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राजनांदगांव

काले कानून की वापसी, किसानों के संघर्ष की जीत : विवेक वासनिक

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राजनांदगांव। तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी के ऐलान के बाद राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष विवेक वासनिक ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे किसान और किसान संघर्ष की जीत बताया।
श्री वासनिक ने कहा कि, तीनों काले कृषि कानून के विरोध में देशभर के किसानों के द्वारा किये गए लगातार संघर्ष और किसानों की लगातार बढ़ती नाराजगी ने मोदी सरकार को आखिरकर घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। अंततः मोदी सरकार को अपना तुगलकी फरमान वापस लेना पड़ा। श्री वासनिक ने जिले और प्रदेश सहित देशभर के करोड़ों किसानों को बधाई देते हुए कहा किए किसानों के हित के लिए लड़ी गई इस लंबी लड़ाई में आखिरकर जीत किसानों की हुई। जब से मोदी सरकार ने इस काले कृषि कानूनों को देश में लागू करने की सोची थी। तब से ही देशभर के किसान इसका जमकर विरोध कर रहे थे। यहां तक किसान सड़कों पर उतर आए थे। भूख हड़ताल की, आमरण अनशन किया। महीनों तक लंबी लड़ाईयां लड़ी। कई किसान भाईयों की इस आंदोलन में जान भी चली गई, क्या मोदी सरकार उन किसानों की जान वापस लौटा सकती है। जब इस काले अध्याय को खत्म करना ही था तो इतनी नौटंकी किसलिए की। इनकी इस नौटंकी ने कई किसान भाईयों की जान ले ली। तीनों ही काले कृषि कानूनों के लागू हो जाने से देशभर के किसानों का सिर्फ अहित ही होता। इस कानून के लागू होने से किसानों की मेहनत का कुछ प्रतिशत ही किसानों को मिल पाता, बाकि सारी मलाई निजी क्षेत्र की कम्पनियां और उधोगपति खा जाते। इस तरह से किसान मालिक न होकर सिर्फ मेहनतकश मजदूर ही रह जाते और इनकी आड़ में बिचौलियों और व्यापारियों की चाँदी हो जाती। इसलिए भी यह कृषि कानून देश मे लागू करना न्यायसंगत नहीं था। तीनों ही काले कृषि कानूनों के वापसी पर श्री वासनिक ने हर्ष जताते हुए इसे किसानों की जीत बताया।
श्री वासनिक ने आगे कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जनता की नहीं सत्ता की चिंता सता रही है। उत्तर प्रदेश चुनाव में हार के डर से मोदी ने काले कृषि कानून वापस लेने का ऐलान किया है। किसान भाई सच्चाई को जानते है कि मोदी को किसानों से कोई सहानुभूति नहीं है, उन्होंने चुप्पी साधे रखा, जब किसानों को आतंकवादी कहा गया, पाकिस्तान की एजेंट कहा गया, नक्सली होने का आरोप लगाया गया। किसान आंदोलन को एक साल पुरा हो रहा है, किसानों की संयम, एकता एवं धीरज का परिणाम है कि मोदी अपने ही जाल में फंस गये है। अभी एमएसपी तथा अन्य मुद्दे पर मोदी सरकार को झुकाना शेष है, यदि मोदी को जनता या किसानों की चिंता होती सहानुभूति होती तो यह कानून बनाया ही नहीं जाता। यह कानून ही गैर संवैधानिक तरीके से बनाया गया है, जिस पर संसद में ना लोकसभा में चर्चा हुई और ना ही राज्यसभा में चर्चा होने दिया गया। संसद के इतिहास के काले दिन को नहीं भूला जाएगा, जब इन कानूनों पर विपक्षी दलों द्वारा मतदान की मांग को उपाध्यक्ष ने अनदेखा कर सरकार के अधिनियम को पारित घोषित कर दिया था। आखिरकार किसानों ने भाजपा और मोदी को यदि खाया की संप्रभुता जनता के पास सुरक्षित है।
श्री वासनिक ने कहा कि अपनी हार को सहिष्णुता का नाम देना कट्टरपंथियों का दोगलापन है, और इस दुबलेपन का जवाब आने वाले चुनाव में देना होगा। मोदी ने अभी भी माफी कानून के लिए नहीं मांगी है। कानून को समझा नहीं पाने की माफी मांगी है, यदि सरकार ने 20 रन के बैठकों के बाद भी किसानों के नेताओं को अपनी बात समझा पाने में सफलता प्राप्त नहीं की इसका मतलब यह है कि इन कानूनों में किसानों के लिए कोई राहत कोई उन्नति की योजना नहीं थी। किसान भाई भली-भांति इस बात को जानते हैं कि मोदी किसान नहीं है, इसलिए किसानों की दर्द को समझ भी नहीं सकते। यही कारण है कि ऐसे काले कानूनों को संसद से पारित होने दिया गया।

