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अपराध

10 वर्ष पूर्व पुरानी रंजिश को लेकर की हत्या, दोहरे हत्याकांड मामले में पुलिस ने किया खुलासा

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राजनांदगांव। दिनांक 06.06.2025 को थाना बोरतलाव क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बागरेकसा जंगल रास्ते में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पर थाना बोरतलाव पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम कर जांच कार्यवाही प्रारंभ की गई थी। मर्ग जांच के दौरान मृतक की पहचान सूरज सेन पिता कृत लाल सेन, उम्र-23 वर्ष, निवासी-सहसपुर दल्ली, थाना-ठेलकाडीह, जिला खैरागढ़ के रूप में हुई थी। पीएम रिपोर्ट के आधार पर मृतक की मृत्यु किसी भारी वस्तु, पत्थर से वार कर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या करने के फलस्वरूप होने की जानकारी मिली थी। मर्ग जांच पर से थाना बोरतलाव में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रंाक 27/25 धारा 103 (1) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही किया जा रहा था।
वहीं विवेचना के दौरान ही दिनांक 08.06.2025 को थाना बागनदी क्षेत्रन्तर्गत ग्राम सीतागोटा-बोईरटोला मार्ग पुल के नीचे पुनः एक करीब 3-4 दिन पुरानी सड़ी-गली अवस्था में अज्ञात शव मिलने की सूचना पर थाना बागनदी पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच कार्यवाही प्रारंभ की गई थी। मर्ग जांच के दौरान मृतक की पहचान आलोक उर्फ मिंटू वर्मा पिता रिखी राम वर्मा, उम्र 31 वर्ष, निवासी-सहसपुर दल्ली, थाना-ठेलकाडीह, जिला-खैरागढ़ के रूप में हुई थी एवं पीएम रिपोर्ट के आधार पर मृतक की मृत्यु किसी भारी वस्तु-पत्थर से वार कर गंभीर चोट पहुंचाकर हत्या करने के फलस्वरूप होने की जानकारी मिली थी। मर्ग जांच पर से थाना बागनदी में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 08/25, धारा 103 (1), 238 बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही की जा रही थी।
उक्त दोनों प्रकरणों की विवेचना के दौरान दोनों मृतकों का आपस में संबंध होने एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य आनुसार उक्त दोनों प्रकरण आपस में संबंधित व गंभीर किस्म के होने से प्रकरण को गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन पर एसडीओपी डोंगरगढ़ आशीष कुंजाम के पर्यवेक्षण पर सायबर सेल प्रभारी विनय पम्मार, थाना बोरतलाव प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह एवं थाना प्रभारी बागनदी निरीक्षक विजय मिश्रा के नेतृत्व में टीम गठित कर आरोपियों की पता-तालाश की जा रही थी। पता-तालाश के दौरान उक्त टीम द्वारा मृतकों की अंतिम गतिविधियों व परिस्थितिजन्य साक्ष्य एवं तकनीकी आधार पर आरोपियों की पहचान कर आरोपी खिलावन वर्मा, निवासी-बिच्छीटोला, डोंगरगढ़, अजहर खान उर्फ विक्की व इकबाल खान दोनों निवासी डोंगरगढ़ को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया। आरोपी खिलावन वर्मा ने बताया कि मृतक आलोक वर्मा उर्फ मिंटू के द्वारा पूर्व में वर्ष 2016 में उसके 9 वर्षीय भतीजे जितेन्द्र वर्मा, निवासी-बिच्छीटोला की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। हत्या के प्रकरण में मृतक आलोक उर्फ मिंटू जेल में रहकर 2 वर्ष पहले छुटकर आया था, जो कि अपने पैतृक जमीन बेचकर ग्राम सहसपुर दल्ली में रह रहा था। जेल से छुटने के बाद डोंगरगढ़ तरफ घुमने जाकर आरोपी खिलावन वर्मा को देखकर चिढ़ाने की हरकत करता था। आरोपी खिलावन वर्मा का खून खोलता था कि मेरे भतीजे की हत्या कर जेल से छुट कर आराम से घुम रहा है। इसी रंजिश के चलते आरोपी खिलावन वर्मा के मन में बदला लेने की भावना उत्पन होने से एक माह पूर्व आपने अन्य साथी अजहर खान उर्फ विक्की, निवासी-डोंगरगढ़, हाल-पनियाजोब एवं इकबाल खान, निवासी-डोंगरगढ़ के साथ मिलकर आलोक उर्फ मिंटू वर्मा की हत्या की योजना बनाये आरोपी खिलावन के द्वारा हत्या करने हेतु आरोपी अजहर एवं इकबाल को एक लाख रूपये देने की बात कही थी और बीस हजार रूपये नगद एडवांस दिया था।
योजनाबद्ध तरीके से दिनांक 05.06.2025 को आरोपी खिलावन अपनी कार महेन्द्र केयूवी कार से अपने साथी अजहर, इकबाल को बैठाकर सहसपुर दल्ली गये। योजना के अनुसार मृतक आलोक उर्फ मिंटू को किसी बहाने से अपने पास बुलाये आलोक उर्फ मिंटू के साथ उसका साथी सूरज सेन भी आलोक के साथ आरोपियों के पास पहुंचा। आरोपियों के द्वारा दोनों को कार में बैठाकर खैरागढ़ तरफ शराब भट्ठी जाकर शराब लिये और सभी कार में ही बैठकर तीनों आरोपी अजहर, खिलावन, इकबाल एक राय होकर राड़ से अलोक वर्मा एवं सूरज सेन की हत्या कर मृतक आलोक एवं घायल सूरज सेन को आरोपियों के द्वारा कार में भरकर आलोक उर्फ मिन्टू एवं सूरज सेन के मोबाईल को बंद कर चलते कार से कहीं फंेक दिये, उसके बाद सीतागोटा-बोईरटोला के बीच रास्ते में पुलिस के नीचे में आलोक उर्फ मिंटू वर्मा के शव को पुनः पत्थर से वार कर चोट पहुंचाकर तीनों आरोपियों के द्वारा छिपा दिया गया। उसके बाद रात्रि में ही घायल सूरज सेन को लेकर बागरेकसा होते हुये चटरा जंगल मैन रोड़ में सूरज सेन को कार से नीचे उतार कर उसके सिर को लोहे के राड़ हाथ में पहने चुड़े से लगातार मार कर उसको कार से सिर के बल पक्की रोड़ में पटक दिये और चेहरा में पत्थर पटक कर हत्या कर दिये।
घटना के बाद आरोपियों द्वारा पहने हुये अपने खून लगे हुये कपड़े को भेजराटोला तालाब के पास जला दिये और तालाब में नहाये। खून लगे लोहे के राड़, चुड़ा को उसी तालाब में फेंक दिये। घटना में प्रयुक्त आरोपी खिलावन की कार में लगे सीट कव्हर को भी आरोपियों के द्वारा जला दिया गया। घटना के बाद दिनांक 06.06.2025 को सुबह करीब पांच बजे आरोपी खिलावन के द्वारा अपने साथी आरोपी अजहर और विक्की को कुछ पैसे देकर ट्रेन में बैठाकर अजमेर राजस्थान भेज दिया था, जो कि अजमेर राजस्थान से वापस डोंगरगढ़ आकर लूक-छिप रहा था, जिसे घेराबंदी कर पकडा गया। आरोपियों के द्वारा अपना जुर्म स्वीकार करने पर दिनांक 12.06.2025 को गिरफ्तार कर ज्यूडिसियल रिमांड पर पेश किया जायेगा।
उपरोक्त कार्यवाही में थाना बोरतलाव प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, बोरतलाव थाना से सउनि गोकुल सोनकर, प्रधान आरक्षक रोहित, आरक्षक नितीन यादव, जलेश्वर मरावी, थाना प्रभारी बागनदी निरीक्षक विजय मिश्रा एवं सायबर सेल प्रभारी विनय पम्मार, सायबर सेल से उनि कैलाश चंद्र मरई, सउनि द्वारिका प्रसाद लाउत्रे, प्रधान आरक्षक अनित शुक्ला, मनोज खूंटे, जीवन ठाकुर, आरक्षक परिवेश वर्मा, योगेश राठौर, आदित्य सिंह, हेमंत साहू का सराहनीय भूमिका रही।

