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राजनांदगांव

कमला कालेज में पीएम-उषा के अंतर्गत वर्कशॉप का आयोजन

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राजनांदगांव। शासकीय कमला देवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव में आईक्यूएसी एवं महिला प्रकोष्ठ के द्वारा आयोजित एवं पीएम-उषा के द्वारा प्रायोजित सॉफ्ट कम्पोनेन्ट के अंतर्गत चार वर्कशॉप का उद्घाटन डॉ. राजेश पांडे, अतिरिक्त संचालक दुर्ग संभाग के आतिथ्य एवं सुश्री मणीभास्कर गुप्ता, अध्यक्ष जनभागीदारी के द्वारा किया गया।
सॉफ्ट कम्पोनेन्ट के अंतर्गत कानूनी अधिकार के प्रति जागरूकता, महिला डिजीटल साक्षरता, संचार कौशल एवं जेंडर सेनसीटाईजेशन विषयों पर कार्यशाला का उद्घाटन दिनांक 07.01.2025 को महाविद्यालय के सभागृह में किया गया। कानूनी अधिकार के प्रति जागरूकता की मुख्य वक्ता सुश्री प्रिया कांकरिया (अधिवक्ता), महिला डिजीटल साक्षरता की मुख्य वक्ता राजू खुंटे (सहायक प्राध्यापक), संचार कौशल के मुख्य वक्ता विवके सोनी (फाउंडर एंड डारेक्टर आरसीआई) थे। कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती को दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। प्राचार्य डा. आलोक मिश्रा ने अपने उद्बोधन में छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित किया।
सुश्री मणीभास्कर गुप्ता ने सभी छात्राओं को महाविद्यालय में होने वाले सभी गतिविधियों में भाग लेकर उसका लाभ उठाने कहा। मुख्य अतिथि डॉ. राजेश पांडे अतिरिक्त संचालक दुर्ग संभाग ने महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सम्बल बनने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बहुत से उदाहरण दिये जैसे किरण बेदी, राष्ट्रपति द्रौपति मुर्मु, राज्यपाल अनुसूईया उइके आदि के बारे में बताया कि उन्होंने अपने जीवन में कठिन संघर्ष के बाद ये मुकाम हासिल किया। महिलाओं के लिए अपने कैरियर को आगे बढ़ाने बहुत संभावनाएं है और मेहनत से हम लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है, लेकिन हमें अपने कला एवं संस्कृति को कभी नहीं भूलना चाहिए।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. एचके गरचा ने कहा कि जेंडर सेनसीटाईजेशन को पुर्ननांमांकित, पुर्नपरिभाषित, पुर्नकल्पित करना होगा। महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ के द्वारा समय-समय पर महिला जागरूगता कार्यक्रम किया जाता है, हमें अपने कानूनी अधिकार के बारे में पता है, लेकिन जब तक हम समाज को विशेष रूप से पुरुषों को महिलाओं के प्रति नजरियें को बदलने हेतु जागरूक नहीं करेंगें, तब तक ऐसे कार्यक्रम का कोई औचित्य नहीं है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. नीता एस. नायर कहा कि ने समाज में सम्मान से जीने के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी है। साथ ही शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है, तभी हम महिलाएं समाज एवं परिवार के प्रति अपने दायित्व का सही ढंग से निर्वहन कर पायेंगे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजेश पांडे एवं सुश्री मणीभास्कर गुप्ता को मूमेंटो देकर सम्मानित किया गया। डॉ. नीता एस. नायर ने मंचस्थ सभी सम्मानीय अतिथियों, समिति के सभी सदस्य डॉ. बृजबाला उइके, श्रीमती नीलम राम धनसाय, आलोक जोशी एवं सभी प्राध्यापकों तथा कार्यालयीन स्टाफ के जावेद सिद्दीकी, रमन साहू, धनेश पटेल एवं सभी छात्राओं का कार्यक्रम में उपस्थित होकर उसे सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

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खेल

छत्तीसगढ़ हॉकी ने उत्साहपूर्वक मनाया ओलंपिक दिवस, प्रदर्शन मैच में खेलो इंडिया सेंटर जीता

