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राजनांदगांव

कायाकल्प पुरस्कार में राजनांदगांव जिला भी शामिल

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राजनांदगांव। राज्य स्तर पर दिए जाने वाले कायाकल्प पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना 2020-21 के अंतर्गत 18 जिला अस्पतालों, 32 सिविल अस्पतालों/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 160 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 19 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 151 उप स्वास्थ्य केंद्रों (हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर) को शामिल किया गया था। जिन स्वास्थ्य केन्द्रों के द्वारा 70 प्रतिशत या अधिक अंक हासिल किये गए हैं उन्हें कायाकल्प-स्वच्छ अस्पताल योजना के तहत विजेता, उपविजेता एवं अन्य को सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा। उत्कृष्टता की श्रेणी में राजनांदगांव जिले को भी प्रमुख स्थान दिया गया है।
इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के मिशन संचालक की ओर से पत्र जारी कर राज्य में कायाकल्प पुरस्कारों की घोषणा की गयी है। जल्द ही राज्य स्तर पर कायाकल्प अवार्ड समारोह का आयोजन किया जाएगा।
प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत स्वच्छ अस्पताल योजना वर्ष 2015 से संचालित की जा रही है। इस परिपेक्ष में कायाकल्प अभियान मई 2015 से प्रारंभ किया गया है। कायाकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में संचालित स्वास्थ्य संस्थाओं में सफाई प्रबंधन, रोग संक्रमण नियंत्रण, भवन एवं परिसर, सौंदर्यकरण, ग्रुप सेवा में सुधार, के लिए समयबद्ध कार्यक्रम घोषित किया गया था। जिसके अंतर्गत आंतरिक मूल्यांकन, सहकर्मी मूल्यांकन एवं बाह्य मूल्यांकन की प्रक्रिया की गई जाती है जिसके आधार पर प्रदेश स्तरीय पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं।
राज्य स्तर पर दिए जाने वाले कायाकल्प पुरस्कारों की घोषणा में जिला अस्पताल की श्रेणी में जिला अस्पताल बलरामपुर ने 89.1 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाया है। वहीं जिला अस्पताल बलौदाबाजार को 88.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान मिला है। जिला अस्पताल की श्रेणी में कुल 18 पुरस्कारों की घोषणा की गई है। प्रथम पुरस्कार पाने वाले जिला अस्पताल को 50 लाख रुपए एवं द्वितीय पुरस्कार पाने वाले जिला अस्पताल को 20 लाख रुपए की राशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।
अन्य 16 जिला अस्पतालों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया है, जिसमें जिला अस्पताल कोरबा, जगदलपुर, बेमेतरा, जसपुर, बीजापुर, मुंगेली, रायपुर, कांकेर, सूरजपुर, दुर्ग, बालोद, कोरिया, बिलासपुर, जांजगीर, नारायणपुर एवं कवर्धा शामिल हैं। सांत्वना पुरस्कार पाने वाले जिला अस्पताल को 3 लाख रुपए की राशि और प्रशस्ति.पत्र दिया जाएगा।
राज्य में सिविल अस्पताल-सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी जिला धमतरी ने 89.1 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर जिला सरगुजा को 88.6 प्रतिशत अंक हासिल कर दूसरा स्थान पाया है। इस श्रेणी में कुल 32 केंद्रों को पुरस्कृत किया गया है, जिसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 15 लाख और द्वितीय स्थान को 10 लाख रुपए की राशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा। अन्य 30 केंद्रों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में एक लाख की राशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत यूपीएचसी नवापारा जिला सरगुजा ने 99.2 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं यूपीएससी शंकरपुर जिला राजनांदगांव ने 88.5 अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में कुल 19 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पुरस्कृत किया गया है। प्रथम स्थान वालों को 2 लाख एवं द्वितीय को 1.5 लाख रुपए और अन्य 17 को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपए और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की श्रेणी में कुल 160 अस्पतालों को पुरस्कृत किया गया जिसमें 24 विजेताओं को 2 लाख रु और अन्य 146 को 50 हजार रुपये और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।
सब हेल्थ सेंटर-हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर एसएचसी-एचडब्ल्यूसी की श्रेणी में पहला स्थान एसएचसी खोपा सूरजपुर को मिला है, जिसने 98.3 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं ।
राजनांदगांव जिले के देवरीभाट को रनर अप और चिखली को द्वितीय रन अप का पुरस्कार मिला है। प्रथम स्थान पाने वाले केंद्र को 1 लाख रनर अप को 50 हजार एवं द्वितीय रनर अप स्थान प्राप्त करने वाले को 35 हजार मिलेगा अन्य 148 एचडब्ल्यूसी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया है।

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राजनांदगांव

प्रयास आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों ने लगाया फूड स्टॉल, व्यवहारिक शिक्षा व कौशल का दिया परिचय

