Connect with us

राजनांदगांव

हिन्दू युवा मंच ने की जनरल बिपिन रावत को भारत रत्न देने की मांग

Published

on

राजनांदगांव। हिन्दू युवा मंच जिला इकाई ने देश के रक्षा क्षेत्र में उनके लंबे और अतुलनीय के योगदान के लिए जनरल बिपिन रावत को भारत रत्न देने की मांग करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है।
उल्लेखनीय है कि, तमिलनाडु के कुन्नूर के समीप बीते बुधवार को देश के प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। श्री रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ थे। तीनों सेना के प्रमुख होने के नाते देश की रक्षा की कमान को उन्होंने बहुत अच्छे से संभाल रखा था। यही नहीं इसके साथ ही कई बड़ी जिम्मेदारियों की बागडोर भी इनके हाथों में थी। इन्होंने अपने जीवन का बहुत लंबा समय देश की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत सेना की चार इंटीग्रेटेड थियेटर कमांड सहित सेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी तकनीक की भी बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। आर्मी के हथियारों को अपग्रेड करने और स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर भी वो काम कर रहे थे। यही नहीं भारतीय सेना के लिए एडवांस सर्विलांस सिस्टम को भी बढ़ावा दे रहे थे। इस प्रकार से देश के रक्षा क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और योगदान था। देश के रक्षा क्षेत्र के निचले से ऊपरी पायदान की अगर बात करें तो जनरल बिपिन रावत का सफर लंबा किन्तु उपलब्धि भरा रहा। रक्षा क्षेत्र में देश की सेवा करते हुए उन्होंने अपने जीवन के 43 वर्ष देश के लिए समर्पित कर दिया। अपने इस 43 वर्ष के लम्बे और उपलब्धि भरे सफर में उन्होंने देश के रक्षा क्षेत्र के कई बड़े ओहदे की शोभा बढ़ाई। एनडीए से स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने रक्षा एवं प्रबंध में एमफिल की डिग्री हासिल की थी। यही नहीं स्ट्रेटेजिक और डिफेंस स्टडीज में फिर से एमफिल किया था। इनका सफर इतने में ही नहीं रुका सैन्य मीडिया स्टडीज में भी इन्होंने पीएचडी की उपाधि उन्होंने हासिल कर देश की रक्षा की बागडोर संभालने खुद को साबित किया। उनके समर्पण को देश ने सराहा और खूब प्यार भी दिया। देश की रक्षा क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए आईएमए देहरादून में सोर्ड ऑफ हॉनर से सम्मानित किया था। इतना ही नही उनके अतुलनीय योगदान के लिए पीवीएसएम, युवआईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम, एसएम, वीएसएम सहित कई बड़े पुरुस्कारों से इन्हें नवाजा जा चुका है। देश को सुरक्षित रखने और रक्षा के क्षेत्र में सेना को मजबूती प्रदान करने में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय रही। सेना के आधुनिकीकरण की बात हो अथवा सैनिकों की सुविधा बढ़ाने की बात इन्होंने अपने सेवाकाल में नवाचार और नवीन प्रयोगों को बढ़ावा देकर रक्षा क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को निरंतर मजबूत किया है। यही नहीं महिलाओं को भी देश की रक्षा का अवसर देने सेना में महिलाओं की भर्ती इनके प्रयासों से ही हुई। भारतीय सेना को प्रोफेशनल आर्मी बनाने में भी इनका अमूल्य योगदान रहा। कश्मीर में आतंक के विरुद्ध आक्रमक नीति बनाने की बात कहें या सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक इनकी महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। ऐसी एक से बढ़कर एक नए आयामों को इन्होंने स्थापित किया और दुनिया को यह बता दिया कि, भारत दुनिया की किसी भी आसुरी शक्ति से मुकाबला कर फतह हासिल कर सकता है। सेकेंड लेफ्टिनेंट सैन्य अधिकारी पद से इनके सफर की शुरुआत हुई थी जो कि, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जैसे देश के रक्षा क्षेत्र के सर्वोच्च पद पर आसीन रहते हुए इनके गौरवशाली सफर का समापन हुआ। इसके बाद लेफ्टिनेंट, कैप्टन, मेजर, लेफ्टिनेंट कर्नल, कर्नल, ब्रिगेडियर, मेजर जनरल, लेफ्टिनेंट जनरल, जनरल (सीओएएस), जनरल (सीडीएस) देश के रक्षा क्षेत्र में सर्वोच्च पदों पर आसीन रहे। भारत को सामरिक दृष्टि से महाशक्ति बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले भारत के लाल जनरल बिपिन रावत को अगर भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित न किया जाए तो इससे बड़ी विडंबना दूसरी कोई और नही हो सकती।
गौरतलब हो कि, इससे पहले 3 फरवरी 2015 में भी श्री बिपिन रावत का हैलीकॉप्टर क्रेश हो चुका है। जिसमे वे बाल-बाल बचे थे। (तब उस वक्त बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ नहीं बने थे। उस समय लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत नागालैंड के दीमापुर स्थित 3-कोर हेडक्वार्टर के प्रमुख का पद संभाल रहे थे।) उक्त विमान हादसे में तब उन्हें एक नया जीवन मिला था। इनके स्थान पर अगर कोई अन्य व्यक्ति होता तो अपने मूल्यवान जीवन को प्राथमिकता देते हुए सैन्य अधिकारी पद का त्याग कर चुके होते। देश प्रेम और देश की रक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को सर्वोपरि मानते हुए वे सैन्य अधिकारी के रूप में डंटे रहे और रक्षा के क्षेत्र में देश के लिए एक से बढ़कर एक कीर्तिमान स्थापित किये। आज उनके अतुलनीय योगदान को पूरा देश और विश्व नमन कर रहा है। ऐसी विलक्षण विभूति को भारत रत्न के सम्मान से दूर रखना उनके लम्बे समय के अतुलनीय योगदान के प्रति अन्याय होगा। उनके जीवित रहते हुए नही तो मरणोपरांत ही सही ऐसे काबिल अधिकारी और देश के सच्चे वीर सपूत को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देकर उनके समर्पण को सम्मान देने और उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने का इससे अच्छा अन्य कोई अवसर नही हो सकता। उपरोक्त जानकारी हिन्दू युवा मंच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी ने दी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपराध

7 माह की गर्भावस्था से खुला दुष्कर्म का मामला, दिव्यांग युवती से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

Published

on

राजनांदगांव। डोंगरगांव थाना पुलिस ने दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी कमल नारायण साहू (24) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब युवती के पेट में सूजन आने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और जांच में उसके सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत पर 24 जुलाई को थाना डोंगरगांव में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(के) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में तत्काल जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान सामने आया कि पीड़िता बोलने में असमर्थ है। ऐसे में उसका बयान सीआरसी सेंटर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ (दुभाषिया) की मदद से दर्ज कराया गया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी कमल नारायण साहू, निवासी ग्राम तुमडीलेवा, थाना डोंगरगांव की पहचान कर उसे उसके घर से हिरासत में लिया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उपनिरीक्षक देवकुमार रावटे और प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Continue Reading

राजनांदगांव

570 से ज्यादा सरकारी सेवाएं अब एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर, सेवा सेतु व्यवस्था को बनाएगा ज्यादा जवाबदेह : कलेक्टर

Published

on

राजनांदगांव। जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी की ओर से शनिवार को पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आधार, सेवा सेतु और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के संचालकों ने भाग लिया। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा कि शासन की सेवाओं को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और आम लोगों तक आसान तरीके से पहुंचाने के लिए सेवा सेतु महत्वपूर्ण पहल है।

कलेक्टर ने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और राजस्व समेत 570 से अधिक शासकीय सेवाएं एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को समयबद्ध और सरल सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि सभी संचालक जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिम्मेदारी और समन्वय के साथ कार्य करें।

उन्होंने सीएससी संचालकों को निर्देश दिए कि केंद्रों पर आवश्यकतानुसार कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था करें और विभिन्न सेवाओं के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची प्रदर्शित करें। इससे कार्यों में एकरूपता आएगी, आवेदन निरस्त होने की संभावना कम होगी और लोगों का विश्वास बढ़ेगा। एसडीएम और तहसीलदारों को भी लंबित एवं निरस्त प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

कार्यशाला में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी संचालकों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि भ्रामक जानकारी फैलाने या लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर (आधार) प्रभात सिंह ने दस्तावेजों के सही सत्यापन और समय पर अपलोडिंग पर जोर दिया। जिला ई-डिस्ट्रिक्ट प्रबंधक सौरभ मिश्रा ने बताया कि पहले सीमित सेवाएं उपलब्ध थीं, लेकिन अब विभिन्न विभागों को जोड़कर 570 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से तीनों जिलों में प्राप्त आवेदनों और सेवाओं की प्रगति की जानकारी भी दी।

कार्यक्रम में यूआईडीएआई हैदराबाद के खुर्शीद आलम, सीएससी राज्य प्रमुख जयनारायण पटेल, सीएससी प्रोजेक्ट मैनेजर नीरज हरदेव, अपर कलेक्टर सी.एल. मारकंडेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आधार, सेवा सेतु और सीएससी संचालकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

Continue Reading

राजनांदगांव

गंज चौक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार कार्य का महापौर ने किया निरीक्षण

Published

on

राजनांदगांव। नगर निगम की आय बढ़ाने और पुराने व्यावसायिक परिसरों को पुनर्जीवित करने की पहल के तहत गंज चौक स्थित निगम स्वामित्व वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार कार्य का शनिवार को महापौर मधुसूदन यादव ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदार को मरम्मत कार्य में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

महापौर ने निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम, निगम अध्यक्ष टोपेंद्र सिंह पारस वर्मा, पार्षद मनोहर यादव और पूर्व पार्षद विजय राय के साथ कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण कर चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह व्यवसायिक परिसर जर्जर स्थिति में था, जिसे फिर से उपयोगी बनाने के लिए व्यापक जीर्णोद्धार कराया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान बताया गया कि कॉम्प्लेक्स की सफाई के बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके तहत प्लास्टर, पुट्टी, पेंट, रेलिंग, सीढ़ियां और विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही परिसर के बाहर नाली और पुलिया निर्माण के अलावा पेवर ब्लॉक भी लगाए जाएंगे, ताकि परिसर का बेहतर उपयोग हो सके।

महापौर यादव ने अधिकारियों और ठेकेदार से कहा कि कार्य में अतिरिक्त श्रमिक लगाकर निर्माण की गति बढ़ाई जाए तथा प्रतिदिन मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद दुकानों की नीलामी की जाएगी, जिससे नगर निगम की आय में वृद्धि होगी।

निगम आयुक्त जी.आर. मरकाम ने भी तकनीकी अमले को निर्देशित किया कि मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आने पाए और तय समय-सीमा में कॉम्प्लेक्स का जीर्णोद्धार पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता दीपक खांडे सहित तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।

Continue Reading

Trending