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अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़: 20.59 लाख का 41 किलो गांजा और पिकअप जब्त

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राजनांदगांव। जिले में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ पुलिस और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के संयुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल राजनांदगांव और पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए टाटा योद्धा पिकअप से 41.195 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 20 लाख 59 हजार 750 रुपए आंकी गई है।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। एनसीबी रायपुर से पुलिस चौकी तुमड़ीबोड़ को सूचना मिली थी कि ओडिशा के मलकानगिरी/कोरापुट क्षेत्र से भारी मात्रा में गांजा पिकअप वाहन (क्रमांक सीजी 04 एनएस 8967) में छिपाकर राजनांदगांव-तुमड़ीबोड़ मार्ग से आगरा (उत्तर प्रदेश) ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही एनसीबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने नेशनल हाईवे स्थित गुरुद्वारा चौक के पास घेराबंदी की।

पुलिस को देख 300 मीटर पहले रोका वाहन, अंधेरे में भागे आरोपी
घेराबंदी के दौरान पुलिस को आता देख संदिग्ध पिकअप चालक ने वाहन को गुरुद्वारा चौक से करीब 300 मीटर पहले ही रोक दिया। इसके बाद वाहन में सवार दो तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया और आसपास के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तस्कर भागने में सफल रहे।

“मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है, जल्द ही वे सलाखों के पीछे होंगे।”
— पुलिस प्रशासन, राजनांदगांव