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राजनांदगांव। हॉकी इंडिया नई दिल्ली के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ हॉकी द्वारा मंगलवार को ओलंपिक दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस ऐतिहासिक दिन के उपलक्ष्य में एक विशेष प्रदर्शन हॉकी मैच का आयोजन किया गया, जो खेलो इंडिया सेंटर बनाम भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के मध्य खेला गया। रोमांचक मुकाबले में खेलो इंडिया सेंटर ने साई को 2-0 गोल से पराजित कर जीत दर्ज की। खेलो इंडिया सेंटर की ओर से धनंजय यादव और प्राण साहू ने शानदार खेल दिखाते हुए 1-1 गोल किए।
मैच की शुरुआत में जिला हॉकी संघ के सचिव शिवनारायण धकेता, नीलमचंद जैन, भूषण साव, खेलो इंडिया हॉकी कोच शकील अहमद, अनुराज श्रीवास्तव और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी मृणाल चौबे ने मैदान के मध्य जाकर खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ हॉकी के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए ओलंपिक दिवस के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक ओलंपिक खेलों का पुनर्जन्म फ्रांस के बैरन पियरे डी कुबर्तिन के प्रयासों से हुआ था, जिनके चलते वर्ष 1894 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की स्थापना हुई। पहला आधुनिक ओलंपिक 1896 में एथेंस (ग्रीस) में आयोजित किया गया था। भारत ने पहली बार 1900 के पेरिस ओलंपिक में हिस्सा लिया था। अंसारी ने गर्व के साथ याद दिलाया कि भारतीय हॉकी टीम ने ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 8 स्वर्ण पदक जीतकर विश्व में अपनी एक विशेष और अटूट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष 23 जून को ओलंपिक दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को खेल, स्वास्थ्य, फिटनेस और ओलंपिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।
समारोह के दौरान मैच की विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की गई। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले होनहार खिलाड़ियों को छत्तीसगढ़ हॉकी के सौजन्य से अतिथियों द्वारा पुरस्कृत व सम्मानित किया गया।
इस समापन एवं पुरस्कार वितरण अवसर पर प्रमुख रूप से साई हॉकी कोच परमजीत सिंह, हॉकी कोच शकील अहमद, वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी शेख महबूब शरीफ, आशीष सिन्हा, अभिनव मिश्रा, राजेश निर्मलकर, साई हॉकी कोच स्मृति सिंह एवं कृष्णा यादव सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे।

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राजनांदगांव

संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और फादर्स डे का भव्य आयोजन

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राजनांदगांव। संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और फादर्स डे के पावन अवसर पर एक भव्य, प्रेरणादायक और अत्यंत गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय के सुसज्जित ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित इस दोहरे उत्सव की शुरुआत सुबह ठीक 8 बजे आमंत्रित मुख्य अतिथियों के गरिमापूर्ण आगमन, स्वागत और तिलक के साथ हुई।
कार्यक्रम के प्रथम चरण का शुभारंभ करते हुए विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती रेखा तिवारी ने गरिमामयी उपस्थिति के लिए सभी अतिथियों, प्रबुद्ध पालकों और विद्यार्थियों का आत्मीय अभिनंदन किया। अपने स्वागत भाषण में प्राचार्या रेखा तिवारी ने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग न केवल शरीर को निरोगी रखता है, बल्कि वर्तमान समय में सुदृढ़ मानसिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए भी यह बेहद अनिवार्य है। दैनिक जीवन में योग अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इसके उपरांत, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था से पधारे अनुभवी योग प्रशिक्षकों सुश्री रश्मि जुनेजा और अग्निवेश मिश्रा के कुशल व ऊर्जावान मार्गदर्शन में एक सुव्यवस्थित योग सत्र का संचालन किया गया। वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भरने के लिए सामूहिक ओंकार मंत्र जप के साथ सत्र की शुरुआत हुई। शारीरिक लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने के लिए ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, वज्रासन और पवनमुक्तासन जैसे महत्वपूर्ण खड़े होकर व बैठकर किए जाने वाले आसनों का आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों की देख-रेख में अभ्यास किया गया। श्वास-प्रश्वास के नियंत्रण और मानसिक एकाग्रता हेतु अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम का विशेष अभ्यास किया गया। अंत में सूर्य नमस्कार, श्लोक पाठ, लयबद्ध योग और आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों द्वारा कराए गए गहन ध्यान के साथ इस सत्र को पूर्ण किया गया। सत्र के समापन पर सभी के लिए पौष्टिक स्वल्पाहार की व्यवस्था रही।
कार्यक्रम का दूसरा चरण पिताओं और बच्चों के अनूठे और स्नेहिल संबंधों को समर्पित रहा। इसकी शुरुआत विद्यालय कोरस समूह द्वारा प्रस्तुत एक सुमधुर और भावुक कर देने वाले विशेष गीत से हुई, जिसने उपस्थित सभी पिताओं की आँखों को सजल कर दिया। इस उत्सव को और अधिक जीवंत बनाने के लिए पिता और बच्चों के मध्य कई मनोरंजक और रोमांचक खेलों का आयोजन किया गया। इन खेलों में पिताओं ने अपने बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस दौरान पिता-पुत्र और पिता-पुत्रियो के अनमोल स्नेह को कैमरे में कैद करने के लिए एक विशेष फोटो शूट सत्र भी आयोजित किया गया। विभिन्न खेलों के विजेताओं के नाम इस प्रकार है। बॉल बकेट प्रतियोगिता में देव कुमार साहू कनिष्क साहू (6वीं) के पिता प्रथम, कुमेश साहू जाह्नवी साहू कक्षा (7वीं) के पिता द्वितीय एवं नीरज टैगोर विराज टैगोर (7वीं) के पिता तृतीय रहें। म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में मुकेश साहू सृष्टि साहू (3रीं) के पिता प्रथम, सुनील शर्मा शौम्या शर्मा (10वीं) के पिता द्वितीय एवं प्रेमानंद किशन शुभ किशन (12वीं) के पिता तृृतीय रहें। पुश-अप चैलेंज में दिप्तेश राजपूत यशस्वी राजपूत (केजी-2) के पिता प्रथम एवं प्रदीप किशन सिद्धी किशन (11वीं) के पिता द्वितीय रहें।
समारोह के मुख्य आकर्षण और उत्साहवर्धक के क्षणों में खेलों के विजेता पिताओं और बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर संस्था के प्रबंधकगण अतुल देशलहरा, आदित्य अग्रवाल ने सभी विजेता पिताओं और बच्चों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई प्रेषित की। अपने संदेश में प्रबंधकीय समिति ने कहा कि ऐसे आयोजन पारिवारिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं और बच्चों में अपने अभिभावकों के प्रति सम्मान की भावना को प्रगाढ़ बनाते हैं।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय की प्रबंधन समिति और विभिन्न विभागों की भूमिका सराहनीय रही। मंच का कुशल संचालन विद्यालय के बच्चों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंतिम सोपान में औपचारिक आभार प्रदर्शन के बाद सामूहिक राष्ट्रगान का गान किया गया। इसके पश्चात् सभी आमंत्रित अतिथियों, अभिभावकों और स्टाफ के लिए सुरुचिपूर्ण जलपान के साथ कार्यक्रम का गरिमामयी समापन हुआ।

