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कलेक्टर की अध्यक्षता में दिग्विजय स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक संपन्न

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राजनांदगांव। कलेक्टर एवं अध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति राजनांदगांव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे की अध्यक्षता में स्टेडियम कॉन्फ्रेस हॉल में स्टेडियम समिति के सफल संचालन हेतु स्टेडियम प्रबंधकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर महापौर एवं उपाध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति मधुसूदन यादव तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव उपस्थित थे। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि दिग्विजय स्टेडियम शहर की विशेष पहचान है। इस दृष्टिकोण से स्टेडियम के रख-रखाव की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन अधोसंरचना है। इसके संचालन, व्यवस्था एवं रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के रख-रखाव के लिए सभी आपस में समन्वय रखते हुए कार्य करें। स्टेडियम समिति के 19 पुराना शॉपिंग काम्प्लेक्स एवं 30 नये शॉपिंग काम्प्लेक्स की दुकानों में जिन्होंने किराया अब तक नहीं दिया है, वहां किराए की वसूली करने के लिए कहा। किराया नहीं देने की स्थिति में संबंधित दुकान में तालाबंदी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन के लिए स्टेडियम के लिए 6 करोड़ रूपए का बजट प्राप्त हुआ है। जिसमें से 2 करोड़ रूपए की लागत से बिजली फिंटिंग एवं लाईट के लिए स्वीकृति मिली है। इन कार्यों को प्राथमिकता से करने के लिए कहा। उन्होंने स्टेडियम के मरम्मत एवं निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ रूपए का प्रस्ताव बनाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने स्टेडियम की साफ-सफाई, पेयजल एवं रख-रखाव के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने फ्लड लाईट की व्यवस्था के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बास्केटबाल के आऊट डोर में लाईट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैंक एवं एलआईसी के अनुबंध से प्राप्त राशि का उपयोग स्टेडियम के मेंटेनेंस के लिए करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि स्टेडियम के रख-रखाव के लिए प्राप्त राजस्व राशि का उपयोग स्टेडियम के रख-रखाव तथा विभिन्न गतिविधियों के लिए करें।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने साई हॉस्टल के संबंध में जानकारी ली तथा वहां साफ-सफाई तथा आवासीय व्यवस्था अच्छी तरह से करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेडियम बैंडमिंटन हॉल के सिंथेटिक मैट का प्राक्कलन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ट्रैक पर पैदल चलने की जगह का रख-रखाव होना चाहिए। उन्होंने मैदान में स्पि्रंकलर के लिए प्राक्कलन प्रस्तुत करने के लिए कहा। कलेक्टर ने खेलो इंडिया एवं साई के प्रबंधकों से खेल गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने नाली निर्माण के कार्य, लाईट की व्यवस्था एवं महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से करने के लिए कहा। इस अवसर पर दिग्विजय स्टेडियम तथा अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम के संचालन के संबंध में सुझाव एवं चर्चा की गई। इस दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण नई दिल्ली तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग रायपुर को राजनांदगांव स्टेडियम के गैलरी में शेड सोलर पैनल, मल्टी परपस इण्डोर हॉल, डी-ब्लॉक में नाली एवं रिपेरिंग के प्रस्ताव अनुदान मांग के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
महापौर एवं उपाध्यक्ष दिग्विजय स्टेडियम समिति मधुसूदन यादव ने कहा कि शासन से प्राप्त बजट का सही उपयोग होना चाहिए। जिले के दिग्विजय स्टेडियम तथा अंतर्राष्ट्रीय एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में खेल गतिविधियों को बढ़ाने के दृष्टिगत अच्छा कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दर्शकदीर्घा में भी समुचित व्यवस्था रहे। इस दौरान स्टेडियम में एसबीआई एवं एलआईसी भवन के बाद साई की तरफ का चैनल गेट बंद करने एवं हॉस्टल एवं किक्रेट के खिलाड़ियों को पूर्व की ओर से गेट क्रमांक-3 से हनुमान मंदिर द्वार से एवं जिम के बाजू वाले गेट से प्रवेश एवं निकासी के संबंध में चर्चा की गई। अनुविभागीय अधिकारी, विद्युत्त यांत्रिकी, लोक निर्माण विभाग से बैडमिंटन इण्डोर हॉल, बॉस्केटबॉल इण्डोर हॉल तथा हॉल के लेट-बॉथ में विद्युत फिटिंग कार्य का प्राप्त बजट में अनुदान पश्चात् प्राक्कलन एवं निर्माण कार्य के संबंध में चर्चा की गई। स्टेडियम निर्माण के समय से स्टेडियम में पडे स्क्रैप मलबा हटाने, सभी ड्रैनज सिस्टम दुरूस्त करने तथा बैडमिंटन एवं बॉस्केटबॉल हॉल में निर्मित लेट-बॉथ दरवाजों का निर्माण तथा स्टेडियम मैदान प्रवेश द्वार को व्यवस्थित दीवार एवं गेट की ऊंचाई बढ़ाने के संबंध में चर्चा की गई।
एसडीएम राजनांदगांव एवं सचिव दिग्विजय स्टेडियम समिति खेमलाल वर्मा ने शासन से प्राप्त बजट के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने स्टेडियम समिति द्वारा आयोजित अखिल भारतीय हॉकी एवं क्रिकेट फ्लड लाईट प्रतियोगिता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में सुरक्षा हेतु 2 गार्ड की आवश्यकता है। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि योगेश बागड़ी, प्रशिक्षु डीएफओ अभिषेक अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी, जिला कोषालय अधिकारी दिलीप सिंह, डीपीएसओ, साई के कोच पंकज पाण्डे सहित अन्य सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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हॉकी के विकास के लिए राजगामी संपदा न्यास देगा हरसंभव सहयोग : पूर्णिमा साहू

