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छत्तीसगढ़

रा.प्र.से. के अधिकारी को संचालक बनाने के विरोध में पूरे प्रदेश में कलम बंद सफल

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रायपुर, 12 अक्टूबर 2021/ छत्तीसगढ़ राज्य में गत 20 वर्षों में पहली बार राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ अधिकारी की जनसंपर्क संचालक पद पर नियम विरूद्ध पदस्थ करने के विरोध में पूरे प्रदेश में आज जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने कलम बंद विरोध किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ द्वारा समर्थित छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ का यह कलम बंद विरोध पूरी तरह सफल रहा। एक तरफ समूचे राज्य में जनसंपर्क विभाग की ओर से कोई भी शासकीय सूचनाएं, समाचार, विज्ञप्ति एवं विज्ञापन आदि जारी नहीं हुए। वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने जनसंपर्क विभाग की इन मांगों का पुरजोर समर्थन कर समूचे राज्य में काली पट्टी लगाकर विरोध दर्ज किया।

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ ने आज राजभवन में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण और माननीय राज्यपाल के पद की गरिमा के अनुकूल कार्यक्रम की महत्ता को ध्यान में रखकर राजभवन प्रेस प्रकोष्ठ को कलम बंद विरोध से मुक्त रखा। इसी तरह कवर्धा में कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर जिला जनसंपर्क कार्यालय कवर्धा को भी इस विरोध प्रदर्शन से लोकहित में मुक्त रखा गया।

छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ के आव्हान पर राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलों के जनसम्पर्क कार्यालयों में संपूर्ण ताला बंदी रही। प्रदेशभर के सभी जनसम्पर्क कार्यालयों में कलम बंद का ऐतिहासिक असर देखने को मिला। जनसम्पर्क संचालनालय तथा सभी जनसम्पर्क कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों सहित समस्त स्टॉफ की उपस्थिति शून्य रही तथा कार्यालयों में ताला बंद रहे।

छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के सैकड़ों सदस्यों ने अध्यक्ष श्री कमल वर्मा के प्रखर नेतृत्व में आज नवा रायपुर इंद्रावती भवन में छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए जनसम्पर्क विभाग में राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ अधिकारी को संचालक पद पर पदस्थ किए जाने के विरोध में काली पट्टी लगाकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। जनसम्पर्क विभाग की मांगों के समर्थन में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने प्रदेशभर में काली पट्टी लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ अधिकारी को संचालक पद से तत्काल हटाने की मांग की। छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष कमल वर्मा ने कहा कि सभी विभागों में योग्य अधिकारियों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की विभागाध्यक्ष जैसे पद पर नियुक्ति करना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अपमान के साथ ही नियम विरूद्ध है। श्री वर्मा ने कहा कि इस अन्याय के खिलाफ खड़ा होना बहुत जरूरी है, नहीं तो सभी विभागों में राज्य प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी। इससे विभागीय अधिकारियों के कैरियर को बहुत नुकसान होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को विभिन्न विभागों में पदस्थ करने से ऐसा प्रतीत होता है, कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की संख्या अधिक हो चुकी है एवं इन अधिकारियों को विभिन्न विभागों में समायोजन किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

अतः छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ मांग करता है कि राज्य प्रशासनिक सेवा का कैडर रिविजन किया जाए तथा अधिक संख्या पाए जाने पर राज्य के वित्तीय भार को कम करने के लिए ऐसे पद समाप्त किए जाये। छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने यह भी मांग की है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की तरह ही अन्य विभागों के प्रथम श्रेणी अधिकारियों को भी राज्य प्रशासनिक सेवा के पदों पर पदस्थ किया जाए। राजपत्रित अधिकारी शासन के सभी विभागों की रीढ़ है, उन्हंे इस तरह अनदेखा नहीं किया जा सकता। इस अन्याय के खिलाफ सभी राजपत्रित अधिकारियों को एकजुट हैं। छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ ने मांग की है कि यदि राज्य शासन संघ की मांगों को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्यवाही नहीं करती है, तो राजपत्रित अधिकारी संघ भविष्य में राज्य स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

उल्लेखनीय है कि जनसंपर्क अधिकारी संघ की मांग है कि अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी की पदस्थापना नहीं होने की दशा में नियमानुसार विभागीय वरिष्ठ अधिकारी को संचालक जनसंपर्क के पद पर पदस्थ किया जाए, किन्तु किसी भी स्थिति में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को पदस्थ नहीं किया जा सकता।