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राजनांदगांव

सात माह से वेतन को तरसे सफाईकर्मी, बच्चों की पढ़ाई पर संकट

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राजनांदगांव। नगर पालिक निगम के सफाई कर्मचारियों की आर्थिक बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। राजनांदगांव शहर में साफ-सफाई का जिम्मा संभालने वाली बॉम्बे ठेका कंपनी के सफाईकर्मियों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है। वेतन की आस में बैठे कर्मचारियों के सब्र का बांध अब टूट चुका है। नगर पालिक निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गोलू नायक के नेतृत्व में पीड़ित सफाईकर्मियों ने क्षेत्र के विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई और न्याय की गुहार लगाई है।

परिवारों पर मंडराया जीवन-यापन का संकट
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में संघ के अध्यक्ष गोलू नायक ने बताया कि पिछले सात माह से मेहनताना न मिलने के कारण सफाईकर्मियों के परिवारों के सामने पेट पालने का संकट खड़ा हो गया है। रोजमर्रा के खर्चों के लिए कर्मचारियों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति बच्चों की शिक्षा को लेकर बनी हुई है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन जेब खाली होने के कारण कर्मचारी अपने बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पा रहे हैं। इस वजह से बच्चों के दाखिले और आगे की पढ़ाई अधर में लटक गई है।

खोखले आश्वासनों से नाराजगी, प्रशासन मौन
कर्मचारियों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर ठेका कंपनी के अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। हर बार उन्हें केवल खोखले आश्वासन ही मिलते हैं, धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है। सफाई जैसी आवश्यक सेवा से जुड़े अमले के प्रति जिम्मेदार अधिकारियों का यह उदासीन रवैया बेहद असंवेदनशील और निराशाजनक है।

तीन दिन का अल्टीमेटम : काम बंद, सफाई ठप
सफाई कर्मचारी संघ ने ठेका कंपनी और निगम प्रशासन को आर-पार की लड़ाई का अल्टीमेटम दे दिया है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों के भीतर लंबित वेतन का पूरा भुगतान नहीं किया गया, तो शहर के सभी सफाईकर्मी काम बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। नगर निगम सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष गोलू नायक ने कहा कि अगर तीन दिनों में वेतन नहीं मिला तो सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर दी जाएगी। हड़ताल के दौरान शहर में उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति और गंदगी की पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार और निगम प्रशासन की होगी।

पीएफ और ईएसआई राशि में भी हेराफेरी का आरोप
वेतन विसंगति के साथ-साथ संघ ने कर्मचारियों के अन्य कानूनी अधिकारों के हनन का मुद्दा भी उठाया है। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन न मिलने के अलावा उनके भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा जैसी बुनियादी सुविधाओं की राशि को लेकर भी लंबे समय से गड़बड़ी चल रही है। संघ ने जनप्रतिनिधियों और उच्चाधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर ठेका कंपनी की मनमानी पर लगाम कसने और सफाईकर्मियों की मांगों का त्वरित निराकरण करने की मांग की है।

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