ओवरब्रिज निर्माण के दौरान नाली के ऊपर भारी.भरकम सीमेंट के स्थायी ढक्कन लगाए जाने से इसकी नियमित सफाई संभव नहीं हो पाती। परिणामस्वरूप बरसात के दौरान पानी की निकासी बाधित हो जाती है और तेज वर्षा में सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल यह क्षेत्र कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार से लगा हुआ है, जिससे जलभराव के कारण प्रतिदिन इस मार्ग से आवागमन करने वाले हजारों नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है तथा यातायात भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है।
नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने माना कि वर्तमान नाली की संरचना के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही है। उन्होंने नई नाली के निर्माण हेतु आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ करने का आश्वासन दिया, ताकि भविष्य में इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान श्री फड़नवीस ने नेशनल हाईवे द्वारा स्थापित हाईमास्ट लाइटों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि अधिकांश हाईमास्ट लाइटें रात्रि में बंद रहने से प्रमुख मार्गों पर अंधेरा रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस पर निगम आयुक्त ने संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर हाईमास्ट लाइटों को शीघ्र चालू कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर सर्वजनहित समिति के अनीस खान, सूरज शर्मा, दयावान देवांगन, नवीन जायसवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि नगर निगम प्रशासन अपने आश्वासन के अनुरूप शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करते हुए शहरवासियों को जलभराव और अंधेरे की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में प्रभावी पहल करेगा।

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राजनांदगांव

भारत की हाइड्रोजन संचालित ट्रेन हरित भविष्य की ओर एक ऐतिहासिक कदम : ऋषिदेव चौधरी

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राजनांदगांव। भारत पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार भी इस क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है । इसी दिशा में भारतीय रेल ने हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली ट्रेन विकसित करने की महत्वाकांक्षी पहल की है। यह परियोजना न केवल भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का प्रतीक है, बल्कि देश को कार्बन उत्सर्जन कम करने और ऊर्जा के स्वदेशी एवं स्वच्छ स्रोतों की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
उक्त बातें एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री ऋषिदेव चौधरी ने कहीं । ऋषिदेव चौधरी ने आगे कहा कि भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन का पायलट संचालन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच लगभग 89 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर किया जा रहा है। इस मार्ग का चयन नई तकनीक की सुरक्षा, विश्वसनीयता और परिचालन क्षमता का परीक्षण करने के उद्देश्य से किया गया है।
उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन में डीज़ल इंजन के स्थान पर हाइड्रोजन फ्यूल सेल का उपयोग किया जाता है। फ्यूल सेल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक अभिक्रिया से बिजली उत्पन्न होती है, जिससे ट्रेन चलती है। इस प्रक्रिया में केवल जलवाष्प और ऊष्मा निकलती है, इसलिए यह तकनीक लगभग प्रदूषण-मुक्त मानी जाती है।

ऋषिदेव चौधरी ने कहा कि भारत सरकार पर्यावरण और प्रदूषण रहित देश के मसले पर लगातार काम कर रही है और आज इस परियोजना से एक बार फिर साबित हो गया कि भाजपा सरकार प्रकृति के प्रति कितनी सजग है ।
भारतीय रेलवे का उद्देश्य भविष्य में विरासत और गैर-विद्युतीकृत रेल मार्गों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनों का संचालन करना है। इससे डीज़ल पर निर्भरता कम होगी, ईंधन आयात का खर्च घटेगा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन तथा वर्ष 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के अनुरूप है।

ऋषिदेव चौधरी ने सारे परिणामों का विस्तार से विवरण करते हुए कहा कि हालाँकि, इस तकनीक के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। हाइड्रोजन का उत्पादन, सुरक्षित भंडारण, परिवहन, रिफ्यूलिंग स्टेशन स्थापित करना तथा प्रारंभिक लागत अपेक्षाकृत अधिक है। लेकिन तकनीकी प्रगति और बड़े पैमाने पर उत्पादन के साथ इन चुनौतियों को धीरे-धीरे कम किया जा सकता है।

यदि यह परियोजना सफल होती है, तो भारत एशिया में स्वच्छ और हरित रेल परिवहन के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल हो जाएगा। हाइड्रोजन ट्रेन केवल एक नई तकनीक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में भारत की दूरदर्शी सोच का प्रतीक है।

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आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए तीसरे व अंतिम चरण का शेड्यूल जारी

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राजनांदगांव। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों की रिक्त सीटों पर गरीब और जरूरतमंद बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तीसरे और अंतिम चरण की समय-सारणी (शेड्यूल) जारी कर दी है। इसके माध्यम से निजी विद्यालयों की कक्षा पहली में आरटीई की बची हुई सीटों को पात्र बच्चों से भरा जाएगा।

5 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
जारी समय-सारणी के अनुसार, 17 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक जिला स्तर पर शालावार आरटीई की रिक्त सीटों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी और इसका प्रचार-प्रसार होगा। इसके बाद, 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक पात्र आवेदक और पालक आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। इस दौरान पूर्व में किए गए आवेदनों में संशोधन (सुधार) करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

10 अगस्त से निकलेगी ऑनलाइन लॉटरी
पालकों से आवेदन मिलने के बाद, 25 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक नोडल प्राचार्यों द्वारा प्राप्त आवेदनों का सूक्ष्मता से परीक्षण व सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद पात्र और अपात्र आवेदनों की प्रविष्टि पोर्टल पर की जाएगी। 10 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन लॉटरी और काउंसलिंग के माध्यम से चयनित बच्चों की सूची व स्कूल आबंटन जारी किया जाएगा।

17 अगस्त से स्कूलों में दाखिला
ऑनलाइन लॉटरी में चयनित बच्चों को 17 अगस्त से 25 अगस्त 2026 के बीच संबंधित निजी स्कूलों में प्रवेश (दाखिला) लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद, 20 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक स्कूलों के प्राचार्यों द्वारा आरटीई पोर्टल पर प्रवेशित बच्चों की अंतिम प्रविष्टि दर्ज कर प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।

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