Connect with us

Uncategorized

*कांग्रेस की योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत, किसान हुए खुशहाल- गिरीश देवांगन*

Published

on

0 भाजपा राज में कमीशन के लिए बनती थी योजनाएं
राजनांदगांव।
राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी गिरीश देवांगन अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान ग्राम भानपुरी इंदामरा धनगांव सुकुल दैहान बम्हनी एवं शहर के ग्रामीण वार्ड हल्दी मोहरा सिंगदई में जनसंपर्क कर अपने एवं कांग्रेस सरकार के पक्ष में जन समर्थन मांगा बुजुर्ग महिलाएं युवा साथियों से जीवंत संपर्क करते हुए अपने पक्ष में जन समर्थन मांगा जन समर्थन के दौरान किसानों से चर्चा करते हुए गिरीश देवांगन ने कहा कि 15 वर्षीय भाजपा के कुसाशन में राज्य सहित राजनांदगांव के किसानों के साथ जो अन्याय भाजपा की सरकार ने किया जैसे छ ग के किसानों का धान प्रति एकड़ 10 क्विंटल खरीदने का फरमान जारी कर अन्नदाताओं के मेहनत पर चोट किया था तब कांग्रेस ने सड़क की लड़ाई लड़ते हुए जन आंदोलन किया परिणामतह रमन सरकार को कांग्रेस के किसान हितैषी आंदोलन के आगे झुकना पड़ा और 15 क्विंटल धान खरीदने पर विवस हुई धान का समर्थन मूल्य 2100 रु और 300 रु बोनस देने की बात करने वाली भाजपा 2014 में डबल इंजन सरकार बनने के बाद भी इस पर कोई अमल न कर किसानों को उनके वाजिब हक से वंचित किया था छ ग में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार आने के बाद 18.82 लाख किसानों का 9270 करोड रुपए का कृषि ऋण माफ किया 344 करोड रुपए के लंबित सिंचाई कर माफ किया गया 12000 करोड रुपए सिंचाई पंप पर बिजली की बचत की गई वहीं भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक सहायता के रूप में 758 करोड रुपए का भुगतान किया गया यह सभी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है रमन राज में किसान कर्ज के तले आत्महत्या करने पर मजबूर होते थे और भाजपा सरकार उनकी मृत्यु को शराब सेवन से मौत की बात कर उनका अपमान करती थी आज पूरे देश में सबसे अधिक मूल्य में धान खरीदी की जा रही है। और प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने के बाद कांग्रेस सरकार ने कर छत्तीसगढ़ के किसानों की मेहनत का सम्मान किया है छत्तीसगढ़ किसानों के सम्मान और अस्मिता के लिए मैं आप सब के समक्ष प्रत्याशी के रूप में उपस्थित हूं एवं आप लोगों का जन समर्थन कांग्रेस को मिले ताकि छत्तीसगढ़ जो है धान का कटोरा वह सही रूप में चरितार्थ हो सके।
कांग्रेस मीडिया सेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जनसंपर्क अभियान के दौरान प्रमुख रूप से कमलजीत सिंह पिन्टू, पदम कोठारी, सुदेश देशमुख, दिनेश शर्मा, हरिनारायण धकेता, रूबी गरचा, कुतबुद्दीन सोलंकी, विरेन्द्र चंद्राकर, अमित चंद्रवंशी, हनी ग्रेवाल, नासिर जिंदरान, अशोक पंजवानी, दक्षिण ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यकांत जैन, उत्तर ब्लॉक अध्यक्ष आसिफ अली, महिला कांग्रेस अध्यक्ष माया शर्मा, शरद खंडेलवाल, सचिन टूरहाटे, भोजराज भेलावे, पार्षद केवल साहू, विनय झा, चंद्रकला देवांगन, राकेश चंद्राकर, शरद पटेल, महेश साहू, सरिता प्रजापति, प्रतिमा बंजारे, एजाज अंसारी, डा.अरूण देवांगन, खैरूनिशा, फराह खान, अवधेश प्रजापति, सुरेन्द्र देवांगन, संगीता साहू, रीना पटेल, गेमू कूंजाम, बबलू कसार, आरबी मिश्रा, खिलेश्वर पाल, संजय साहू, राजा यादव, संदीप जायसवाल, आशीष सोनकर, डा.कुमार, राहुल देवांगन, शैलेष रामटेके, कुशल रजक, बूथ अध्यक्ष अनिल सिन्हा, श्रीमती सरोज प्रधान, स्वतंत्रदास साहू, मदन साहू, रूपेश साहू, तेनसिंह साहू सहित बूथ अध्यक्ष सहित सभी विंगों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता व समस्त कांग्रेसजन उपस्थित रहें।
बाक्स
आज बजरंगपुर नवागांव, मोतीपुर में जनसंपर्क रैली….
कांग्रेस प्रत्याशी गिरीश देवांगन 22 अक्टूर रविवार को उत्तर ब्लॉक के क्षेत्र बजरंगपुर नवागांव वार्ड नं. 01 में सुबह 9 बजे पानी टंकी के हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना जनसंपर्क की शुरूआत करेंगे जो वार्ड का भ्रमण करते हुए दिवानटोला वार्ड नं. 02 होते हुए मोतीपुर वार्ड नं. 03 चंदन नगर, अम्बेडकर चौक, होते हुए वार्ड नं. 08 मोतीपुर गणेश पारा होते हुए रामनगर में जनसंपर्क रैली के माध्यम से वार्डवासियों से अपने पक्ष जनसमर्थन मांगेगे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Uncategorized