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राजनांदगांव। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और व्यवहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव में कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों द्वारा एक विशेष फूड स्टॉल का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने न केवल स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए, बल्कि सामग्री प्रबंधन से लेकर ग्राहकों के साथ संवाद तक की पूरी जिम्मेदारी खुद संभाली।

छात्रों ने तैयार किए कई लजीज व्यंजन
फूड स्टॉल में विद्यार्थियों द्वारा अपनी पाक कला का प्रदर्शन करते हुए नींबू पानी, फिंगर चिप्स, स्वीट डिश, स्वीट कॉर्न, सूप, भेल, आलू गोलगप्पा और करोंदा चाट सहित कई प्रकार के व्यंजन तैयार किए गए थे। स्टॉल के संचालन के दौरान सामग्री का प्रबंधन, लागत का हिसाब-किताब और आए हुए अतिथियों से संवाद स्थापित करने का पूरा प्रबंधन विद्यार्थियों ने स्वयं किया।

व्यवहारिक ज्ञान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाना उद्देश्य
विद्यालय प्रशासन के अनुसार विद्यार्थियों में जीवनोपयोगी कौशल, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, आत्मविश्वास, बेहतर संचार कौशल और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए समय-समय पर इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

अधिकारियों व अभिभावकों ने बढ़ाया उत्साह
आयोजित फूड स्टॉल में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर व्यंजनों का स्वाद चखा और विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

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अपराध

गिरवी रखी जमीन छल से अपने नाम कराने वाले दो सहोदर भाई गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर वसूल रहे थे 6% ब्याज

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राजनांदगांव। गिरवी रखी जमीन को सुनियोजित तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम ब्याज वसूलने और धोखाधड़ी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों (कोठारी बंधुओं) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पैसों की जरूरत पर रखी थी जमीन गिरवी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू (46 वर्ष) ने 26 जुलाई को थाने में आवेदन सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 25 नवंबर 2021 को उनके पिता आनंद राम साहू को पैसों की आवश्यकता थी, जिस पर उन्होंने अपनी 40 डिसमिल जमीन (खसरा नंबर 138/6) को कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी के पास गिरवी रखा था।

निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 5,11,000 रुपये दिए थे। सिक्योरिटी के तौर पर पीड़ित, उसके पिता और भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए थे।

छल-कपट से अपने नाम कराई रजिस्ट्री, फिर वसूला 6% ब्याज
शिकायत के मुताबिक, निर्मल कोठारी ने छलपूर्वक गिरवी रखी जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद पीड़ित परिवार को जान से मारने और मरवाने की धमकी देकर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों का दुरुपयोग कर अपने भाई नलिन कोठारी के जरिए फर्जी किरायानामा तैयार कराया और सिक्योरिटी चेक बाउंस कराकर अदालत में झूठा केस दर्ज करा दिया।

पैसे लौटाने के बाद भी नहीं लौटाई पूरी जमीन
पीड़ित ने बताया कि मूल रकम चुकाने के बावजूद जमीन वापस करने के नाम पर आरोपियों ने बैंक से 20 लाख रुपये का फाइनेंस करवाकर रकम ऐंठ ली। इसके बाद भी केवल 12 डिसमिल जमीन वापस की गई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन अपने पास रख ली और उसे लौटाने के एवज में और रुपयों की मांग की जाने लगी।

पुलिस ने दर्ज की धाराएं और की गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी निर्मलचंद कोठारी (58 वर्ष) एवं नलिन कोठारी (54 वर्ष) के खिलाफ अपराध क्रमांक 398/26, धारा 386, 420, 34 भादवि तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म स्वीकार करने पर पुलिस ने 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, उप निरीक्षक रतन सिंह नेताम, सुमेंद्र कुमार खरे, आरक्षक प्रियांश, लीलेंद्र और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

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राजनांदगांव

शांति भंग करने की आशंका पर दो असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई

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राजनांदगांव। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिटी कोतवाली पुलिस ने दो असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों पर सार्वजनिक स्थान पर विवाद कर शांति भंग करने की आशंका के चलते बीएनएसएस की धाराओं के तहत कार्रवाई कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार 26 जुलाई को सूचना मिली थी कि शंकरपुर उड़िया मोहल्ला निवासी किशन सोनी (40) गंज चौक में तथा राहुल नगर लखोली निवासी भीमा मंडावी (28) आम लोगों से विवाद और झगड़ा कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे उत्तेजित होकर विवाद करने लगे और समझाइश के बावजूद नहीं माने।

स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका पर दोनों को बीएनएसएस की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके विरुद्ध धारा 126 एवं 135(3) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पुलिस ने बताया कि दोनों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। किशन सोनी के विरुद्ध चिखली पुलिस चौकी में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी का मामला दर्ज है, जबकि भीमा मंडावी के खिलाफ बसंतपुर थाना में आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार शाह के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में उपनिरीक्षक रतन सिंह नेताम एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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