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राजनांदगांव

खुज्जी विस के गांवों के लिए एक करोड़ 21 लाख के विकास कार्य स्वीकृत

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राजनांदगांव। खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के गांवों में विकास कार्यों हेतु एक करोड़ 21 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस राशि से सीसी सड़क, भवन, अहाता, व्यवसायिक परिसर, कला मंच, महिला भवन व पचरी निर्माण जैसे कार्यों को गति मिलेगी। विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू के विशेष प्रयासों से यह स्वीकृतियां प्राप्त हुई है जिसे लेकर क्षेत्र में हर्ष है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने विधायक की अनुशंसा पर यह कार्य स्वीकृत किए हैं।
जिन कार्यों के लिए स्वीकृति प्राप्त हुई है, उनमें ग्राम झाड़ीखैरी में 3 लाख की लागत से सीसी निर्माण (शीतला पारा में), सांकरदाहरा में 3 की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण (पटेल पारा में), सांकरदाहरा में 5 लाख की राशि से सामुदायिक भवन निर्माण (परमेश्वरी पारा), पैरीटोला में 5 लाख रुपए से सामुदायिक भवन निर्माण (टोला पारा) किया जाएगा। इसी तरह ग्राम मासूल में 5 लाख की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण (विश्वकर्मा पारा), कुबराडीह, मकुर्रा, दुर्रेबंजारी (साहू पारा), उचईपुर, दानीटोला में प्रत्येक सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 5.5 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है।
स्वीकृत कार्यों में ग्राम पंचायत कुमरदा में 10-10 लाख की लागत से साहू पारा और हल्बा पारा में सामुदायिक भवन निर्माण (साहू पारा) भी शामिल है। इसके साथ ही ग्राम सांकरदाहरा में 5 लाख की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण (अम्बेडर पारा) और 2.50 लाख की लागत से सामुदायिक भवन जीर्णोद्वार कार्य (हल्बा पारा) किया जाएगा। ग्राम लमाटोलामें 7 की लागत से सामुदायिक भवन में आहाता निर्माण (करियाम पारा) होगा। ग्राम पेंड्रीडीह में 10 लाख की लागत से व्यावसायिक परिसर निर्माण किया जाएगा।
इसी तरह ग्राम आंको में 2 लाख की लागत से कलामंच निर्माण कार्य, गोपालपुर और बजरंगपुर में 4-4 लाख की लागत से महिला भवन निर्माण किया जाएगा। ग्राम भेजराटोला में 2 लाख खर्च कर कलामंच निर्माण, खोभा में 4 लाख की लागत से महिला भवन निर्माण होगा। सांकरदाहरा में ही 5 लाख रुपए पचरीकरण निर्माण कार्य (रविदास घाट) के लिए भी स्वीकृत किए गए हैं। आंको में सीसी रोड के लिए 5 लाख रुपए मिले हैं। ग्राम बागनदी में 5 लाख की लागत से सीण्सीण्रोड निर्माण किया जाएगा।
एक करोड़ 21 लाख 50 हजार रुपए के विकास कार्यों की इस स्वीकृति पर विधायक छन्नी चन्दू साहू ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं पंचायत मंत्री रविन्द्र चौबे का आभार जताया है।
क्षेत्र वासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण दलेश्वर साहू व विधायक श्रीमती छन्नी चंदू साहू का मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला अध्यक्ष अनिल मानिकपुरी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रितेश जैन व अब्दुल खान, विधायक प्रतिनिधि छोटेलाल कटेंगा, एकनाथ सिन्हा, मिथलेश ठाकुर, प्रकाश शर्मा, जिला पंचायत सदस्य कांति भंडारी, प्रवक्ता राहुल तिवारी, जिला महामंत्री चुमन्न साहू, जिला पंचायत सदस्य रामछत्री चंद्रवंशी, अंबागढ़ चौकी जनपद अध्यक्ष कुमारी बाई जुरेसिया, जनपद सदस्य शेश्वरी धु्रव, प्रताप घावड़े, लादूराम तुमरेकी, विजय साहू, नरेश निषाद, कमलेश यादव, रेवाराम लाडेकर, कन्हैया कोले, जयपाल यादव, धर्मेंद्र साहू, संजीव, हिरामन पाल, खेदूराम पाल, महेंद्र पाल, जागेश्वर सान्ग, पुष्पा सिन्हा, भीखम देवांगन, हेमलता बंजारे, प्रतिमा साहू, देव पन्द्रो, लालचंद साहू, गिरधारी साहू, पन्ना लाल साहू, विशाल बघेल, मुकेश पटेल, चंद्रिका वर्मा, उदय प्रकाश, देवनारायण नेताम, मनीष बसोड़, बेनी राम साहू, मुकेश सिन्हा, यशवंत साहू, ललित मंडावी, बसंत मंडावी, रामसाय उइके, डुमेश्वर साहू, भवभूति साहू, गौतम चुरेन्द्र, महेन्द साहू, ओमप्रकाश पडौती, देवरू मालेकर, डिमेश हिरवानी, राकेश बारले, जगदीश बघेल, पन्ना पटेल, विनय लहरे, डुगेश्वर साहू, सुरेश शोरी, गोलू खान, मनीराम सहारे, सलीम खान, आरिफ खान, रिखी साहू, भैया लाल यदु सहित क्षेत्रवासियों ने आभार प्रकट किया है।

