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छत्तीसगढ़

पांच दिवसीय भव्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह 31 मई से श्री भैरवी शक्तिधाम खैरा में

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राजनांदगांव। पीठाधीश्वर गुरु मां सुमिरन माई जी की अनन्य कृपा से श्री भैरवी धाम जनकल्याण समिति द्वारा नव-निर्मित श्री भैरवी शक्तिधाम तांत्रोक्त शक्तिपीठ एवं साधना केंद्र खैरा में पांच दिवसीय भव्य देवी पूजन प्राण-प्रतिष्ठा समारोह रविवार, दिनांक-01 से 05 जून तक आयोजित होने जा रहा है।
उक्तशय की जानकारी देते हुएए आयोजक मंडल ने बताया कि, उक्त आस्था के केंद्र में मां भगवती भैरवी, मां दंतेश्वरी, मां दक्षिण काली के साथ श्री हनुमान जी और बाबा काल भैरव जी की मूर्ति स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन किया जा रहा है। आगे उन्होंने बताया कि, जिसका उद्देश्य जनकल्याण एवं परोपकार है। वर्तमान परिवेश में जनमानस में सनातन धर्म के प्रति व्याप्त वैराग्य के भाव को दूर कर उनमें सनातन के प्रति सम्मान और आस्था का पुर्नजागरण का पुनित कार्य कर रही हैं। पौराणिक मान्यताओं में वर्णित जप-तप, योग एवं साधना का व्यापक प्रभाव है, जिसके माध्यम से धाम जनमानस में पुर्नस्थापित कर सनातनियों बंधुओं के शारीरिक, मानसिक और अध्यात्मिक उत्थान की दिशा में कार्यशील हैं। इस सार्वभौमिक उद्देश्य की प्राप्ति हेतु श्री भैरवी धाम पीठाधीश्वर गुरु मां सुमिरन मांई जी के सानिध्य और आशीर्वाद से श्री भैरवी धाम योग एवं साधना केन्द्र को भारतवर्ष के प्रतिष्ठित साधकों का निरंतर मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। साथ ही हमारे सनातन धर्मावलंबियों का सहयोग भी उल्लेखनीय हैं।
कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में उन्होंने बताया कि, ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी शनिवार 31 मई को सायं 4.30 से जलयात्रा, ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी रविवार 01 जून, देव आवाहन स्थापना, मूर्ति संस्कार, ब्राह्मण बरण प्रातः 9 बजे से, जलाधिवास सायं 4.30 बजे, ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी सोमवार 02 जून को आवाहित देवताओं का पूजन, जप-पाठ प्रातः 9 बजे से, अन्नाधिवास सायं 4 बजे, ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी मंगलवार 3 जून, आवाहित देवताओं का पूजन, मूर्ति उत्थापन, जप-पाठ प्रातः 9 बजे, पंचामृताधिवास दोपहर 1 बजे, पुष्पाधिवास सायं 4 बजे, ज्येष्ठ शुक्ल नवमी बुधवार 4 जून आवाहित देवताओं का पूजन, जप-पाठ प्रातः 9 बजे से, मूर्तियों का महास्नान-नाना प्रकार की औषधि पल्लव विष्ट, समुद्रजल, तीर्थ जल आदि से दोपहर 1 बजे, संध्याधिवास सायं 4.30 बजे ज्येष्ठ शुक्ल दशमी गुरुवार 5 जून, पूजन मूर्ति न्यास, नेत्रोंमूलन संस्कार प्रात 9 बजे सिंह लग्न में मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा, श्रृंगार, प्रथम पूजा, भोग, आरती, महाप्रसादी एवं भंडारा प्रातः 11.30 से 12.40 बजे तक एवं अतिथि एवं संत सत्कार गुरुवार 5 जून दोपहर 1 से 2 बजे तक होना है।
उक्त कार्यक्रम मुख्य आचार्य श्री रघुनाथ पाण्डेय एवं अन्य आचार्य गणों के सुभाशीष से और गुरुवर संजय सिंह की प्रेरणा से श्री ओम सोनकर रायपुर के मुख्य यजमानी में आयोजित किया जाना है। आशीर्वादक संतगण श्री चक्रमहामेरू पीठाधिपति सच्चिदानंद तीर्थ, महाराज, महामंडलेश्वर महंत सर्वेश्वरदास, महंत रामबालक दास महात्यागी, जामड़ी पाटेश्वर धाम, श्री नीलकंठ त्रिपाठी जी (संस्थापक, नीसेसं रायपुर), महंत युधिष्ठिर महाराज जी (सदाणी दरबार), डॉ. स्वामी राजेश्वरानंद महाराज (प्रदेश अधक्ष संत सभा छत्तीसगढ़), महंत नरेन्द्र दास (निमोही आखाड़ा), महंत अनंतपुरी गोस्वामी, पं. रूपेश महाराज जी (प्रवक्ता, संत सभा छत्तीसगढ़), प्रो. मदनमोहन उपाध्याय, संत गौतमानंद (आजीवन निराहार बाबा), प्रदेश उपाध्यक्ष-संत सभा उत्तीसगढ़), महंत राजेन्द्र गिरी महाराज, मंहत राधेश्याम दास, महंत वेदप्रकाश, महामंडेलश्वर साध्वी सखी मां (वैष्णी किन्नर अखाड़ा छत्तीसगढ़) के आशीर्वाद का पुण्य प्रताप कार्यक्रम को प्राप्त होगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सांसद संतोष पाण्डे, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, गृह मंत्री विजय शर्मा, महापौर मधुसूदन यादव, जिलाध्यक्ष भाजपा कोमल सिंह राजपूत, पूर्व महापौर हेमा देशमुख, विश्व हिन्दू परिषद के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश अग्निहोत्री, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा बतौर अतिथि उपस्थित रहेंगे। समिति ने उक्त पुनित समारोह में तन-मन-धन से सहभागी बनने की अपील की है।

