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राजनांदगांव

राज्य के लिए सुखद बात, प्रदेश में कम हो रही प्रजनन दर : एनएफएचएस-5 की रिपोर्ट जारी

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राजनांदगांव। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस-5) के अनुसार यहां की कुल प्रजनन दर में लगातार कमी आ रही है, जो कि जनसंख्या स्थिरता का एक महत्वपूर्ण कारक है।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (एनएफएचएस-5) के आंकड़ों के अनुसारए प्रदेश की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) या एक महिला द्वारा अपने जीवनकाल में बच्चों को जन्म देने की औसत संख्या 2.2 से घटकर 1.8 हो गई है जो जनसंख्या स्थिरता का एक महत्वपूर्ण कारक है। वहीं कन्ट्रासेप्टिव प्रिवलेंस रेट यानि गर्भनिरोधक साधन के उपयोग की दर में भी वृद्धि हुई है और यह एनएफएचएस-4 (2015-16) में 57 प्रतिशत से बढ़कर अब 67 प्रतिशत हो गई है।

2019 से 2021 के बीच हुआ पांचवां सर्वे
वर्ष 2015 और 2016 के बीच किए गए सर्वेक्षण के चौथे संस्करण के अनुसारए राज्य का टीएफआर 2.2 था, जबकि पांचवां सर्वे 2019 से 2021 के बीच दो चरणों में कराया गया है जिसमें टीएफआर की दर 1.8 आयी है। कुल प्रजनन दर में यह कमी जनसंख्या स्थिरता को लेकर सरकार द्वारा किये गए प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। छत्तीसगढ़ सहित 12 अन्य राज्यों में यह सर्वेक्षण सर्वे के दूसरे चरण में किया गया है।

अनमेट नीड की दर में भी आई कमी
एनएफएचएस-5 सर्वे से यह भी पता चलता है कि गर्भनिरोधक साधनों की कमी की दर में भी कमी आई है। यह 11 प्रतिशत से घटकर 8 प्रतिशत पर आ गयी है यानि इसमें 3 प्रतिशत की कमी दर्ज हुयी है। यह दर ऐसे योग्य दम्पत्तियों की दर को दर्शाती है जिनको गर्भनिरोधक साधनों की जरुरत है और वह उनको अपनाना भी चाहते हैं किन्तु उनकी पहुँच गर्भनिरोधक साधनों तक नहीं है।

लड़कियों की 18 वर्ष से पहले शादी की दर में आई भारी कमी
लड़कियों की 18 वर्ष से कम उम्र में शादी के मामले में भी राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है। एनएफएचएस-4 के अनुसार 21 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले कर दी जाती थी, किन्तु अभी जारी हुए एनएफएचएस-5 के आंकड़े यह बताते हैं अब यह दर घटकर 12 प्रतिशत हो गयी है यानि ऐसे मामलों में 9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है, जो महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा संकेत है।

नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में भी दर्ज हुयी कमी
एनएफएचएस-5 के आंकड़ों के अनुसार नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में भी कमी दर्ज की गयी है। 1,000 जीवित जन्म परनवजात मृत्यु दर (1-28 दिन के शिशु) 42 से घटकर 32 रह गयी है वहीं शिशु मृत्यु दर (1 माह से एक वर्ष तक के शिशु) 1,000 जीवित जन्म पर 54 से घटकर 44 हो गयी है। यानि नवजात एवं शिशु मृत्यु दर में लगभग 10 अंकों की कमी दर्ज की गयी है, जबकि 5 वर्ष से कम उम्र के शिशुओं की मृत्यु दर 64 से घटकर 50 हो गयी है यानि इसमें 14 अंकों की कमी आई है।

ग्रामीण की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों के बच्चों में मोटापा अधिक
एनएफएचएस-5 के आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों के 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में मोटापा या लंबाई के अनुपात में ज्यादा वजन अधिक देखने को मिल रहा है। एनएफएचएस-5 के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 3.6 है जबकि शहरी क्षेत्रों में यह संख्या 5ण्7 प्रतिशत है।

संस्थागत प्रसव और शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण में भी वृद्धि
राज्य में 80 प्रतिशत प्रसव संस्थागत होने लगे हैं, वहीं पहले यह संख्या 70 प्रतिशत थी यानि एनएफएचएस-4 की तुलना में एनएफएचएस-5 में 10 प्रतिशत अधिक संस्थागत प्रसव हो रहे हैं, जहां तक शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण की बात है तो 12-23 महीने की उम्र के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण बढ़कर 76 प्रतिशत से 79 प्रतिशत हो गया है। संस्थागत प्रसव और शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण में भी वृद्धि मां एवं बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा संकेत है।