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राजनांदगांव। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के निर्देशानुसार, जिला हॉकी संघ राजनांदगांव के मार्गदर्शन एवं रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित निःशुल्क ग्रीष्मकालीन हॉकी खेल प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह चिखली स्कूल मैदान में संपन्न हुआ।
समापन समारोह राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष पूर्णिमा साहू के मुख्य आतिथ्य में, जिला हॉकी संघ राजनांदगांव एवं छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी की अध्यक्षता में तथा पार्षद शिव वर्मा, सुनील साहू, वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी नीलम चंद जैन, प्रिंस भाटिया एवं समाजसेवी ललित नायडू के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित किया गया।
इस ग्रीष्मकालीन शिविर में पटरी पार क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के 200 से अधिक बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान खिलाड़ियों को हॉकी खेल की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता एवं खेल संस्कारों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि पूर्णिमा साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजनांदगांव के राजा साहब हॉकी खेल के प्रति विशेष लगाव रखते थे और उन्होंने हमेशा खेलों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राजगामी संपदा न्यास राजनांदगांव में हॉकी खेल के विकास एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।
उन्होंने कहा कि चिखली स्कूल मैदान में सैकड़ों बच्चों को हॉकी खेलते देखकर मन अत्यंत प्रसन्न हुआ। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की नियमित उपस्थिति यह दर्शाती है कि राजनांदगांव आज भी हॉकी के क्षेत्र में अपनी गौरवशाली पहचान बनाए हुए है। यही कारण है कि राजनांदगांव को देश.दुनिया में हॉकी की नर्सरी के रूप में जाना जाता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ हॉकी एवं जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी ने कहा कि ग्रीष्मकालीन शिविर बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। यह बच्चों के मनोरंजन के साथ-साथ उनके कौशल विकास और व्यक्तित्व निर्माण में भी सहायक होता है।
उन्होंने रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी को बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष शिविर में बड़ी संख्या में बच्चों की सहभागिता रही। चिखली स्कूल मैदान में संचालित यह निःशुल्क प्रशिक्षण शिविर, जो वर्षभर जारी रहता है, राजनांदगांव में हॉकी खेल के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
इस अवसर पर फिरोज अंसारी ने राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष पूर्णिमा साहू से पूर्व में आयोजित प्रतिष्ठित रानी सूर्यमुखी देवी महिला हॉकी प्रतियोगिता को पुनः प्रारंभ करने का आग्रह किया, जिस पर पूर्णिमा साहू ने अपनी सैद्धांतिक सहमति प्रदान की।
शिविर में खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशेष आमंत्रित वक्ता डॉ. वरुण डागा ने खिलाड़ियों को जीवन में सफलता के लिए खेल और शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। डॉ. वरुण डागा ने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए बताया कि अनुशासन, समय प्रबंधन और निरंतर मेहनत के माध्यम से लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने खिलाड़ियों को टाइम मैनेजमेंट, पढ़ाई एवं खेल में संतुलन बनाने तथा भविष्य के कैरियर विकल्पों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि डॉ. वरुण डागा वर्तमान में सेवाग्राम स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद इंटर्नशिप कर रहे हैं। वे प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे हैं तथा उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल से पूर्ण की है।
डॉ. वरुण डागा राजनांदगांव के प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश डागा के पुत्र हैं। चिखली मैदान में उनकी उपस्थिति से खिलाड़ी एवं अभिभावक उत्साहित नजर आए। खिलाड़ियों ने उनसे शिक्षा एवं कैरियर से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया।
विशिष्ट अतिथि पार्षद शिव वर्मा ने कहा कि खेल बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ.साथ उन्हें मोबाइल और टेलीविजन की अनावश्यक आदतों से दूर रखने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग, जिला हॉकी संघ एवं रुद्राक्षम् वेलफेयर सोसाइटी को इस अभिनव पहल के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बच्चे सुबह 5 बजे मैदान में पहुंचकर नियमित मेहनत कर रहे हैंए जो उनके स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन का परिचायक है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं एनआईएस गोल्ड मेडलिस्ट कोच मृणाल चौबे ने बताया कि पटरी पार क्षेत्र के बच्चों को मैदान से जोड़कर उनके सर्वांगीण विकास पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस पहल के अंतर्गत बच्चों को खेल के साथ-साथ शिक्षा, अनुशासन, स्वास्थ्य जागरूकता एवं नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ग्रीष्मकालीन हॉकी प्रशिक्षण शिविर इसी व्यापक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। समापन अवसर पर शिविर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हॉकी स्टिक एवं हॉकी बॉल देकर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी गोविंद यादव, संतोष साहू, पप्पू यादव, रामदास यादव, रजनी मेश्राम, राजेश साहू, राजा राजपूत, छोटू चौबे, विष्णु नंद चौबे, कृष्णा मेश्राम, रुपेश मेश्राम, छोटू राजपूत, नंदकुमार ठाकुर सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, अभिभावक एवं खेलप्रेमी उपस्थित रहे।