इसी प्रकार छत्तीसगढ़ संवाद गठन के संबंध में मंत्रिमंडल के फैसले के अनुरूप प्रतिनियुक्ति पर विभागीय अधिकारी ही पदस्थ किए जाते रहे हैं। इन पदों पर वर्तमान में राज्य प्रशासनिक सेवा और अन्य संवर्ग के अधिकारी की पदस्थापना नियम विरूद्ध की गई है। जनसम्पर्क अधिकारी संघ ने स्पष्ट किया है कि सांकेतिक कलम बंद के बाद भी मांगें पूरी नहीं होने तक अधिकारी-कर्मचारी काली पट्टी लगाकर ही काम करेंगे और मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने पर इस आन्दोलन को और तेज किया जाएगा।

जनसंपर्क विभाग को पुरजोर समर्थन देते हुए किए गए इस आंदोलन में छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष के अलावा इन्द्रावती भवन में किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान राजपत्रित अधिकारी संघ के महासचिव श्री जितेन्द्र गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्री डी.पी.टावरी, उपाध्यक्ष डॉ. बी.पी.सोनी, श्री रोशन धुरंधर, संगठन मंत्री श्री नंदलाल चौधरी, सचिव श्री तिलक शोरी, श्री पुरूषोत्तम सोनी और अनेक पदाधिकारी तथा सैकड़ों सदस्य एवं छत्तीसगढ़ जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष श्री बालमुंकुद तंबोली, वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क अधिकारी संघ के इस महत्वपूर्ण कलमबंद विरोध को इन्द्रावती भवन के सचिवीय संवर्ग, कर्मचारी संघ, प्रदेश वाहन चालक संघ ने भी समर्थन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

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छत्तीसगढ़

आयुक्त ने वार्डवार नोडल अधिकारी नियुक्त, निरीक्षण कर व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने शहर के सभी 51 वार्डों में नोडल अधिकारी और सहायक प्रभारी नियुक्त किए हैं। अधिकारियों को वार्डों में बिजली, पानी, सफाई, निर्माण कार्य और अन्य निगम सेवाओं का नियमित निरीक्षण कर सुधार के निर्देश पालन कराने का जिम्मा सौंपा गया है।

आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रातः अपने प्रभारित वार्ड में जाकर सड़क और नालियों की सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डोर टू डोर कचरा संग्रहण, सोर्स पर कचरा पृथक्करण, वेस्ट प्रोसेसिंग और वेस्ट टू कम्पोस्ट प्लांट कार्यों का निरीक्षण करें। साथ ही सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की आवश्यक सुविधाओं का सुनिश्चित करना और स्वच्छता अभियान के तहत किए गए कार्यों का अवलोकन भी नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

उन्होंने कहा कि पेयजल और विद्युत सेवाओं की निगरानी करना, गंदा या कम पानी आने की शिकायतों का निवारण करना, अनावश्यक बहते नलों को बंद करना और शहर में वृक्षारोपण कर उसका संरक्षण करना भी आवश्यक कार्य हैं। इसके अलावा रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और हैंडपंप रिचार्जिंग कार्यों का निरीक्षण कर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।

आयुक्त ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के बीएलसी और एएचपी घटक में कार्य की गुणवत्ता, समय सीमा में पूर्णता और रिक्त आवासों का समय पर आबंटन सुनिश्चित करना, स्वीकृत और चल रहे निर्माण कार्य समय पर पूरा करना, निगम भवनों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और शहर के स्कूल/आंगनबाड़ी में बिजली, पानी व स्वच्छता की उचित व्यवस्था करना भी नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

आयुक्त ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रातः निरीक्षण कर वार्डों में व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करें।

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छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर जिलाभर में महाअभियान : रैली और दीवार लेखन से किया जागरूक