डिलापहरी स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव, तिलक लगाकर हुआ नवप्रवेशी बच्चों का स्वागत

Published

on

राजनांदगांव। प्रदेशभर में 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 का शंखनाद हो चुका है। इसी कड़ी में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिलापहरी में शाला प्रवेश उत्सव अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नए छात्र-छात्राओं का आत्मीय स्वागत कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और पढ़ाई के प्रति एक सकारात्मक माहौल तैयार करना था।
शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम डिलापहरी के सरपंच गोविंद नारायण वर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यालय पहुंचे नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का वैदिक रीति से तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए सरपंच वर्मा ने कहा कि शिक्षा ही जीवन का असली आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से शाला आनेए अनुशासन में रहने और कड़ी मेहनत कर जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्राचार्या कंचन बाला सुखदेव ने नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर सभी नवप्रवेशी बच्चों और उपस्थित अभिभावकों को बधाई व शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है, जो बच्चों के सुनहरे और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखती है। हमारा शाला परिवार बच्चों के केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर, उनके सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।
लंबे अवकाश के बाद स्कूल पहुंचे बच्चों में एक अलग ही उमंग और उत्साह देखने को मिला। शाला प्रवेश उत्सव के दौरान नए बच्चों को विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों, खेलकूद और शैक्षणिक व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया। शिक्षकों ने नए सत्र में बेहतर और उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणाम लाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का समापन बच्चों को नियमित अध्ययन और श्रेष्ठ नागरिक बनने के संदेश के साथ हुआ।
इस गरिमामय कार्यक्रम में वरिष्ठ व्याख्याता रमन लाल शेंडे, शिक्षक अजमेर सिंह करवार, श्रीमती डाली नामदेव, सौरभ यादव, धनेश साहू, रामजी यादव, श्रीमती भारती साहू, श्रीमती जिज्ञासा रामटेके, विवेक खरे, नमित साहू, श्रीमती वर्षा चौधरी, श्रीमती वर्षा शर्मा, प्रवीण साहू, आलोक पंसारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और ग्रामीण जन उपस्थित थे।

Continue Reading

Uncategorized

जिले में टीईटी परीक्षा का शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन

Published

on

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ। परीक्षा का आयोजन जिले के कुल 45 परीक्षा केंद्रों में दो पालियों में किया गया। प्रथम पाली में कुल 8071 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 7022 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इसी प्रकार द्वितीय पाली में 13179 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 11823 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पर्यवेक्षक, उड़नदस्ता दल एवं सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। साथ ही परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु कड़ी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की गई। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था अथवा अनुचित गतिविधि की सूचना प्राप्त नहीं हुई। परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।

Continue Reading

Uncategorized

रायपुर साहित्य महोत्सव में गूंजता रहा राजनांदगांव जिले का नाम, राजनांदगांव के रचनाकारों ने की रेखांकनीय भागीदारी

