Connect with us

राजनांदगांव

डोंगरगांव के रण में किसान कांग्रेस अध्यक्ष मदन साहू भी शामिल

Published

on

राजनांदगांव। जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मदन साहू ने डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र से अपनी मजबूत दावेदारी दर्ज कराई है। उन्होंने ब्लॉक अध्यक्षों को सांगठनिक प्रक्रिया के तहत अपनी उम्मीदवारी का आवेदन सौंपा है। फार्म जमा करने के दौरान उनके साथ किसान कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष और समर्थक भी मौजूद रहे।
त्रि-स्तरीय पंचायत में जनप्रतिनिधि के तौर पर सक्रिय रहे मदन साहू काफी लंबे समय से विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। जिला किसान कांग्रेस का अध्यक्ष होने के साथ ही वे जिला साहू संघ के उपाध्यक्ष भी हैं जो कि साहू समाज में उनकी मजबूत पकड़ दर्शाता है। उनकी दावेदारी को क्षेत्र से काफी मजबूत भी माना जा रहा है। विभिन्न संगठनात्मक गतिविधियों के तहत भी उन्होंने क्षेत्र में अपनी तगड़ी मौजूदगी दर्ज करवाई है।
साहू लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में ब्लॉक व सेक्टर प्रभावी के दायित्?वों पर भी खरे उतरे हैं। 08 मार्च 2001, 2002 और 2003 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस व विशाल महिला सम्मेलन में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई। गौरतलब है कि इन्हीं आयोजनों में मुख्य अतिथि के तौर पर सोनिया गांधी डोंगरगांव आई थीं। यह कार्यक्रम ऐतिहासिक रहा था।
बीते कुछ दिनों में किसान रथ की यात्रा के दरम्यान मदन साहू का नाम डोंगरगांव में तेजी से उभरा है। वे अपनी टीम के साथ हर बूथ तक पहुंचकर सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार में लगे हैं। वर्ष 2015 में डोंगरगांव जनपद पंचायत उपाध्यक्ष रहते हुए साहू ने ग्रामीण क्षेत्र में अपनी पैठ बनाई। इस बीच उन्होंने संगठन को भी बल देने का प्रयास किया। उन्हें राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के ब्लॉक समन्वयक की भी जिम्मेदारी दी गई।
पिछले 25 सालों से के राजनीति कैरियर में उन्होंने संगठन के लिए काफी मेहनत की। वर्ष 1999 से 2001 तक वे ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष रहें। इसके बाद तीन वर्षों तक उन्होंने प्रदेश उपाध्यक्ष के दायित्वों का निर्वहन किया। वर्ष 2005 से 2010 तक वे संगठन की विभिन्न जिम्मेदारियां संभालते रहे। इस दौरान वे ब्लॉक कमेटी में महामंत्री भी रहे। वे ब्लॉक किसान कांग्रेस अध्यक्ष भी नियुक्त किए गए। वर्ष 2005 से 2008 तक वे ब्लॉक पिछड़ा वर्ग कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर भी काम करते रहे। इसके बाद वे जिला संगठन का भी हिस्सा रहे। वर्ष 2014 से 2017 तक उन्हें जिला कांग्रेस कमेटी में सचिव का पद सौंपा गया।
सामाजिक गतिविधियों में भी मदन का दायरा काफी फैला हुआ है। वर्ष 2008 से वे सामाजिक संगठन में शामिल हैं। उन्हें सबसे पहले युवा प्रकोष्ठ का उपाध्यक्ष बनाया गया। जिसके बाद वे युवा साहू संघ में प्रदेश उपाध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष राजनीतिक प्रकोष्ठ के संयोजक और मौजूदा समय में भी उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके अलावा भी वे विभिन्न धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सर्व वर्ग से जुड़े हुए हैं।
वर्ष 2003 से 2018 तक भाजपा सत्ता में रही। इस दौरान भी मदन ने विपक्ष में मजबूत भूमिका निभाई। उन्होंने तकरीबन सौ गांवों तक खुद पहुंचकर महिला समूहों, किसान, युवा बेरोजगारों को कांग्रेस की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास किया, तो दूसरी तरफ भाजपा सरकार की कार्यशैली के खिलाफ लगातार धरना और प्रदर्शन में शामिल रहे। इनमें से कुछ में उन्होंने अगुवाई भी की। तत्कालीन जिला प्रशासन के अधिकारियों के खिलाफ भी उन्होंने विरोध प्रदर्शन किए। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन इंदिरा गांधी जनाधिकार कार्यक्रम में वे डोंगरगढ़ से भिलाई के कार्यक्रम में शामिल रहे।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राजनांदगांव

कबीर जयंती पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर ने दी शुभकामनाएं

Published

on

राजनांदगांव। कबीर जयंती के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडे और महापौर मधुसूदन यादव ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए संत कबीर के विचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संत कबीर केवल महान संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और युग प्रवर्तक भी थे, जिनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

