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राजनांदगांव

सात माह से वेतन को तरसे सफाईकर्मी, बच्चों की पढ़ाई पर संकट

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राजनांदगांव। नगर पालिक निगम के सफाई कर्मचारियों की आर्थिक बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। राजनांदगांव शहर में साफ-सफाई का जिम्मा संभालने वाली बॉम्बे ठेका कंपनी के सफाईकर्मियों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है। वेतन की आस में बैठे कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। नगर पालिक निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गोलू नायक के नेतृत्व में पीड़ित सफाईकर्मियों ने क्षेत्र के विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई और न्याय की गुहार लगाई है।

परिवारों पर मंडराया जीवन-यापन का संकट
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में संघ के अध्यक्ष गोलू नायक ने बताया कि पिछले सात माह से मेहनताना न मिलने के कारण सफाईकर्मियों के परिवारों के सामने पेट पालने का संकट खड़ा हो गया है। रोजमर्रा के खर्चों के लिए कर्मचारियों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति बच्चों की शिक्षा को लेकर बनी हुई है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन जेब खाली होने के कारण कर्मचारी अपने बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पा रहे हैं। इस वजह से बच्चों के दाखिले और आगे की पढ़ाई अधर में लटक गई है।

खोखले आश्वासनों से नाराजगी, प्रशासन मौन
कर्मचारियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर ठेका कंपनी के अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिलते हैं, धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। सफाई जैसी आवश्यक सेवा से जुड़े अमले के प्रति जिम्मेदार अधिकारियों का यह उदासीन रवैया बेहद असंवेदनशील और निराशाजनक है।

तीन दिन का अल्टीमेटम : काम बंद, सफाई ठप
सफाई कर्मचारी संघ ने ठेका कंपनी और निगम प्रशासन को आर-पार की लड़ाई का अल्टीमेटम दे दिया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर लंबित वेतन का पूरा भुगतान नहीं किया गया, तो शहर के सभी सफाईकर्मी काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गोलू नायक ने कहा कि अगर तीन दिनों में वेतन नहीं मिला तो सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी। हड़ताल के दौरान शहर में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति और गंदगी की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार और निगम प्रशासन की होगी।

पीएफ और ईएसआई राशि में भी हेराफेरी का आरोप
वेतन विसंगति के साथ-साथ संघ ने कर्मचारियों के अन्य कानूनी अधिकारों के हनन का मुद्दा भी उठाया है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के अलावा उनके भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा जैसी बुनियादी सुविधाओं की राशि को लेकर भी लंबे समय से गड़बड़ी चल रही है। संघ ने जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर ठेका कंपनी की मनमानी पर लगाम कसने और सफाईकर्मियों की मांगों का त्वरित निराकरण करने की मांग की है।

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राजनांदगांव

शंकरपुर चाकूबाजी कांड का फरार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल

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राजनांदगांव। शंकरपुर क्षेत्र में अप्रैल माह में हुए चाकूबाजी प्रकरण के फरार आरोपी को चिखली पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्टील का चाकू भी बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार 14 अप्रैल 2026 को प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दोस्त के साथ चिखली से शंकरपुर जा रहा था। इसी दौरान बजरंग चौक झरना के पास पुरानी रंजिश को लेकर आरोपी अमन डोंगरे, एक विधि से संघर्षरत बालक और अंकित वासनिक ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। आरोपियों ने लकड़ी के डंडे और चाकू से मारपीट की, जिसमें प्रार्थी का दोस्त घायल हो गया था।

मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच के दौरान आरोपी अमन डोंगरे और विधि से संघर्षरत बालक को पहले ही गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा चुकी थी, जबकि तीसरा आरोपी अंकित वासनिक घटना के बाद से फरार चल रहा था।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी। इसी दौरान 22 जून को आरोपी के शांतिनगर क्षेत्र में होने की सूचना मिली। सूचना पर चौकी चिखली पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी अंकित वासनिक (20) निवासी अंबेडकर चौक, शांतिनगर को हिरासत में लिया।

पूछताछ में आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त एक स्टील का चाकू बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई, उप निरीक्षक सत्तुलाल कंवर, आरक्षक सुनील बैरागी, चंद्रकपूर आयाम, गोपाल पैकरा, आदित्य सोलंकी एवं चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राजनांदगांव

कोतवाली पुलिस की संवेदनशील पहल, सरगुजा से भटके युवक को परिजनों से मिलाया

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राजनांदगांव। सिटी कोतवाली पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरगुजा से भटककर राजनांदगांव पहुंचे एक युवक को उसके परिजनों से मिलाकर सुरक्षित सुपुर्द किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई।

पुलिस के अनुसार 22 जून को सूचना मिली कि एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन के आसपास भटक रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की। युवक ने अपना नाम दयाशंकर और जिला सरगुजा का निवासी होना बताया, लेकिन वह अपने गांव और अन्य जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहा था। इसके बाद पुलिस उसे सुरक्षित थाना लेकर आई और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने युवक के परिजनों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद युवक के भाई आर्यन सिंह का पता लगाया गया, जो भिलाई में रहकर पढ़ाई कर रहा है।

सूचना मिलने पर आर्यन सिंह थाना पहुंचा और उसने भटके हुए युवक की पहचान अपने चचेरे भाई दयाशंकर (27) निवासी ग्राम करेपा, थाना दरिमा, जिला सरगुजा के रूप में की। परिजनों ने बताया कि दयाशंकर मानसिक रूप से अस्वस्थ है और इसी कारण भटकते हुए राजनांदगांव पहुंच गया था।

पहचान की पुष्टि के बाद कोतवाली पुलिस ने दयाशंकर को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने भाई को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राजनांदगांव पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस की इस पहल को मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।

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अपराध

शांति व्यवस्था भंग करने वाले आदतन बदमाश पर कार्रवाई, कोतवाली पुलिस ने भेजा जेल

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राजनांदगांव। शहर की शांति व्यवस्था भंग करने वाले आदतन बदमाश के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी द्वारा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में लोगों से विवाद करने तथा समझाइश के बाद भी आक्रामक व्यवहार करने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दीनदयाल आवास चिखली निवासी 29 वर्षीय शेरा कश्यप के रेलवे स्टेशन के पास आम लोगों से विवाद करने की सूचना डायल-112 को मिली थी। सूचना पर पुलिस उसे थाना लेकर आई। अगले दिन उसकी बहन को थाना बुलाकर समझाइश दी गई, लेकिन आरोपी आक्रोशित होकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने लगा तथा जोर-जोर से चिल्लाने लगा, जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति निर्मित हो गई।

स्थिति को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई करते हुए धारा 126 एवं 135(3) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया। बाद में उसे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी शेरा कश्यप आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पूर्व में मारपीट, चोरी, आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट तथा धमकी जैसे विभिन्न मामलों में एक दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इसके अलावा उसके विरुद्ध कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की जा चुकी है।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र कुमार शाह, प्रधान आरक्षक जी. सिरिल कुमार एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कोतवाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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