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राजनांदगांव

युक्तियुक्तकरण से बच्चों को मिलेंगी अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं : डा. भूरे

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राजनांदगांव। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के संबंध में प्रेस वार्ता ली। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल एवं मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
पत्रकारवार्ता में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के लिए शालाओं और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में छात्रों की तुलना में अधिक शिक्षक पदस्थ हैं, जबकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की शालाओं में स्थिति इसके विपरीत है। वहां शिक्षकों की कमी है, जिसके कारण शैक्षिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम भी प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को सुधारने के उद्देश्य से ही प्रदेश सरकार द्वारा युक्तियुक्तकरण का कदम उठाया गया है। इससे जिन शालाओं में शिक्षक की जरूरत है, वहां शिक्षक उपलब्ध होंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में गणित, रसायन, भौतिकी और जीव विज्ञान जैसे अन्य विषयों के विषय-विशेषज्ञ उपलब्ध होंगे। बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कुल मिलाकर युक्तियुक्तकरण के माध्यम से छात्र-शिक्षक अनुपात स्कूलों में संतुलित हो, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया गया। छत्तीसगढ़ में प्राथमिक स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य में 212 प्राथमिक शालाएं शिक्षक विहीन एवं 6,872 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। राजनांदगांव जिले में 6 प्राथमिक शालाएं शिक्षक विहीन एवं 94 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। राज्य में 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं शिक्षक विहीन और 255 एकल शिक्षकीय हैं। राजनांदगांव जिले में शून्य पूर्व माध्यमिक शाला शिक्षक विहीन और 9 एकल शिक्षकीय हैं। राज्य के प्राथमिक स्कूलों में 7,296 शिक्षक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 5,536 शिक्षकों की आवश्यकता है। राजनांदगांव जिले में प्राथमिक स्कूलों में 126 शिक्षक एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन में और 122 शिक्षक ज्यादा दर्ज संख्या वाले स्कूलों में पदस्थ किये गये है एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में 88 अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना एकल शिक्षकीय 5 स्कूलों में एवं आवश्यकता वाली शालाओं में पदस्थापना की गई है।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि राज्य के प्राथमिक शालाओं में 3,608 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 1,762 शिक्षक ही अतिशेष हैं। हमारे जिले में प्राथमिक शालाओं में 248 एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में 88 शिक्षक ही अतिशेष हैं। युक्तियुक्तकरण से शिक्षक विहीन विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता के साथ ही एक ही परिसर में विद्यालय होने से आधारभूत संरचना मजबूत होगी और स्थापना व्यय में भी कमी आएगी। यह युक्तियुक्तकरण कोई कटौती नहीं, बल्कि गुणवत्ता और समानता की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। पूरे राज्य में मात्र 241 स्कूलों का समायोजन किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले में 5 शालाओं का समायोजन किया जा रहा है। राज्य के कुल 10 हजार 538 स्कूलों में से 10 हजार 297 स्कूल यथावत संचालित रहेंगे, जबकि राजनांदगांव जिले में 1335 स्कूलों में से 1330 स्कूल यथावत संचालित होंगे। सिर्फ उन्हीं स्कूलों का समायोजन किया गया है, जिनमें छात्रों की संख्या बहुत कम है और पास में बेहतर विकल्प मौजूद हैं। एक ही परिसर में स्थित विद्यालयों को समाहित कर क्लस्टर मॉडल विकसित किया गया। अतिशेष शिक्षकों का पुनरू समायोजन कर एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन विद्यालयों में पदस्थापना की गई। युक्तियुक्तकरण से लगभग 90 प्रतिशत बच्चों को तीन बार प्रवेश प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी और बच्चों को पढ़ाई में गुणवत्ता के साथ ही निरंतरता भी बनी रहेगी। बच्चों के ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाईब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा। राजनांदगांव जिला अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय घोटिया में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के लिए कुल 103 विद्यार्थियों की दर्ज संख्या है, यहां स्वीकृत 11 पदों के विरूद्ध मात्र 3 व्याख्याता कार्यरत हैं एवं 8 पद रिक्त हैं। दूसरी ओर ठाकुर प्यारेलाल शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजनांदगांव में 84 विद्यार्थियों की तुलना में 10 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि दर्ज संख्या के अनुसार यहां केवल 4 शिक्षकों की आवश्यकता है। महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर विद्यालय राजनांदगांव में 497 विद्यार्थियों की तुलना में 26 व्याख्याता कार्यरत हैं, जबकि कम दर्ज संख्या आबंटित कालखंड 4 से कम होने के कारण 6 व्याख्याता को अतिशेष मानकर युक्तियुक्तकरण में शामिल किया गया है। राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड डोंगरगांव में शासकीय प्राथमिक शाला सेवताटोला में दर्ज संख्या 38 कार्यरत शिक्षक संख्या 5 है। जिसमें 3 अतिशेष, शासकीय प्राथमिक शाला मटिया कार्यरत शिक्षक संख्या 4 अतिशेष 2, शासकीय प्राथमिक शाला बडग़ांव दर्ज संख्या 88 कार्यरत शिक्षक 5 अतिशेष 2, शासकीय प्राथमिक शाला चमारराय टोलागांव दर्ज संख्या 50 कार्यरत शिक्षक 4 अतिशेष 2 है।

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अपराध

घर में अकेली पाकर नाबालिग से दुष्कर्म, तुमडीबोड़ पुलिस ने चंद घंटों में आरोपी को दबोचा

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राजनांदगांव। महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस द्वारा चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत तुमडीबोड़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। घर में अकेली पाकर 17 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म करने वाले शातिर आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चंद घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

