राजनांदगांव
राजनांदगांव एक जिंदादिल शहर, समृद्ध संस्कृति से महकता शहर, संस्कारधानी की झांकी एवं हॉकी बहुत प्रसिद्ध
राजनांदगांव। राजनांदगांव शहर की तासीर दूसरे शहरों से बिल्कुल अलग है। यहां हर उत्सव एवं पर्व शिद्दत से ऐसे महसूस होते हैं, मानों जिंदगी के हर रंग यहां मुस्कुराते हैं। यह एक जिन्दादिल शहर है, यहां के रंगों में उत्सव एवं संस्कृति महसूस होते हंै। संस्कारधानी में चाहे गणेश चतुर्थी हो या नवरात्रि, दशहरा, दीपावली एवं अन्य पर्व इनकी अनोख रंगत यहां के नसों में धधकती है। संस्कारधानी की झांकी एवं हॉकी बहुत प्रसिद्ध है। बात चाहे गणेश चतुर्थी के समय हॉकी की भव्य झांकी की हो या हॉकी के उम्दा खेल की। झांकी के समय बड़ी संख्या में राजनांदगांव एवं अन्य जिलों के नागरिक यहां शामिल होते हैं। शहर के फ्लाईओव्हर से निकलना, शहर को निहारना, मानों एक ही नजर में पूरे शहर की आबोहवा को समझने के समान है। यहां की खासियत है, लोगों की मिलनसारिता तो वहीं शहरी एवं ग्रामीण परिवेश की मिली जुली संस्कृति का आभास होता है। राज्य के प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य एवं राजनांदगांव को खेल मानचित्र पर एक नई पहचान मिली है। लगभग 22 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित भव्य अन्तर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन होता आ रहा है। लगभग साढ़े नौ एकड़ के रकबे में निर्मित यह विशाल स्टेडियम हॉकी के खिलाड़ियों को समर्पित है। हॉकी की नर्सरी के रूप में जिले की पहचान है। यहां के हॉकी खिलाड़¸ी अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते रहे हंै। शहर के मध्य में लगभग 20 एकड़ 22 डिसमिल में फैले दिग्विजय स्टेडियम में क्रिकेट मैदान है एवं बास्केटबाल का अंतर्राष्ट्रीय कोर्ट है। देश भर में बास्केटबाल के लिए 8 कोर्ट एक ही जगह केवल राजनांदगांव शहर में है। यहां बैडमिंटन के 3 इंडोर कोर्ट, 3 टेबल टेनिस, वेटलिफि्ंटग ट्रेनिंग सेंटर, एथलेटिक्स 400 मीटर ट्रैक, मल्टीपर्पज जिम, भारतीय खेल प्राधिकरण साई का हॉकी तथा बास्केटबाल के लिए हॉस्टल है।
देश के तीन महान साहित्यकारों श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र के साहित्य, कृतियों, विचारों एवं जीवन को समझने के लिए हिन्दी साहित्य के विद्यार्थियों के लिए मुक्तिबोध संग्रहालय दर्शनीय है। देश के तीन महान साहित्यकारों श्री गजानन माधव मुक्तिबोध कक्ष, डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र की कृतियां, पाण्डुलिपि एवं वस्तुएं सुरक्षित रखी गई हैं। उनकी रचनाएं यहां संकलित की गई है। उनके डायरी के अंश तथा उनके जीवन के प्रेरक प्रसंग की जानकारी यहां अंकित है। अन्य जिलों एवं विभिन्न स्थानों से शोधार्थी एवं विद्यार्थी यहां उनकी स्मृतियों से जुड़ी वस्तुएं एवं कृतियां संग्रहालय में देखना समझना चाहते है। राजनांदगांव में उनकी अविस्मरणीय यादों को संजोए यह शहर हिन्दी साहित्य प्रेमियों के लिए त्रयी की यह कर्मभूमि गौरवपूर्ण स्थान है। राजनांदगांव जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह, श्री कुंज बिहारी चौबे, नाचा व रंगकर्म के प्रमुख कलाकार पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर, छत्तीसगढ़ रंगमंच एवं नाचा की कलाकार फिदाबाई मरकाम, गायन एवं अभिनय के प्रसिद्ध कलाकार श्री भैय्यालाल हेड़ऊ, चंदैनी गोंदा के कलाकार खुमान साव, फिल्म निर्देशक किशोर साहू, लोक कलाकार बरसाती भैय्या, सुप्रसिद्ध गायिका श्रीमती कविता वासनिक, कवि एवं उपन्यासकार विनोद कुमार शुक्ल, पद्मश्री फूलबासन बाई जैसे ख्याति प्राप्त साहित्यकारों, कलाकारों, समाजसेवी एवं प्रबुद्धजनों से जिले की विशेष पहचान है।
राजनांदगांव शहर तालाबों का शहर है। जल संरक्षण के दृष्टिकोण से शहर में रानीसागर, बूढ़ासागर, मोतीपुर तालाब, मठपारा तालाब, शंकरपुर तालाब सहित लगभग 32 से अधिक तालाब हैं। शहर का चौपाटी प्रसिद्ध है। जहां लक्ष्मण झूला, ट्रायो ट्रेन, नौका विहार, बच्चों के खेलने के लिए झूले एवं खुबसूरत गार्डन आकर्षण का केन्द्र है। गार्डन के दूसरे ओर पुष्प वाटिका है। वहीं ऊर्जा पार्क सुंदर उद्यान है। शहर में विभिन्न स्थानों में गार्डन होने से हरितिमा का आभास होता है। जिला प्रशासन तथा नगर निगम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों में पौधरोपण किया जा रहा है। फ्लाई ओव्हर के नीचे गार्डन विकसित किया गया है तथा फ्लाई ओव्हर के अन्य भाग को व्यवस्थित तरीके से पार्किंग के लिए उपयोग किया जा रहा है। वहीं छोटी-छोटी दुकानें भी लगाई जा रही हैं। शहर के मध्य से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 53 पर फ्लाई ओव्हर के बनने से शहर पर ट्रैफिक का दबाव कम हुआ है, शहर व्यवस्थित बना तथा आवागमन की सुविधा बढ़ी है। शहर की डिजिटल लाईब्रेरी विद्यार्थियों एवं पाठकों के लिए लोकप्रिय है।