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अपराध

7 माह की गर्भावस्था से खुला दुष्कर्म का मामला, दिव्यांग युवती से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। डोंगरगांव थाना पुलिस ने दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी कमल नारायण साहू (24) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब युवती के पेट में सूजन आने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और जांच में उसके सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत पर 24 जुलाई को थाना डोंगरगांव में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(के) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में तत्काल जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान सामने आया कि पीड़िता बोलने में असमर्थ है। ऐसे में उसका बयान सीआरसी सेंटर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ (दुभाषिया) की मदद से दर्ज कराया गया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी कमल नारायण साहू, निवासी ग्राम तुमडीलेवा, थाना डोंगरगांव की पहचान कर उसे उसके घर से हिरासत में लिया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उपनिरीक्षक देवकुमार रावटे और प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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राजनांदगांव

570 से ज्यादा सरकारी सेवाएं अब एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर, सेवा सेतु व्यवस्था को बनाएगा ज्यादा जवाबदेह : कलेक्टर

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राजनांदगांव। जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी की ओर से शनिवार को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आधार, सेवा सेतु और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के संचालकों ने भाग लिया। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा कि शासन की सेवाओं को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और आम लोगों तक आसान तरीके से पहुंचाने के लिए सेवा सेतु महत्वपूर्ण पहल है।

कलेक्टर ने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और राजस्व समेत 570 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को समयबद्ध और सरल सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि सभी संचालक जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करें।

उन्होंने सीएससी संचालकों को निर्देश दिए कि केंद्रों पर आवश्यकतानुसार कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था करें और विभिन्न सेवाओं के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची प्रदर्शित करें। इससे कार्यों में एकरूपता आएगी, आवेदन निरस्त होने की संभावना कम होगी और लोगों का विश्वास बढ़ेगा। एसडीएम और तहसीलदारों को भी लंबित एवं निरस्त प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

कार्यशाला में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी संचालकों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि भ्रामक जानकारी फैलाने या लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर (आधार) प्रभात सिंह ने दस्तावेजों के सही सत्यापन और समय पर अपलोडिंग पर जोर दिया। जिला ई-डिस्ट्रिक्ट प्रबंधक सौरभ मिश्रा ने बताया कि पहले सीमित सेवाएं उपलब्ध थीं, लेकिन अब विभिन्न विभागों को जोड़कर 570 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तीनों जिलों में प्राप्त आवेदनों और सेवाओं की प्रगति की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम में यूआईडीएआई हैदराबाद के खुर्शीद आलम, सीएससी राज्य प्रमुख जयनारायण पटेल, सीएससी प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज हरदेव, अपर कलेक्टर सी.एल. मारकंडेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आधार, सेवा सेतु और सीएससी संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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गंज चौक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार कार्य का महापौर ने किया निरीक्षण

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राजनांदगांव। नगर निगम की आय बढ़ाने और पुराने व्यावसायिक परिसरों को पुनर्जीवित करने की पहल के तहत गंज चौक स्थित निगम स्वामित्व वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार कार्य का शनिवार को महापौर मधुसूदन यादव ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को मरम्मत कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

महापौर ने निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम, निगम अध्यक्ष टोपेंद्र सिंह पारस वर्मा, पार्षद मनोहर यादव और पूर्व पार्षद विजय राय के साथ कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण कर चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह व्यवसायिक परिसर जर्जर स्थिति में था, जिसे फिर से उपयोगी बनाने के लिए व्यापक जीर्णोद्धार कराया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि कॉम्प्लेक्स की सफाई के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके तहत प्लास्टर, पुट्टी, पेंट, रेलिंग, सीढ़ियां और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही परिसर के बाहर नाली और पुलिया निर्माण के अलावा पेवर ब्लॉक भी लगाए जाएंगे, ताकि परिसर का बेहतर उपयोग हो सके।

महापौर यादव ने अधिकारियों और ठेकेदार से कहा कि कार्य में अतिरिक्त श्रमिक लगाकर निर्माण की गति बढ़ाई जाए तथा प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद दुकानों की नीलामी की जाएगी, जिससे नगर निगम की आय में वृद्धि होगी।

निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम ने भी तकनीकी अमले को निर्देशित किया कि मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए और तय समय-सीमा में कॉम्प्लेक्स का जीर्णोद्धार पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता दीपक खांडे सहित तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।

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