सूने मकान का आरोपी ने उठाया फायदा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामला तुमडीबोड़ चौकी क्षेत्र के ग्राम धौराभाठा का है। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में महिला और बालकों से जुड़े अपराधों पर पुलिस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में 14 जून को पीड़िता की मां ने तुमडीबोड़ चौकी पहुंचकर आपबीती सुनाई और लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

शिकायत के मुताबिक, रविवार को प्रार्थिया अपने पति के साथ किसी काम से राजनांदगांव गई हुई थी। घर पर उनकी 17 वर्षीय बेटी अकेली थी। इसी दौरान सूनेपन का फायदा उठाकर पड़ोस में रहने वाला आरोपी कुणाल जोशी (20 वर्ष) उनके घर में जबरन दाखिल हो गया।

पड़ोसियों ने दी सूचना, कूलर के पीछे छिपा मिला आरोपी
दोपहर करीब 1:00 बजे जब पड़ोसियों को कुछ आहट हुई और घर में किसी अज्ञात व्यक्ति के घुसने का शक हुआ, तो उन्होंने तत्काल फोन पर इसकी सूचना पीड़िता के माता-पिता को दी। सूचना मिलते ही दंपती दोपहर करीब 2:00 बजे आनन-फानन में अपने घर वापस लौटे।

दरवाजा खुलते ही भागा आरोपी
जब माता-पिता घर पहुंचे तो अंदर का दरवाजा बंद था। काफी आवाज देने और खटखटाने के बाद जब दरवाजा खुला, तो भीतर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। संदेह के आधार पर जब घर की तलाशी ली गई, तो आरोपी कुणाल जोशी कमरे में रखे कूलर के पीछे छिपा हुआ पाया गया। जैसे ही माता-पिता ने शोर मचाकर पड़ोसियों को एकत्र किया, आरोपी मौका पाकर वहां से भाग निकला। इसके बाद जब मां ने डरी-सहमी बेटी से पूछताछ की, तो पीड़िता ने रोते हुए आपबीती सुनाई और बताया कि आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती अनाचार किया है।

बीएनएस और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए तुमडीबोड़ चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धनीराम नारंगे ने वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तत्काल टीम गठित की। पुलिस ने आरोपी कुणाल जोशी के खिलाफ अपराध क्रमांक 258/26, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 64 तथा धारा 04 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस की मुस्तैदी के कारण घेराबंदी कर आरोपी को चंद घंटों के भीतर ही उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया। वैधानिक कार्रवाई पूरी होने के बाद सोमवार को आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेश पर उसे जेल दाखिल कर दिया गया है।

सराहनीय भूमिका: इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई में चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक धनीराम नारंगे, सहायक उपनिरीक्षक चुन्नीलाल साहू, आरक्षक लोकेश कुमार साहू, महिला आरक्षक रानी साहू, महिला आरक्षक पूनम बैस तथा तुमडीबोड़ चौकी स्टाफ की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।

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राजनांदगांव

नीट (यूजी) पुनर्परीक्षा की तैयारियां तेज, 21 जून को होगी परीक्षा, 6 केंद्रों में 1982 परीक्षार्थी शामिल होंगे

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राजनांदगांव। जिले में नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में केंद्राध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर परीक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में बताया गया कि नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक संपन्न होगी, जबकि परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा। जिले में कुल 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 1982 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

परीक्षा की तैयारियों को परखने के लिए 20 जून को सभी परीक्षा केंद्रों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसमें प्रवेश प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, तकनीकी व्यवस्थाओं और परीक्षा संचालन से जुड़े सभी प्रोटोकॉल का परीक्षण किया जाएगा।

अधिकारियों ने केंद्राध्यक्षों को एनटीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा की गोपनीयता, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। परीक्षा सामग्री के सुरक्षित संधारण, पहचान सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।

बैठक में सभी केंद्राध्यक्षों से आपसी समन्वय के साथ परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की गई। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे।

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राजनांदगांव

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी शुरू

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा महावीर चौक स्थित फ्लाईओवर के नीचे तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। 15 से 17 जून तक चलने वाली इस प्रदर्शनी का शुभारंभ सांसद संतोष पाण्डेय एवं महापौर मधुसूदन यादव ने किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी ली।
प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एवं छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल उपलब्धियों को चित्रों और जानकारीपूर्ण प्रदर्शनों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही एलईडी स्क्रीन के जरिए भी केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी नागरिकों को दी जा रही है।
प्रदर्शनी में किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को दी गई आर्थिक सहायता, कृषि क्षेत्र में सुधार, ई-नाम पोर्टल का विस्तार, गरीब कल्याण योजनाओं के तहत पक्के आवास निर्माण, मुफ्त राशन वितरण तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।
देश की सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए रक्षा उत्पादन और निर्यात में हुई वृद्धि, स्वदेशी हथियार निर्माण तथा आधुनिक सैन्य क्षमताओं से संबंधित उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा विश्व के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज, अटल सेतु, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार और वंदे भारत ट्रेनों जैसी अधोसंरचना परियोजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है।
फोटो प्रदर्शनी में डिजिटल इंडिया, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, युवा सशक्तिकरण, लखपति दीदी अभियान, पोषण योजनाएं तथा अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर सहित विभिन्न विषयों पर आधारित प्रदर्श सामग्री आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा आगंतुकों को जनमन पत्रिका एवं सुशासन के नवीन आयाम पुस्तक का वितरण भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में दिनेश गांधी, राजेश श्यामकर, रघु शर्मा, बलवंत साहू, प्रखर श्रीवास्तव, आशुतोष सिंह, ईशान शर्मा, अरविंद बैद, हेतल भोजानी, सज्जन सिंह ठाकुर, सतीश यादव, अश्विनी, परमेश्वर लहरे, मनोज साहू सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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