भारतीय इतिहास में रियासतों का अपना महत्व रहा है। छत्तीसगढ़ में 14 रियासत थी, उनमें से एक रियासत राजनांदगांव थी। रियासत काल में राजनांदगांव एक राज्य के रूप में विकसित था एवं यहां पर सोमवंशी, कलचुरी एवं मराठों का शासन रहा। पूर्व में यह नंदग्राम के नाम से जाना जाता था। यहां बैरागी राजाओं का शासन था। रियासत के प्रमुख शासकों में महंत घासीदास, महंत बलराम दास, महंत सर्वेश्वर दास एवं अंतिम शासक महंत दिग्विजय दास प्रमुख थे। इन शासकों के शासनकाल में रोजगार, शिक्षा, साहित्य के क्षेत्र में इस रियासत का उल्लेखनीय योगदान रहा है। महंत बलराम दास के समय में रायपुर वाटर वर्क्स रायपुर, रानी जोधपुर वाटर वर्क्स 1842, बलराम प्रेस 1899 बीएनसी मिल्स की स्थापना, नगर पालिका की स्थापना, स्कूलों का निर्माण महत्वपूर्ण कार्यों में से है। देश की आजादी के लिए राष्ट्रीय आंदोलन में राजनांदगांव जिले की अहम भूमिका रही है। ऐतिहासिक दृष्टि से शहर के प्राचीन मंदिर शीतला मंदिर, नोनी बाई मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, बलभद्री मंदिर, रियासतकालीन विरासत, यहां का समृद्ध इतिहास रहा है। पाताल भैरवी मंदिर बर्फानी धाम के नाम से प्रसिद्ध है। भव्य गुरूद्वारा, रामदरबार, रथ मंदिर धार्मिक पर्यटन स्थल है। छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुरूप स्थानीय हरेली, पोला, छेरछेरा, तीजा, दीपावली एवं अन्य सभी लोकपर्व मनाए जाते हैं। खान-पान की संस्कृति में चीला, फरा, देहरौरी, ठेठरी, खुरमी, पपची, अईरसा जैसे स्थानीय व्यंजनों का प्रचलन है।
राजनांदगांव
राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे जय प्रकाश साहू
राजनांदगांव। युवा कांग्रेस जिला महामंत्री जयप्रकाश साहू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी के अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल सार्वजनिक जीवन की कामना की। जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में सुबह से ही बड़ी संख्या में नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता पहुंच रहे थे तथा पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना हुआ था।
जयप्रकाश साहू ने कहा कि राहुल गांधी ने हमेशा युवाओं को आगे बढ़ाने और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया है। शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर उनकी सक्रियता लगातार देखने को मिलती है। युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का मुख्य कारण उनका सरल स्वभाव और लोगों से सीधे जुड़ने की शैली है। उन्होंने कहा कि युवाओं को समाज और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करना आज समय की आवश्यकता है।
राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में कई राज्यों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं की मौजूदगी देखने को मिली। पूरे दिन शुभकामनाओं का सिलसिला जारी रहा और आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यकर्ताओं में अपने नेता के प्रति विशेष उत्साह और सम्मान देखने को मिला। इस अवसर पर जय प्रकाशसाहू ने राहुल गांधी के अच्छे स्वास्थ्य, उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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हल्बा समाज सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदाय : डॉ. रमन सिंह
राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज राजनांदगांव स्थित पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह सह प्रथम सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष्य डॉ. सिंह की उपस्थिति में नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने शपथ लिया। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने हल्बा समाज की मांग पर राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में समाज के लिए उपलब्ध भूमि पर सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष्य डॉ. सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और सामाजिक चेतना के नवजागरण का उत्सव है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि हल्बा समाज छत्तीसगढ़ के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक है, जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और ओडिशा सहित अन्य राज्यों में भी समाज के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़कर महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की राष्ट्रीय महासभा की संगठनात्मक संरचना की सराहना की। यह संगठन आदिवासी समाज की सशक्त आवाज बनकर कार्य कर रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आदिवासी हल्बा समाज की वीरता और बलिदान की अनेक गाथाएं हैं। आदिवासी समाज ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रत्येक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश आदिवासी समाज सदियों से अपने जीवन में उतारकर चल रहा है, जो आज पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और विकास को नई दिशा मिली है। बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार, वनधन विकास केंद्रों की स्थापना तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाएं आदिवासी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से समाज के युवाओं को शिक्षा से जोड़ने, महिलाओं को सशक्त बनाने, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने कहा। उन्होंने कहा कि समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी परंपरा और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखने में है। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा मन्तूराम पवार, नवनियुक्त केन्द्रीय अध्यक्ष केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ गोविंद राम चुरेन्द्र, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ पीआर नाईक, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केन्द्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ आरएस नायक ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर समाजसेवी कोमल सिंह राजपूत, पूर्व अध्यक्ष अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज राष्ट्रीय महासभा जीआर राना सहित समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
राजनांदगांव
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : योग स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग : डॉ. रमन सिंह
राजनांदगांव। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अभूतपूर्व उमंग एवं उल्लास के माहौल में स्वस्थ आयु के लिए योग थीम पर जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का भव्य आयोजन आज सुबह दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह मुख्य अतिथि के रूप में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने सभी को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के स्वस्थ और निरोग जीवन की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी नागरिकों से इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि योग केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का मार्ग है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं तथा हाल ही में हुई सर्जरी के कारण कार्यक्रम में योगाभ्यास नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से वे शीघ्र ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अगले वर्ष योगाभ्यास में शामिल होंगे। उन्होंने अबूझमाड़ से आए बच्चों द्वारा प्रस्तुत मल्लखंब प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों ने अद्भुत संतुलन और कौशल का परिचय दिया है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप स्वेच्छानुदान मद से 51 हजार रूपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि योग में केवल शारीरिक अभ्यास नहीं है। योग मन को स्थिर करता है और सर्वोच्च स्थान पर पहुंचाता है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में किए गए प्रस्ताव के बाद आज योग विश्व के 177 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि योग भारत की उस परंपरा का प्रतीक है जो पूरी दुनिया को एक साथ जोड़ने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि योग मन, शरीर और आत्मा का समन्वय है। योग व्यक्ति को प्रकृति, समाज और