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सोमनी कांड में दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन : जितेन्द्र मुदलियार

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राजनांदगांव। शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोमनी थाना प्रकरण में कथित पुलिस दुर्व्यवहार, कार्रवाई में लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की संदिग्ध भूमिका के मुद्दे को लेकर मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिरीक्षक बालाजी सोमावार को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान मुदलियार ने कांग्रेस नेताओं के फोन टैप किए जाने के आरोप भी लगाए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 25 मई 2026 को एक बीमार किशोरी को सोमनी थाना पुलिस द्वारा रिश्तेदार के घर से थाना लाकर उसके साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि थाना स्तर से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक की कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि पीड़ित किशोरी द्वारा लगाए गए आरोप केवल किसी एक थाना या कर्मचारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरा मामला पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
मुदलियार ने कहा कि पीड़िता ने एक सिविल ड्रेस में आए पुलिस अधिकारी पर भी अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में थाने के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरी सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि यह सार्वजनिक किया जाए कि घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को कब मिली और यदि जानकारी पहले से थी तो कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
कांग्रेस ने मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपयोग की गई गर्भ जांच किट की गुणवत्ता, खरीदी प्रक्रिया और आपूर्ति व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अमानक सामग्री की आपूर्ति प्रमाणित होती है तो संबंधित आपूर्तिकर्ता और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।
इस दौरान जितेंद्र मुदलियार ने कहा कि मोहड़ गोलीकांड और फुलझर कांड में भी पुलिस अधिकारियों का निलंबन किया गया था, लेकिन न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और न ही आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि सोमनी थाना प्रकरण में भी कहीं वही स्थिति दोहराई न जाए। जनता जानना चाहती है कि दोषियों के विरुद्ध वास्तव में क्या कार्रवाई हुई और जांच किस निष्कर्ष तक पहुंची।
मुदलियार ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता, अधिकारी तथा कुछ पत्रकारों के मोबाइल फोन अनुचित तरीके से टैप किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हो रहा है तो यह लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि सोमनी थाना प्रकरण में जल्द और कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो शहर जिला कांग्रेस कमेटी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी तथा विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस इस मामले को दबने नहीं देगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखेगी।
पुलिस महानिरीक्षक बालाजी सोमावार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रकरण की जांच जारी है और किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मेहुल मारुए,रुपेश दुबे, प्रकाश राठौर, अशोक पंजवानी, देवेश डाकलिया, प्रेमरुप रूचंदानी, मनीष गौतम, वीरेंद्र चंद्राकर, मामराज अग्रवाल, देवेश वैष्णव, शरद खंडेलवाल, रोहित चंद्राकर, चेतन भानुशाली, झम्मन देवांगन, ललित मरकाम, महेंद्र बहादुर, रईस गौरी, गजेंद्र सिंह राजपूत, युवराज भारती, पप्पू रजक, शैलेंद्र देवांगन, चंपा चंद्राकर, सतीश सोनपिरे, शिवम गढ़पायले, सोनू साहू, कादिर कुरैशी, राहुल चौबे, गोलू नायक, रमेश साहू, निश्चय बुराडे, बंटी यादव, राहुल बंधे, विशु आजमानी, संदीप सोनी, पवन राजपूत, आशीष साहू, जय जायसवाल, पिंकू खान, प्रदीप राठौर सहित शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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मुहर्रम में शेर बनने, बाजा-धुमाल और हथियार प्रदर्शन पर रोक की मांग, मुस्लिम समाज ने सौंपा ज्ञापन

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राजनांदगांव। मुहर्रम पर्व के दौरान शेर बनने की परंपरा, बाजा-धुमाल, हथियारों के प्रदर्शन तथा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर जामा मस्जिद कमेटी और जुल्फिकार-ए-हैदरी कमेटी ने छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन की प्रति पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।
जामा मस्जिद के सदर रईस अहमद शकील एवं जुल्फिकार-ए-हैदरी कमेटी के अध्यक्ष ताहिर जोया ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि राजनांदगांव में मुहर्रम के दौरान कुछ लोग शेर का रूप धारण कर बाजा-धुमाल के साथ धार्मिक स्थलों और मजारों में प्रवेश करते हैं। इससे धार्मिक मर्यादाएं प्रभावित होती हैं और कई बार शहर की यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व इन गतिविधियों की आड़ में माहौल खराब करने का प्रयास करते हैं, जिससे आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए मुहर्रम के दौरान शेर बनने, बाजा-धुमाल, हथियारों के प्रदर्शन तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी। इस दौरान रईस अहमद शकील, हाजी रशीद भाई, इब्राहिम मोहम्मद (मुन्ना), हसन भाई एडवोकेट, सैय्यद अफजल अली, फिरोज सौदागर, ताहिर जोया, ओवैस सोलंकी, मोहम्मद अमन, मोहम्मद सकलेन, अनस गौरी, ओवैस मेमन और मकसूद आलम सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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साहू समाज को डिजिटल युग की नई दिशा देने का संकल्प, नोबल साहू ने रखा विकास का विजन