संयुक्त शुभकामना संदेश में उन्होंने कहा कि संत कबीर ने सत्य, अहिंसा, दया, करुणा, परोपकार और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए मानवता और समानता पर आधारित समाज की स्थापना का मार्ग दिखाया। उनके दोहे आज भी लोगों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि कबीरधाम से लेकर दामाखेड़ा तक उनके अनुयायी आज भी उनके विचारों का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। संत कबीर की रचनाओं में कबीर अमृतवाणी विशेष रूप से लोकप्रिय है और उनके दोहे विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।

इस अवसर पर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, निगम अध्यक्ष टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, महापौर परिषद के सदस्य, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सभापति, अपील समिति के सदस्य तथा पार्षदों ने भी नागरिकों को कबीर जयंती की शुभकामनाएं दीं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि संत कबीर ने कभी धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव का समर्थन नहीं किया और उनका जीवन मानवता, सद्भाव और सामाजिक एकता का संदेश देता है। उन्होंने नागरिकों से संत कबीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की अपील की।

Continue Reading

राजनांदगांव

365 दिन बिना छुट्टी कर रहे पशुधन विभाग के मैदानी कर्मचारी, साप्ताहिक अवकाश की मांग संघ ने मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन

Published

on

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पशुधन विकास विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार 365 दिन सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की शारीरिक एवं मानसिक थकान तथा सेवा गुणवत्ता पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव को देखते हुए अनुसूचित जाति-जनजाति पशुचिकित्सा अधिकारी संघ ने माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें:
संघ ने ज्ञापन के माध्यम से विभाग के मैदानी अमले को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य साप्ताहिक अवकाश देने की मांग की है। एवं शासकीय अवकाश के दिनों में भी पशु चिकित्सालय सुबह 8 बजे से 10 बजे तक 2 घंटे के लिए खोले जाएं, जिससे गंभीर बीमार पशुओं को तत्काल उपचार मिल सके।

संघ का पक्ष:
ज्ञापन सौंपते हुए संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके ने कहा, “मैदानी स्तर पर हमारे अधिकारी-कर्मचारी बस्तर के घने जंगलों से लेकर सरगुजा की दुर्गम पहाड़ियों तक टीकाकरण, नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान एवं आपातकालीन उपचार का कार्य करते हैं। वर्षभर बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के लगातार कार्य करने से स्टाफ में अत्यधिक शारीरिक एवं मानसिक थकान व्याप्त है। इसका सीधा असर फील्ड में दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।”

संवैधानिक एवं समानता का तर्क:
डॉ. रामटेके ने बताया कि साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान भारतीय संविधान में भी उल्लेखित है। राज्य के लगभग सभी विभागों में कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश की सुविधा प्राप्त है। यहां तक कि स्वास्थ्य विभाग जैसे आपातकालीन सेवा वाले विभाग में भी साप्ताहिक अवकाश एवं रोस्टर प्रणाली लागू है। पशुधन विकास विभाग के कर्मचारी भी उसी तर्ज पर मानव संसाधन नीति के तहत अवकाश के हकदार हैं।

अन्य प्रमुख मांगें:
ज्ञापन में संघ ने विभाग में लंबे समय से रिक्त सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी के पदों पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई। इसके अलावा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के बैकलॉग पदों पर भर्ती प्रक्रिया को भी प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने का आग्रह किया गया, ताकि विभाग को योग्य मानव संसाधन मिल सके और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं मिलें।

ज्ञापन प्राप्त कर मुख्यमंत्री ने इस पर शीघ्र निर्णय लेते हुए विभाग को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित:
प्रांताध्यक्ष डॉ. रामचंद्र रामटेके, प्रांतीय सचिव डॉ. तरुण रामटेके सहित संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। संघ ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष कर्मचारियों की व्यावहारिक समस्याओं को समझते हुए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।

Continue Reading

राजनांदगांव

स्कूलों में गायत्री मंत्र-हनुमान चालीसा, सरकार का फैसला सराहनीय : दीपक सोनी

Published

on

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रिमंडल द्वारा प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों को गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा का पाठ कराने संबंधी लिए गए निर्णय का विश्व हिंदू रक्षा संगठन ने जोरदार स्वागत करते हुए इसे भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी पहल बताया है।
विश्व हिंदू रक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष दीपक सोनी ने जारी अपने वक्तव्य में कहा कि यह निर्णय नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं नैतिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार निर्माण की आधारशिला भी होते हैं। ऐसे में गायत्री मंत्र एवं हनुमान चालीसा जैसे प्रेरणादायी स्त्रोतों का अध्ययन विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोचए राष्ट्रभक्ति एवं नैतिक चेतना का विकास करने में सहायक सिद्ध होगा।
आगे उन्होंने कहा कि, भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन एवं समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है। नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्य सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
श्री सोनी ने इस निर्णय के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं विशेष रूप से शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा संगठन छत्तीसगढ़ शासन के इस निर्णय का पूर्ण समर्थन करता है तथा आशा व्यक्त करता है कि इससे विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं एवं सनातन जीवन मूल्यों के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल शिक्षा के साथ.साथ संस्कारयुक्त समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आने वाली पीढ़ियों को भारतीय सभ्यता एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

Continue Reading

Trending