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छत्तीसगढ़

जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ, 63 हजार से अधिक लोगों की होगी घर-घर जांच

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खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। प्रदेशव्यापी मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में आज 15 जून को अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रेम कुमार पटेल ने स्वास्थ्य विभाग के सर्वे दलों को मलेरिया जांच किट प्रदान कर अभियान की शुरुआत की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि 15 जून से 14 जुलाई तक संचालित होने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले के 116 ग्रामों में स्थित 12,739 परिवारों के लगभग 63,747 व्यक्तियों का घर-घर जाकर मलेरिया सर्वेक्षण एवं जांच की जाएगी। अभियान के दौरान बुखार अथवा मलेरिया के लक्षण वाले व्यक्तियों की तत्काल जांच की जाएगी तथा संदिग्ध व्यक्तियों के रक्त नमूने लेकर परीक्षण किया जाएगा।

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन ने बताया कि जांच में मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने वाले सभी मरीजों को तत्काल निःशुल्क दवा उपलब्ध कराकर उपचार प्रारंभ किया जाएगा। मरीज की स्थिति एवं रोग की गंभीरता के अनुसार आवश्यक होने पर उसे निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सालय में भर्ती कर समुचित उपचार भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समय पर जांच एवं उपचार से मलेरिया के गंभीर दुष्प्रभावों को रोका जा सकता है तथा संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य मलेरिया रोगियों की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार एवं संक्रमण के प्रसार को रोकना है। साथ ही ग्रामीणों को मच्छरजनित रोगों से बचाव, मच्छरदानी के नियमित उपयोग, स्वच्छता एवं जलभराव रोकने के उपायों के संबंध में जागरूक किया जाएगा।

कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिलेवासियों से अभियान में सहयोग करने तथा सर्वे दलों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की, ताकि जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को मलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मलेरिया कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी, पर्यवेक्षक एवं मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