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खैरागढ़। राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर जिले में विभिन्न जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय डेंगू दिवस 16 मर्ई के अवसर पर जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के विकासखंडों में व्यापक जागरूकता अभियान, संगोष्ठी और स्वास्थ्य गतिविधियां आयोजित की गई। अभियान का संचालन कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देशन एवं प्रभारी अधिकारी (स्वास्थ्य) सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. आशीष शर्मा और जिला मलेरिया अधिकारी डा. विवेक बिसेन ने किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया डेंगू रोग एडीज मच्छर के काटने से होता है। विशेष बात यह है कि यह एडिज मच्छर दिन के समय में ही काटता है। अतः पूरे शरीर ढकने वाला कपड़ा पहनना चाहिए। डेंगू के लक्षण अकस्मात तेज सिर दर्द, बहुत तेज बुखार, मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना जो कि आंखों को घुमाने से बढ़ता हैए जी मिचलाना एवं उल्टी होना गंभीर मामलों में नाक-मुंह-मसूड़ों से खून आना और त्वचा पर चकत्ते उभरना है। डेंगू से बचाव हेतु कूलर के पानी को खाली कर नाली में ना डालें, उसे जमीन की सतह पर फेंके, ताकि पानी सतह पर सूख जाए। कूलर पानी की टंकी पशु-पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन फ्रिज की ट्रे, फूलदान इत्यादि को प्रति सप्ताह खाली करें, व धूप में सुखाकर प्रयोग करें, नारियल का खोल, बर्तन व टायरों में पानी जमा न होने दें। घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली लगाएं। पैर में मोजे पहने एवं दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर उपचार करावे याद रखें एडिस मच्छर स्थिर एवं साफ पानी में पैदा होते हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन ने बताया कि डेंगू रोग के विषय में जनजागरूकता के लिये जिले में विविध कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस अवसर पर डेंगू से बचाव संबंधी नारे लेखन एवं रैली आयोजन किया गया, जिसमें लोगों डेंगू होने के कारण, लक्षण तथा इससे बचाव के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई के विभिन्न ग्रामों में वार्डो में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती सोनल धुव्र, खंड चिकित्सा अधिकारी डा. मनीष बघेल, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक आकाश ताम्बोली एवं बृजेश ताम्रकार, विवेक मेश्राम व्हीबीडी टेक्निकल सुपरवाईजर चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी, पर्यवेक्षक, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं मितानिनों के द्वारा विभिन्न जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल : बुद्ध पूर्णिमा और श्रमिक दिवस पर FDLP का शक्ति प्रदर्शन

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​रायपुर। बुद्ध पूर्णिमा और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर फॉरवर्ड डेमोक्रेटिक लेबर पार्टी (FDLP) ने छत्तीसगढ़ की सड़कों पर उतरकर शासन-प्रशासन की चूलें हिला दी हैं। अपनी मांगों को लेकर पार्टी ने 120 किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकालकर हुंकार भरी, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

​”हम भारत के लोग” लगाएंगे ताले: बड़ी चेतावनी
​रैली के दौरान पार्टी के नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अधिकारी और कर्मचारी अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं करते हैं, तो जनता खामोश नहीं बैठेगी। “देश के मालिक हम भारत के लोग हैं” के नारे के साथ पार्टी ने ऐलान किया कि कर्तव्यहीनता की स्थिति में शासकीय कार्यालयों में स्वयं जनता द्वारा ताले जड़े जाएंगे।

​भ्रष्ट अधिकारियों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तैयारी
​FDLP ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। कार्यक्रम में स्पष्ट कहा गया कि:
​वेतन पर रोक: भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन को रोकने के लिए दबाव बनाया जाएगा।
​संपत्ति की जांच: दोषी अधिकारियों की चल-अचल संपत्ति की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर मोर्चा खोला जाएगा।

​दिग्गजों का मिला साथ, वकीलों की फौज भी उतरी
​इस जनांदोलन को क्रांतिकारी नेता दादा जनक लाल कामरेड और नेल्सन मंडेला अवार्ड से सम्मानित दादा शेर सिंह आँचला जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

​कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
​शिवशंकर सिंह (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष): जिन्होंने अपने प्रखर संबोधन से कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
​महेंद्र साहू (प्रदेश अध्यक्ष): जिन्होंने प्रदेश स्तर पर भविष्य की रणनीति साझा की।
​कानूनी ताकत: रैली की खास बात यह रही कि इसमें हाईकोर्ट के दर्जनों अधिवक्ताओं ने शिरकत कर यह संदेश दिया कि यह लड़ाई अब सड़क से लेकर अदालत तक लड़ी जाएगी।
​”प्रशासन होश में आए, वरना जनता अपना हिसाब खुद करेगी। संविधान सर्वोपरि है और सेवक को अपनी मर्यादा में रहना होगा।”

— FDLP नेतृत्व
​निष्कर्ष: 120 किलोमीटर की इस लंबी पदयात्रा ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन के लिए FDLP एक बड़ी चुनौती बनने वाली है। प्रशासन की चुप्पी टूटेगी या आंदोलन और उग्र होगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन हलचल तेज हो चुकी है।

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