Connect with us

राजनांदगांव

डोंगरगढ बोरतलाब मार्ग के अवरूद्ध निर्माण को अविलंब प्रारंभ करने बाबत

Published

on

राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ़ बोरतलाब मार्ग जो कि एक अंतर्राज्यीय मार्ग है एवं डोंगरगढ ग्रामीण वनांचल मे ग्राम खरकाटोला, बरनाराकला, पनियाजोब, को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है।  जो छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र को जोड़ता है। वनांचल के रहवासियों के लिए आवागमन एवं अन्य सुविधाओं को जोड़ने हेतु यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

पूर्ववर्ती सरकार ने इसे मात्र सामान्य ग्रामीण सड़क मानते हुये लगभग 8.5 करोड़ रूपये की स्वीकृति देकर मार्ग निर्माण प्रस्तावित किया था किन्तु विचारणीय तथ्य यह है कि इस राशि से यदि यह मार्ग बनाया जाता तो मुश्किल से 6 माह ही टिक पाता। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बनते ही ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिला तथा उन्हे इस मार्ग में वाहनों की भारी आवाजाही को देखते हुये तथा अंतर्राज्यीय सड़क मार्ग होने के कारण, सड़क की
गुणवत्ता में वृद्धि किये जाने के तथ्यों को रखते हुये सड़क निर्माण की राशि में वृद्धि की स्वीकृति की मांग रखी गयी, जिस पर ग्रामीण वनांचल रहवासियों की सुविधा के दृष्टिगत माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के द्वारा सड़क निर्माण हेतु पूर्व में स्वीकृत राशि के अतिरिक्त रूपये 4.50 करोड़ स्वीकृत किया गया इस प्रकार माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा इस मार्ग के लिए रूपये 12.50 करोड़ स्वीकृत किये गये।


विगत 1 वर्ष से डोंगरगढ़ से बोरतलाब का मार्ग बंद पड़ा हुआ है तथा डोंगरगढ ग्रामीण एवं शहरी निवासियों के द्वारा इस मार्ग से आवागमन किये जाने के समय अनेक दिक्कतों का सामना
करना पड़ रहा है. चूकि राज्य आसन से राशि स्वीकृत हो चुकी है। अतः लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ शासन एवं संबंधित ठेकेदार को डोंगरगढ बोरतलाच मार्ग निर्माण कार्य अविलंब प्रारंभ किये जाने का आदेश प्रसारित करने का कष्ट करे ताकि ग्रामीण एवं वनांचल के लगभग 50 गांव को विकासखण्ड एवं जिला
मुख्यालय के साथ ही अतर्राज्यीय सीमा से सुगमता से जोड़ा जा सके।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

राजनांदगांव

प्रयास आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों ने लगाया फूड स्टॉल, व्यवहारिक शिक्षा व कौशल का दिया परिचय

Published

on

राजनांदगांव। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष फूड स्टॉल का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए, बल्कि सामग्री प्रबंधन से लेकर ग्राहकों के साथ संवाद तक की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाली।

छात्रों ने तैयार किए कई लजीज व्यंजन
फूड स्टॉल में विद्यार्थियों द्वारा अपनी पाक कला का प्रदर्शन करते हुए नींबू पानी, फिंगर चिप्स, स्वीट डिश, स्वीट कॉर्न, सूप, भेल, आलू गोलगप्पा और करोंदा चाट सहित कई प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए थे। स्टॉल के संचालन के दौरान सामग्री का प्रबंधन, लागत का हिसाब-किताब और आए हुए अतिथियों से संवाद स्थापित करने का पूरा प्रबंधन विद्यार्थियों ने स्वयं किया।

व्यवहारिक ज्ञान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाना उद्देश्य
विद्यालय प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों में जीवनोपयोगी कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, आत्मविश्वास, बेहतर संचार कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए समय-समय पर इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

अधिकारियों व अभिभावकों ने बढ़ाया उत्साह
आयोजित फूड स्टॉल में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर व्यंजनों का स्वाद चखा और विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

Continue Reading

अपराध

गिरवी रखी जमीन छल से अपने नाम कराने वाले दो सहोदर भाई गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर वसूल रहे थे 6% ब्याज

Published

on

राजनांदगांव। गिरवी रखी जमीन को सुनियोजित तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम ब्याज वसूलने और धोखाधड़ी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों (कोठारी बंधुओं) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पैसों की जरूरत पर रखी थी जमीन गिरवी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू (46 वर्ष) ने 26 जुलाई को थाने में आवेदन सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 25 नवंबर 2021 को उनके पिता आनंद राम साहू को पैसों की आवश्यकता थी, जिस पर उन्होंने अपनी 40 डिसमिल जमीन (खसरा नंबर 138/6) को कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी के पास गिरवी रखा था।

निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 5,11,000 रुपये दिए थे। सिक्योरिटी के तौर पर पीड़ित, उसके पिता और भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए थे।

छल-कपट से अपने नाम कराई रजिस्ट्री, फिर वसूला 6% ब्याज
शिकायत के मुताबिक, निर्मल कोठारी ने छलपूर्वक गिरवी रखी जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद पीड़ित परिवार को जान से मारने और मरवाने की धमकी देकर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों का दुरुपयोग कर अपने भाई नलिन कोठारी के जरिए फर्जी किरायानामा तैयार कराया और सिक्योरिटी चेक बाउंस कराकर अदालत में झूठा केस दर्ज करा दिया।

पैसे लौटाने के बाद भी नहीं लौटाई पूरी जमीन
पीड़ित ने बताया कि मूल रकम चुकाने के बावजूद जमीन वापस करने के नाम पर आरोपियों ने बैंक से 20 लाख रुपये का फाइनेंस करवाकर रकम ऐंठ ली। इसके बाद भी केवल 12 डिसमिल जमीन वापस की गई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन अपने पास रख ली और उसे लौटाने के एवज में और रुपयों की मांग की जाने लगी।

पुलिस ने दर्ज की धाराएं और की गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी निर्मलचंद कोठारी (58 वर्ष) एवं नलिन कोठारी (54 वर्ष) के खिलाफ अपराध क्रमांक 398/26, धारा 386, 420, 34 भादवि तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म स्वीकार करने पर पुलिस ने 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, उप निरीक्षक रतन सिंह नेताम, सुमेंद्र कुमार खरे, आरक्षक प्रियांश, लीलेंद्र और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

Continue Reading

राजनांदगांव

शांति भंग करने की आशंका पर दो असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

Published

on

राजनांदगांव। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिटी कोतवाली पुलिस ने दो असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों पर सार्वजनिक स्थान पर विवाद कर शांति भंग करने की आशंका के चलते बीएनएसएस की धाराओं के तहत कार्रवाई कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार 26 जुलाई को सूचना मिली थी कि शंकरपुर उड़िया मोहल्ला निवासी किशन सोनी (40) गंज चौक में तथा राहुल नगर लखोली निवासी भीमा मंडावी (28) आम लोगों से विवाद और झगड़ा कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उत्तेजित होकर विवाद करने लगे और समझाइश के बावजूद नहीं माने।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पर दोनों को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके विरुद्ध धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। किशन सोनी के विरुद्ध चिखली पुलिस चौकी में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी का मामला दर्ज है, जबकि भीमा मंडावी के खिलाफ बसंतपुर थाना में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार शाह के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में उपनिरीक्षक रतन सिंह नेताम एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Continue Reading

Trending