सीट के नीचे छिपे मिले 36 पैकेट, 28.65 लाख का मशरूका जब्त
जब पुलिस ने लावारिस हालत में छोड़े गए पिकअप वाहन की नियमानुसार तलाशी ली, तो सीट के पीछे और नीचे विशेष रूप से बनाए गए गुप्त स्थान से 36 पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर इनमें 41.195 किलोग्राम गांजा पाया गया। इसके अलावा वाहन से एक ओप्पो कंपनी का स्मार्टफोन भी जब्त किया गया है।

पुलिस ने गांजा, टाटा योद्धा पिकअप और मोबाइल सहित कुल 28 लाख 65 हजार 750 रुपए का मशरूका जब्त किया है। तुमड़ीबोड़ चौकी में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 319/26 धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए एनसीबी रायपुर और राजनांदगांव पुलिस की संयुक्त टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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गिरवी रखी जमीन छल से अपने नाम कराने वाले दो सहोदर भाई गिरफ्तार, फर्जीवाड़ा कर वसूल रहे थे 6% ब्याज

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राजनांदगांव। गिरवी रखी जमीन को सुनियोजित तरीके से अपने नाम रजिस्ट्री कराने, झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर भारी-भरकम ब्याज वसूलने और धोखाधड़ी करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो सगे भाइयों (कोठारी बंधुओं) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पैसों की जरूरत पर रखी थी जमीन गिरवी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टीकला निवासी पीड़ित रोहित कुमार साहू (46 वर्ष) ने 26 जुलाई को थाने में आवेदन सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि 25 नवंबर 2021 को उनके पिता आनंद राम साहू को पैसों की आवश्यकता थी, जिस पर उन्होंने अपनी 40 डिसमिल जमीन (खसरा नंबर 138/6) को कामठी लाइन निवासी निर्मल कोठारी के पास गिरवी रखा था।

निर्मल कोठारी ने 2 प्रतिशत ब्याज दर पर 5,11,000 रुपये दिए थे। सिक्योरिटी के तौर पर पीड़ित, उसके पिता और भाई से ब्लैंक चेक व कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए गए थे।

छल-कपट से अपने नाम कराई रजिस्ट्री, फिर वसूला 6% ब्याज
शिकायत के मुताबिक, निर्मल कोठारी ने छलपूर्वक गिरवी रखी जमीन की अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। इसके बाद पीड़ित परिवार को जान से मारने और मरवाने की धमकी देकर 6 प्रतिशत की दर से ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, कोरे कागजों का दुरुपयोग कर अपने भाई नलिन कोठारी के जरिए फर्जी किरायानामा तैयार कराया और सिक्योरिटी चेक बाउंस कराकर अदालत में झूठा केस दर्ज करा दिया।

पैसे लौटाने के बाद भी नहीं लौटाई पूरी जमीन
पीड़ित ने बताया कि मूल रकम चुकाने के बावजूद जमीन वापस करने के नाम पर आरोपियों ने बैंक से 20 लाख रुपये का फाइनेंस करवाकर रकम ऐंठ ली। इसके बाद भी केवल 12 डिसमिल जमीन वापस की गई, जबकि शेष 28 डिसमिल जमीन अपने पास रख ली और उसे लौटाने के एवज में और रुपयों की मांग की जाने लगी।

पुलिस ने दर्ज की धाराएं और की गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी निर्मलचंद कोठारी (58 वर्ष) एवं नलिन कोठारी (54 वर्ष) के खिलाफ अपराध क्रमांक 398/26, धारा 386, 420, 34 भादवि तथा छत्तीसगढ़ ऋणियों का संरक्षण अधिनियम 1937 की धारा 4 के तहत अपराध दर्ज किया।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन व अलेक्जेंडर किरो के मार्गदर्शन तथा कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में दोनों भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जुर्म स्वीकार करने पर पुलिस ने 26 जुलाई को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र शाह, उप निरीक्षक रतन सिंह नेताम, सुमेंद्र कुमार खरे, आरक्षक प्रियांश, लीलेंद्र और थाना स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।

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7 माह की गर्भावस्था से खुला दुष्कर्म का मामला, दिव्यांग युवती से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। डोंगरगांव थाना पुलिस ने दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी कमल नारायण साहू (24) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब युवती के पेट में सूजन आने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे और जांच में उसके सात माह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई।

पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत पर 24 जुलाई को थाना डोंगरगांव में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(के) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में तत्काल जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान सामने आया कि पीड़िता बोलने में असमर्थ है। ऐसे में उसका बयान सीआरसी सेंटर के सांकेतिक भाषा विशेषज्ञ (दुभाषिया) की मदद से दर्ज कराया गया। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी कमल नारायण साहू, निवासी ग्राम तुमडीलेवा, थाना डोंगरगांव की पहचान कर उसे उसके घर से हिरासत में लिया।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उपनिरीक्षक देवकुमार रावटे और प्रधान आरक्षक संदीप देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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