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राजनांदगांव

जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने समर्पित भाव से करें कार्य : कलेक्टर

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेकर स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले में बाल एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए समर्पित एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सक्रियता एवं ईमानदारी से कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले में किसी भी गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु की मृत्यु न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। कलेक्टर ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग अनिवार्य रूप से की जाए तथा इस कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी, आवश्यक दवाइयों एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही मोबाइल के माध्यम से प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग कर समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिले में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। पिछले वर्ष इसी समय मातृ मृत्यु 5 हुई थी जबकि इस वर्ष 2 मातृ मृत्यु है। इसी तरह पिछले वर्ष 53 शिशु मृत्यु हुई थी जो इस वर्ष घटकर 44 हो गई है। इस विशेष अभियान से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आई है।
कलेक्टर ने एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा करते हुए इसे तेज गति से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 4 हजार 887 किशोरी बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग से समन्वय स्थापित कर स्कूलवार रोस्टर तैयार करने तथा इस माह के भीतर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में चिन्हांकित ब्रेस्ट कैंसर मरीजों के उपचार एवं स्क्रीनिंग की जानकारी लेते हुए मरीजों के परिजनों से नियमित फॉलोअप करने तथा स्वास्थ्य में सुधार की सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। 1826 ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के पश्चात लक्षण की पहचान होने पर 16 मरीजों को तत्काल ईलाज के लिए रेफर किया गया। वर्तमान में बालको कैंसर हॉस्पिटल में निःशुल्क उपचार चल रहा है और मरीजों के परिजनों से नियमित फालोअप लिया जा रहा है।
कलेक्टर ने चिरायु योजना के अंतर्गत चिन्हांकित बच्चों के उपचार की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बच्चों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके। चिरायु योजना के तहत 48 बच्चों का चिन्हांकन किया गया। जिसमें से 15 बच्चों का हृदय रोग संबंधी बीमारियों का निःशुल्क सफलतापूर्वक ऑपरेशन हो गया है तथा 33 बच्चों का चिरायु टीम द्वारा नियमित फॉलोअप लिया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी चिकित्सालयों में साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में बेहतर हाइजीन बनाए रखना आवश्यक है, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सके।
कलेक्टर ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संयुक्त संविदा भर्ती प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ एक माह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता से स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी विस्तार होगा तथा इसका लाभ जिले के नागरिकों को मिलेगा। कलेक्टर ने टीबी एवं कुष्ठ रोग की स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की जांच कर मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके और इन बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो। उन्होंने सभी राष्ट्रीय कार्यक्रम की समीक्षा की एवं आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, संयुक्त संचालक मेडिकल कालेज डॉ. अतुल देशकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरत्न, सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद एवं स्वास्थ्य विभाग के समस्त बीएमओ, बीपीएम, सलाहकार उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए तीसरे व अंतिम चरण का शेड्यूल जारी

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राजनांदगांव। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी स्कूलों की रिक्त सीटों पर गरीब और जरूरतमंद बच्चों को प्रवेश दिलाने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तीसरे और अंतिम चरण की समय-सारणी (शेड्यूल) जारी कर दी है। इसके माध्यम से निजी विद्यालयों की कक्षा पहली में आरटीई की बची हुई सीटों को पात्र बच्चों से भरा जाएगा।

5 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन
जारी समय-सारणी के अनुसार, 17 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक जिला स्तर पर शालावार आरटीई की रिक्त सीटों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी और इसका प्रचार-प्रसार होगा। इसके बाद, 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक पात्र आवेदक और पालक आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। इस दौरान पूर्व में किए गए आवेदनों में संशोधन (सुधार) करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

10 अगस्त से निकलेगी ऑनलाइन लॉटरी
पालकों से आवेदन मिलने के बाद, 25 जुलाई से 7 अगस्त 2026 तक नोडल प्राचार्यों द्वारा प्राप्त आवेदनों का सूक्ष्मता से परीक्षण व सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद पात्र और अपात्र आवेदनों की प्रविष्टि पोर्टल पर की जाएगी। 10 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन लॉटरी और काउंसलिंग के माध्यम से चयनित बच्चों की सूची व स्कूल आबंटन जारी किया जाएगा।

17 अगस्त से स्कूलों में दाखिला
ऑनलाइन लॉटरी में चयनित बच्चों को 17 अगस्त से 25 अगस्त 2026 के बीच संबंधित निजी स्कूलों में प्रवेश (दाखिला) लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद, 20 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक स्कूलों के प्राचार्यों द्वारा आरटीई पोर्टल पर प्रवेशित बच्चों की अंतिम प्रविष्टि दर्ज कर प्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।

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राजनांदगांव

सीएम हेल्पलाइन से ग्राम सलोनी के केवल साहू को तत्काल मिली मदद, मिला गैस सिलेंडर

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राजनांदगांव। राज्य शासन द्वारा शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन आम जनता की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए बेहद कारगर साबित हो रही है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से न सिर्फ शिकायतों का समयबद्ध समाधान हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों की पहुंच सीधे शासन तक आसान हुई है। ऐसा ही एक मामला राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सलोनी में सामने आया है, जहां एक ग्रामीण को शिकायत के तुरंत बाद राहत मिली है।

लंबी कतारों से मिली मुक्ति
ग्राम सलोनी निवासी केवल साहू ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण उन्हें लंबे समय से रसोई गैस सिलेंडर प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। गैस एजेंसी के चक्कर काटने और लंबी कतारों में खड़े रहने के बाद भी उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था। परेशान होकर उन्होंने शासन की हेल्पलाइन नंबर 1076 पर अपनी समस्या दर्ज कराई।

शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई
केवल साहू के मुताबिक, सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होते ही प्रशासन हरकत में आया और मामले का त्वरित निराकरण करते हुए उन्हें गैस सिलेंडर उपलब्ध करा दिया गया। गैस सिलेंडर मिलने पर उन्होंने खुशी जाहिर की है।

उन्होंने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सरकार द्वारा नागरिकों की जमीनी समस्याओं को दूर करने की दिशा में उठाया गया एक बेहतरीन कदम है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।

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अपराध

बसंतपुर पुलिस ने बरामद किए 25 गुम मोबाइल, मालिकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

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राजनांदगांव। थाना बसंतपुर पुलिस ने जनहितैषी कार्य प्रणाली का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से गुम हुए करीब 3.75 लाख रुपये मूल्य के 25 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटा दिए हैं। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर आवेदकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चला अभियान
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के मार्गदर्शन में गुम मोबाइलों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और कड़े प्रयासों से अलग-अलग कंपनियों के 25 गुम मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता पाई।

स्वामियों को विधिवत सौंपे गए मोबाइल
थाना बसंतपुर परिसर में आयोजित एक सादे कार्यक्रम में सभी 25 मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को विधिवत सुपुर्दनामा के माध्यम से सौंपे गए। इस सराहनीय कार्रवाई में सीसीटीएनएस आरक्षक श्रवण पैकरा, आरक्षक फागू साहू, ललित रावटे सहित थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गुम मोबाइलों की पतासाजी का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

जिम्मेदार नागरिक बनें, पुलिस को सौंपे गुम मोबाइल
इस अवसर पर बसंतपुर पुलिस ने आम नागरिकों से एक विशेष अपील भी की है। पुलिस ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को रास्ते में या कहीं भी कोई गुम मोबाइल मिलता है, तो वे उसका स्वयं उपयोग करने की भूल न करें। एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देते हुए उसे तत्काल निकटतम थाने में जमा कराएं, ताकि मोबाइल को उसके असली हकदार तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके।

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