Published

on

राजनांदगांव। राजधानी रायपुर में जनसंपर्क विभाग एवं साहित्य अकादमी-रायपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव के बहुरंगी विमर्शमयी वातावरण में राजनांदगांव जिले ने भी रेखांकनीय भागीदारी निभाकर यहां कि सृजनधर्मी परम्पराओं का सफल निर्वाहन किया। 23 से 25 जनवरी 2026 तक अटल नगर नया रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित इस साहित्योत्सव में एक ओर विशाल पंडालों में अलग अलग विषयों पर ख्यातिनाम लेखकों, साहित्यकारों, कवियों और संस्कृतिकर्मियों द्वारा विमर्श होते रहे, तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ लोकसंस्कृति, पुस्तक प्रदर्शनी, ओपन माइक, पारम्परिक व्यंजन के स्टॉल जनमानस के आकर्षण का केन्द्र रहे। संस्कारधानी राजनांदगांव के रचनाकारों ने इसमें शिरकत कर उत्सव का न केवल आनंद उठाया बल्कि संस्कारधानी का प्रतिनिधित्व भी किया।
राजनांदगांव की साहित्यिक विरासत के प्रकाश स्तंभ त्रिवेणी परिसर स्थित मुक्तिबोध स्मारक व संग्रहालय पर केंद्रित विशाल झांकी पूरे उत्सव में आकर्षण का केंद्र रही। जनसम्पर्क विभाग द्वारा बनाई गई यह कृति प्रवेश द्वार पर राजनांदगांव के साहित्य वैभव के साथ स्वागत-बिंदु थी। एक विशाल किताब के आकार में बनी इस झांकी के एक भाग में चित्रित मुक्तिबोध संग्रहालय और उसके दूसरे भाग में लिखे विवरण ने हजारों आने वाले को प्रेरित किया।
साहित्य उत्सव के प्रथम दिन राजनांदगांव के प्रख्यात इतिहासकार व साहित्यकार डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा को छत्तीसगढ़ के साहित्यिक अवदान पर केन्दि्रत एक महत्वपूर्ण सत्र में अभिभाषण हेतु आमंत्रित किया गया था। डॉ. शर्मा ने हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र विषय पर श्याम लाल चतुर्वेदी पंडाल में अपना वक्तव्य दिया। इस सत्र में उन्होंने सूत्रधार की महती भूमिका भी निभाई। सत्र में कहानीकार डॉ. सरला शर्मा, कवि माणिक विश्वकर्मा, आलोचक डॉ. मनिकेतन प्रधान व छंद विशेषज्ञ अरूण कुमार निगम ने सहभागिता की। संस्कारधानी के डॉ. चंद्र शेखर शर्मा ने अपने वक्तव्य में राजनांदगांव के साहित्यिक योगदान के अलावा यहां के साहित्य सेवियों पर चर्चा कर पूरे पंडाल के समक्ष राजनांदगांव की मजबूत नींव का रहस्य बताया। अपने प्रवर्तन विषय हिंदी साहित्य के व्योम में छत्तीसगढ़ के नक्षत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी भाषाओं के प्रति उदार रही है। छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ हिंदी भाषा और साहित्य में छतीसगढ़ और उसमें भी राजनांदगांव का योगदान उल्लेखनीय है। राजनांदगांव साहित्य की तीन अलग-अलग धाराओं के संगम के कारण हिंदी साहित्य की त्रिवेणी है। यह डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, गजानन माधव मुक्तिबोध एवं डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की प्रिय कर्मस्थली रही। गजानन माधव मुक्तिबोध ने अपने जीवन का स्वर्णिम सृजन राजनांदगांव में ही कर पाए, क्योंकि यहां उनको उनके अनुकूल परिस्थितियां मिलीं। इसी प्रकार बिलासपुर में लोचन प्रसाद पाण्डेय ने छायावाद का प्रवर्तन किया। वे छायावाद के प्रवर्तक हैं। इसी श्रृंखला में हिंदी की पहली कहानी लिखने की प्रेरणा भी इसी धरती से माधवराव सप्रे को मिली। छतीसगढ़ का योगदान हिंदी साहित्य में विशेष उल्लेखनीय है।
दूसरे दिन राजनांदगांव जिले के आमंत्रित कवियों ने सुरजीत नवदीप मंडप के मंच पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के कवियों हेतु सरस काव्य पाठ कर प्रशंसा बटोरी। इस कवि सम्मेलन का संयोजन डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने किया था। संस्कारधानी राजनांदगांव के साहित्यकारों की सक्रिय भागीदारी रही। डॉ. चंद्रशेखर शर्मा के मंच संचालन में राजनांदगांव के दर्जनभर कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मुग्ध किया। काव्य पाठ करने वालो में डॉ. शंकर मुनि राय, अब्दुस्सलाम कौसर, प्रभात तिवारी, शत्रुघ्न सिंह राजपूत, नीलम तिवारी, डा. चंद्रशेखर शर्मा, डॉ. नीलम तिवारी, वीरेन्द्र कुमार तिवारी वीरू, अनुराग सक्सेना, ओमप्रकाश साहू अंकुर, महेन्द्र कुमार बघेल मधु, राज कुमार चौधरी रौना, डॉ. इकबाल खान, डी.आर.सिन्हा, फक¸ीर साहू शामिल थे। इस महती आयोजन में राजनांदगांव से अखिलेश तिवारी, डॉ. प्रवीण साव, सचिन निषाद, जितेंद्र कुमार पटेल, फकीर प्रसाद साहू फक्कड़, हेमलाल सहारे, लखन लाल कलामे, जसवंत मंडावी, चंचल साहू, लीलाधर सिन्हा सम्मिलित हुए।
सम्मेलन के तीसरे दिन भी नगर के रचनाकारों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दिन आत्माराम कोसा, अखिलेश मिश्रा, मैन सिंह मौलिक, प्रभास गुप्ता आदि ने उपस्थिति दर्ज कराई। राजनांदगांव जिले की भागीदारी पर छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त कर आयोजन को सफल करने हेतु सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

Continue Reading

Trending