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कबीर जयंती पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर ने दी शुभकामनाएं

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राजनांदगांव। कबीर जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर मधुसूदन यादव ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संत कबीर के विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और युग प्रवर्तक भी थे, जिनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

संयुक्त शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि संत कबीर ने सत्य, अहिंसा, दया, करुणा, परोपकार और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए मानवता और समानता पर आधारित समाज की स्थापना का मार्ग दिखाया। उनके दोहे आज भी लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कबीरधाम से लेकर दामाखेड़ा तक उनके अनुयायी आज भी उनके विचारों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। संत कबीर की रचनाओं में कबीर अमृतवाणी विशेष रूप से लोकप्रिय है और उनके दोहे विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

इस अवसर पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, महापौर परिषद के सदस्य, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सभापति, अपील समिति के सदस्य तथा पार्षदों ने भी नागरिकों को कबीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि संत कबीर ने कभी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव का समर्थन नहीं किया और उनका जीवन मानवता, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने नागरिकों से संत कबीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।

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365 दिन बिना छुट्टी कर रहे पशुधन विभाग के मैदानी कर्मचारी, साप्ताहिक अवकाश की मांग संघ ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार 365 दिन सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की शारीरिक एवं मानसिक थकान तथा सेवा गुणवत्ता पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को देखते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति पशुचिकित्सा अधिकारी संघ ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग के मैदानी अमले को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की है। एवं शासकीय अवकाश के दिनों में भी पशु चिकित्सालय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के लिए खोले जाएं, जिससे गंभीर बीमार पशुओं को तत्काल उपचार मिल सके।

संघ का पक्ष:
ज्ञापन सौंपते हुए संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके ने कहा, “मैदानी स्तर पर हमारे अधिकारी-कर्मचारी बस्तर के घने जंगलों से लेकर सरगुजा की दुर्गम पहाड़ियों तक टीकाकरण, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान एवं आपातकालीन उपचार का कार्य करते हैं। वर्षभर बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार कार्य करने से स्टाफ में अत्यधिक शारीरिक एवं मानसिक थकान व्याप्त है। इसका सीधा असर फील्ड में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।”

संवैधानिक एवं समानता का तर्क:
डॉ. रामटेके ने बताया कि साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान भारतीय संविधान में भी उल्लेखित है। राज्य के लगभग सभी विभागों में कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश की सुविधा प्राप्त है। यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग जैसे आपातकालीन सेवा वाले विभाग में भी साप्ताहिक अवकाश एवं रोस्टर प्रणाली लागू है। पशुधन विकास विभाग के कर्मचारी भी उसी तर्ज पर मानव संसाधन नीति के तहत अवकाश के हकदार हैं।

अन्य प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में संघ ने विभाग में लंबे समय से रिक्त सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के बैकलॉग पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आग्रह किया गया, ताकि विभाग को योग्य मानव संसाधन मिल सके और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं मिलें।

ज्ञापन प्राप्त कर मुख्यमंत्री ने इस पर शीघ्र निर्णय लेते हुए विभाग को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित:
प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके, प्रांतीय सचिव डॉ. तरुण रामटेके सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।

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स्कूलों में गायत्री मंत्र-हनुमान चालीसा, सरकार का फैसला सराहनीय : दीपक सोनी

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रिमंडल द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों को गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा का पाठ कराने संबंधी लिए गए निर्णय का विश्व हिंदू रक्षा संगठन ने जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल बताया है।
विश्व हिंदू रक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी ने जारी अपने वक्तव्य में कहा कि यह निर्णय नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की आधारशिला भी होते हैं। ऐसे में गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा जैसे प्रेरणादायी स्त्रोतों का अध्ययन विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोचए राष्ट्रभक्ति एवं नैतिक चेतना का विकास करने में सहायक सिद्ध होगा।
आगे उन्होंने कहा कि, भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
श्री सोनी ने इस निर्णय के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं विशेष रूप से शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा संगठन छत्तीसगढ़ शासन के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है तथा आशा व्यक्त करता है कि इससे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं सनातन जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल शिक्षा के साथ.साथ संस्कारयुक्त समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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