ईश्वर से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से केवल 21 जून को ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से योग करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को स्वयं को समझने, आत्मचिंतन करने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने की प्रेरणा देता है। आज के समय में जब लोग बाहरी दुनिया और परिस्थितियों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं, योग हमें अपने भीतर झांकने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करता है। कलेक्टर ने कहा कि स्वयं की सेवा और आत्मविकास ही समाज सेवा की मजबूत आधारशिला है, क्योंकि जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होता है, तभी वह दूसरों की बेहतर सेवा कर सकता है। उन्होंने कहा कि योग जीवन का अभिन्न हिस्सा है और सभी नागरिकों से इसे नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
मंगलाचरण वंदन प्रार्थना के साथ योग सत्र प्रारंभ किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि योग-प्राणायाम ध्यान की त्रिवेणी है। योग प्रशिक्षक ने बताया कि योग शरीर को तथा प्राणायाम मन एवं बुद्धि को मजबूत बनाते हैं। योग अंतर्गत शिथलीकरण की प्रक्रिया, कड़ी संचालन, गर्दन के लिए योगाभ्यास सिखाया गया। जो सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस की बीमारी के लिए फायदेमंद है। नागरिकों को ताड़ासन कराया गया। ताड़ासन मानसिक तनाव दूर करने में उपयोगी है। ताड़ासन से शरीर का संतुलन बना रहता है। वृक्ष की तरह प्रणाम की मुद्रा में आसन करना होता है। त्रिकोणासन कराया गया। साथ ही यह जानकारी दी गई की यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। भद्रासन से पैरों की मांसपेशियां तथा घुटने मजबूत बनते हैं। वज्रासन से पेट की तकलीफ, मानसिक तनाव दूर होता है। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि वज्रासन स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए कार्य करता है। वक्रासन डायबिटीज की बीमारी के लिए उपयोगी है। इस अवसर पर मकरासन, सेतुबंध आसन, पवनमुक्तासन, शवासन किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि ज्ञानमुद्रा से जोड़ों का दर्द दूर होता है। कपालभाति प्राणायाम मास्टर प्राणायाम है, जिससे 99 प्रतिशत बीमारियां दूर होती है। कपालभाति प्राणायाम से शरीर की प्रत्येक कोशिका में ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। इस आसन से तनाव दूर होता है तथा स्वस्थ होने की अनुभूति होती है। योग करने से शरीर की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। इससे शुगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां दूर होती हैं। मास्टर प्राणायाम अनुलोम-विलोम प्राणायाम से शरीर में शक्ति जाग्रत होती है और विभिन्न तरह की व्याधियां दूर होती हैं। इसके साथ ही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। इस प्राणायाम से एकाग्रता एवं जीवन शक्ति बढ़ती है तथा तनाव कम होता है। शीतलीकरण प्राणायाम से मस्तिष्क को शीतलता मिलती है तथा इससे रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
सामूहिक योगाभ्यास के पश्चात अबूझमाड़ मल्लखंब अकादमी के बच्चों द्वारा विशेष मल्लखंब योग प्रदर्शन एवं योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग से निरोग रहने के लिए तथा नियमित योग अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया।
आयुष विभाग राजनांदगांव की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित सभी नागरिकों को रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले स्वास्थ्यवर्धक काढ़ा का वितरण किया गया। इस दौरान अंकुरित मंूग, चना, मूंगफल्ली एवं केला का नाश्ता दिया गया। कार्यक्रम में पतंजलि, उदयाचल एवं अन्य स्वयं सेवी संस्थाओं की भी सहभागिता रही। इस अवसर पर महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल नीलू शर्मा, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्याय श्रीमती पूर्णिमा साहू, पूर्व विधायक रामजी भारती, खूबचंद पारख, कोमल सिंह राजपूत, संतोष अग्रवाल, आईजी बालाजी राव, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, एसडीएम गौतम पाटिल सहित अन्य पार्षद, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे, खिलाड़ी, नागरिकगण उपस्थित थे।
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