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राजनांदगांव। जिला साहू संघ के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नोबल साहू (लाल बहादुर नगर पाथरी वाले) ने साहू समाज के सर्वांगीण विकास, संगठन की मजबूती और नई पीढ़ी को आधुनिक अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल का विजन प्रस्तुत किया है। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग को एक मंच पर लाने और तकनीक के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का संकल्प व्यक्त किया है।
श्री साहू का कहना है कि वर्तमान समय डिजिटल युग का है और समाज की प्रगति के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग आवश्यक हो गया है। इसी सोच के साथ वे साहू समाज के लिए एक ऐसा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने का प्रस्ताव लेकर आए हैं, जो समाज के लोगों को जोड़ने, सूचनाओं के आदान-प्रदान, शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय और सामाजिक सहयोग के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रस्तावित डिजिटल प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य साहू समाज के लोगों को एक संगठित नेटवर्क में जोड़ना है, ताकि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक आवश्यक जानकारी और सुविधाएं आसानी से पहुंच सकें। यह मंच समाज के युवाओं, विद्यार्थियों, व्यवसायियों, महिलाओं एवं वरिष्ठजनों के लिए समान रूप से उपयोगी साबित होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म अनेक आधुनिक सुविधाएं मिलेंगगी जैस, समाज डायरेक्टरी समाज के सभी परिवारों, व्यवसायियों एवं पेशेवर लोगों की विस्तृत डायरेक्टरी उपलब्ध होगी। इससे आपसी संपर्क और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। समाज कार्यक्रम एवं आयोजन बैठकों, सम्मेलनों, सामाजिक आयोजनों एवं विशेष कार्यक्रमों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। समाज समाचाररू समाज से जुड़ी ताजा खबरें, उपलब्धियां, सम्मान समारोह, सामाजिक गतिविधियां एवं महत्वपूर्ण सूचनाएं नियमित रूप से साझा की जाएंगी। सहायता एवं सहयोग मंच जैसे रक्तदान, आपातकालीन सहायता, आर्थिक सहयोग, सामाजिक सेवा एवं जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए विशेष सुविधा विकसित की जाएगी। युवा मंच-समाज के युवाओं को नेतृत्व विकास, प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं, कौशल संवर्धन एवं अपने विचार साझा करने का अवसर मिलेगा। रोजगार एवं व्यवसाय अवसर नौकरी, व्यवसाय, ठेका, पार्टनरशिप, स्वरोजगार एवं अन्य आर्थिक अवसरों की जानकारी समाज के लोगों तक पहुंचाई जाएगी। शिक्षा एवं करियर मार्गदर्शन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी, कोचिंग, करियर काउंसलिंग एवं उच्च शिक्षा से संबंधित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। फोटो गैलरी एवं वीडियो संग्रह समाज के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उपलब्धियों एवं यादगार पलों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। सूचना एवं नोटिस बोर्ड सरकारी योजनाओं, सामाजिक घोषणाओं, आवेदन प्रक्रियाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराया जाएगा। मोबाइल फ्रेंडली प्लेटफॉर्म यह प्लेटफॉर्म मोबाइल पर भी पूरी तरह उपयोगी होगा, जिससे समाज के सदस्य कभी भी और कहीं भी समाज की गतिविधियों से जुड़े रह सकेंगे।
श्री साहू का मानना है कि समाज की वास्तविक ताकत उसकी एकता, शिक्षा और संगठन में निहित होती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समाज के प्रत्येक सदस्य को जोड़कर विकास की नई संभावनाएं तैयार की जा सकती हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मजबूत सामाजिक और तकनीकी आधार तैयार करेगी।
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नोबल साहू ने साहू समाज के सभी वरिष्ठजनों, युवाओं, महिलाओं एवं मतदाताओं से अपील की है कि समाज के विकास, पारदर्शिता और आधुनिक सोच को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें अपना समर्थन एवं आशीर्वाद प्रदान करें तथा भारी मतों से विजयी बनाएं। आइए मिलकर अपने समाज को डिजिटल युग में आगे बढ़ाएं।

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