तंबाकू नियंत्रण, पल्स पोलियो एवं मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की कलेक्टर ने की समीक्षा

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खैरागढ़। कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी), राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (पल्स पोलियो अभियान) तथा मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तीनों महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रमों की तैयारियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में संचालित जनजागरूकता, प्रवर्तन एवं तंबाकू मुक्त वातावरण निर्माण संबंधी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध, तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन एवं प्रचार पर प्रतिबंध तथा 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक संबंधी प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नियमित निरीक्षण एवं चालानी कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने चयनित ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, शिक्षकों, युवाओं तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की सहभागिता से तंबाकू मुक्त वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम स्तर पर शपथ कार्यक्रम, जनजागरूकता अभियान, चेतावनी बोर्ड स्थापना तथा तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता बताई, ताकि चयनित ग्राम पंचायतों को आदर्श तंबाकू मुक्त ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।
बैठक में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के 14 वें चरण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय-सीमा में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन ने बताया कि अभियान जिले के 116 ग्रामों में संचालित किया जाएगा, जिसमें लगभग 64 हजार आबादी को शामिल किया गया है। अभियान के सफल संचालन के लिए 216 सर्वे दल एवं 12 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक दल में आरएचओ (महिला/पुरुष) अथवा सीएचओ के साथ एक मितानिन को शामिल किया गया है।
अभियान के दौरान घर-घर पहुंचकर आरडी किट के माध्यम से मलेरिया की जांच की जाएगी। मलेरिया पॉजिटिव मरीजों का तत्काल उपचार सुनिश्चित करने के साथ उपचार पूर्ण होने के बाद फॉलोअप स्लाइड भी तैयार की जाएगी। इसके अलावा सोर्स नियंत्रण गतिविधियां, मच्छरदानी के उपयोग के प्रति जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान भी चलाए जाएंगे। सभी चयनित ग्रामों में मितानिनों द्वारा रैलियां निकाली जाएंगी तथा प्रतिदिन शाम 7 बजे सीटी एवं घंटी बजाकर मच्छरदानी उपयोग के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। दीवार लेखन, पोस्टर एवं बैनर के माध्यम से भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
बैठक में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस (पल्स पोलियो अभियान) की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। यह अभियान 28 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। अभियान के प्रथम दिन 28 जून को निर्धारित बूथों पर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई जाएगी, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य दल घर-घर पहुंचकर बच्चों को दवा पिलाएंगे। कलेक्टर ने अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सूक्ष्म कार्ययोजना, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं आवश्यक संसाधनों की समीक्षा करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रेमकुमार पटेल, अपर कलेक्टर सुरेन्द्र ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल धु्रव, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विवेक बिसेन, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बोधन परते, वीबीडी सुपरवाइजर विवेक मेश्राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

बिरसा मुंडा जयंती पर युवाओं को मिला समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का संदेश

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रायपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी अस्मिता के प्रतीक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मंगलवार को ऑल वॉलंटरी एसोसिएशन फाउंडेशन द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं और आदिवासी समाज से भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों को अपनाकर समाज व राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक डॉ. हेमशंकर जेठमल साहू ने की। शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं, युवा एवं विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

डॉ. साहू ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने जीवन में शोषण और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करते हुए आदिवासी समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और आत्मविश्वास के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि वह सही दिशा में आगे बढ़े तो समाज में व्यापक परिवर्तन संभव है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज में जागरूकता फैलाने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके नेतृत्व में चला जनआंदोलन आज भी सामाजिक न्याय और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।

इस दौरान संस्था के सदस्यों ने आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार, युवाओं के कौशल विकास और सामाजिक एकता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। संस्था ने भविष्य में भी भगवान बिरसा मुंडा के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान और संगोष्ठियों के आयोजन की घोषणा की।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने की शपथ ली। साथ ही उनके विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया।

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