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महक नरवासे बनीं भारतीय अंडर-19 टीम की उपकप्तान, कलेक्टर ने दी बधाई

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राजनांदगांव। जिले की प्रतिभाशाली क्रिकेटर महक नरवासे को भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें टी-20 और वनडे दोनों प्रारूपों में टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया है।

इस उपलब्धि पर कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव एवं वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन ने महक नरवासे को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने कहा कि महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण से जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।

कलेक्टर ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि महक की यह सफलता युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास और लगन से किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

उल्लेखनीय है कि भारत और श्रीलंका के बीच अंडर-19 महिला टीम की टी-20 श्रृंखला 22 जून से शुरू होगी, जिसके बाद वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। महक नरवासे दोनों प्रारूपों में उपकप्तान की भूमिका निभाएंगी।

महक की इस उपलब्धि से जिले में खेल प्रेमियों और नागरिकों में उत्साह का माहौल है तथा उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।

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खेलो इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मयंक श्रीवास्तव से फिरोज अंसारी के साथ हॉकी इंडिया प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य में हॉकी खेल के समग्र विकास, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हॉकी इंडिया के सह-सचिव फिरोज अंसारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय खेल प्राधिकरण (खेलों इंडिया) के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव से सौजन्य मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष द्वय मनोज भोरे और लालरिनफेला कार्यकारिणी सदस्य अरुण सारस्वत, जूनियर भारतीय हॉकी टीम के कोच पूर्व ओलंपियन रजनीश मिश्रा आदि शामिल थे
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ सहित उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और मिजोरम में खेलों के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में संचालित खेलो इंडिया योजनाओं एवं गतिविधियों की सराहना करते हुए इन कार्यक्रमों के दायरे और प्रभाव को और बढ़ाने का अनुरोध किया, ताकि प्रदेश के अधिकाधिक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं एवं अवसरों का लाभ मिल सके।
बैठक में विशेष रूप से राज्य में हॉकी खेल की बढ़ती लोकप्रियता और प्रतिभाओं को ध्यान में रखते हुए नए हॉकी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर सरगुजा, कबीरधाम और कोरबा जैसे आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों के साथ दुर्ग में अतिरिक्त हॉकी सेंटर स्थापित किए जाएं, जिससे उभरते खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आधुनिक खेल अवसंरचना तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर यह भी बताया गया कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं। यदि खेलो इंडिया की गतिविधियों का और विस्तार किया जाता है तथा हॉकी के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाते हैं, तो राज्य से और अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे।
डीडीजी मयंक श्रीवास्तव ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को गंभीरता से सुना तथा खेलों के विकास से संबंधित प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए सभी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर निरंतर कार्य किया जा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि केंद्र एवं राज्य के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

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